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ओवरब्रिज हादसे में मौत के बाद अर्थी रखकर चक्काजाम: हत्या का केस दर्ज करने की मांग

बीना के खुरई ओवरब्रिज पर देर रात हुए सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे टहल रहे दो लोगों को टक्कर मार दी, जिसमें गुलाब चंद जैन की मौके पर ही जान चली गई, जबकि दूसरा व्यक्ति घायल हो गया। अर्थी रखकर किया विरोध घटना से आक्रोशित परिजन और जैन समाज के लोग मृतक की अर्थी लेकर सर्वोदय चौराहा पहुंचे और सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। इस विरोध के चलते कुछ समय के लिए शहर का यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। ओवरब्रिज की सुरक्षा पर सवाल समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि ओवरब्रिज पर पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ नहीं है और भारी वाहनों की आवाजाही भी नियंत्रित नहीं है, जिसके कारण अक्सर हादसे होते रहते हैं। प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की। हत्या का केस दर्ज करने की मांग लोगों की मुख्य मांग थी कि कार चालक के खिलाफ केवल दुर्घटना नहीं, बल्कि हत्या का मामला दर्ज किया जाए। उनका आरोप है कि तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। पुलिस ने समझाकर खुलवाया जाम सूचना मिलने पर थाना प्रभारी अनूप यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर जाम हटवाया, जिसके बाद यातायात फिर से सामान्य हो सका। पुलिस के अनुसार, दुर्घटना में शामिल कार को जब्त कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है। यदि जांच में जानबूझकर टक्कर मारने के प्रमाण मिलते हैं तो आरोपी पर और सख्त धाराएं लगाई जाएंगी।

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यूपी बोर्ड की नई मार्कशीट 2026: न फटेगी, न पानी से खराब होगी, 16 सुरक्षा फीचर शामिल

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) ने 2026 की परीक्षाओं के बाद जारी होने वाली मार्कशीट में बड़े बदलाव करने का फैसला किया है। 10वीं और 12वीं के लाखों छात्रों को इस बार पहले से ज्यादा सुरक्षित और टिकाऊ मार्कशीट मिलेगी। बोर्ड की परीक्षाएं 12 मार्च 2026 को समाप्त हो चुकी हैं और अब परिणाम के साथ नई तकनीक वाली मार्कशीट जारी की जाएगी। पानी और फटने से सुरक्षित नई मार्कशीट विशेष मजबूत सामग्री पर तैयार की जाएगी, जिससे यह आसानी से फटेगी नहीं और भीगने पर भी खराब नहीं होगी। इसका उद्देश्य दस्तावेज को लंबे समय तक सुरक्षित रखना है। 16 नए सुरक्षा फीचर इस बार मार्कशीट में करीब 16 प्रकार के सुरक्षा फीचर जोड़े जा रहे हैं। इनमें कुछ फीचर सामान्य तौर पर दिखाई देंगे, जबकि कुछ ऐसे होंगे जिन्हें केवल विशेष उपकरण या जांच के माध्यम से ही देखा जा सकेगा। इससे नकली मार्कशीट बनाना बेहद कठिन हो जाएगा। होलोग्राम और कोडिंग मार्कशीट पर विशेष होलोग्राम, कोडिंग और सुरक्षा चिह्न शामिल किए जाएंगे, जिससे उसकी सत्यता आसानी से जांची जा सकेगी। छेड़छाड़ करना होगा मुश्किल नई डिजाइन में ओवरराइटिंग या किसी भी तरह की फेरबदल की कोशिश तुरंत पकड़ में आ सकेगी। इससे फर्जी प्रमाण पत्र के मामलों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। बदलाव का उद्देश्य बोर्ड का मानना है कि नई व्यवस्था से छात्रों के दस्तावेज सुरक्षित रहेंगे और नौकरी, प्रवेश या अन्य प्रक्रियाओं में सत्यापन आसान होगा।

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आरटीई सीट निर्धारण में गड़बड़ी: अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में हिंदी के आधार पर भर दी सीटें, 11 अधिकारियों को नोटिस

