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आत्मानंद स्कूलों की बदहाल स्थिति, जर्जर भवन और गंदगी से छात्र परेशान

राजधानी के सरकारी और आत्मानंद स्कूलों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। मरम्मत और साफ-सफाई की अनदेखी के कारण विद्यार्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले छह सालों में समग्र शिक्षा अभियान के तहत 6.57 करोड़ रुपये मंजूर किए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर सुधार नहीं दिख रहा। जर्जर भवनों में पढ़ाई को मजबूर छात्र शासकीय प्राथमिक शाला चंगोराभाठा और कुशालपुर के स्कूलों की हालत दयनीय बनी हुई है। चंगोराभाठा स्कूल की इमारत कई वर्षों से जर्जर स्थिति में है। दीवारों में आई दरारों को पेंट से ढक दिया गया है, लेकिन सुरक्षा का कोई ठोस इंतजाम नहीं किया गया। कुशालपुर स्कूल की छत उखड़ रही है और खिड़कियां भी टूटी हुई हैं। ऐसे में छात्र-छात्राएं असुरक्षित माहौल में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। आत्मानंद स्कूलों में भी अव्यवस्था, टॉयलेट में सफाई नहीं नए आत्मानंद स्कूलों को संवारने के बावजूद यहां भी अव्यवस्था बनी हुई है। लालपुर स्थित आत्मानंद स्कूल में साफ-सफाई का अभाव है। टॉयलेट में डस्टबिन तक नहीं रखे गए, जिससे छात्राओं को काफी परेशानी हो रही है। सेनेटरी पैड मशीनें खराब पड़ी हैं, और गंदगी के कारण छात्राएं टॉयलेट जाने से बचती हैं। दूसरी शिफ्ट में अधिक अव्यवस्था आत्मानंद स्कूलों में दो शिफ्ट में कक्षाएं संचालित होती हैं। सुबह इंग्लिश मीडियम और दोपहर को हिंदी मीडियम की कक्षाएं लगती हैं। दोपहर की शिफ्ट में अव्यवस्था अधिक देखने को मिलती है, जिससे छात्रों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। अधिकारियों का दावा- जल्द होगा समाधान इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) विजय खंडेलवाल ने कहा कि सभी स्कूलों में आवश्यक सुधार कार्य किए जा रहे हैं। आत्मानंद स्कूलों की अव्यवस्था को जल्द ही दुरुस्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावों पर काम जारी है और समस्या का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा।

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महापौर को सौंपा गया ज्ञापन, चौपाटी हटाने और संपत्तिकर में ब्याज माफी की मांग

सत्यमेव जयते फाउंडेशन ने सोमवार को महापौर मीनल चौबे को ज्ञापन सौंपकर दानी गर्ल्स स्कूल और डिग्री गर्ल्स कॉलेज के सामने निर्माणाधीन चौपाटी को हटाने और संपत्ति कर में ब्याज माफी लागू करने की मांग की। छात्राओं की सुरक्षा पर खतराफाउंडेशन के प्रदेश संयोजक कन्हैया अग्रवाल ने बताया कि चौपाटी का निर्माण स्कूल और कॉलेज के प्रवेश द्वार के पास किया जा रहा है, जिससे छात्राओं की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। संगठन का कहना है कि इससे बाहरी लोगों की आवाजाही बढ़ेगी, जिससे छात्राओं की निजता को खतरा हो सकता है। डॉ. अजीत डेग्वेकर ने आशंका जताई कि चौपाटी और रूफटॉप कैफे के चलते छात्राओं को असहज स्थिति का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए इस निर्माण को तुरंत रोका जाना चाहिए। संपत्ति कर में ब्याज माफी की मांगइसके अलावा, संगठन ने भाजपा के घोषणा पत्र के अनुरूप बकाया संपत्ति कर में ब्याज माफी लागू करने की मांग उठाई। कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि जब तक यह पूरी तरह प्रभावी न हो जाए, तब तक करदाताओं को राहत दी जानी चाहिए। महापौर मीनल चौबे ने ज्ञापन पर संज्ञान लेते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। ज्ञापन सौंपने वालों में ये प्रमुख नाम रहे:डॉ. अजीत डेग्वेकर, राजेश त्रिवेदी, सुरेश बाफना, मोहम्मद सिद्दीक, मनोज पाल, शरद गुप्ता, टीकम साहू, शंकर सेन, निरंजन पारीख और चंद्रशेखर गायकवाड़।

