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रायपुर के औद्योगिक इलाकों में छापा: 7 नाबालिग बाल श्रमिक मुक्त, चार संस्थानों पर मामला दर्ज

राजधानी रायपुर के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में बाल श्रम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस और एनजीओ की संयुक्त टीम ने सात नाबालिग बच्चों को काम से मुक्त कराया है। उरला, सिलतरा और खमतराई स्थित कारखानों में छापेमारी कर इन बच्चों को रेस्क्यू किया गया, जहां उनसे उम्र से कहीं अधिक कठिन और जोखिम भरे काम कराए जा रहे थे। जांच के दौरान सामने आया कि बच्चों से भारी मशीनों और रसायनों के बीच वेल्डिंग, लोडिंग और पैकिंग जैसे काम कराए जा रहे थे। जिन संस्थानों पर कार्रवाई हुई, उनमें सोनी प्लाईवुड इंडस्ट्री, शैमरॉक ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड, इंद्राक्षी पाली प्लास्टर एलएलपी प्लांट तथा सन लॉजिस्टिक एंड डिस्ट्रीब्यूटर शामिल हैं। पुलिस ने कंपनी संचालकों के साथ एक ठेकेदार के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की है। शिकायतों के बाद हुई कार्रवाई एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन छत्तीसगढ़ (AVA) के अनुसार इन इलाकों में नाबालिगों से काम कराए जाने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। सूचना मिलने के बाद पुलिस के साथ संयुक्त टीम ने चार अलग-अलग स्थानों पर छापा मारा। कार्रवाई में उरला से तीन और खमतराई से चार बच्चों को मुक्त कराया गया। कुछ बच्चों से उद्योगों के अलावा बेकरी में भी काम कराया जा रहा था। मेडिकल जांच के बाद बाल गृह भेजे गए रेस्क्यू किए गए सभी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया और फिर उन्हें बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया। फिलहाल बच्चों को सुरक्षित बाल गृह में रखा गया है, जहां उनकी काउंसलिंग की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक बच्चों के परिवारों से संपर्क स्थापित किया जा रहा है और आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे। पहले भी सामने आ चुका है बड़ा मामला रायपुर में बाल मजदूरी का यह पहला मामला नहीं है। करीब पांच महीने पहले खरोरा स्थित मोजो मशरूम फैक्ट्री से 109 नाबालिगों को मुक्त कराया गया था। उस कार्रवाई में 68 लड़कियां और 41 लड़के शामिल थे। हालांकि उस मामले में अब तक ठोस कार्रवाई न होने की बात सामने आ रही है। प्रशासन का कहना है कि शहर को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए निगरानी और छापेमारी अभियान लगातार जारी रहेंगे।

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अफीम बीज सप्लायर जोधपुर से गिरफ्तार, दुर्ग पुलिस ने अवैध खेती मामले में चौथे आरोपी को पकड़ा

दुर्ग जिले में सामने आए अवैध अफीम खेती मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस मामले में पुलिस ने चौथे आरोपी को राजस्थान के जोधपुर से गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि अफीम की खेती के लिए बीज बाहर से मंगाए गए थे और आरोपी छोटू राम इन्हें उपलब्ध कराता था। पुलिस के अनुसार आरोपी घटना के बाद राजस्थान भाग गया था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपना मोबाइल फोन बंद रखकर छिपा हुआ था। 12 मार्च को पुलिस ने उसे जोधपुर से हिरासत में लिया। मामले में एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। इस केस में पुलिस पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें एक स्थानीय नेता समेत अन्य सहयोगी शामिल हैं। सभी आरोपियों को 7 मार्च को पकड़ा गया था और फिलहाल उनकी न्यायिक रिमांड समाप्त होने वाली है। पुलिस को आगे की पूछताछ के लिए दोबारा रिमांड की जरूरत पड़ सकती है। यह पूरा मामला पुलगांव थाना क्षेत्र के समोदा, झेनझरी और सिरसा गांवों के बीच स्थित खेतों से जुड़ा है, जहां 6 मार्च को सूचना मिलने पर पुलिस ने छापा मारा था। जांच में मक्का की फसल के बीच छिपाकर अफीम के पौधे लगाए गए मिले। पुलिस ने करीब 5 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैली फसल को जब्त किया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 8 करोड़ रुपये बताई गई। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से नकद राशि और मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। पुलिस इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है। इससे पहले की कार्रवाई में खेती में उपयोग किए गए ट्रैक्टर, जेसीबी, मोटरसाइकिल और अन्य उपकरण भी जब्त किए जा चुके हैं, जिनकी कुल कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच जारी है और फरार आरोपियों को जल्द पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

