Labour Death

बलरामपुर क्रशर प्लांट हादसा: कन्वेयर बेल्ट की सफाई के दौरान युवक की मौत

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में क्रशर प्लांट में काम करने के दौरान एक 20 साल के युवक की मौत हो गई। यह हादसा राजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम भेलाई स्थित सिंघल क्रशर प्लांट में हुआ। जानकारी के अनुसार, रविवार को युवक अल्मोन कन्वेयर बेल्ट की सफाई कर रहा था। इसी दौरान उसके ऊपर लोहे की भारी जाली गिर गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। प्लांट में मौजूद अन्य मजदूरों ने उसे गैस कटर और जेसीबी की मदद से बाहर निकाला। घायल हालत में उसे अंबिकापुर मिशन अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक युवक सरगुजा जिले के लुण्ड्रा क्षेत्र के खाराकोना गांव का रहने वाला था। घटना की जानकारी मिलने पर परिजन भी अस्पताल पहुंच गए थे। मजदूरों का कहना है कि प्लांट में काम के दौरान पर्याप्त सुरक्षा उपकरण नहीं दिए जाते थे। यहां तक कि प्राथमिक उपचार की सुविधा भी उपलब्ध नहीं थी। आरोप यह भी है कि हादसे के बाद मजदूरों पर दबाव बनाया गया कि वे घटना को किसी अन्य कारण से हुआ बताएं। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने क्रशर प्लांटों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर सवाल उठाए हैं और जांच की मांग की है।

बलरामपुर क्रशर प्लांट हादसा: कन्वेयर बेल्ट की सफाई के दौरान युवक की मौत Read Post »

Accident, BALRAMPUR, Top News

बालोद में सीवरेज प्रोजेक्ट के दौरान दर्दनाक हादसा: मिट्टी धंसने से 3 मजदूरों की मौत, 10 फीट गड्ढे में दबे थे

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के दल्लीराजहरा क्षेत्र में भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के सीवरेज पाइपलाइन प्रोजेक्ट के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। मिट्टी धंसने से तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में दो पुरुष और एक महिला शामिल हैं। यह घटना मंगलवार शाम दास पान ठेला चौक के पास हुई, जहां सीवरेज लाइन बिछाने के लिए खुदाई का काम चल रहा था। काम के दौरान अचानक 10 फीट गहरा गड्ढा भरभराकर धंस गया और उसमें काम कर रहे मजदूर दब गए। मृतकों की पहचान किशुन कुमार, राकेश कुमार और बैशाखिन के रूप में हुई है। देर रात तक तीनों के शवों को बाहर निकाल लिया गया। हादसे के बाद परिजनों और आदिवासी संगठनों ने बीएसपी अस्पताल के सामने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। वे 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग कर रहे हैं। इस दौरान अस्पताल परिसर में तनाव की स्थिति बन गई और पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया रोक दी गई। परिजन शव लेने से भी इनकार कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मजदूरों से बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के गहरे गड्ढे में काम कराया जा रहा था। न तो बैरिकेडिंग थी और न ही मिट्टी धंसने से बचाव के उचित इंतजाम किए गए थे। हादसे के बाद पुलिस, प्रशासन और बीएसपी के अधिकारी मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू अभियान चलाया गया, लेकिन तब तक तीनों की जान जा चुकी थी। भाजपा जिला महामंत्री सौरभ लुनिया ने आरोप लगाया कि मजदूरों से बिना मानक सुरक्षा के काम कराया जा रहा था और हादसे के बाद जिम्मेदार अधिकारी देर से पहुंचे। नगर पालिका अध्यक्ष तोरण साहू ने घटना को गंभीर लापरवाही बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की है। वहीं सांसद भोजराज नाग ने भी घटना को दुखद बताते हुए कहा कि मामले की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा।

बालोद में सीवरेज प्रोजेक्ट के दौरान दर्दनाक हादसा: मिट्टी धंसने से 3 मजदूरों की मौत, 10 फीट गड्ढे में दबे थे Read Post »

Accident, Raipur, State, Top News
Scroll to Top