राजधानी रायपुर में आरटीई (Right to Education) कोटे की सीटों को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। निजी स्कूलों में सीट निर्धारण प्रक्रिया में अनियमितता पाए जाने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने 11 स्कूलों के नोडल अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जांच में पाया गया कि कई स्कूलों में वास्तविक छात्र संख्या और माध्यम (हिंदी/अंग्रेजी) के अनुसार सीटें तय नहीं की गईं। कुछ स्कूल अंग्रेजी माध्यम के होने के बावजूद हिंदी माध्यम के आधार पर सीटें सुरक्षित कर दी गईं। क्या है मुख्य गड़बड़ी जिला शिक्षा कार्यालय के अनुसार, सीट प्रोटेक्शन प्रक्रिया में गलत आधार अपनाया गया। कई मामलों में छात्र संख्या कम या ज्यादा होने के बावजूद सीटें पुराने आंकड़ों के अनुसार भर दी गईं। बाद में समीक्षा के बाद संशोधित सूची जारी की गई और संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया। डीईओ हिमांशु भारतीय ने बताया कि जहां-जहां त्रुटियां मिली हैं, वहां जिम्मेदार अधिकारियों को नोटिस देकर जवाब तलब किया गया है। जिन क्षेत्रों के स्कूलों में मामला सामने आया मामला मंदिर हसौद, उरला, फुंडहर, रामनगर बस्ती, पारसदा, अमलीडीह और अन्य इलाकों के निजी स्कूलों से जुड़ा है। मंदिर हसौद और उरला क्षेत्र के कई स्कूलों में माध्यम के आधार पर गलत सीट निर्धारण पाया गया। सीट संख्या में भी बदलाव जांच के बाद कई स्कूलों में सीट संख्या भी बदली गई। उदाहरण के तौर पर कहीं 26 सीटों के स्थान पर 30, 86 के स्थान पर 89 और 12 के स्थान पर 13 सीटें तय की गईं। प्रमुख स्कूल जहां त्रुटियां मिलीं आरटीई सीटों को लेकर पहले से विवाद प्रदेश में आरटीई कोटे की सीटों की संख्या कम होने को लेकर पहले से ही अभिभावकों में नाराजगी बनी हुई है। ऐसे में सीट निर्धारण में गड़बड़ी का मामला सामने आने से विवाद और बढ़ सकता है।

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महुआ बीनने के लिए जंगलों में लगाई जा रही आग, हर साल झुलस रही छत्तीसगढ़ की हरियाली

छत्तीसगढ़ में गर्मियों के दौरान जंगलों में आग की घटनाएं तेजी से बढ़ जाती हैं। ताजा मामला बलरामपुर जिले के लमना चोटिया गांव के पास का है, जहां बिलासपुर-अंबिकापुर मार्ग के आसपास पहाड़ियों पर महुआ के फूल बीनने के लिए जंगल में आग लगा दी गई। स्थानीय लोगों द्वारा सूखी पत्तियां जलाई जाती हैं ताकि जमीन पर गिरे महुआ के फूल साफ दिखाई दें और उन्हें आसानी से इकट्ठा किया जा सके। लेकिन इस प्रक्रिया से हर साल जंगलों को भारी नुकसान पहुंचता है। वन्यजीव और जैव विविधता पर खतरा वन विभाग और सैटेलाइट निगरानी के अनुसार, ऐसी आग से न केवल पेड़-पौधे नष्ट होते हैं बल्कि छोटे जीव-जंतु, पक्षी और संपूर्ण जैव विविधता पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। सरगुजा संभाग के कई पहाड़ी क्षेत्रों में हर वर्ष बड़े इलाके इस आग की चपेट में आ जाते हैं। मार्च से मई के बीच बढ़ते हैं मामले गर्मी के मौसम में, खासकर मार्च से मई के बीच जंगल की आग की घटनाएं सबसे ज्यादा सामने आती हैं। राज्य में हर साल औसतन 2000 से 2500 दावानल की घटनाएं दर्ज होती हैं, जिनमें अधिकांश आग मानव गतिविधियों के कारण लगती है। इस साल भी बढ़े फायर अलर्ट प्रदेश में इस वर्ष अब तक करीब 205 स्थानों पर जंगल में आग के अलर्ट दर्ज किए जा चुके हैं, जो आने वाले महीनों में स्थिति और गंभीर होने की आशंका को दर्शाते हैं।

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22,466 करोड़ का स्कूल शिक्षा बजट पास: पहली कक्षा से योग-वैदिक गणित, खेल पीरियड अनिवार्य, मार्कशीट डिजिटल