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रायपुर में कैश से भरी कार पकड़ी गई: 1.5 करोड़ रुपये बरामद

वाहन चेकिंग के दौरान बड़ी बरामदगी छत्तीसगढ़ के रायपुर में पुलिस ने एक सफेद रंग की इनोवा कार से भारी मात्रा में नकदी बरामद की है। पुलिस द्वारा वाहनों की नियमित जांच के दौरान इस कार को रोका गया, जिसमें 500, 200 और 100 रुपये के नोटों की गड्डियां सूटकेस और बैग में छिपाकर रखी गई थीं। पुलिस ने जब गिनती की, तो पता चला कि कार में कुल 1.5 करोड़ रुपये मौजूद थे। कैश देखकर पुलिस भी रह गई हैरान अमानका चेक पॉइंट पर पुलिस ने जब इस गाड़ी को रोका, तो शुरुआती जांच में ही संदिग्ध गतिविधि का पता चला। गाड़ी को थाने लाकर जब विस्तृत तलाशी ली गई, तो नकदी की इतनी बड़ी मात्रा देखकर अधिकारी भी चौंक गए। पुलिस ने बरामद रकम की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि यह पैसा कहां से आया और इसे कहां ले जाया जा रहा था। ईडी की छापेमारी के बाद कैश बरामदगी से बढ़ी हलचल यह नकदी ऐसे समय पर मिली है जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) छत्तीसगढ़ में कई हाई-प्रोफाइल लोगों के खिलाफ छापेमारी कर रहा है। इस बरामदगी ने राज्य में हलचल मचा दी है और सफेद इनोवा कार में कैश मिलने की घटना चर्चा का विषय बन गई है। पुलिस कर रही है मामले की गहन जांच रायपुर एसपी अमन झा ने बताया कि वाहन को नियमित जांच के दौरान रोका गया था, लेकिन जब कार की तलाशी ली गई, तो बड़ी मात्रा में कैश बरामद हुआ। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या यह नकदी किसी वैध स्रोत से आ रही थी या यह अवैध लेन-देन से जुड़ी हुई है। मामले की तहकीकात जारी है और जल्द ही पूरी सच्चाई सामने आने की उम्मीद है.

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नैनीताल हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: हाथी कॉरिडोर में पेड़ों की कटाई पर रोक

हाईवे प्रोजेक्ट पर चिंता, 3000 पेड़ों की कटाई पर लगी रोक नैनीताल हाईकोर्ट ने उत्तराखंड के एक महत्वपूर्ण हाथी कॉरिडोर से गुजरने वाली सड़क परियोजना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। कोर्ट ने देहरादून के भानियावाला से ऋषिकेश के बीच प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण योजना के तहत 3000 से अधिक पेड़ों की कटाई पर अस्थायी रोक लगा दी है। मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र और न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की पीठ ने यह आदेश देते हुए पर्यावरणीय प्रभाव अध्ययन (EIA) की आवश्यकता पर जोर दिया है। स्थानीय विरोध और पर्यावरणीय चिंताएं प्रस्तावित हाईवे प्रोजेक्ट के तहत दो लेन की मौजूदा सड़क को चार लेन में विस्तारित किया जाना है, जिससे जंगल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई होनी थी। इस कदम का स्थानीय निवासियों और पर्यावरण प्रेमियों ने विरोध किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस क्षेत्र में साल, रोहिणी, कंजू और अमलतास जैसे हजारों पेड़ मौजूद हैं, जिनकी कटाई से जैव विविधता को गंभीर खतरा हो सकता है। साथ ही, यह क्षेत्र हाथी, तेंदुए और हिरण जैसे वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास भी है। हाथी कॉरिडोर की अहमियत याचिकाकर्ता के वकीलों ने कोर्ट के समक्ष ठोस प्रमाण प्रस्तुत किए, जिनमें बताया गया कि उत्तर भारत में हाथी कॉरिडोर वन्यजीवों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इनमें बसंता, छेदिया, दुधवा और शिवालिक कॉरिडोर प्रमुख हैं, जो जैव विविधता को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। कोर्ट ने माना कि इन क्षेत्रों में किसी भी तरह के अवैध निर्माण या अनियोजित विकास से पर्यावरणीय असंतुलन पैदा हो सकता है। सरकार को नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश हाईकोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इस परियोजना के पर्यावरणीय प्रभाव का पूरा आकलन करें और अगली सुनवाई तक किसी भी पेड़ की कटाई न की जाए। साथ ही, केंद्र और राज्य सरकार को वन संरक्षण अधिनियम के तहत सभी आवश्यक स्वीकृतियों, प्रतिपूरक वनीकरण योजना और इस परियोजना के लिए आवंटित धनराशि का पूरा विवरण पेश करने को कहा गया है आगे की कार्रवाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता से यह स्पष्ट करने को कहा है कि यह सड़क किन-किन हाथी कॉरिडोर से होकर गुजरेगी। इसके अलावा, न्यायालय ने पर्यावरणीय प्रभाव अध्ययन की मांग की है ताकि इस परियोजना से होने वाले संभावित नुकसान का सही आंकलन किया जा सके। अगली सुनवाई तक पेड़ों की कटाई पर पूरी तरह से रोक जारी रहेगी .

