Balod News

हार्ट अटैक से युवा लोक कलाकार का निधन, कला जगत में शोक की लहर

बालोद। जिले के युवा लोक कलाकार राजू उर्फ प्रेम साहू का अचानक हार्ट अटैक आने से निधन हो गया। उनकी असामयिक मौत से कला जगत और उनके शुभचिंतकों में शोक की लहर है। जानकारी के अनुसार, प्रेम साहू मूल रूप से सिकोसा क्षेत्र के ग्राम कोड़ेवा के निवासी थे। शुक्रवार को वे किसी निजी काम से कांकेर गए थे। वापस लौटते समय गुरुर में अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा और वे बेहोश होकर गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरुर पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रेम साहू ‘रंग मया परिवार लोक संस्कृति रिकॉर्ड डांस’ के माध्यम से छत्तीसगढ़ी लोककला और संस्कृति के प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। उनके निधन से क्षेत्र के कलाकारों और सांस्कृतिक जगत को बड़ी क्षति पहुंची है।

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बालोद में सीवरेज प्रोजेक्ट के दौरान दर्दनाक हादसा: मिट्टी धंसने से 3 मजदूरों की मौत, 10 फीट गड्ढे में दबे थे

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के दल्लीराजहरा क्षेत्र में भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के सीवरेज पाइपलाइन प्रोजेक्ट के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। मिट्टी धंसने से तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में दो पुरुष और एक महिला शामिल हैं। यह घटना मंगलवार शाम दास पान ठेला चौक के पास हुई, जहां सीवरेज लाइन बिछाने के लिए खुदाई का काम चल रहा था। काम के दौरान अचानक 10 फीट गहरा गड्ढा भरभराकर धंस गया और उसमें काम कर रहे मजदूर दब गए। मृतकों की पहचान किशुन कुमार, राकेश कुमार और बैशाखिन के रूप में हुई है। देर रात तक तीनों के शवों को बाहर निकाल लिया गया। हादसे के बाद परिजनों और आदिवासी संगठनों ने बीएसपी अस्पताल के सामने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। वे 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग कर रहे हैं। इस दौरान अस्पताल परिसर में तनाव की स्थिति बन गई और पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया रोक दी गई। परिजन शव लेने से भी इनकार कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मजदूरों से बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के गहरे गड्ढे में काम कराया जा रहा था। न तो बैरिकेडिंग थी और न ही मिट्टी धंसने से बचाव के उचित इंतजाम किए गए थे। हादसे के बाद पुलिस, प्रशासन और बीएसपी के अधिकारी मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू अभियान चलाया गया, लेकिन तब तक तीनों की जान जा चुकी थी। भाजपा जिला महामंत्री सौरभ लुनिया ने आरोप लगाया कि मजदूरों से बिना मानक सुरक्षा के काम कराया जा रहा था और हादसे के बाद जिम्मेदार अधिकारी देर से पहुंचे। नगर पालिका अध्यक्ष तोरण साहू ने घटना को गंभीर लापरवाही बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की है। वहीं सांसद भोजराज नाग ने भी घटना को दुखद बताते हुए कहा कि मामले की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा।

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बालोद में रिसॉर्ट में महिला शिक्षिका के साथ भाजपा पदाधिकारी मिलने का मामला, पति ने लगाए गंभीर आरोप, पत्नी ने बताया झूठ

