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रायपुर-बिलासपुर हाईवे में 7800 पैनल खराब, 1706 करोड़ के प्रोजेक्ट पर NHAI करेगी कार्रवाई

रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे की सड़क तीन साल के भीतर ही खराब हो गई है। कुल 127 किलोमीटर लंबे हाईवे पर अब तक 7800 पैनल खराब पाए गए हैं। इसमें रायपुर-सिमगा सेक्शन में 6600 पैनल और सिमगा-बिलासपुर सेक्शन में 1200 पैनल खराब हैं। मरम्मत का हाल रायपुर-सिमगा सेक्शन में पुरानी एजेंसी पुंज एलायड पैनल बदलने का काम कर रही है। वहीं सिमगा-बिलासपुर सेक्शन में एलएंडटी और दिलीप बिल्डकॉन की मरम्मत की समय-सीमा खत्म हो चुकी है, इसलिए अभी तक मरम्मत शुरू नहीं हो पाई है। एनएचएआई टीम रायपुर-बिलासपुर हाईवे का सर्वे कर रही है। सर्वे में यह पता लगाया जाएगा कि कौन सा हिस्सा सबसे अधिक खराब है, कितने पैनल पूरी तरह बदलने की जरूरत है और इसके लिए कुल खर्चा कितना आएगा। कंपनी से मरम्मत का प्रावधान एनएचएआई अधिकारियों ने कहा कि पुरानी कंपनी से मरम्मत कराई जाएगी। यदि कंपनी मरम्मत करने से इनकार करती है, तो खर्चा रिकवर कर नई कंपनी को टेंडर जारी किया जाएगा। बारिश के बाद हाईवे की मरम्मत की प्रक्रिया तेज़ी से शुरू की जाएगी। हाईवे का निर्माण और पैनल सिस्टम हाईवे को तीन हिस्सों में बांटा गया था: रायपुर-सिमगा, सिमगा-सरगांव और सरगांव-बिलासपुर। तीनों हिस्सों की जिम्मेदारी एलएंडटी, पुंज एलायड और दिलीप बिल्डकॉन कंपनियों को दी गई थी। पूरा टेंडर 1706 करोड़ रुपए का था। एनएचएआई के अनुसार, हाईवे को कांक्रीट पैनल में बनाया गया है, ताकि किसी एक पैनल में खराबी आने पर केवल उसे बदलकर सड़क को ठीक किया जा सके। इससे समय और लागत की बचत होती है। अगर पूरी सड़क डामर से होती, तो खराबी आने पर पूरी सड़क बनानी पड़ती। आगे की कार्रवाई एनएचएआई की टीम सर्वे पूरा कर कंपनी को नोटिस जारी करेगी। कंपनी को पैनल बदलने और मरम्मत के लिए निर्देशित किया जाएगा। अगर कंपनी काम नहीं करेगी, तो मरम्मत में आने वाले खर्चे को वसूल कर नई कंपनी को टेंडर दिया जाएगा।

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Bilashpur, Chhattisgarh, Raipur

त्योहारी सीजन में ट्रेनें पैक, रेलवे ने जारी की एडवाइजरी: चोरों से सावधान रहें, कीमती सामान खुद संभालें