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रायपुर में नदी के पास मिली 2 महीने की बच्चीः मॉर्निंग वॉक कर रहे लोगों को झाड़ियों में दिखी, डायल-108 ने मेकाहारा में भर्ती कराया

रायपुर के अमलेश्वर क्षेत्र में बुधवार सुबह एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जब मॉर्निंग वॉक कर रहे लोगों ने खारुन नदी के पास झाड़ियों में एक 2 महीने की जीवित बच्ची को पाया। ग्रीन अर्थ सिटी अमलेश्वर के सामने डीह रोड पर टहलते समय एम.एम. जैन को झाड़ियों से रोने की आवाज सुनाई दी। जांच करने पर उन्होंने एक थैले में कपड़ों में लिपटी बच्ची को देखा। उन्होंने तुरंत अपने दोस्तों और पुलिस के इमरजेंसी नंबर पर सूचना दी , मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह मॉर्निंग वॉक करते समय ग्रीन अर्थ सिटी अमलेश्वर के सामने डीह रोड़ पर एम एम जैन को झाड़ियों के बीच से कुछ आवाज आई। वहां उन्होंने देखा तो एक थैले के भीतर कपड़े में बच्चे बंधी हुईं थी। वह रो रही थी। उन्होंने फौरन अपने दोस्तों और पुलिस के इमरजेंसी नंबर पर सूचना दी। इस बीच बच्ची को झाड़ियों से बाहर निकाला गया। स्वास्थ्य खराब होने से मेकाहारा में एडमिट बच्ची के रेसक्यू की सूचना मिलते ही 108 के पायलट रविंद कुमार और ईएमटी विनोद कुमार तुंरत मौके पर पहुँचें और बच्ची को ऑक्सीजन सपोर्ट व प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद वह बच्ची को लेकर मेकाहारा अस्पताल आएं। फ़िलहाल मेकाहारा के डॉक्टर बच्ची का आगे का उपचार कर रहे है। बताया जा रहा है की बच्ची का स्वास्थ्य खराब है। पुलिस फिलहाल बच्ची के संबंध में जांच पड़ताल कर रही है

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उत्तराखंड में अवैध मदरसों पर प्रशासन का शिकंजा: 15 दिनों में 52 मदरसे सील