राज्य सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 22,466 करोड़ रुपये का बजट पारित कर दिया है। विधानसभा में इसे ध्वनिमत से मंजूरी मिली। सरकार का कहना है कि यह बजट शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि अब सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से ही योग की पढ़ाई शुरू होगी और वैदिक गणित को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही हर स्कूल में अंतिम पीरियड खेल गतिविधियों के लिए अनिवार्य होगा। पीएम श्री योजना के तहत आधुनिक स्कूल पीएम श्री योजना के अंतर्गत स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसके लिए बजट में 250 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। इन स्कूलों में स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, आधुनिक लैब, खेल सुविधाएं, ग्रीन कैंपस और करियर काउंसिलिंग जैसी व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। शिक्षकों को भी उच्च शिक्षण संस्थानों से प्रशिक्षण दिया जाएगा। 150 उत्कृष्ट विद्यालयों की स्थापना ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए 150 स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ये स्कूल प्रत्येक ब्लॉक के ग्रामीण इलाकों में संचालित होंगे। नवा रायपुर में बनेगा प्रशासनिक भवन नवा रायपुर में शिक्षा विभाग का आधुनिक प्रशासनिक कॉम्पोजिट भवन बनाया जाएगा। इसके लिए प्रारंभिक तौर पर 5.90 करोड़ रुपये रखे गए हैं। यहां लोक शिक्षण संचालनालय, समग्र शिक्षा, संस्कृत विद्या मंडल, मदरसा बोर्ड और माध्यमिक शिक्षा मंडल जैसे कार्यालय संचालित होंगे। दस्तावेज होंगे पूरी तरह डिजिटल छात्रों की मार्कशीट, ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) और अन्य शैक्षणिक दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रत्येक दस्तावेज पर क्यूआर कोड और यूनिक आईडी होगी, जिससे उसकी डिजिटल सत्यता तुरंत जांची जा सकेगी। तीसरी कक्षा की परीक्षा टैबलेट पर देशभर में बुनियादी साक्षरता और गणना क्षमता मापने के लिए तीसरी कक्षा के छात्रों की परीक्षा अब टैबलेट पर ली जाएगी। पहले यह परीक्षा ओएमआर शीट पर होती थी। यह सर्वे सीबीएसई द्वारा कराया जा रहा है, जिसमें तकनीकी मार्गदर्शन एनसीईआरटी की इकाई परख दे रही है। इस अभियान में देश के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 776 जिलों के 10 हजार से अधिक स्कूल और एक लाख से ज्यादा छात्र शामिल होंगे। स्कूलों के लिए निर्देश जिन स्कूलों का चयन किया गया है, उन्हें सर्वे की निर्धारित तारीख पर विद्यालय खुला रखना और छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा। सर्वे टीम को प्रशासनिक और तकनीकी सहयोग भी देना होगा।

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दंगों के बाद बेघर 15 परिवार: 40 दिन से राहत शिविर में जिंदगी, बच्चों की पढ़ाई और भविष्य पर संकट

छत्तीसगढ़ के खपरी दूधकईया गांव में 1 फरवरी की रात हुए हिंसक घटनाक्रम के बाद 15 परिवारों के 52 लोग पिछले 40 दिनों से घर से दूर शरण लेने को मजबूर हैं। ये सभी लोग फिलहाल बैजनाथपारा स्थित मुस्लिम हॉल में रह रहे हैं और राहत पर निर्भर जीवन जी रहे हैं। दंगों में इनके घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे बिजली-पानी की व्यवस्था खत्म हो गई और वापस लौटना संभव नहीं हो पा रहा है। सुरक्षा में रायपुर लाए गए घटना के बाद प्रशासन ने भारी सुरक्षा के बीच प्रभावित परिवारों को गांव से निकालकर रायपुर पहुंचाया। बड़ी संख्या में लोगों को एक साथ रखने के लिए समाज के हॉल में ठहराया गया, जहां किराया नहीं लिया जा रहा है। मदद पर चल रही जिंदगी राहत शिविर में रह रहे परिवारों को भोजन, कपड़े और जरूरी सामान सामाजिक संगठनों व आम लोगों की मदद से मिल रहा है। अलग-अलग धर्म और समुदाय के लोग सहायता के लिए आगे आए हैं। फिर भी लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह मदद कब तक मिलेगी और वे अपने घर कब लौट पाएंगे। जीवनभर की कमाई खत्म प्रभावित लोगों का कहना है कि दंगों में उनकी जमा-पूंजी, जेवर और जरूरी सामान चोरी या नष्ट हो गया। कई परिवारों के आधार कार्ड और जमीन से जुड़े दस्तावेज भी जल गए, जिससे पहचान और भविष्य दोनों संकट में पड़ गए हैं। उनका आरोप है कि अब तक मुआवजे को लेकर कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला है। बच्चों की पढ़ाई ठप राहत शिविर में रह रहे बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हुई है। कई छात्र-छात्राओं की वार्षिक परीक्षाएं छूट गईं क्योंकि उन्हें अचानक गांव छोड़ना पड़ा। किताबें, बैग और स्कूल ड्रेस जल जाने से वे पढ़ाई जारी नहीं रख पा रहे हैं। बच्चों का कहना है कि पूरे साल की मेहनत बेकार हो गई और उन्हें नहीं पता कि वे अगली कक्षा में कैसे पहुंचेंगे। घर वापसी को लेकर अनिश्चितता हॉल में रह रही महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग मानसिक तनाव में हैं। वे दिनभर एक-दूसरे को ढांढस बंधाते हैं, लेकिन भविष्य को लेकर चिंता लगातार बनी हुई है।