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रायपुर में ड्रिंक एंड ड्राइव पर सख्ती, 3 महीने में 949 चालकों पर कार्रवाई

राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट लागू होने के बाद शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है। शहर के विभिन्न इलाकों में यातायात पुलिस द्वारा नियमित चेकिंग की जा रही है, जिसके तहत जनवरी से मार्च के बीच अब तक 949 चालकों पर कार्रवाई की गई है। आंकड़ों के अनुसार जनवरी में 130, फरवरी में 279 और मार्च में अब तक 540 लोगों को नशे की हालत में वाहन चलाते पकड़ा गया। पुलिस का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और यातायात को सुरक्षित बनाने के लिए यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। हाल ही में 11 मार्च की रात फुंडहर चौक, टेमरी चौक, ऊर्जा पार्क रोड, ऐश्वर्या बाजार और विधानसभा रोड सहित कई स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान 58 चालक शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए, जिनके खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक रायपुर में हर साल ड्रिंक एंड ड्राइव के कारण बड़ी संख्या में सड़क हादसे होते हैं। अनुमान है कि प्रतिवर्ष 1800 से 2000 दुर्घटनाएं नशे में वाहन चलाने की वजह से दर्ज होती हैं, जिनमें 600 से अधिक लोगों की जान चली जाती है। वर्ष 2025 में ही ऐसे 1523 मामलों में कार्रवाई की गई थी और 680 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए थे। मोटर वाहन अधिनियम 2019 के अनुसार शराब पीकर वाहन चलाते पकड़े जाने पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना, लाइसेंस निलंबन और जेल की सजा का प्रावधान है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल जुर्माना लगाने से समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होगी। इसके लिए लोगों में जागरूकता, जिम्मेदारी और सख्त निगरानी भी उतनी ही जरूरी है।

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रायपुर में मुंशी 10 लाख लेकर फरार, कंपनी का कैश जमा कराने गया था बैंक

राजधानी रायपुर के गंज थाना क्षेत्र में एक कारोबारी के साथ विश्वासघात का मामला सामने आया है, जहां कंपनी का मुंशी 10 लाख रुपये लेकर फरार हो गया। कारोबारी की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार पीड़ित विजय गोयल देवेंद्र नगर के निवासी हैं और आयरन एंड स्टील ट्रेडिंग का व्यवसाय करते हैं। उनका कार्यालय स्टेशन रोड स्थित अरिहंत कॉम्प्लेक्स में संचालित होता है। कंपनी के लेन-देन से संबंधित नकदी इकट्ठा कर बैंक में जमा करने की जिम्मेदारी मुंशी अनिल साल्वे को सौंपी गई थी। बताया गया कि अनिल साल्वे विभिन्न पार्टियों से कंपनी के लगभग 10 लाख रुपये लेकर आया, लेकिन रकम बैंक में जमा कराने के बजाय वह फरार हो गया। जब काफी समय तक वह वापस नहीं लौटा तो कारोबारी ने उससे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसका मोबाइल फोन बंद मिला। इसके बाद विजय गोयल ने गंज थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन के मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी के अनुसार मामले को गंभीरता से लिया गया है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर तलाश जारी है।

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रायपुर में ज्वेलरी शॉप से 5 लाख की ठगी, पति-पत्नी गहने पहनकर पैसे लाने के बहाने फरार

