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​14 मार्च 2025 की रात दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश यशवंत वर्मा के लुटियंस दिल्ली स्थित सरकारी आवास में आग लगने की घटना ने न्यायपालिका और जनता के बीच गंभीर चर्चा का विषय उत्पन्न किया है।

​14 मार्च 2025 की रात दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश यशवंत वर्मा के लुटियंस दिल्ली स्थित सरकारी आवास में आग लगने की घटना ने न्यायपालिका और जनता के बीच गंभीर चर्चा का विषय उत्पन्न किया है। आग बुझाने के दौरान कथित तौर पर बड़ी मात्रा में अधजली नकदी मिलने की खबरें सामने आईं, जिसने इस मामले को और भी संवेदनशील बना दिया। घटना का विवरण: रात लगभग 11:35 बजे, न्यायमूर्ति वर्मा के आवास के स्टोर रूम में आग लगने की सूचना मिली। दमकल विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आग पर 15 मिनट में काबू पा लिया, और कोई हताहत नहीं हुआ। हालांकि, इस दौरान स्टोर रूम में अधजली नकदी की बोरियां मिलने की खबरें मीडिया में प्रसारित हुईं। दिल्ली फायर सर्विस के प्रमुख अतुल गर्ग ने पहले इन दावों को खारिज किया था, लेकिन बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया था। ​ सुप्रीम कोर्ट की प्रतिक्रिया: मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए तीन सदस्यीय आंतरिक समिति का गठन किया है, जिसमें पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश शील नागू, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और कर्नाटक उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति अनु शिवरामन शामिल हैं। यह समिति आग लगने की घटना, नकदी की बरामदगी और संबंधित परिस्थितियों की जांच करेगी। ​ न्यायिक कार्यों से हटाए गए न्यायमूर्ति वर्मा: जांच के मद्देनजर, दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने न्यायमूर्ति वर्मा से सभी न्यायिक कार्य तत्काल प्रभाव से वापस ले लिए हैं। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार लिया गया है, जिससे न्यायपालिका की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। जांच की दिशा: जांच समिति निम्नलिखित पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करेगी:​ न्यायमूर्ति वर्मा का पक्ष: न्यायमूर्ति वर्मा ने स्वयं को निर्दोष बताते हुए कहा है कि उन्हें फंसाने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके। ​ निष्कर्ष: यह घटना न्यायपालिका की विश्वसनीयता और पारदर्शिता के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा है। सुप्रीम कोर्ट और संबंधित अधिकारियों द्वारा की जा रही जांच से उम्मीद है कि सच्चाई सामने आएगी, जिससे न्याय प्रणाली में जनता का विश्वास बना रहे।

​14 मार्च 2025 की रात दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश यशवंत वर्मा के लुटियंस दिल्ली स्थित सरकारी आवास में आग लगने की घटना ने न्यायपालिका और जनता के बीच गंभीर चर्चा का विषय उत्पन्न किया है। Read Post »

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के रायपुर आगमन से पूर्व, उनके निर्धारित मार्ग पर एक गंभीर सड़क हादसा हुआ।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के रायपुर आगमन से पूर्व, उनके निर्धारित मार्ग पर एक गंभीर सड़क हादसा हुआ। रायपुर के रिंग रोड नंबर 3 पर, मंदिर हसौद थाना क्षेत्र में, सुबह लगभग 5 बजे रेत से भरे डंपर और पेंट लदे ट्रक की आमने-सामने टक्कर हो गई, जिससे ट्रक पलट गया और सड़क पर पेंट फैल गया, जिससे फिसलन का खतरा बढ़ गया। ​ हादसे में डंपर के चालक और खलासी को चोटें आईं। यातायात पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए रिंग रोड नंबर 3 के एक हिस्से को आम यातायात के लिए बंद कर दिया और राष्ट्रपति के काफिले के मार्ग को सुरक्षित किया। सड़क से पेंट हटाने और फिसलन कम करने के लिए सफाई कार्य तेजी से किया गया। ​ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह में भाग लेने के लिए रायपुर पहुंचीं। स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे पर राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट पर छत्तीसगढ़ी कलाकारों ने सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किया। राष्ट्रपति के दौरे के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने यातायात नियंत्रण, पार्किंग व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को लेकर व्यापक तैयारियां की थीं। रविवार को पुलिस ने रिहर्सल भी की थी ताकि राष्ट्रपति का दौरा सुचारु रूप से संपन्न हो सके। इस घटना ने प्रशासन की तत्परता और सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता को उजागर किया। सड़क हादसे के बावजूद, अधिकारियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए राष्ट्रपति के काफिले के मार्ग को सुरक्षित किया और उनके कार्यक्रम को बिना किसी बाधा के संपन्न होने में सहायता की।

