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नवा रायपुर में बनेगी देश की प्रथम श्रेणी की तीरंदाजी अकादमी, खिलाड़ियों को मिलेगा विश्वस्तरीय प्रशिक्षण

छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर के अटल नगर में जल्द ही एक अत्याधुनिक राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी स्थापित होने जा रही है। यह अकादमी देश के युवा तीरंदाजों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रशिक्षण सुविधाएं प्रदान करेगी। प्रमुख विशेषताएं: सुविधाएं: इस परियोजना को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन और आवास मंत्री ओपी चौधरी के निर्देशन में क्रियान्वित किया जा रहा है। अकादमी के निर्माण के लिए भूमि 90 वर्षों की लीज पर प्रदान की जाएगी। यह अकादमी नवा रायपुर को खेल नक्शे पर एक नई पहचान देगी और देश के प्रतिभाशाली तीरंदाजों को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगी। यह छत्तीसगढ़ सरकार की खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वाकांक्षी पहल है।

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राजनांदगांव: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह का दौरा, विकास योजनाओं और सुरक्षा मुद्दों पर जोर…

राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज अपने एक दिवसीय दौरे पर राजनांदगांव पहुंचे, जहां उन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया और स्थानीय मुद्दों पर चर्चा की। प्रमुख बिंदु: मुख्यमंत्री की योजनाओं का समर्थन: डॉ. सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ग्रामीण विकास और प्रशासनिक सुधारों को लेकर एक बड़ी योजना पर काम कर रहे हैं। इसके तहत: इस दौरान उन्होंने स्थानीय प्रशासन से अपील की कि वे जनता की समस्याओं को गंभीरता से लें और त्वरित न्याय सुनिश्चित करें।

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छत्तीसगढ़: आज भाजपा की मैराथन बैठक, संगठन मंत्री शिवप्रकाश करेंगे पदाधिकारियों के साथ चर्चा…..

रायपुर: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिवप्रकाश आज (9 अप्रैल) को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक मैराथन बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में पार्टी पदाधिकारियों, निगम-मंडलों के प्रमुखों और नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों सहित विभिन्न स्तर के नेताओं के साथ चर्चा होगी। बैठकों का कार्यक्रम भाजपा प्रदेश महामंत्री जगदीश (रामू) रोहरा ने बताया कि: मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा सूत्रों के अनुसार, इन बैठकों के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंत्रिमंडल का विस्तार किया जा सकता है। संभावना है कि दो से तीन नए मंत्रियों को शामिल किया जाएगा। चर्चा में शामिल प्रमुख नाम हैं: हरियाणा मॉडल पर विचार छत्तीसगढ़ में हरियाणा की तर्ज पर मंत्रिमंडल का विस्तार किया जा सकता है। हरियाणा में 90 विधायकों में 14 मंत्री हैं, जबकि छत्तीसगढ़ में अभी मुख्यमंत्री सहित 11 मंत्री हैं। नियमानुसार, 90 विधायकों वाले राज्य में अधिकतम 14 मंत्री हो सकते हैं। क्षेत्रीय और जातिगत समीकरण वर्तमान मंत्रिमंडल में सरगुजा संभाग का प्रभुत्व है, जबकि रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग से केवल एक-एक मंत्री हैं। इसलिए, नए मंत्रियों का चयन क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरण को ध्यान में रखकर किया जा सकता है। पृष्ठभूमि गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव जीतने के बाद शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद से मंत्रिमंडल में 11 सदस्य ही कार्यरत हैं। अब जल्द ही नए मंत्रियों की घोषणा होने की संभावना है।

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उत्तरी क्षेत्रों में बारिश-गरज की संभावना, जबकि देश के अधिकांश हिस्सों में नमी बनी रहेगी