राजधानी रायपुर के टिकरापारा क्षेत्र में एक सराफा व्यापारी को पति-पत्नी की जोड़ी ने ठगी का शिकार बना लिया। दोनों आरोपी दुकान से करीब 5 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण लेकर भुगतान करने का बहाना बनाकर फरार हो गए। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना टिकरापारा थाना क्षेत्र के देवपुरी स्थित “मां दुर्गा ज्वेलर्स” की है, जहां दुकानदार दुर्गा प्रसाद सोनी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। जानकारी के अनुसार गुरुवार शाम एक दंपति दुकान पर ज्वैलरी खरीदने पहुंचे। उन्होंने सोने का हार, बाली, अंगूठी और चांदी की पायल-बिछिया समेत लगभग 4 लाख 93 हजार रुपये के आभूषण पसंद किए। बताया गया कि दोनों ने गहने पहनकर कहा कि वे पास में रहने वाले परिचितों से पैसे लेकर तुरंत लौटते हैं। इसके बाद वे दुकान से निकल गए, लेकिन वापस नहीं आए। पीड़ित व्यापारी ने जब देर तक इंतजार किया तो ठगी का अहसास हुआ और पुलिस को सूचना दी। टिकरापारा पुलिस ने आरोपी कमलेश्वरी साहू और मेशराम साहू के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि आरोपियों के भागने के रास्ते और लोकेशन का पता लगाया जा सके। थाना प्रभारी के अनुसार आरोपियों की पहचान हो चुकी है और उन्हें जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।

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रायपुर में LPG सिलेंडरों की कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई, होटल-दुकानों से 350+ सिलेंडर जब्त

रायपुर में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग और कालाबाजारी के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने जिले के विभिन्न इलाकों में कार्रवाई की और बड़ी मात्रा में गैस सिलेंडर जब्त किए। जांच के दौरान धरसींवा विकासखंड के सेजबहार स्थित कमल होटल में घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग करते पाए जाने पर 14.2 किलोग्राम क्षमता के 8 सिलेंडर जब्त किए गए। वहीं बाबूलाल चिकन सेंटर से भी घरेलू गैस का गलत इस्तेमाल करते हुए 3 सिलेंडर बरामद किए गए। अभनपुर-नवापारा क्षेत्र में रवि ग्लास एंड प्लाइवुड में एलपीजी सिलेंडरों की अवैध बिक्री का मामला सामने आया। यहां से 26 घरेलू सिलेंडर (14.2 किग्रा), 2 व्यावसायिक सिलेंडर (19 किग्रा) और 4 छोटे सिलेंडर (5 किग्रा) जब्त किए गए। इसके अलावा कोरासी इंडेन ग्रामीण गैस एजेंसी की जांच में रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के बीच बड़ा अंतर पाया गया। जांच में 101 भरे और 64 खाली घरेलू सिलेंडर तथा 23 खाली व्यावसायिक सिलेंडर कम मिले। अनियमितता के चलते एजेंसी में मौजूद कुल 355 घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडरों को जब्त कर एजेंसी की निगरानी में रखा गया है। खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पूरे मामले में एलपीजी (वितरण एवं विनियमन) आदेश 2000 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग या कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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रायपुर में व्यापारी से 5 लाख की ठगी, नकली चांदी के सिक्के देकर ले गए कैश और सोना