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​छत्तीसगढ़ की रायपुर सेंट्रल जेल ने शिक्षा के माध्यम से कैदियों के पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। यहां कक्षा 1 से स्नातकोत्तर (पीजी) स्तर तक की पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध है, जिसमें वर्तमान में 291 कैदी नियमित रूप से अध्ययनरत हैं।

​छत्तीसगढ़ की रायपुर सेंट्रल जेल ने शिक्षा के माध्यम से कैदियों के पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। यहां कक्षा 1 से स्नातकोत्तर (पीजी) स्तर तक की पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध है, जिसमें वर्तमान में 291 कैदी नियमित रूप से अध्ययनरत हैं। ​ इन सभी कक्षाओं की परीक्षाओं के लिए संबंधित शिक्षा संस्थानों, बोर्डों और विश्वविद्यालयों ने रायपुर सेंट्रल जेल को स्थायी परीक्षा केंद्र के रूप में मान्यता प्रदान की है। जेल में उपलब्ध पुस्तकालय में लगभग 11,663 पुस्तकें रखी गई हैं, जो विभिन्न पाठ्यक्रमों से संबंधित हैं। ​ जेल प्रशासन का मानना है कि शिक्षा के माध्यम से कैदियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है, जिससे उनकी पुनर्वास प्रक्रिया में सहायता मिलेगी। जेल में साक्षरता कार्यक्रम के तहत 39 बंदी परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं, जबकि प्राथमिक और माध्यमिक कक्षाओं में 72 से अधिक कैदी पढ़ाई कर रहे हैं। स्नातक (बीए) और स्नातकोत्तर (एमए) कार्यक्रमों में 100 से अधिक कैदी अध्ययनरत हैं। ​ इसके अलावा, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के विभिन्न पाठ्यक्रमों में भी कई कैदी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। जेल में शिक्षकों के अलावा विभिन्न महाविद्यालयों के प्राध्यापक और विषय विशेषज्ञ भी कैदियों का मार्गदर्शन करते हैं। प्रत्येक बैरक में कैदियों को शिक्षा देने के लिए दो-दो कैदियों को सांकेतिक साक्षरता सेना के रूप में नियुक्त किया गया है। इन प्रयासों से रायपुर सेंट्रल जेल ने शिक्षा के माध्यम से कैदियों के जीवन में सुधार लाने की दिशा में एक मिसाल कायम की है, जो अन्य जेलों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है।

​छत्तीसगढ़ की रायपुर सेंट्रल जेल ने शिक्षा के माध्यम से कैदियों के पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। यहां कक्षा 1 से स्नातकोत्तर (पीजी) स्तर तक की पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध है, जिसमें वर्तमान में 291 कैदी नियमित रूप से अध्ययनरत हैं। Read Post »

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​रिपलिंग (Rippling) के सह-संस्थापक प्रसन्ना संकर और उनकी पत्नी धिव्या के बीच तलाक और बच्चे की कस्टडी को लेकर विवाद चल रहा है।