महाराष्ट्र निर्माण कार्यों में एम-सैंड को बढ़ावा देगा, प्राकृतिक रेत की कमी को दूर करने के लिए तीन साल में अनिवार्य किया जाएगा मुंबई: प्राकृतिक या नदी रेत की कमी से निपटने के लिए राज्य सरकार ने कृत्रिम रेत (एम-सैंड) को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। अगले तीन वर्षों में राज्य सरकार द्वारा किए जाने वाले सभी निर्माण कार्यों में एम-सैंड के उपयोग को अनिवार्य बनाकर इसे प्रोत्साहित किया जाएगा। इस नीति को अगले सप्ताह होने वाली राज्य कैबिनेट बैठक में मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। एम-सैंड एक कृत्रिम रेत है जो कठोर चट्टानों (आमतौर पर ग्रेनाइट) को कुचलकर बनाई जाती है। इसे निर्माण कार्यों में नदी रेत के स्थायी विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने पुष्टि की, “प्राकृतिक रेत के पर्यावरणीय महत्व और इसकी कमी को देखते हुए कृत्रिम रेत को बढ़ावा दिया जाएगा। शुरुआत में विभिन्न सरकारी और अर्ध-सरकारी निर्माण परियोजनाओं में 20% कृत्रिम रेत के उपयोग को अनिवार्य किया जाएगा। अगले तीन वर्षों में इन सभी निर्माण कार्यों में कृत्रिम रेत का उपयोग अनिवार्य हो जाएगा।” उन्होंने बताया कि सरकार प्रत्येक जिले में 50 से 60 क्रशर इकाइयों की स्थापना की अनुमति देगी, जो एम-सैंड का उत्पादन करेंगी। इन इकाइयों को उद्योग का दर्जा दिया जाएगा और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) के सभी लाभ प्रदान किए जाएंगे। बावनकुले ने स्पष्ट किया कि सरकार पत्थर खदानों को हटाने की योजना नहीं बना रही है। उन्होंने समझाया, “यदि हम एक चट्टानी इलाके को खोदकर गहरा करते हैं, तो एक तालाब बनाया जा सकता है और साथ ही, निकले हुए पत्थरों को क्रशर की मदद से एम-सैंड बनाने में उपयोग किया जा सकता है।” राज्य सरकार को उम्मीद है कि यह नीति न केवल रेत की कमी को दूर करने में मदद करेगी, बल्कि रेत माफिया के खतरे को भी कम करेगी, जो अवैध रेत खनन में शामिल है और पर्यावरण, जल सुरक्षा तथा उन लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करता है जो उन्हें रोकने की कोशिश करते हैं। यह माफिया अक्सर राजनेताओं, प्रशासन और रेत खननकर्ताओं के गठजोड़ के माध्यम से काम करती है। यह पहली बार नहीं है जब राज्य सरकार रेत नीति ला रही है। पिछले चार वर्षों में उसने दो रेत नीतियां पेश की थीं, लेकिन वे वांछित परिणाम नहीं दे पाईं। मंगलवार को, उसने रेत खनन के लिए तीसरी नीति पेश की, जो नदी तल की रेत के लिए जिले के प्रत्येक उप-विभागीय अधिकारी के क्षेत्राधिकार में सभी रेत समूहों के लिए एकल ई-नीलामी की सुविधा प्रदान करती है। यह ई-नीलामी दो वर्षों के लिए होगी। इसी तरह, ज्वारीय क्षेत्रों में रेत समूहों के लिए, महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड (MMB) द्वारा निर्धारित विनिर्देशों के अनुसार ई-नीलामी प्रक्रियाएं आयोजित की जाएंगी। इन समूहों के लिए नीलामी की अवधि तीन वर्ष होगी।

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छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने किया मौन विरोध, गृहमंत्री के इस्तीफे की मांग

रायपुर: छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और हाल ही में हुई दर्दनाक घटनाओं के विरोध में मौन प्रदर्शन किया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का पुतला जलाया और गृहमंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की। मासूम बच्ची को श्रद्धांजलि, काले झंडे से विरोध राजधानी के गांधी मैदान स्थित कांग्रेस भवन के सामने कार्यकर्ताओं ने दुर्ग जिले में एक 6 वर्षीय बच्ची के साथ हुई दरिंदगी और हत्या के विरोध में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। प्रदर्शनकारियों ने मुंह पर काली पट्टी बांधकर सरकार को जिम्मेदार ठहराया। “भाजपा सरकार में बिगड़ी कानून-व्यवस्था” जिला कांग्रेस के शहर अध्यक्ष गिरीश दुबे ने कहा, “भाजपा सरकार आने के बाद से राज्य में अपराध बढ़ते जा रहे हैं। दुर्ग की मासूम बच्ची की हत्या, गरियाबंद में आदिवासी युवक की पुलिसिया प्रताड़ना और फिंगेश्वर में नाबालिग के साथ यातनाएं—ये सब नशा माफिया और अराजक तत्वों के बढ़ते प्रभाव का नतीजा हैं। अगर गृहमंत्री पुलिस पर नियंत्रण नहीं रख सकते, तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।” बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी इस प्रदर्शन में प्रमुख कांग्रेस नेताओं सहित उधोराम वर्मा, मदन तालेड़ा, नीलिमा सिंह, मोहसिन खान और देवेंद्र यादव जैसे कार्यकर्ता शामिल हुए। पार्टी ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने कानून-व्यवस्था सुधारने में कोताही बरती, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। यह प्रदर्शन राज्य में बढ़ते अपराधों और पुलिसिया ज्यादतियों के खिलाफ कांग्रेस की बढ़ती आक्रामक रणनीति को दर्शाता है।