रायपुर: राजधानी रायपुर में एक व्यापारी के साथ करीब 5 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। ठगों ने पुराने चांदी के सिक्के सस्ते दाम में बेचने का लालच देकर व्यापारी से नकद और सोने के जेवर ले लिए और बदले में नकली सिक्कों की पोटली थमा कर फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। सस्ते दाम में चांदी देने का दिया लालच यह मामला न्यू राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार अमलीडीह निवासी मुरली केसरवानी को कुछ लोगों ने संपर्क कर बताया कि उनके पास बड़ी संख्या में पुराने चांदी के सिक्के हैं। आरोपी अमर कुमार और उसके साथियों ने भरोसा दिलाने के लिए पहले कुछ असली सिक्के दिखाए। इसके बाद बाजार भाव से कम कीमत पर चांदी बेचने का प्रस्ताव दिया, जिससे व्यापारी उनके झांसे में आ गया। पैसे और जेवर लेकर आरोपी हुए फरार सौदा तय होने के बाद तय स्थान पर मुलाकात हुई, जहां मुरली केसरवानी ने आरोपियों को 5 लाख रुपए नकद और कुछ सोने के आभूषण दे दिए। जैसे ही पैसे और जेवर उनके हाथ लगे, आरोपी जल्दी में वहां से निकल गए। जांच में सामने आया नकली सिक्कों का खेल आरोपियों के जाने के बाद जब व्यापारी ने सिक्कों की पोटली खोली और जांच की, तो पता चला कि ऊपर रखे कुछ सिक्के ही असली थे, जबकि अंदर रखे बाकी सिक्के नकली और सस्ती धातु के बने हुए थे। खुद को ठगा महसूस करने के बाद पीड़ित ने तुरंत न्यू राजेंद्र नगर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। CCTV फुटेज के आधार पर तलाश जारी पुलिस ने मुख्य आरोपी अमर कुमार और उसके साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस अमलीडीह और आसपास के क्षेत्रों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है।

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दुर्ग: अफीम की खेती का खुलासा करने वाले सरपंच ने मांगी सुरक्षा, जान को खतरे की जताई आशंका

छत्तीसगढ़ के Durg जिले के ग्राम समोदा में अवैध अफीम की खेती सामने आने के बाद प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसी बीच मामले की शिकायत करने वाले सरपंच ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। ग्राम समोदा के सरपंच अरुण गौतम ने पुलिस को लिखित आवेदन देकर कहा है कि उन्हें जान का खतरा है और उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की जा सकती है। पुलिस से सुरक्षा की मांग सरपंच ने चौकी जेवरा-सिरसा और थाना पुलगांव में शिकायत देकर बताया कि उन्होंने गांव के ही कुछ लोगों के खिलाफ अवैध अफीम की खेती की जानकारी पुलिस और सतर्कता विभाग को दी थी। जांच के बाद खेत में प्रतिबंधित मादक पदार्थ अफीम की खेती होने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए फसल जब्त की और आरोपी विनायक ताम्रकार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। संदिग्ध लोगों की आवाजाही से बढ़ी चिंता सरपंच अरुण गौतम का कहना है कि शिकायत के बाद से वे लगातार डर के माहौल में हैं। उनके अनुसार 7 मार्च की रात कुछ अज्ञात लोग गांव में संदिग्ध तरीके से घूमते दिखाई दिए, जो स्थानीय निवासी नहीं थे। वे उनके घर के आसपास और गलियों में घूम रहे थे, जिससे उन्हें किसी साजिश की आशंका हो रही है। जनदर्शन में भी उठाया मुद्दा सरपंच ने कलेक्टर के जनदर्शन कार्यक्रम में भी शिकायत पत्र देकर गांव में अवैध कब्जे का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा। साथ ही उन्होंने आशंका जताई कि जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई है, वे उन्हें या उनके परिवार को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं। प्रशासन ने हटवाया रास्ते का बैरियर उधर प्रशासन ने गांव से शिवनाथ नदी तक जाने वाले रास्ते पर लगाया गया लोहे का बैरियर हटवा दिया है। कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आरआई व पटवारी की मौजूदगी में रास्ता आम लोगों के लिए खोल दिया। बताया गया कि रास्ते के आगे के हिस्से में मछली पालन के कारण बैरियर लगाया गया था, जिससे ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी। अब बैरियर हटने के बाद गांव के लोग आसानी से नदी तक आ-जा सकेंगे।

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रायपुर में NDPS के दो मामलों में 3 दोषियों को सजा, गांजा तस्करों को 15-15 साल की कैद