नवरात्रि और दशहरा के बाद अब दिवाली के लिए ट्रेनों में भीड़ कई गुना बढ़ गई है। रायपुर से यात्रा करने वाली अधिकांश ट्रेनें रोजाना पैक चल रही हैं, जिसके कारण चोरी की घटनाओं में इजाफा हो गया है। स्लीपर और एसी दोनों डिब्बों में लगातार चोरी की घटनाएँ सामने आ रही हैं। चोरी करने वाले गिरोह इस त्योहारी सीजन में बेहद सक्रिय हो गए हैं। चोरी करने वाला गिरोह गिरोह मुख्यतः रात के समय सक्रिय रहता है और अक्सर महिलाओं को निशाना बनाता है। वे खासतौर पर उन यात्रियों पर नजर रखते हैं जिनके पास कीमती सामान होता है। रात में चोरी करके वे किसी भी स्टेशन पर उतर जाते हैं। रेलवे और पुलिस की तैयारी जीआरपी और आरपीएफ के जवानों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। जीआरपी ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है जिसमें कहा गया है कि: रेलवे एसपी ने बताया कि यात्रियों को सुरक्षित रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। चोरी की हालिया घटनाएँ गश्त और निगरानी जीआरपी और आरपीएफ की टीम स्टेशन और ट्रेनों में लगातार मॉनिटरिंग और गश्त कर रही है। भीड़ वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखने पर उसकी जांच की जा रही है। यात्री संख्या और सावधानी सफर के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें रेलवे और पुलिस यात्रियों की सुरक्षा के लिए सतर्क हैं, लेकिन यात्रियों को भी अपने सामान की जिम्मेदारी खुद उठानी होगी।

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Chhattisgarh, Crime, Raipur, Top News

धान खरीदी से पहले जिला सहकारी बैंक में बड़ा विवाद: कर्मचारियों को 25 करोड़ का बकाया, मामला अमित शाह तक पहुँचा

प्रदेश में धान की सरकारी खरीद शुरू होने से पहले जिला सहकारी बैंक में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पिछले पाँच साल से वेतनवृद्धि और महंगाई भत्ते की मांग कर रहे बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी शिकायत केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह तक भेज दी है। सहकारिता मंत्रालय ने इस पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें जानबूझकर वेतनवृद्धि और महंगाई भत्ते से वंचित रखा गया। यह राशि अब करीब 25 करोड़ रुपए तक पहुँच चुकी है। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होने वाली है। किसानों को धान का भुगतान, पीडीएस संचालन, खाद-बीज वितरण और पीएम किसान सम्मान निधि का भुगतान जिला सहकारी बैंकों के माध्यम से किया जाता है। मामला क्या है पंजीयक, सहकारी संस्था ने पाँच साल पहले एक आदेश के तहत स्टाफ को वेतनवृद्धि देने पर रोक लगा दी थी। इस मामले में हाईकोर्ट की सिंगल और डबल बेंच ने कर्मचारियों के पक्ष में फैसला दिया। इसके बाद राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की, जो अभी लंबित है। विशेष बात यह है कि बकाया भुगतान करने से सरकार पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। तत्कालीन सहकारिता पंजीयक और बैंक अध्यक्ष धनंजय देवांगन ने 2012 में वेतनमान संशोधन से जुड़ा आदेश जारी किया। इसमें 6 जनवरी 2020 के पुराने आदेश के प्रतिबंधात्मक बिंदुओं के तहत कहा गया कि अगर किसी जिला सहकारी बैंक का स्थापना व्यय उसकी सकल आय का 15% या कार्यशील पूंजी का 1.50% से अधिक है, तो बैंक में वेतनवृद्धि स्वतः रोक दी जाएगी। इसी कारण राज्य के सभी जिला सहकारी बैंकों में पिछले पाँच साल से वेतनवृद्धि और महंगाई भत्ता रोका गया। पूरे प्रदेश और अन्य राज्यों पर असर चूंकि सहकारिता राज्य का विषय है और वेतनवृद्धि एवं सेवा-नियम राज्य के अंतर्गत आते हैं, पंजीयक को अधिकार है। यदि सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार की अपील के बावजूद कर्मचारियों के पक्ष में फैसला आता है, तो इसका असर सभी राज्यों में पंजीयक के अधिकार पर पड़ेगा। बकाया राशि का विवरण कुलदीप शर्मा, सहकारी पंजीयक और अध्यक्ष, जिला सहकारी बैंक ने कहा कि “यह मामला वेतनवृद्धि और सेवा नियमों से जुड़ा है। कोर्ट के फैसले की समीक्षा के बाद जल्द समाधान किया जाएगा।” देवेंद्र पांडेय, याचिकाकर्ता कर्मचारी ने कहा कि “यह सहकारिता अधिनियम के विपरीत है। डॉ. अमलोर पवनाथ कमेटी की सिफारिश में केवल नई भर्ती पर रोक का जिक्र है, न कि वेतनवृद्धि या महंगाई भत्ते पर।”