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक शिक्षिका और भाजपा से जुड़े एक पदाधिकारी को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। महिला के पति ने पुलिस की मौजूदगी में एक रिसॉर्ट पहुंचकर दोनों को एक साथ होने का दावा किया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पति का आरोप है कि उसकी पत्नी के कई लोगों के साथ अवैध संबंध हैं। उसने यह भी कहा कि विरोध करने पर पत्नी उसे और बच्चों को प्रताड़ित करती है, मारपीट करती है और यहां तक कि जहर देने की धमकी भी देती है। मामले के बाद पति ने एसपी को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के मुताबिक, बालोद के टिकरापारा वार्ड नंबर-04 निवासी अब्दुल ताहिर ने अपनी पत्नी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उसने बताया कि उनकी शादी वर्ष 2006 में बागबाहरा में हुई थी। उनकी पत्नी प्राथमिक शाला में प्रधान पाठिका है और उनके दो बच्चे हैं। पति के अनुसार, करीब 17 साल तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन पिछले दो वर्षों से पत्नी का व्यवहार बदल गया है। पति ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी बच्चों के साथ गाली-गलौज और मारपीट करती है। उसने यह भी दावा किया कि पत्नी ने कई बार बच्चों को शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। संदेह होने पर जब उसने जांच की, तो उसे एक व्यक्ति के साथ पत्नी के संबंध होने की जानकारी मिली। पति के अनुसार, 25 अप्रैल 2026 को उसे सूचना मिली कि उसकी पत्नी एक भाजपा पदाधिकारी के साथ ग्राम डंगनिया के एक रिसॉर्ट में मौजूद है। इसके बाद वह अपने परिचित के साथ मौके पर पहुंचा और किसी विवाद से बचने के लिए पुलिस को भी साथ ले गया। रिसॉर्ट पहुंचने पर कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर बाद पहले संबंधित व्यक्ति बाहर आया और कुछ समय बाद महिला भी बाहर निकली। इस दौरान पति ने वीडियो रिकॉर्ड किया और बाद में सभी को थाने ले जाया गया, जहां पूछताछ की गई। दूसरी ओर, महिला ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए पति पर ही गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने कहा कि उसका पति नशे का आदी है और लंबे समय से उसके साथ मारपीट करता रहा है। महिला के अनुसार, वह मानसिक रूप से परेशान होकर दो बार आत्महत्या का प्रयास भी कर चुकी है। महिला ने यह भी कहा कि उसे जानबूझकर बदनाम किया जा रहा है। उसने अपने ससुराल पक्ष की जिम्मेदारियां निभाने और आर्थिक सहयोग करने की बात भी कही। रिसॉर्ट में मौजूद होने को लेकर महिला ने कहा कि वह अपनी मर्जी से वहां गई थी और पति द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों के आरोपों की पुष्टि की जा रही है।

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मूकबधिर युवती से दुष्कर्म: इशारों और गुड़िया से दी गवाही को हाईकोर्ट ने माना, आरोपी रिश्तेदार को उम्रकैद

छत्तीसगढ़ में मूक-बधिर युवती से दुष्कर्म के मामले में हाईकोर्ट ने आरोपी रिश्तेदार को कठोर सजा सुनाई है। अदालत ने उसे जीवनभर के लिए कारावास (मृत्यु तक) की सजा दी है। यह मामला वर्ष 2020 का है, जब युवती घर में अकेली थी और आरोपी ने घर में घुसकर अपराध को अंजाम दिया था। घटना बालोद जिले के अर्जुंदा थाना क्षेत्र की है। पीड़िता बोल और सुन नहीं सकती थी, इसलिए उसने घटना के बाद अपनी मां को इशारों के माध्यम से पूरी बात बताई। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी नीलम कुमार देशमुख के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। अदालत में बयान दर्ज करना चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि पीड़िता जन्म से ही मूक-बधिर है। सुनवाई के दौरान साइन लैंग्वेज विशेषज्ञ की सहायता ली गई। जब कुछ तथ्यों को समझाने में कठिनाई हुई, तो कोर्ट ने एक प्लास्टिक की गुड़िया उपलब्ध कराई। पीड़िता ने उसी के जरिए संकेतों में बताया कि उसके साथ क्या हुआ था। ट्रायल कोर्ट ने इस गवाही को विश्वसनीय मानते हुए आरोपी को पहले ही सजा सुनाई थी। इसके बाद आरोपी ने हाईकोर्ट में अपील की, लेकिन हाईकोर्ट ने भी निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा। अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि केवल किसी व्यक्ति के मूक-बधिर होने से उसकी गवाही को खारिज नहीं किया जा सकता। संकेतों के जरिए दी गई जानकारी भी कानून की नजर में मौखिक साक्ष्य मानी जाती है। साथ ही मेडिकल और फॉरेंसिक रिपोर्ट ने भी अपराध की पुष्टि की। जांच में पीड़िता और आरोपी से जुड़े नमूनों में मानव शुक्राणु मिलने की बात सामने आई थी, जिसका आरोपी संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। हाईकोर्ट ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2) के तहत मृत्यु तक आजीवन कारावास और धारा 450 के तहत अतिरिक्त पांच वर्ष की सजा सुनाई है। इसके अलावा उस पर 21 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। आरोपी फिलहाल जेल में बंद है और उसे पूरी सजा भुगतनी होगी। c

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