ख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर देहरादून के विकासनगर में 12 और खटीमा में 9 मदरसों पर कार्रवाई; धर्म की आड़ में जनसंख्या संतुलन बिगाड़ने की साजिश का आरोप उत्तराखंड में अवैध मदरसों के खिलाफ प्रशासन की सख्त कार्रवाई जारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर पिछले 15 दिनों में प्रदेशभर में 52 अवैध मदरसों को सील किया गया है। इसमें देहरादून के विकासनगर क्षेत्र में मंगलवार को 12 मदरसों पर कार्रवाई की गई, जबकि खटीमा में 9 मदरसों को सील किया गया अवैध मदरसों की पहचान और कार्रवाई देहरादून के विकासनगर और सहसपुर क्षेत्रों में प्रशासन की संयुक्त टीम ने अवैध रूप से संचालित मदरसों की पहचान की। इनमें से कई मदरसे बिना पंजीकरण और आवश्यक स्वीकृतियों के चल रहे थे। जांच में पाया गया कि ये मदरसे गैर-आवासीय निजी भवनों में संचालित हो रहे थे, जिनके पास मान्यता नहीं थी। प्रशासन ने नियमों के उल्लंघन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते इन मदरसों को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान विरोध और प्रशासन की प्रतिक्रिया मदरसों को सील करने की कार्रवाई के दौरान मुस्लिम सेवा संगठन और कुछ स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। इसके बावजूद, प्रशासन ने कानून के मुताबिक कार्रवाई पूरी की। विकासनगर के एसडीएम विनोद कुमार के नेतृत्व में तहसील प्रशासन, पुलिस प्रशासन और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की संयुक्त टीम ने यह अभियान चलाया। एसडीएम ने बताया कि सरकारी आदेशों के तहत अवैध रूप से संचालित मदरसों को बंद करने की कार्रवाई की जा रही है। भविष्य की कार्रवाई और बच्चों की शिक्षा प्रशासन ने चेतावनी दी है कि उत्तराखंड में अवैध मदरसों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। एसडीएम ने बताया कि जिन मदरसों को सील किया गया है, वहां अध्ययनरत बच्चों का नजदीकी सरकारी स्कूलों में दाखिला कराया जाएगा, ताकि उनकी शिक्षा प्रभावित न हो। मुख्यमंत्री का सख्त रुख मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अवैध मदरसों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए प्रदेशभर में कार्रवाई के निर्देश दिए थे। उनके अनुसार, धर्म की आड़ में जनसंख्या संतुलन बिगाड़ने की साजिश रची जा रही है, जिसे सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। सरकार का यह कदम शिक्षा व्यवस्था को सुधारने और अवैध रूप से संचालित संस्थानों पर नियंत्रण के लिए उठाया गया है। समुदाय की प्रतिक्रिया प्रशासन की इस कार्रवाई से समुदाय विशेष में नाराजगी देखी जा रही है, क्योंकि रमज़ान के दौरान मदरसों को सील करना कई लोगों को अनुचित लग रहा है। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानून के दायरे में और सरकारी आदेशों के अनुसार की जा रही है। उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने राज्य सरकार की ओर से बिना आवश्यक स्वीकृति के संचालित अवैध मदरसों को बंद करने के कदम का स्वागत किया है। आयोग ने शिक्षा विभाग को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि इन अवैध मदरसों में वर्तमान में पढ़ाई कर रहे सभी बच्चों को तुरंत मान्यता प्राप्त और उपयुक्त स्कूलों में शिक्षा प्रदान की जाए। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से मदरसा संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। भविष्य में भी अवैध रूप से संचालित मदरसों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी, जिससे प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था में सुधार हो सके और बच्चों को सुरक्षित एवं मान्यता प्राप्त संस्थानों में शिक्षा मिल सके।

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रायपुर: युवक ने तलाकशुदा होने का झूठ बोलकर युवती से किया दुष्कर्म, गिरफ्तार