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छत्तीसगढ़ के गाँव का नाम बदलने की मांग: “हम सुंदर हैं, ‘चुड़ैल’ नहीं…”

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के चुड़ैलझरिया गाँव के लोगों ने अपने गाँव के नाम से होने वाली शर्मिंदगी और मज़ाक को अब सहन करने से इनकार कर दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि उनके गाँव का नाम बदलकर सुंदरझरिया कर दिया जाए। क्यों बदलना चाहते हैं नाम? पत्थलगाँव तहसील के अंतर्गत आने वाले इस गाँव के नाम में “चुड़ैल” शब्द होने के कारण लोगों को अक्सर ताने सुनने पड़ते हैं। विशेषकर गाँव की बेटियों को शादी के बाद दूसरे गाँवों में “चुड़ैलझरिया वाली” कहकर चिढ़ाया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यह नाम उनकी पहचान को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। कैसे पड़ा यह डरावना नाम? स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, कई साल पहले इस इलाके के जंगलों से अजीबोगरीब आवाज़ें आती थीं, जिससे लोगों को लगा कि यहाँ चुड़ैलें रहती हैं। इसी अंधविश्वास के चलते गाँव का नाम चुड़ैलझरिया पड़ गया। हालाँकि, अब गाँव वाले इस पुरानी मानसिकता को छोड़कर एक नई पहचान चाहते हैं। “सुंदरझरिया” बनने की चाह गाँव के लोगों का कहना है कि उनका गाँव प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है, लेकिन उसका नाम उनकी छवि को धूमिल करता है। इसलिए वे चाहते हैं कि अब उनके गाँव को एक सुंदर और गौरवपूर्ण नाम मिले। यह मामला दिखाता है कि किसी स्थान का नाम वहाँ के निवासियों के आत्मसम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा को कैसे प्रभावित करता है। ग्रामीणों की यह मांग सिर्फ एक नाम बदलने तक ही सीमित नहीं, बल्कि अपनी पहचान को नए सिरे से गढ़ने की एक कोशिश है।

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गरियाबंद: पंचायत चुनाव हारने पर महिलाओं को गाली देने वाले युवक को महिलाओं ने ठोकर पीटकर सबक सिखाया

गरियाबंद (छत्तीसगढ़): इंदागांव थाना क्षेत्र के धुरुवागुड़ी गांव में एक युवक को महिलाओं ने सार्वजनिक रूप से जमकर पीटा। यह घटना तब हुई जब वह पंचायत चुनाव हारने के बाद विजयी महिला प्रत्याशी और उनके समर्थकों को लगातार गाली-गलौज कर रहा था। घटना की जानकारी: पुलिस की कार्रवाई: क्या कहती है पुलिस? इंदागांव थाना प्रभारी जितेंद्र विजयवार ने कहा कि मामला सुलझा लिया गया है, लेकिन युवक को चेतावनी दी गई है कि अगर वह फिर किसी को परेशान करेगा, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। निष्कर्ष: इस घटना से साफ है कि महिलाएँ अब गाली-गलौज और अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगी। समाज में ऐसे लोगों के खिलाफ एकजुट होकर सख्त जवाब दिया जाएगा।

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जांजगीर-चांपा जिले के जांजगीर-नैला नगर पालिका क्षेत्र में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। 

जांजगीर-चांपा जिले के जांजगीर-नैला नगर पालिका क्षेत्र में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। आठ साल पहले 35 करोड़ रुपये की जल आपूर्ति योजना बनाई गई थी, लेकिन आज भी नगरवासियों को पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। मुख्य बिंदु: योजना की विफलता:हसदेव नदी से पानी लाने के लिए बनाई गई योजना दो बार विफल हो चुकी है। पहली बार पाइपलाइन फटने के कारण और दूसरी बार ठेकेदार के काम छोड़कर भाग जाने से। विधायक ब्यास कश्यप ने इस मामले में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। नगरवासियों की पीड़ा:स्थानीय निवासी बताते हैं कि उन्हें प्रतिदिन पानी के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है। कई परिवारों को निजी टैंकर से महंगा पानी खरीदना पड़ रहा है। नगर पालिका प्रशासन ने ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कर दिया है, लेकिन समस्या का समाधान अभी तक नहीं निकल पाया है। राजनीतिक प्रतिक्रिया:विधायक ब्यास कश्यप ने इस मामले को विधानसभा में उठाया था, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उनका कहना है कि योजना के पैसों का सही उपयोग नहीं हुआ और भ्रष्टाचार के कारण जनता को पानी के लिए तरसना पड़ रहा है।