​रिपलिंग (Rippling) के सह-संस्थापक प्रसन्ना संकर और उनकी पत्नी धिव्या के बीच तलाक और बच्चे की कस्टडी को लेकर विवाद चल रहा है। संकर का आरोप है कि धिव्या ने उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाए, जिनमें मारपीट और बलात्कार शामिल हैं, जिन्हें सिंगापुर की पुलिस ने जांच के बाद निराधार पाया। उनका यह भी दावा है कि धिव्या ने उनके नौ वर्षीय बेटे को अमेरिका ले जाकर अपहरण किया, जिसके चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय बाल अपहरण का मामला दर्ज कराया। अमेरिकी अदालत ने उनके पक्ष में निर्णय दिया, जिसके परिणामस्वरूप एक समझौता हुआ, जिसमें संयुक्त अभिरक्षा और वित्तीय सहायता की शर्तें तय की गईं।​ संकर का कहना है कि धिव्या ने बाद में इस समझौते का पालन नहीं किया, जिससे और कानूनी विवाद उत्पन्न हुए। वे चेन्नई पुलिस पर उत्पीड़न और ₹25 लाख की रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हैं, यह राशि उनके मित्र गोकुल की रिहाई के लिए मांगी गई थी, जिन्हें बिना किसी औपचारिक आरोप के हिरासत में लिया गया था। दूसरी ओर, धिव्या इन आरोपों को खारिज करते हुए संकर पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाती हैं, जिसमें महिलाओं की गुप्त रूप से रिकॉर्डिंग करना शामिल है, जिसके कारण कथित तौर पर सिंगापुर में उनकी गिरफ्तारी हुई थी। वह यह भी दावा करती हैं कि संकर ने वैवाहिक संपत्तियों को कर चोरी के उद्देश्य से स्थानांतरित किया और चिंता व्यक्त करती हैं कि वह उनके बेटे का अपहरण कर सकते हैं, क्योंकि उनके पास बच्चे का पासपोर्ट है।​ चेन्नई पुलिस ने संकर के उत्पीड़न और रिश्वत के आरोपों को खारिज किया है, यह कहते हुए कि वे धिव्या की शिकायत के आधार पर एक वैध जांच कर रहे हैं।​ यह मामला हाई-प्रोफाइल तलाक और कस्टडी विवादों में उत्पन्न होने वाली जटिलताओं और गंभीर आरोपों को उजागर करता है, जिसमें दुर्व्यवहार, अंतरराष्ट्रीय न्यायालयों में कानूनी विवाद, और पुलिस भ्रष्टाचार के दावे शामिल हैं।

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​पंजाब के विवादित पादरी बजिंदर सिंह का एक सीसीटीवी वीडियो हाल ही में सामने आया है, जिसमें वह अपने कार्यालय में एक महिला और अन्य व्यक्तियों के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो फरवरी 2025 का बताया जा रहा है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों में आक्रोश फैला रहा है।

करीब छह मिनट के इस वीडियो में देखा जा सकता है कि बजिंदर सिंह अपने कार्यालय में बैठे हैं, जहां कुछ महिलाएं और पुरुष मौजूद हैं। वीडियो की शुरुआत में, वह गुस्से में एक व्यक्ति पर मोबाइल फोन फेंकते हैं और फिर उसे थप्पड़ मारते हैं। इसके बाद, वह एक महिला पर कागजों का पुलिंदा फेंकते हैं और उसके साथ धक्का-मुक्की करते हैं। महिला अपने बच्चे के साथ वहां आई थी, लेकिन बजिंदर सिंह ने उसकी परवाह किए बिना उसके साथ मारपीट की। ​ यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब बजिंदर सिंह पहले से ही यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे हैं। हाल ही में, कपूरथला पुलिस ने 22 वर्षीय महिला की शिकायत पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था। महिला का आरोप है कि जब वह 17 साल की थी, तब पादरी ने उसे गलत तरीके से छुआ और शादी के लिए दबाव डाला। इसके अलावा, मोहाली की एक अदालत ने 2018 के एक अन्य यौन उत्पीड़न मामले में बजिंदर सिंह के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। बजिंदर सिंह पहले भी विवादों में रहे हैं। उन पर 2018 में एक महिला ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा, 2022 में उन पर एक परिवार से उनकी बेटी के इलाज के लिए पैसे लेने का आरोप लगा था, जो बाद में मृत्यु को प्राप्त हुई। आयकर विभाग ने भी 2023 में उनके परिसरों पर छापेमारी की थी। इन सब विवादों के बावजूद, बजिंदर सिंह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और उनके यूट्यूब चैनल “प्रॉफेट बजिंदर सिंह” के लाखों सब्सक्राइबर हैं। उनके प्रवचनों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं, भारत और विदेशों में भी। ​ हालांकि, ताजपुर चर्च के पादरी बजिंदर सिंह ने इन आरोपों को साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि अन्य पादरियों ने उनके खिलाफ साजिश रची है। ​ इस हालिया वीडियो के सामने आने के बाद, लोगों में आक्रोश है और वे पादरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हालांकि, इस मामले में पुलिस या पादरी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। ​