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Chhattisgarh, Raipur

वार्ड बॉय और वार्ड आया भर्ती परीक्षा: भूरे/डार्क टी-शर्ट पहनने वालों को प्रवेश नहीं, एक ने बिना शर्ट परीक्षा दी

छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग में वार्ड बॉय और वार्ड आया के 100 पदों पर भर्ती के लिए रविवार को छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (CG Vyapam) द्वारा परीक्षा आयोजित की गई। बिलासपुर में इसके लिए 54 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जिनमें से सीएमडी कॉलेज केंद्र पर प्रवेश के दौरान कड़ी जांच-पड़ताल की गई। इस दौरान कोरबा से आए विनय सागर भूरे रंग की हाफ टी-शर्ट पहनकर पहुंचे, जिन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। इसके बाद विनय ने टी-शर्ट उतारकर बिना शर्ट परीक्षा दी। वहीं, एक छात्रा का टी-शर्ट डार्क कलर का होने के कारण उसे प्रवेश नहीं दिया गया। चूंकि वह शहर से बाहर की थी, इसलिए उसने परीक्षा छोड़ दी। इस घटना ने परीक्षा प्रक्रिया और प्रवेश नियमों के सख्त पालन को लेकर चर्चा पैदा कर दी।

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ट्रांसप्लांटर और आधुनिक तकनीक से स्मार्ट खेती, खर्च 70% तक घटा, एक दिन में 6-8 एकड़ में धान की रोपाई

खेती में तकनीक और मशीनों के सही इस्तेमाल से धन और श्रम दोनों की बचत की जा सकती है। इस तरह किसानों की लागत कम होकर खेती घाटे से मुनाफे की ओर बढ़ सकती है। जांजगीर जिले के अकलतरा ब्लॉक के पौना गांव के किसान फड़ेश्वरनाथ पाटले ने इसे अपने खेत में लागू करके दिखाया। फड़ेश्वरनाथ ने बताया कि उनके पिता गुहाराम पाटले परंपरागत तरीके से ही धान की खेती करते थे। लेकिन उन्होंने नई तकनीक अपनाने की सोची, क्योंकि पारंपरिक रोपाई में 30-35 मजदूरों की आवश्यकता होती थी और कई बार मजदूर नहीं मिलने से काम मुश्किल हो जाता था। उनके बड़े भाई गोपेश पाटले ने खेती में तकनीक जोड़ने की सलाह दी। उन्होंने विशेषज्ञों और सोशल मीडिया से जानकारी जुटाई और धीरे-धीरे आधुनिक मशीनें खरीदनी शुरू की। 2002-03 में रीपर से कटाई आसान हुई। फिर थ्रेसर लाया, जिससे मिंसाई का समय कम हुआ। सबसे बड़ा बदलाव तब आया जब ऑटोमैटिक राइस ट्रांसप्लांटर खरीदा। इस ट्रांसप्लांटर के जरिए केवल 5-6 मजदूरों की मदद से एक-दो दिन में पूरे खेत में धान की रोपाई हो जाती है। इससे रोजाना लगभग 5,000 रुपये की मजदूरी की बचत होती है और कुल लागत 70% तक घट गई। अब फड़ेश्वरनाथ खुद ही धान की नर्सरी तैयार कर रहे हैं। कटाई में पहले पंजाब-हरियाणा की बड़ी हार्वेस्टर मशीनों का इंतजार करना पड़ता था, जो गीली मिट्टी में फंस जाती थीं। इस समस्या का समाधान करने के लिए उन्होंने चेन हार्वेस्टर खरीदी। इसके चलते गीली मिट्टी में भी धान की कटाई और मिंसाई आसानी से हो रही है। इसके अलावा फसल में छिड़काव के लिए पावर स्प्रेयर का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे एक ही दिन में 5-6 एकड़ में दवा का छिड़काव हो जाता है, जबकि पहले यह काम मजदूरों से 2-3 दिन में होता था। फड़ेश्वरनाथ अब धान की अलग-अलग वैरायटी के बीज बीज निगम को सप्लाई कर रहे हैं। इसके साथ ही वे गेहूं और अन्य फसलें भी उगाते हैं।