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छत्तीसगढ़ के नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस ने मंगलवार को मिशन अमृत 2.0 के कार्यान्वयन की समीक्षा करते हुए परियोजना में हुई देरी और लापरवाही पर गंभीर असंतोष व्यक्त किया। 

छत्तीसगढ़ के नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस ने मंगलवार को मिशन अमृत 2.0 के कार्यान्वयन की समीक्षा करते हुए परियोजना में हुई देरी और लापरवाही पर गंभीर असंतोष व्यक्त किया। राजधानी रायपुर में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को कड़ी फटकार लगाते हुए मानसून से पहले सभी लंबित कार्यों को पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए। इस अवसर पर सचिव ने बताया कि मिशन अमृत 2.0 के तहत प्रदेश के 36 नगरीय निकायों में पेयजल आपूर्ति से संबंधित महत्वाकांक्षी परियोजनाएं चल रही हैं, जिनमें से 29 को कार्यादेश जारी किया जा चुका है। हालांकि, जमीनी स्तर पर कार्य की गति निराशाजनक है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समयसीमा का पालन नहीं किया गया तो केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता प्राप्त करने में कठिनाई होगी, जिससे राज्य सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव पड़ेगा। डॉ. बसवराजु ने राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से मैदानी निरीक्षण करके कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति सुनिश्चित करें। साथ ही, उन्होंने निर्माण एजेंसियों को कुशल कार्यबल की तैनाती, तकनीकी डिजाइनों और सर्वेक्षण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि इस योजना को मार्च 2026 तक पूरा करना है और यह केंद्र व राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं में शामिल है। बैठक में यह भी उजागर हुआ कि जनवरी 2024 से अब तक परियोजना के लिए 300 करोड़ रुपये आवंटित किए जा चुके हैं, फिर भी कार्य प्रगति संतोषजनक नहीं है। सचिव ने इस संदर्भ में सभी हितधारकों से अधिक गंभीरता और जवाबदेही के साथ काम करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आगामी समीक्षा बैठक में भौतिक प्रगति और समयसीमा की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। इस कार्यक्रम में नोडल अधिकारियों, अभियंताओं और निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

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छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों में हुई सड़क दुर्घटनाओं ने एक युवक की जान ले ली, जबकि दंतेवाड़ा में 44 ग्रामीण जख्मी हो गए।

धमतरी में बाइक सवार युवक की मौत धमतरी में शनिवार देर रात अर्जुनी थाना क्षेत्र के दोनर बोरसी मार्ग पर एक बाइक सवार युवक की अज्ञात वाहन से टक्कर होने के बाद मौत हो गई। मृतक देवेंद्र साहू कोकड़ी गाँव का निवासी था, जबकि घायल कौशल सिवनी खुर्द गाँव का रहने वाला है। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद घायल को रक्तदान एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल ले जाया गया। मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। एएसपी मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि पुलिस मामले की जाँच कर रही है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। दंतेवाड़ा में वाहन दुर्घटना, 44 ग्रामीण घायल दंतेवाड़ा जिले के पालनार में एक वाहन दुर्घटना में 44 ग्रामीण घायल हो गए। ये सभी कुआकोंडा थाना क्षेत्र के पोटाली और समेली गाँव के निवासी थे, जो बस्तर पंडुम कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। रास्ते में वाहन के अनियंत्रित होने से यह हादसा हुआ। घटना की सूचना मिलते ही वन एवं प्रभारी मंत्री केदार कश्यप, बस्तर सांसद महेश कश्यप और विधायक चैतराम अटामी ने प्रशासन को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। घायलों को जिला अस्पताल दंतेवाड़ा में भर्ती कराया गया, जहाँ 32 लोगों का इलाज चल रहा है, जबकि गंभीर रूप से घायल 12 लोगों को बेहतर इलाज के लिए जगदलपुर के मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। कार्यक्रम के बाद सांसद महेश कश्यप और विधायक चैतराम अटामी ने जिला अस्पताल पहुँचकर घायलों का हालचाल जाना और उनके बेहतर इलाज के निर्देश दिए।

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