​पंजाब के विवादित पादरी बजिंदर सिंह का एक सीसीटीवी वीडियो हाल ही में सामने आया है, जिसमें वह अपने कार्यालय में एक महिला और अन्य व्यक्तियों के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो फरवरी 2025 का बताया जा रहा है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों में आक्रोश फैला रहा है। Read Post »

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​मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड में आरोपी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला वर्तमान में जेल में गंभीर नशा मुक्ति लक्षणों से जूझ रहे हैं। जेल अधिकारियों के अनुसार, दोनों की बेचैनी और अस्वस्थता का मुख्य कारण नशे की लत से अचानक दूरी है।

​मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड में आरोपी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला वर्तमान में जेल में गंभीर नशा मुक्ति लक्षणों से जूझ रहे हैं। जेल अधिकारियों के अनुसार, दोनों की बेचैनी और अस्वस्थता का मुख्य कारण नशे की लत से अचानक दूरी है। ​ दोनों आरोपियों को 19 मार्च को मेरठ की चौधरी चरण सिंह जिला जेल में लाया गया था। जेल में आने के बाद से ही उनकी हालत बिगड़ने लगी। जेल सूत्रों के अनुसार, मुस्कान और साहिल रातों को सो नहीं पा रहे हैं और खाने-पीने से भी इनकार कर रहे हैं। उनकी बेचैनी और घबराहट नशा न मिलने के कारण है। ​ जेल प्रशासन ने उनकी स्थिति को देखते हुए चिकित्सकीय सहायता प्रदान की है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि दोनों को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है और उनकी काउंसलिंग भी की जा रही है। इसके अलावा, मुस्कान का प्रेग्नेंसी टेस्ट भी कराया जाएगा। ​ गौरतलब है कि मुस्कान और साहिल पर सौरभ राजपूत की हत्या का आरोप है। आरोप है कि उन्होंने सौरभ की हत्या कर उसके शव के टुकड़े कर सीमेंट से भरे ड्रम में छिपा दिया था। हत्या के बाद दोनों हिमाचल प्रदेश घूमने चले गए थे। ​ जेल में उनकी वर्तमान स्थिति को देखते हुए, जेल प्रशासन ने विशेष ध्यान दिया है ताकि उनकी सेहत और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। दोनों को अलग-अलग बैरकों में रखा गया है और उनकी कड़ी निगरानी की जा रही है। ​ यह मामला न केवल अपराध की गंभीरता को दर्शाता है, बल्कि नशे की लत के खतरों और उसके परिणामों पर भी प्रकाश डालता है। जेल प्रशासन द्वारा उठाए गए कदम सराहनीय हैं, जो आरोपियों की सेहत और पुनर्वास के लिए आवश्यक हैं।

​मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड में आरोपी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला वर्तमान में जेल में गंभीर नशा मुक्ति लक्षणों से जूझ रहे हैं। जेल अधिकारियों के अनुसार, दोनों की बेचैनी और अस्वस्थता का मुख्य कारण नशे की लत से अचानक दूरी है। Read Post »

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​बेंगलुरु में शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश ने शहर में व्यापक अव्यवस्था फैला दी।

​बेंगलुरु में शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश ने शहर में व्यापक अव्यवस्था फैला दी। बारिश के साथ तेज़ हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिर गए, जिससे यातायात बाधित हुआ और जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई। दुर्भाग्यवश, पूर्वी बेंगलुरु में एक पेड़ गिरने से तीन वर्षीय बच्ची की मृत्यु हो गई। ​ भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, शहर में 3.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि उत्तरी बेंगलुरु में 53 मिमी तक वर्षा हुई। इस भारी बारिश के कारण हंसमरनहल्ली में जलभराव से यातायात प्रभावित हुआ, जिससे केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर जाने वाले मार्ग पर गंभीर जाम लग गया। ​ खराब मौसम के चलते कम से कम 19 उड़ानों को अन्य गंतव्यों की ओर मोड़ना पड़ा, जिनमें से 10 उड़ानें चेन्नई की ओर डायवर्ट की गईं। इनमें 11 इंडिगो, 4 एयर इंडिया एक्सप्रेस, 2 अकासा और 2 एयर इंडिया की उड़ानें शामिल थीं। ​ हेलस्टॉर्म की घटनाएँ भी सामने आईं, विशेष रूप से बेंगलुरु ग्रामीण जिले के होसकोटे में, जहाँ ओले गिरने से फसलों और संपत्ति को नुकसान पहुँचा। बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति में अस्थायी व्यवधान भी देखा गया। ​ बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस ने नागवारा-हेब्बल मार्ग पर जलभराव के कारण गंभीर यातायात जाम की चेतावनी जारी की और यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी। IMD ने 22 और 23 मार्च को बेंगलुरु और आसपास के जिलों में हल्की बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना जताई थी। इसके अलावा, दक्षिण कन्नड़, चिक्कमगलुरु, मैसूरु, कोडागु, हासन, चामराजनगर, बीदर, कलबुर्गी, यादगीर, विजयपुरा और रायचूर में भी इसी तरह के मौसम की संभावना है। इस अप्रत्याशित बारिश ने शहरवासियों को गर्मी से राहत दी, लेकिन साथ ही अवसंरचना और नागरिक सेवाओं पर दबाव भी डाला। नगर निगम और संबंधित एजेंसियाँ स्थिति को सामान्य करने के लिए सक्रिय रूप से कार्यरत हैं।