राजधानी के Raipur में मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री के मामलों में अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए तीन आरोपियों को सजा सुनाई है। दो अलग-अलग मामलों में फैसला सुनाते हुए अदालत ने गांजा तस्करी के दो आरोपियों को 15-15 साल के कठोर कारावास की सजा दी, जबकि नशीली टैबलेट बेचने वाले एक अन्य आरोपी को 3 साल की कैद और 25 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया। गांजा तस्करी के मामले में 15-15 साल की सजा पहला मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है। मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश पंकज कुमार सिन्हा (NDPS कोर्ट) ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए 15-15 साल की सजा सुनाई। जांच अधिकारी के अनुसार 30 मई 2021 को पुलिस को सूचना मिली थी कि केनाल रोड स्थित श्याम नगर इलाके में एक कार में कुछ युवक गांजा लेकर ग्राहक की तलाश कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और संदिग्ध वाहन को रोक लिया। कार में सवार मनीष सिंह, निखिल यादव और जितेंद्र दास को पुलिस ने हिरासत में लेकर तलाशी ली। जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कोर्ट में चालान पेश किया गया। नशीली टैबलेट बेचने वाले को 3 साल की सजा दूसरे मामले में NDPS कोर्ट की विशेष न्यायाधीश किरण थवाईत ने एक आरोपी को नशीली टैबलेट बेचने का दोषी पाते हुए 3 साल के सश्रम कारावास और 25 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। इस मामले में कोतवाली थाना पुलिस को 16 मार्च 2021 को सूचना मिली थी कि एक युवक नशीला पदार्थ बेचने की फिराक में है। पुलिस ने जांच कर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया और 30 अप्रैल 2021 को अदालत में आरोप पत्र पेश किया। नशे के कारोबार पर सख्त संदेश दोनों मामलों में आए फैसलों को नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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रायगढ़ में मोबाइल दुकान से 16 iPhone चोरी, CCTV में कैद हुई वारदात

रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ शहर में एक मोबाइल शॉप में बड़ी चोरी का मामला सामने आया है। चोर ने दुकान में घुसकर 16 आईफोन और करीब 30 हजार रुपए नकद सहित लगभग 13.39 लाख रुपए का सामान चोरी कर लिया। पूरी वारदात दुकान में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। दूसरी मंजिल से ताला तोड़कर दुकान में घुसा मिली जानकारी के अनुसार, गोपी टॉकीज रोड पर स्थित सेल स्पॉट मोबाइल शॉप का संचालन लक्ष्मीपुर निवासी मोहम्मद फारुख करते हैं। सोमवार रात दुकान बंद करने के बाद संचालक और कर्मचारी घर चले गए थे। मंगलवार सुबह जब दुकान खोली गई, तो काउंटर में रखे मोबाइल फोन बिखरे हुए मिले। जांच करने पर पता चला कि दुकान की दूसरी मंजिल का ताला टूटा हुआ है। इसी रास्ते से चोर अंदर घुसा था। फ्लैश लाइट जलाकर बैग में भरकर ले गया iPhone CCTV फुटेज में देखा गया कि आरोपी मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर दुकान के अंदर घूम रहा था। इसके बाद उसने शोकेस से 16 आईफोन और दराज में रखे 30 हजार रुपए निकालकर अपने पिट्ठू बैग में भर लिए और फरार हो गया। पूरी घटना कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है, जिसमें आरोपी बैग में मोबाइल भरकर ले जाते हुए साफ दिखाई दे रहा है। पुलिस और FSL टीम कर रही जांच घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और FSL टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और आसपास लगे अन्य CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। संदिग्ध की तस्वीरें पुलिस ने जारी कीं पुलिस अधिकारी शशि मोहन सिंह के अनुसार, CCTV फुटेज से मिले संदिग्ध की तस्वीरें जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारियों के साथ आसपास के जिलों में भी भेजी गई हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को आरोपी के बारे में जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

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