माना थाना क्षेत्र में घटना, आरोपी ने फेसबुक पर बढ़ाई थी नजदीकियां रायपुर के माना थाना क्षेत्र में एक युवक ने खुद को तलाकशुदा बताकर एक युवती से संबंध स्थापित किए और उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने फेसबुक के माध्यम से युवती से संपर्क बढ़ाया और झूठी भावनात्मक कहानी सुनाकर उसे अपने जाल में फंसाया। फेसबुक पर हुई पहचान, झूठे प्रेम जाल में फंसाया पुलिस के अनुसार, पीड़िता की पहचान पखांजूर निवासी सतीश दास से एक वर्ष पूर्व फेसबुक पर हुई थी। सतीश ने मोबाइल नंबर लेकर पीड़िता से बातचीत शुरू की और खुद को तलाकशुदा बताते हुए उससे प्रेम और विवाह का प्रस्ताव रखा। 22 सितंबर को सतीश पीड़िता के घर आया, जहां परिवार के अन्य सदस्य मौजूद नहीं थे, तब उसने जबरन शारीरिक संबंध बनाए। झूठी कहानी सुनाकर घर में रुका, फिर किया दुष्कर्म सतीश ने पीड़िता को बताया कि उसके ससुराल वाले उसे मारना चाहते हैं, इसलिए वह कुछ दिन उसके घर में रहना चाहता है। इसके बाद वह पीड़िता के दूसरे घर में लगभग एक सप्ताह तक रुका और शादी का वादा कर जबरन दुष्कर्म किया। कुछ दिनों बाद पीड़िता अपने ऑफिस के साथियों के साथ पिकनिक पर गई, जहां सतीश भी शामिल हुआ। पत्नी के फोन से खुला राज, आरोपी गिरफ्तार पिकनिक के दौरान सतीश की पत्नी का फोन आया। पहले तो उसने फोन नहीं उठाया, लेकिन बार-बार कॉल आने पर वह साइड में जाकर बात करने लगा। इस पर पीड़िता को शक हुआ और उसने सतीश के मोबाइल से नंबर देखकर उस पर कॉल किया, जिससे पता चला कि वह उसकी पत्नी का नंबर है। सतीश से पूछताछ करने पर उसने पीड़िता और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद पीड़िता ने माना थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने सतीश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मौदहापारा थाना क्षेत्र में भी दुष्कर्म की शिकायत रायपुर के मौदहापारा थाना क्षेत्र में भी दुष्कर्म की एक और शिकायत दर्ज हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी आरिफ खान ने 32 वर्षीय एक युवती से शादी का वादा किया और उसे होटल व किराए के कमरे में ले जाकर बार-बार शारीरिक संबंध बनाए। जब युवती ने शादी की बात की, तो आरिफ मुकर गया। फिलहाल, पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है।

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बलूच लिबरेशन आर्मी ने जाफर एक्सप्रेस का अपहरण किया, 100 से अधिक यात्री बंधक

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने जाफर एक्सप्रेस ट्रेन का अपहरण कर लिया है, जिसमें 400 से अधिक यात्री सवार थे। आतंकवादी समूह ने दावा किया है कि उन्होंने छह सैन्य कर्मियों को मार डाला है और 100 से अधिक यात्रियों को बंधक बना लिया है बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के बोलन जिले में जाफर एक्सप्रेस ट्रेन का अपहरण कर लिया है, जिसमें 400 से अधिक यात्री सवार थे। आतंकियों ने धमकी दी है कि यदि पाकिस्तानी सेना ने कोई कार्रवाई की तो वे सभी यात्रियों को मार देंगे। घटना का विवरण: जाफर एक्सप्रेस, जिसमें नौ डिब्बों में 400 से अधिक यात्री सवार थे, बलूचिस्तान के क्वेटा से खैबर पख्तूनख्वा के पेशावर जा रही थी। बोलन जिले के मश्काफ क्षेत्र में आतंकियों ने रेलवे ट्रैक को विस्फोट से उड़ा दिया, जिससे ट्रेन रुक गई। इसके बाद, BLA के लड़ाकों ने ट्रेन पर कब्जा कर लिया और यात्रियों को बंधक बना लिया। आतंकियों की चेतावनी: BLA के प्रवक्ता जियंद बलूच ने एक बयान में कहा कि यदि पाकिस्तानी सेना ने कोई सैन्य कार्रवाई की तो सभी बंधकों को मार दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब तक छह पाकिस्तानी सैनिक मारे जा चुके हैं और सैकड़ों यात्री BLA की हिरासत में हैं। सरकारी प्रतिक्रिया: घटना के बाद, सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए हैं। बलूचिस्तान सरकार ने आपातकालीन उपाय लागू किए हैं और सभी संस्थानों को स्थिति से निपटने के लिए सक्रिय कर दिया है। पृष्ठभूमि: बलूचिस्तान में दशकों से अलगाववादी उग्रवादी समूह सक्रिय हैं, जो पाकिस्तानी सरकार, सेना और क्षेत्र में चीनी हितों पर हमले करते रहे हैं। ये समूह बलूचिस्तान के खनिज संपन्न संसाधनों में हिस्सेदारी की मांग करते हैं। BLA इनमें सबसे बड़ा समूह है, जो बलूचिस्तान की स्वतंत्रता के लिए संघर्षरत है। यह घटना पाकिस्तान में हाल के वर्षों में ट्रेन अपहरण की सबसे बड़ी घटना मानी जा रही है। पाकिस्तान सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं