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छत्तीसगढ़ में बढ़ी गर्मी, राजनांदगांव में पारा 40 डिग्री पार, बस्तर में मौसम बदलने के संकेत

छत्तीसगढ़ में गर्मी ने तेजी पकड़ ली है और कई जिलों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया है। प्रदेश में अधिकतम तापमान सामान्य से लगभग 3 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है। पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक तापमान राजनांदगांव में 40.5°C रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 14.5°C दर्ज हुआ। अगले 24 घंटे का अनुमान मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में तापमान में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है। इसके बाद प्रदेश में 3 से 5 डिग्री तक गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिल सकती है। बस्तर में आंधी-बारिश का अलर्ट मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दो दिनों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम करवट ले सकता है। खासकर बस्तर संभाग में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश, तेज हवा और बादल छाने की संभावना है। हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। पिछले 24 घंटे में मौसम रहा शुष्क प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बीते 24 घंटे के दौरान मौसम पूरी तरह शुष्क रहा और कहीं भी उल्लेखनीय बारिश दर्ज नहीं की गई।

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कोरबा में मैकेनिक ने वीडियो बनाकर दी जान: पुलिस की धमकी से डरने की बात, जांच में आया नया सच

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक युवक द्वारा आत्महत्या से पहले बनाया गया वीडियो सामने आया है। वीडियो में युवक ने खुद को पुलिस की प्रताड़ना और गाली-गलौज से परेशान बताया था। हालांकि पुलिस जांच में मामले ने नया मोड़ ले लिया है। जांच में क्या सामने आया पुलिस के अनुसार, युवक का रूम पार्टनर अपनी प्रेमिका के साथ घर से चला गया था। इसके बाद युवती के भाई सचिन खरे ने पुलिसकर्मी बनकर मृतक सनत कश्यप (लगभग 21 वर्ष) को फोन किया। फोन पर उसे धमकाया गया और थाने आने के लिए कहा गया। इससे वह गंभीर तनाव में आ गया और बाद में उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सुसाइड से पहले वीडियो में क्या कहा सनत ने वीडियो में कहा था कि उसे परिवार से कोई समस्या नहीं है, लेकिन जांजगीर-चांपा के पंतोरा थाना से फोन कर गालियां दी गईं और थाने बुलाया गया। उसने यह भी कहा कि रूम पार्टनर को भगाने में उसका कोई हाथ नहीं है और वह बेहद तनाव में है। पूरा घटनाक्रम मृतक सनत कश्यप जांजगीर-चांपा जिले के चोरभट्टी गांव का रहने वाला था और उरगा क्षेत्र के पास स्थित एक ऑटोमोबाइल वर्कशॉप में मैकेनिक के रूप में काम करता था। कंपनी द्वारा दिए गए कमरे में वह अपने साथी धीरेंद्र पाटले के साथ रहता था। बताया गया कि धीरेंद्र एक युवती के साथ चला गया, जिसके बाद युवती के परिवार ने शिकायत दर्ज कराई। युवती के भाई ने धीरेंद्र के दोस्त सनत को ही जिम्मेदार मानते हुए पुलिस बनकर फोन किया और धमकाया। फोन कॉल के बाद सनत घबरा गया, उसने वीडियो रिकॉर्ड किया और बाद में आत्महत्या कर ली। जांच में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 204 (छद्म प्रतिरूपण) के तहत मामला दर्ज किया है। परिवार में सबसे छोटा था सनत चार भाइयों में सबसे छोटा था। घटना की सूचना मिलते ही परिजन कोरबा पहुंचे, जहां घर में शोक का माहौल है।