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जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में रविवार, 23 मार्च 2025 की शाम, सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच एक मुठभेड़ शुरू हुई। यह मुठभेड़ हीरानगर सेक्टर के सान्याल गांव में हुई, जो अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित है

मुठभेड़ तब शुरू हुई जब सुरक्षा बलों को इलाके में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली। एक स्थानीय दंपति, जो खेतों में काम कर रहा था, ने चार से पांच संदिग्ध बंदूकधारियों को देखा और तुरंत इसकी जानकारी सुरक्षा बलों को दी। इसके बाद, सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (SOG), और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के संयुक्त दल ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी अभियान के दौरान, छिपे हुए आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे मुठभेड़ शुरू हो गई। सूत्रों के अनुसार, दो से तीन आतंकवादी सुरक्षा बलों के घेरे में फंसे हुए हैं, और दोनों पक्षों के बीच रुक-रुक कर गोलीबारी हो रही है। ​ इलाके के सभी रास्तों को बंद कर दिया गया है, और अतिरिक्त सुरक्षा बलों को मौके पर भेजा गया है। आसपास के सुरक्षा शिविरों से अतिरिक्त बल बुलाए गए हैं, और इलाके की कड़ी घेराबंदी की गई है। ड्रोन सहित आधुनिक उपकरणों का उपयोग करके इलाके में कड़ी निगरानी रखी जा रही है। ​ यह घटना कठुआ जिले में हाल ही में हुई अन्य आतंकवादी गतिविधियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। 5 मार्च को, कठुआ के बनी इलाके में तीन नागरिकों की निर्मम हत्या कर दी गई थी, जिसमें एक 14 वर्षीय लड़का भी शामिल था। इस घटना के बाद, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने 9 मार्च को जम्मू का दौरा किया और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। ​ कठुआ जिला भारत और पाकिस्तान के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित है, और पहले भी आतंकवादी इस सीमा से भारतीय क्षेत्र में घुसने की कोशिश करते रहे हैं। हाल के महीनों में, जम्मू क्षेत्र में आतंकवादी गतिविधियों में वृद्धि देखी गई है, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है। ​ वर्तमान मुठभेड़ में, सुरक्षा बल आतंकवादियों को पकड़ने के लिए प्रयासरत हैं, और इलाके में तलाशी अभियान जारी है। स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने और सुरक्षा बलों के साथ सहयोग करने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने कहा है कि मुठभेड़ समाप्त होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में रविवार, 23 मार्च 2025 की शाम, सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच एक मुठभेड़ शुरू हुई। यह मुठभेड़ हीरानगर सेक्टर के सान्याल गांव में हुई, जो अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित है Read Post »

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दिल्ली: पार्किंग विवाद में चाकूबाजी, 1 की मौत, कई घायल