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Chhattisgarh, Health, State

टीएस सिंहदेव बोले- एक दिन के लिए CM बनने को तैयार, शपथ अजय चंद्राकर के घर होगी

छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी CM टीएस सिंहदेव ने अजय चंद्राकर को धन्यवाद देते हुए कहा कि वह एक दिन के लिए मुख्यमंत्री बनने के लिए तैयार हैं। सिंहदेव ने स्पष्ट किया कि अभी उन्हें CM नहीं बनाया गया है, बल्कि यह प्रस्ताव के तौर पर कहा गया है। उन्होंने कहा कि वह अजय चंद्राकर के घर शपथ ग्रहण के लिए जाएंगे, जहां अजय चंद्राकर शपथ की तैयारी कर रहे हैं। इस पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मजाकिया अंदाज में कहा कि टीएस सिंहदेव केवल फिल्म जैसी परिस्थितियों में मुख्यमंत्री बन सकते हैं। उन्होंने कहा, “25-50 साल तक कांग्रेस के पास यह मौका नहीं है। जैसे फिल्म ‘नायक’ में अनिल कपूर एक दिन के लिए CM बने थे, वैसे ही बाबा सिर्फ फिल्मों में ही CM बन सकते हैं।” सिंहदेव ने कहा कि अजय चंद्राकर गवर्नर और CM साय से पहले से ही चर्चा कर चुके होंगे, ताकि इस्तीफे और मंजूरी की प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके। उन्होंने अजय चंद्राकर के बारे में कहा कि वे अनुभवी और सुलझे हुए राजनेता हैं, लेकिन उनका अंदाज कभी-कभी मजाकिया भी होता है। सिंहदेव ने बिलासपुर में कहा था कि कांग्रेस सामूहिक नेतृत्व के तहत चुनाव लड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि वह कभी नहीं कहेंगे कि उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनना है। किसी भी नेता के लिए यह गलत होगा कि वह अपनी हसरत पूरी नहीं करे। अजय चंद्राकर ने अपने बयान में कहा था कि टीएस सिंहदेव को CM बनाकर सम्मान दिया जाएगा, क्योंकि कांग्रेस में उनकी महत्वाकांक्षा पूरी नहीं हो पाएगी। वहीं मंत्री जायसवाल ने इसे लेकर कहा कि भाजपा की 54 सीटें थीं और कांग्रेस के पास 72 सीटें, लेकिन उन्हें एक दिन के लिए भी CM नहीं बनाया गया। संक्षेप में, टीएस सिंहदेव ने एक दिन के लिए CM बनने की इच्छा व्यक्त की, शपथ अजय चंद्राकर के घर होगी, जबकि स्वास्थ्य मंत्री ने इसे फिल्मी अंदाज वाला बयान करार दिया।

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छत्तीसगढ़ में मानसून की वापसी में देरी, बस्तर संभाग में 5 दिन तक बारिश के आसार

