Fraud Case

दिल्ली में भाजपा नेत्री से रेप और ब्लैकमेलिंग का मामला, निवेश के नाम पर 2.5 करोड़ की ठगी का आरोप

छत्तीसगढ़ के Bilaspur से एक भाजपा नेत्री से जुड़े गंभीर आपराधिक मामले ने राजनीतिक और कारोबारी हलकों में हलचल मचा दी है। आरोप है कि झारखंड के रांची निवासी कारोबारी संजय सिंह ने निवेश के नाम पर महिला से नजदीकियां बढ़ाईं और बाद में दिल्ली में दुष्कर्म किया। मामला सामने आने के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रेप, ब्लैकमेलिंग और ठगी की धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी संजय सिंह को झारखंड के रांची से गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक पीड़िता की पहचान बिलासपुर निवासी भाजपा नेत्री के रूप में हुई है, जो दिल्ली भी अक्सर आती-जाती थीं। करीब दो साल पहले उनकी मुलाकात संजय सिंह से हुई थी। आरोपी ने खुद को बड़ा कारोबारी बताते हुए माइनिंग और कोल कारोबार में निवेश पर भारी मुनाफे का भरोसा दिलाया और धीरे-धीरे उनसे पैसे निवेश कराना शुरू किया। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने अलग-अलग माध्यमों से लगभग 2.5 करोड़ रुपये निवेश के नाम पर लिए। बाद में जब पीड़िता ने पैसे वापस मांगे तो आरोपी पर ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए गए। महिला का आरोप है कि सितंबर 2025 में आरोपी ने दिल्ली में उसके साथ दुष्कर्म किया और इसके बाद लगातार धमकियां देकर पैसे की मांग करता रहा। इस पूरे मामले को लेकर पुलिस मोबाइल चैट, कॉल डिटेल और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। वहीं आरोपी संजय सिंह ने अपने ऊपर लगे आरोपों को झूठा बताते हुए दावा किया है कि यह मामला वित्तीय लेनदेन और विवाद से जुड़ा है। उसका कहना है कि पुलिस ने उसे पहले ही केस की जानकारी दी थी और उस पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। पुलिस का कहना है कि सभी डिजिटल साक्ष्यों और बैंक ट्रांजैक्शन की गहन जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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मंत्रालय में नौकरी दिलाने के नाम पर 23 लाख की ठगी, फर्जी जॉइनिंग लेटर देकर दंपती फरार

रायपुर में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 23 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। कारोबारी आकाश साहू ने एक दंपती पर मंत्रालय में पहचान होने का दावा कर पैसे लेने और फर्जी नियुक्ति पत्र देने का आरोप लगाया है। मामले में डीडी नगर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित आकाश साहू रायपुरा स्थित शिवोम विहार कॉलोनी का रहने वाला है और वाहन खरीदी-बिक्री का कारोबार करता है। उसने पुलिस को बताया कि करीब दो साल पहले उसकी पहचान जितेंद्र बघेल के माध्यम से विश्वनाथ गुप्ता उर्फ विष्णु गुप्ता से हुई थी। आरोपी खुद को नेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों का करीबी बताकर मंत्रालय में नौकरी लगवाने का भरोसा देता था। शिकायत के मुताबिक, अगस्त 2024 में आरोपी ने आकाश साहू को नवा रायपुर मंत्रालय बुलाया, जहां उसकी मुलाकात आरोपी की पत्नी चंदा गुप्ता से हुई। दोनों ने जल संसाधन विभाग और मंत्रालय में कंप्यूटर ऑपरेटर समेत अन्य पदों पर भर्ती कराने की बात कही। इसके बाद पीड़ित ने अपनी पत्नी रेशमी साहू और रिश्तेदार शेषनारायण साहू व रविशंकर साहू के दस्तावेज जमा कराए। आरोपियों ने अलग-अलग तारीखों में फोन-पे और नकद के जरिए करीब 23 लाख रुपए ले लिए। दिसंबर 2024 में आरोपियों ने मोबाइल पर कथित नियुक्ति पत्र भेजा, जबकि जनवरी 2025 में व्हाट्सएप के जरिए इम्प्लॉय आईडी भेजी गई। जब पीड़ित अपने परिजनों के साथ मंत्रालय पहुंचा, तब अधिकारियों ने जांच में दस्तावेजों को फर्जी बताया। पीड़ित के अनुसार, जब उसने आरोपियों से जवाब मांगा तो उन्होंने मंत्रालय में छापा पड़ने का बहाना बनाकर कुछ समय इंतजार करने को कहा। बाद में आरोपियों के मोबाइल बंद आने लगे। आकाश साहू जब आरोपी के पत्थलगांव स्थित घर पहुंचा तो वहां उसकी पत्नी मिली, जिसने पैसे लौटाने का भरोसा दिया। तय समय बीतने के बाद भी रकम वापस नहीं की गई, जिसके बाद पीड़ित ने डीडी नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है और जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।

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रायपुर में क्रिप्टो और शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 1.35 करोड़ की ठगी

6वीं पास युवक ने 26 लोगों को बनाया शिकार, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार रायपुर में क्रिप्टो करेंसी और शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों की ठगी करने वाले एक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान कुलदीप भतपहरी के रूप में हुई है, जिसने खुद को शेयर मार्केट एक्सपर्ट बताकर 26 लोगों से करीब 1 करोड़ 35 लाख रुपए से अधिक की ठगी की। मामला मोवा-पंडरी थाना क्षेत्र का है। पीड़ितों की शिकायत के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपी को घेराबंदी कर पकड़ लिया। आरोपी की शैक्षणिक योग्यता महज 6वीं तक बताई जा रही है। ऐसे फंसाता था लोगों को पुलिस को दी गई शिकायत में पंडरी निवासी अमित दास ने बताया कि वर्ष 2021-22 के दौरान उनकी पहचान देवपुरी निवासी कुलदीप भतपहरी से हुई थी। आरोपी खुद को शेयर मार्केट, IPO, NSE, MSEI और CDSL से जुड़ा निवेश सलाहकार बताता था। उसने “मासिक के.बी. प्लान” के नाम से निवेश योजना बताकर अमित दास और उसके भाई से ऑनलाइन और नकद माध्यम से करीब 15.60 लाख रुपए ले लिए। शुरुआत में कुछ महीनों तक नियमित ब्याज की रकम दी गई, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ता गया। इसके बाद कई अन्य लोग भी आरोपी के जाल में फंसते चले गए। दिसंबर 2024 में हुआ फरार दिसंबर 2024 में आरोपी अचानक संपर्क से बाहर हो गया। जब निवेशकों को पैसे वापस नहीं मिले, तब उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पंडरी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तारी पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर तंत्र और लगातार दबिश के जरिए लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को एसीसीयू और पंडरी थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कबूल किया कि उसने इसी तरीके से कुल 26 लोगों से 1.35 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी की है। इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक कंप्यूटर सिस्टम, एक लैपटॉप और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनका इस्तेमाल ठगी से जुड़े लेन-देन और संपर्क के लिए किया जा रहा था। पहले भी जा चुका है जेल पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी कुलदीप भतपहरी इससे पहले भी इसी तरह के ठगी के मामले में थाना टिकरापारा से जेल जा चुका है। पुलिस को आशंका है कि ठगी का नेटवर्क और भी बड़ा हो सकता है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और मामले की गहन जांच की जा रही है।

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