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महाराष्ट्र में ‘मल्हार सर्टिफिकेशन’ की शुरुआत: झटका और हलाल मांस पर नई बहस

यह पहल राज्य में हलाल और झटका मांस के बीच चल रही बहस के संदर्भ में महत्वपूर्ण है, जहां ‘मल्हार सर्टिफिकेशन’ को हलाल सर्टिफिकेशन के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने झटका मटन विक्रेताओं के लिए ‘मल्हार सर्टिफिकेशन’ की घोषणा की, जिससे राज्य में मांस विक्रय पर नई चर्चा शुरू हो गई है। महाराष्ट्र के मत्स्य पालन मंत्री नितेश राणे ने राज्य में झटका मटन बेचने वाले विक्रेताओं के लिए ‘मल्हार सर्टिफिकेशन’ नामक नई पहल की शुरुआत की है। इस सर्टिफिकेशन के तहत, केवल हिंदू विक्रेता ही झटका मटन बेच सकेंगे, जिससे उपभोक्ताओं को शुद्ध और मिलावट रहित मांस उपलब्ध हो इस पहल के लिए ‘मल्हार सर्टिफिकेशन डॉट कॉम’ नामक एक पोर्टल लॉन्च किया गया है, जहां विक्रेता पंजीकरण कर प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकते हैं। राणे ने हिंदू समुदाय से अपील की है कि वे केवल मल्हार सर्टिफिकेट प्राप्त दुकानों से ही मटन खरीदें, ताकि मांस में मिलावट से बचा जा सके और हिंदू युवाओं को आर्थिक सशक्तिकरण मिल सके इस पहल पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। एनसीपी नेता जितेंद्र आव्हाड ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि यह समाज में विभाजन पैदा कर सकता है, जबकि शिंदे सेना और बीजेपी ने इसका समर्थन किया है। समाजवादी पार्टी के नेता रईस शेख ने भी इस पहल का स्वागत किया

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छत्तीसगढ़ में ED टीम पर हमला: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास के बाहर समर्थकों का उग्र प्रदर्शन

डी की टीम पर हमला: भूपेश बघेल के घर के बाहर समर्थकों का हंगामा छत्तीसगढ़ के भिलाई शहर में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम पर उस समय हमला हुआ जब वे राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास से छापेमारी के बाद लौट रहे थे। यह घटना तब घटी जब ईडी अधिकारी शराब घोटाले से संबंधित मामले में बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के ठिकानों पर छापेमारी कर रहे थे। छापेमारी के दौरान, बड़ी संख्या में भूपेश बघेल के समर्थक उनके निवास के बाहर एकत्रित हो गए थे और ईडी की कार्रवाई का विरोध कर रहे थे। जब ईडी की टीम बाहर निकली, तो समर्थकों ने उनकी कारों पर ईंट-पत्थरों से हमला किया। इस हमले में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन एक व्यक्ति को सुरक्षाबलों ने मौके पर ही पकड़ लिया। ईडी सूत्रों के अनुसार, इस मामले में एफआईआर दर्ज की जा सकती है। छापेमारी के दौरान, ईडी ने भारी मात्रा में नकदी बरामद की, जिसके लिए नोट गिनने की मशीनें मंगाई गई थ यह घटना राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर प्रश्न उठाती है, विशेषकर जब सरकारी एजेंसियों के अधिकारियों पर इस प्रकार के हमले हो रहे हैं ईडी सूत्रों के अनुसार, इस मामले में एफआईआर दर्ज की जा सकती है। छापेमारी के दौरान, ईडी ने भारी मात्रा में नकदी बरामद की, जिसके लिए नोट गिनने की मशीनें मंगाई गई थीं। यह घटना राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर प्रश्न उठाती है, विशेषकर जब सरकारी एजेंसियों के अधिकारियों पर इस प्रकार के हमले हो रहे ह

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