छत्तीसगढ़ के दक्षिणी हिस्से, यानी बस्तर संभाग में अगले 5 दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं, राज्य के मध्य और उत्तरी क्षेत्रों से मानसून की विदाई की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, इसके लिए परिस्थितियाँ अब अनुकूल बन रही हैं। सोमवार को भी किसी जिले के लिए कोई विशेष अलर्ट जारी नहीं किया गया है। यानी पूरे प्रदेश में मौसम सामान्य रहने के आसार हैं। पिछले 24 घंटे में कई जगहों पर हल्की वर्षा दर्ज की गई। सबसे ज्यादा 40 मिमी बारिश नानगुर में हुई। तापमान की बात करें तो दुर्ग में अधिकतम 32.6 डिग्री और पेंड्रा रोड में न्यूनतम 16.8 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। अक्टूबर में सामान्य से दोगुनी बारिश इस साल अक्टूबर महीने में अब तक 109% अधिक बारिश दर्ज की गई है। सामान्य तौर पर 8 अक्टूबर तक 28.3 मिमी वर्षा होती है, लेकिन इस बार 59.1 मिमी से ज्यादा पानी बरस चुका है। मानसून 10 दिन देरी से लौटेगा मौसम विभाग के अनुसार, 30 सितंबर तक की बारिश को मानसूनी बारिश माना जाता है। इसके बाद की वर्षा को पोस्ट-मानसून कहा जाता है। आमतौर पर छत्तीसगढ़ में 5 अक्टूबर के आसपास मानसून की वापसी सरगुजा से शुरू होती है, लेकिन इस बार यह करीब 15 अक्टूबर के बाद लौटेगा — यानी सामान्य से लगभग 10 दिन देरी से। बलरामपुर में 52% ज्यादा बारिश प्रदेश में अब तक औसतन 1167.4 मिमी बारिश दर्ज हुई है। बेमेतरा में 524.5 मिमी वर्षा हुई, जो सामान्य से 50% कम है। वहीं बलरामपुर जिले में अब तक 1520.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 52% अधिक है। बस्तर, राजनांदगांव और रायगढ़ में वर्षा सामान्य स्तर पर रही है। बिजली गिरने का कारण बादलों में मौजूद पानी की बूंदें और बर्फ के कण आपस में रगड़ खाते हैं, जिससे विद्युत आवेश (चार्ज) उत्पन्न होता है। जब विपरीत चार्ज वाले बादल टकराते हैं, तो बिजली बनती है। सामान्यतः यह बिजली बादलों के भीतर ही रहती है, लेकिन कभी-कभी यह धरती तक पहुंच जाती है।धरती तक पहुंचने के लिए बिजली को कंडक्टर की जरूरत होती है — जैसे पेड़, पानी, बिजली के खंभे या धातु के सामान। यदि कोई व्यक्ति इनके पास होता है, तो वह बिजली की चपेट में आ सकता है।

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मनेंद्रगढ़ में केवई नदी में मिला नवजात शिशु का शव, पुलिस ने शुरू की जांच

मनेंद्रगढ़। ग्राम पंचायत ताराबहरा के पास केवई नदी में एक नवजात शिशु का शव तैरता हुआ मिला। यह शव कुछ ग्रामीणों ने मछली पकड़ते समय देखा। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा बनाकर जांच शुरू कर दी है। केल्हारी थाना प्रभारी टिकेश्वर यादव ने बताया कि घटना केल्हारी थाना क्षेत्र में हुई। कुछ ग्रामीण जब नदी में मछली पकड़ने गए थे, तभी उन्हें नवजात बच्चे का शव दिखाई दिया। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना जिला पंचायत सदस्य अनिता सिंह और सरपंच को दी। जिला पंचायत सदस्य के निर्देश पर केल्हारी पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू कर दी। पुलिस ने कहा कि शव की शिनाख्त और घटना के कारणों का पता लगाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

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कांकेर में आदिवासी रीति का दबदबा: दामाद के घर 500 लोगों ने डेरा डालकर 2 लाख और मुर्गा-बकरा भात की मांग की

कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में एक अनोखी घटना सामने आई है। आदिवासी समाज की परंपरा के तहत एक युवक ने महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले की युवती से प्रेम विवाह किया, जिसके बाद युवती के गांव के लोग दामाद के घर पहुंच गए और 500 लोगों ने डेरा डाल दिया। उनका कहना है कि समाज की परंपरा के अनुसार, अगर किसी आदिवासी लड़की का विवाह दूसरे समाज के युवक से होता है, तो दामाद को बकरा-मुर्गा भात और अन्य सामग्री दंड स्वरूप देना आवश्यक होता है। युवती के परिजन और गांव के लोग शुक्रवार (10 अक्टूबर) को ग्राम पंचायत विष्णुपुर पीवी 101 पहुंचे। उन्होंने अपने साथ बोरिया-बिस्तर और राशन भी लाए। उनका कहना था कि शादी पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन परंपरा के अनुसार लड़के पक्ष को मुर्गा-बकरा भात खिलाना और लगभग 2 लाख रुपये का सामान देना अनिवार्य है। लड़के के परिवार ने फिलहाल 30 हजार रुपये देने का प्रस्ताव रखा, जिसके कारण मामला अभी सुलझ नहीं पाया। पृष्ठभूमि:युवक प्रभाष विश्वास (26) ने 2022 में कोर्ट मैरिज के माध्यम से महाराष्ट्र की युवती अलीशा पोटामी (25) से शादी की थी। यह विवाह युवती के परिजनों को बिना जानकारी के हुआ। शादी के बाद युवती पढ़ाई के लिए महाराष्ट्र में नर्सिंग की पढ़ाई करने लगी। पढ़ाई पूरी होने के बाद 10 दिन पहले वह युवक के घर पहुंची। युवती के घर नहीं आने पर महाराष्ट्र के कसनसूर थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई गई। युवती ने अपने बयान में कहा कि यह विवाह उसकी अपनी इच्छा से हुआ है और वह युवक के साथ रहना चाहती है। युवती बालिग होने के कारण पुलिस ने मामले को यहीं समाप्त कर दिया। सुरक्षा और प्रशासन:समाज के लोगों के आने के बाद युवक और युवती को सुरक्षा के मद्देनजर गांव से बाहर ले जाया गया। सरपंच ने युवती के परिजन और समाज के लोगों के लिए स्कूल में रहने की व्यवस्था की है। बांदे थाना प्रभारी मनीष नेताम ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच अभी बैठक चल रही है और किसी तरह की शिकायत पुलिस तक नहीं आई है। समाज प्रमुखों का कहना है कि शादी पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन आदिवासी रीति के अनुसार दंड देना जरूरी है। जब तक यह पूरा नहीं किया जाता, लोग गांव में डेरा जमाए रहेंगे।

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बस्तर में खाली घर से चोरी: तीन बोरी धान, गैस सिलेंडर और फ्रिज ले गए चोर

बस्तर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में एक घर से बड़ी चोरी हुई है, जिसमें चोरों ने तीन बोरी धान, एक गैस सिलेंडर और फ्रिज चोरी कर लिया। पुलिस ने जांच के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, घर उस समय खाली था जब चोरी हुई। महिला अपने मायके में रह रही थी और उसका पति मजदूरी करने के लिए केरल गया हुआ था। चोरों ने मकान का ताला तोड़कर सामान चोरी किया। चोरी की FIR और गिरफ्तारीबस्तर थाना क्षेत्र की महिला ने 1 अक्टूबर को चोरी की FIR दर्ज करवाई। उसने बताया कि घर में फ्रिज, गैस सिलेंडर और तीन बोरी धान रखे थे, लेकिन जब वह कुछ दिन बाद घर पहुंची तो ताला टूटा मिला और सामान गायब था। पुलिस ने आसपास जांच की और उसी इलाके के रहने वाले संतोष कश्यप (36) और सुखचंद कश्यप (28) को शक के आधार पर पूछताछ के लिए बुलाया। दोनों आरोपियों ने चोरी करना स्वीकार कर लिया। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी इलाके के ही निवासी हैं और फिलहाल इस मामले में आगे की जांच जारी है।

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