नई दिल्ली, 23 मार्च – उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के भारत नगर इलाके में पार्किंग को लेकर शुरू हुआ विवाद रविवार को खूनी संघर्ष में बदल गया। इस झगड़े में चाकू और डंडों का इस्तेमाल हुआ, जिसमें 50 वर्षीय राधेश्याम की मौत हो गई और कई लोग घायल हो कैसे शुरू हुआ विवाद? मामला रविवार शाम का है जब एक 8 साल का बच्चा अपने पड़ोसी राधेश्याम की स्कूटी पर बैठ गया। यह बात जमाल नाम के व्यक्ति और उसके परिवार को नागवार गुजरी और उन्होंने बच्चे को डांट दिया। इसके बाद दोनों परिवारों के बीच बहस शुरू हो गई, जो जल्द ही झगड़े में तब्दील हो गई। झगड़ा हुआ हिंसक, चलीं चाकू और डंडे बात इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर हमला करने लगे। जमाल के परिवार के एक सदस्य ने गुस्से में आकर राधेश्याम पर चाकू से वार कर दिया। चाकू लगते ही राधेश्याम लहूलुहान होकर गिर पड़े और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। कई लोग घायल, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा इस हिंसक झड़प में राधेश्याम के दोनों बेटे, जमाल और उसके परिवार के सदस्य इरशाद समेत कई लोग घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया, जिसे देखते हुए पुलिस ने मौके पर सुरक्षा बढ़ा दी। पुलिस ने हत्या और मारपीट की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने सांप्रदायिक तनाव की अफवाहों को नकारा डीसीपी भीष्म सिंह ने बयान जारी कर कहा कि यह मामला किसी भी तरह से सांप्रदायिक नहीं है, बल्कि यह एक आपसी झगड़ा था, जो गुस्से में हिंसक रूप ले गया। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों की गवाही के आधार पर जांच कर रही है। स्थानीय लोग डरे, पुलिस ने की शांति बनाए रखने की अपील घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है, लेकिन पुलिस लगातार लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रही है। पुलिस का कहना है कि दोषियों को जल्द ही गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े दो केस CBI ने किए बंद, नहीं मिला कोई ठोस सबूत

नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े दो मामलों को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बंद कर दिया है। जांच एजेंसी ने अपनी क्लोजर रिपोर्ट मुंबई की एक अदालत में दाखिल कर दी, जिसमें कहा गया है कि सुशांत की मौत में किसी भी तरह की साजिश या आपराधिक षड्यंत्र के सबूत नहीं मिले हैं। क्या था मामला? 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत अपने बांद्रा स्थित फ्लैट में मृत पाए गए थे। इस घटना ने पूरे देश में सनसनी फैला दी थी और मामले की जांच मुंबई पुलिस, ईडी, एनसीबी और आखिरकार सीबीआई तक पहुंची। कूपर अस्पताल में किए गए पोस्टमार्टम में मौत का कारण एस्फिक्सिया (दम घुटना) बताया गया था। सुशांत के पिता के.के. सिंह ने पटना में एक एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती और अन्य लोगों पर आत्महत्या के लिए उकसाने, आर्थिक धोखाधड़ी और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए गए थे। इसके जवाब में रिया चक्रवर्ती ने मुंबई में एक काउंटर शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें सुशांत की बहनों पर फर्जी मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन लेने का आरोप लगाया गया। CBI ने दाखिल की क्लोजर रिपोर्ट अगस्त 2020 में सीबीआई ने यह मामला अपने हाथ में लिया और कई वर्षों तक जांच जारी रखी। हालांकि, अब सीबीआई ने दोनों मामलों में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि जांच में सुशांत की मौत से जुड़ी कोई साजिश या अपराध सामने नहीं आया। परिवार की प्रतिक्रिया सुशांत सिंह राजपूत के पिता के.के. सिंह ने सीबीआई की जांच पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि एजेंसी ने समय पर अपना काम नहीं किया। उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि अदालत से जो भी फैसला आएगा, वह सही होगा और जल्द ही सच्चाई सामने आएगी।” उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि शिवसेना (UBT) विधायक आदित्य ठाकरे का नाम मीडिया में इस मामले से जोड़ा गया था, लेकिन कहा कि “हमने भी मीडिया रिपोर्ट्स सुनीं, लेकिन सच क्या है, यह कोर्ट तय करेगा। हम इतना कह सकते हैं कि सुशांत सिंह ने आत्महत्या नहीं की होगी।” आगे की कानूनी प्रक्रिया अब यह देखना होगा कि अदालत CBI की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार करती है या नहीं। सुशांत के परिवार और उनके प्रशंसक अभी भी न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

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