Congress protest Raipur

रायपुर में जल संकट पर कांग्रेस का प्रदर्शन, मटका लेकर निगम जोन दफ्तर का घेराव

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बढ़ते जल संकट को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। मोवा स्थित नगर निगम के जोन कार्यालय का घेराव करते हुए कार्यकर्ता मटका लेकर पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उनका आरोप है कि तेज गर्मी के बावजूद इलाके में पानी की समस्या को नजरअंदाज किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, मोवा क्षेत्र की अशोका इम्प्रेशन और दुबे कॉलोनी में करीब 84 परिवार पानी की भारी कमी से जूझ रहे हैं। जल सप्लाई बाधित होने के कारण लोगों को पीने का पानी तक मुश्किल से मिल पा रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर साल फरवरी से जुलाई के बीच यह समस्या गंभीर रूप ले लेती है। नल सूख जाते हैं और टंकियों में पानी नहीं पहुंचता, जिससे लंबे समय तक संकट बना रहता है। मजबूरी में लोगों को टैंकर या पैकेज्ड पानी खरीदना पड़ रहा है, जिससे घरेलू खर्च बढ़ गया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर निगम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार शिकायत के बाद भी स्थायी समाधान नहीं किया गया। उन्होंने जल्द से जल्द पानी की आपूर्ति बहाल करने की मांग की है और चेतावनी दी है कि अगर समस्या दूर नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

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गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने पर रायपुर में कांग्रेस का प्रदर्शन, घड़ी चौक पर किया विरोध

रसोई गैस की कीमतों में हाल ही में हुई बढ़ोतरी के विरोध में सोमवार को रायपुर में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। राजधानी के घड़ी चौक पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में कई कांग्रेसी नेता हाथों में गैस सिलेंडर लेकर सड़क पर उतरे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से आम लोगों पर महंगाई का बोझ बढ़ता जा रहा है। पार्टी के अनुसार घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए और व्यावसायिक सिलेंडर में 110 रुपए प्रति सिलेंडर की वृद्धि की गई है, जिससे आम उपभोक्ताओं और छोटे कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है। तेल कंपनियों के कार्यालयों के घेराव की चेतावनी कांग्रेस ने इस मूल्य वृद्धि के विरोध में सरकारी तेल कंपनियों के कार्यालयों का घेराव करने का भी ऐलान किया है। पार्टी नेताओं ने कहा कि अगर सरकार जल्द ही यह फैसला वापस नहीं लेती है तो पूरे प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से आंदोलन तेज किया जाएगा। बड़ी संख्या में शामिल हुए पार्टी नेता और कार्यकर्ता प्रदर्शन के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से पार्टी के सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को घड़ी चौक पहुंचने का आह्वान किया गया था। इसके बाद प्रदेश और शहर स्तर के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य, वरिष्ठ नेता, सांसद और पूर्व सांसद, विधायक और पूर्व विधायक, पार्षद और पूर्व पार्षद, नेता प्रतिपक्ष तथा पूर्व नेता प्रतिपक्ष सहित पार्टी के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि भी हुए शामिल इस प्रदर्शन में महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, सेवादल, किसान कांग्रेस, अल्पसंख्यक विभाग, विधि विभाग, अनुसूचित जाति-जनजाति विभाग, पिछड़ा वर्ग विभाग और झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ समेत कई संगठनों के पदाधिकारी भी शामिल हुए। इसके अलावा मंडल अध्यक्ष, बूथ अध्यक्ष, सेक्टर और जोन अध्यक्ष समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता घड़ी चौक पर एकत्रित हुए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी वापस नहीं ली गई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

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फिल्म सिटी के लिए कट रहे 50 साल पुराने पेड़, 150 से अधिक पेड़ ढहे, 1500 और चिन्हित

नवा रायपुर के माना-तूता क्षेत्र में प्रस्तावित फिल्म सिटी परियोजना को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। करीब 96 एकड़ जमीन पर बनने वाली इस फिल्म सिटी के लिए अब तक 150 से अधिक पुराने पेड़ काटे जा चुके हैं, जबकि लगभग 1500 और पेड़ों की कटाई की तैयारी बताई जा रही है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, इन पेड़ों को 1980 के दशक में बड़े पैमाने पर लगाया गया था। लगभग पांच हजार पौधों से विकसित हुआ यह हरित क्षेत्र अब एक घना मानव निर्मित वन बन चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि नवा रायपुर में पर्याप्त खाली जमीन उपलब्ध है, ऐसे में हरे-भरे पेड़ों को काटकर निर्माण कार्य करना उचित नहीं है। वे लगातार इसका विरोध कर रहे हैं। राजनीतिक विरोध भी तेज कांग्रेस ने भी इस मुद्दे को लेकर आंदोलन शुरू किया है। कांग्रेस नेता पंकज शर्मा ने कहा कि पार्टी फिल्म सिटी के निर्माण के खिलाफ नहीं है, लेकिन पर्यावरण को नुकसान पहुंचाकर विकास स्वीकार्य नहीं है। उनका सुझाव है कि सरकार वैकल्पिक जमीन पर इस परियोजना को स्थापित करे। पेड़ों के स्थानांतरण की मांग छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन ने भी कहा कि कोशिश होनी चाहिए कि पेड़ों की कटाई टाली जाए। जहां संभव हो, पेड़ों को स्थानांतरित कर संरक्षित किया जाए ताकि पर्यावरण संतुलन बना रहे। फिल्म सिटी परियोजना जहां राज्य के मनोरंजन उद्योग के विकास की दिशा में अहम मानी जा रही है, वहीं पर्यावरण संरक्षण को लेकर उठ रहे सवालों ने इस योजना को विवादों में ला दिया है।

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