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रायपुर के औद्योगिक इलाकों में छापा: 7 नाबालिग बाल श्रमिक मुक्त, चार संस्थानों पर मामला दर्ज

राजधानी रायपुर के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में बाल श्रम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस और एनजीओ की संयुक्त टीम ने सात नाबालिग बच्चों को काम से मुक्त कराया है। उरला, सिलतरा और खमतराई स्थित कारखानों में छापेमारी कर इन बच्चों को रेस्क्यू किया गया, जहां उनसे उम्र से कहीं अधिक कठिन और जोखिम भरे काम कराए जा रहे थे। जांच के दौरान सामने आया कि बच्चों से भारी मशीनों और रसायनों के बीच वेल्डिंग, लोडिंग और पैकिंग जैसे काम कराए जा रहे थे। जिन संस्थानों पर कार्रवाई हुई, उनमें सोनी प्लाईवुड इंडस्ट्री, शैमरॉक ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड, इंद्राक्षी पाली प्लास्टर एलएलपी प्लांट तथा सन लॉजिस्टिक एंड डिस्ट्रीब्यूटर शामिल हैं। पुलिस ने कंपनी संचालकों के साथ एक ठेकेदार के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की है। शिकायतों के बाद हुई कार्रवाई एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन छत्तीसगढ़ (AVA) के अनुसार इन इलाकों में नाबालिगों से काम कराए जाने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। सूचना मिलने के बाद पुलिस के साथ संयुक्त टीम ने चार अलग-अलग स्थानों पर छापा मारा। कार्रवाई में उरला से तीन और खमतराई से चार बच्चों को मुक्त कराया गया। कुछ बच्चों से उद्योगों के अलावा बेकरी में भी काम कराया जा रहा था। मेडिकल जांच के बाद बाल गृह भेजे गए रेस्क्यू किए गए सभी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया और फिर उन्हें बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया। फिलहाल बच्चों को सुरक्षित बाल गृह में रखा गया है, जहां उनकी काउंसलिंग की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक बच्चों के परिवारों से संपर्क स्थापित किया जा रहा है और आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे। पहले भी सामने आ चुका है बड़ा मामला रायपुर में बाल मजदूरी का यह पहला मामला नहीं है। करीब पांच महीने पहले खरोरा स्थित मोजो मशरूम फैक्ट्री से 109 नाबालिगों को मुक्त कराया गया था। उस कार्रवाई में 68 लड़कियां और 41 लड़के शामिल थे। हालांकि उस मामले में अब तक ठोस कार्रवाई न होने की बात सामने आ रही है। प्रशासन का कहना है कि शहर को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए निगरानी और छापेमारी अभियान लगातार जारी रहेंगे।

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रायगढ़ में बकाया किराया न चुकाने पर निगम की कार्रवाई, कबीर चौक की दुकान सील

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ शहर में बकाया कर और किराया नहीं चुकाने वाले दुकानदारों के खिलाफ नगर निगम ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में कबीर चौक स्थित एक दुकान को निगम की राजस्व टीम ने सील कर दिया। निगम अधिकारियों के अनुसार दुकान संचालक पर करीब 87 हजार रुपये से अधिक का किराया बकाया था। कई बार नोटिस जारी कर भुगतान करने को कहा गया, लेकिन राशि जमा नहीं होने पर यह कार्रवाई की गई। राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नियमानुसार दुकान को बंद कर सील कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि शहर के अन्य बड़े बकायादारों की भी पहचान की जा रही है और जरूरत पड़ने पर उनके खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से नगर निगम ने टैक्स वसूली अभियान तेज कर दिया है। नागरिकों की सुविधा के लिए अब छुट्टी के दिनों में भी राजस्व कार्यालय खुला रहेगा, जहां लोग संपत्ति कर, जलकर, यूजर चार्ज, दुकान किराया समेत अन्य देय राशि जमा कर सकेंगे। महापौर ने भी नागरिकों से अपील की है कि वे समय पर करों का भुगतान करें, ताकि शहर के विकास कार्य बाधित न हों। निगम कमिश्नर ने चेतावनी दी है कि बकाया नहीं चुकाने वालों के खिलाफ आगे भी सीलिंग और अन्य कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

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