Raipur

रायपुर समेत कई शहरों में पेट्रोल-डीजल सप्लाई सामान्य, कीमत बढ़ने के बाद अब कम हुई भीड़

देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में प्रति लीटर 3 रुपए की बढ़ोतरी के बाद अब छत्तीसगढ़ के कई शहरों में ईंधन की सप्लाई सामान्य होने लगी है। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर पहले जैसी लंबी कतारें अब दिखाई नहीं दे रही हैं। लोगों को करीब 8 से 10 मिनट के इंतजार में आसानी से पेट्रोल और डीजल मिल रहा है। रायपुर में पेट्रोल की कीमत 103.58 रुपए प्रति लीटर और डीजल 96.57 रुपए प्रति लीटर पहुंच गई है। वहीं निजी कंपनियों के फ्यूल स्टेशनों, खासकर जियो के पंपों पर कीमतों में करीब 5 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कीमत बढ़ने और सप्लाई को लेकर फैली चर्चाओं के बाद बीते दिनों रायपुर समेत प्रदेश के कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखने को मिली थी। बड़ी संख्या में लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवाने पहुंच गए थे, जिससे कई जगहों पर लंबी लाइनें लग गईं। कुछ पेट्रोल पंपों पर अस्थायी रूप से फ्यूल खत्म होने की स्थिति भी बन गई थी। खाद्य सचिव Reena Babasaheb Kangale ने बताया कि प्रदेश में कुल 2516 पेट्रोल-डीजल पंप संचालित हैं। रायपुर में 326 में से 35 पंपों पर अस्थायी रूप से फ्यूल खत्म होने की स्थिति बनी थी, जबकि बिलासपुर में 156 में से 9 पंप प्रभावित हुए थे। प्रशासन का कहना है कि सप्लाई व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है और अफवाहों के कारण लोगों ने सामान्य से अधिक मात्रा में पेट्रोल-डीजल भरवाया, जिससे भीड़ बढ़ी। डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर अब दूसरे क्षेत्रों में भी दिखाई दे सकता है। ट्रांसपोर्ट महंगा होने से सब्जियां, फल और राशन जैसी जरूरी वस्तुओं के दाम बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। किसानों के लिए ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने का खर्च भी बढ़ सकता है, जिसका असर खेती की लागत पर पड़ेगा। इसके अलावा बस, ऑटो और स्कूल वाहनों के किराए में भी इजाफा हो सकता है। रायपुर जिला प्रशासन ने पेट्रोल की ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। यदि कहीं कालाबाजारी की शिकायत मिले तो लोग 9977222564, 9977222574, 9977222584 और 9977222594 पर जानकारी दे सकते हैं।

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करीब ढाई साल बाद छत्तीसगढ़ दौरे पर आ सकते हैं राहुल गांधी, चंपारण में कांग्रेस का 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर प्रस्तावित

छत्तीसगढ़ कांग्रेस संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की तैयारी में जुट गई है। इसी सिलसिले में जून महीने में कांग्रेस नेता Rahul Gandhi के छत्तीसगढ़ दौरे की संभावना जताई जा रही है। अगर कार्यक्रम तय होता है, तो यह उनका करीब ढाई साल बाद राज्य का पहला दौरा होगा। इससे पहले वे सितंबर 2023 में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान छत्तीसगढ़ आए थे। जानकारी के मुताबिक 21 जून से 30 जून तक रायपुर के चंपारण में कांग्रेस का 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा सकता है। इस शिविर में छत्तीसगढ़ के साथ ओडिशा के जिला कांग्रेस अध्यक्षों को भी शामिल किए जाने की तैयारी है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से प्रस्ताव भेजा जा चुका है और अब राहुल गांधी के कार्यालय से अंतिम मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है। इस शिविर में हाल ही में नियुक्त 41 जिला कांग्रेस अध्यक्षों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। संगठन संचालन, बूथ प्रबंधन, जनसंपर्क और चुनावी रणनीति जैसे विषयों पर वरिष्ठ नेता मार्गदर्शन देंगे। कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना बताई जा रही है। यह पूरा कार्यक्रम कांग्रेस के “संगठन सृजन अभियान” का हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी 2025-26 की रणनीति के तहत संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर फोकस कर रही है। कांग्रेस का कहना है कि यह मॉडल गुजरात की संगठनात्मक रणनीति की तर्ज पर तैयार किया गया है, जिसमें बूथ से लेकर जिला स्तर तक कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी तय करने पर जोर रहेगा। इसी अभियान के तहत 10 फरवरी 2026 को दिल्ली में कई राज्यों के नव नियुक्त जिलाध्यक्षों का राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, झारखंड, ओडिशा, तमिलनाडु और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। अब दूसरे चरण में अलग-अलग राज्यों में 10 दिन के प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित शिविर को भी कांग्रेस के संगठन विस्तार अभियान का अहम हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी की रणनीति बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक संगठन को सक्रिय करने, जमीनी कार्यकर्ताओं को नेतृत्व में आगे लाने, समय सीमा के भीतर समितियों का गठन करने और एससी, एसटी, ओबीसी तथा अल्पसंख्यक वर्ग की भागीदारी बढ़ाने पर केंद्रित है।

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रायपुर-बिलासपुर NH पर नो-पार्किंग नियम फेल, रातभर सड़क पर खड़े ट्रक बन रहे हादसों की वजह

छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur में तेलीबांधा से टाटीबंध चौक तक लगभग 15 किलोमीटर लंबे National Highway 130 पर नो-पार्किंग व्यवस्था पूरी तरह कमजोर दिखाई दे रही है। रात के समय सड़क किनारे और कई जगहों पर मुख्य मार्ग पर भी भारी ट्रक और ट्रेलर खड़े मिलते हैं, जिससे हादसों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि अधिकांश ट्रकों में इंडिकेटर या कोई चेतावनी संकेत नहीं होता, जिससे देर रात गुजरने वाले वाहन चालकों को खड़े वाहनों का अंदाजा नहीं लग पाता। हाल ही में ऐसे ही हादसों में लोगों की जान भी जा चुकी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पिछले वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में 621 लोगों की मौत हुई थी। देर रात निरीक्षण के दौरान हाईवे पर कई किलोमीटर तक ट्रकों की कतारें खड़ी मिलीं, जबकि यह पूरा इलाका नो-पार्किंग जोन घोषित है। इस मामले में Vivek Shukla ने कहा कि अवैध पार्किंग के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है, लेकिन ट्रकों के लिए पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं होने के कारण समस्या बनी हुई है। बताया जा रहा है कि हाईवे के दोनों ओर बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्ट कंपनियों के कार्यालय और ढाबे मौजूद हैं। यहां लोडिंग-अनलोडिंग और ड्राइवरों के रुकने के कारण ट्रक सड़क किनारे खड़े कर दिए जाते हैं। कई निजी पार्किंग मौजूद होने के बावजूद पार्किंग शुल्क बचाने के लिए वाहन चालकों द्वारा सड़क पर ही गाड़ियां खड़ी कर दी जाती हैं। रायपुर-बिलासपुर हाईवे चार लेन का मार्ग है, लेकिन दोनों तरफ भारी वाहनों की पार्किंग के कारण सड़क की चौड़ाई काफी कम हो जाती है। इससे ओवरटेकिंग मुश्किल हो जाती है और थोड़ी देर में जाम जैसी स्थिति बन जाती है। रात के समय यह समस्या और गंभीर हो जाती है। अंधेरे में बिना संकेतक खड़े ट्रक दूर से दिखाई नहीं देते। कई वाहनों में लोहे की लंबी छड़ और भारी सामान लोड रहता है, जिससे दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। सड़क पर घूमते मवेशी भी स्थिति को और खतरनाक बना रहे हैं। National Highways Authority of India द्वारा हाईवे के रखरखाव और सुरक्षा सुधार के लिए लगातार काम किए जा रहे हैं। वर्ष 2024-25 में हजारों स्थानों पर सड़क मरम्मत और पैनल बदलने का काम किया गया था। इसके अलावा कई जगहों पर क्रैश बैरियर, सोलर लाइट, रोड मार्किंग और चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं। हादसों को रोकने के लिए पिछले साल 11 ब्लैक स्पॉट्स की पहचान कर वहां अंडरपास और सर्विस रोड का निर्माण भी कराया गया। इसके बावजूद सड़क पर अवैध पार्किंग और लापरवाही के कारण दुर्घटनाएं लगातार जारी हैं। हाल ही में Amanaka Police Station में दर्ज एक मामले में बताया गया कि टाटीबंध के पास बिना संकेतक खड़े ट्रेलर से दूसरा ट्रेलर टकरा गया, जिसमें चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। इसी तरह Dharsiwa Police Station क्षेत्र में चरौदा गांव के पास सड़क किनारे खड़े ट्रक से कार टकराने के बाद एक युवक की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार ट्रक बिना किसी चेतावनी संकेत के नो-पार्किंग क्षेत्र में खड़ा था।

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157 साल पुराने बांके बिहारी मंदिर में भव्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव, शोभायात्रा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur के नयापारा स्थित ऐतिहासिक Banke Bihari Temple में गुरुवार को भव्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान सुबह पुराने मंदिर परिसर से भगवान की विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। भक्त भजन-कीर्तन करते हुए पूरे उत्साह के साथ यात्रा में शामिल नजर आए। शोभायात्रा एडवर्ड रोड, चिकनी मंदिर, कोतवाली चौक और सदर बाजार मार्ग से होते हुए पेठा लाइन स्थित नव-निर्मित मंदिर परिसर पहुंची। यहां वैदिक रीति-रिवाज और मंत्रोच्चार के साथ भगवान बांके बिहारी समेत सात विग्रहों की विधिवत स्थापना की गई। कार्यक्रम में यज्ञाचार्य Om Prakash Joshi के मार्गदर्शन में भगवान बांके बिहारी, शिव पंचायतन, भवानी शंकर, दुर्गा माता, बजरंगबली, लक्ष्मी माता और अग्रसेन माधवी देवता की प्रतिमाओं का जलाभिषेक किया गया। इसके साथ ही 56 प्रकार के द्रव्यों से विशेष अभिषेक भी संपन्न कराया गया। नेत्रोन्मीलन और आकर्षक श्रृंगार के बाद मंदिर में भगवान के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर ट्रस्ट की ओर से विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष Ashok Agrawal ने बताया कि यह मंदिर करीब 157 वर्ष पुराना है और इसकी स्थापना वर्ष 1870 में बैजू अग्रवाल ने कराई थी। उन्होंने कहा कि मंदिर का पुनर्निर्माण राजस्थानी वास्तुकला शैली में कराया गया है। भगवान बांके बिहारी की लगभग 5 फीट ऊंची प्रतिमा सहित अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां मकराना के सफेद संगमरमर से जयपुर में तैयार कराई गई हैं। मंदिर के निर्माण और सौंदर्यीकरण का कार्य पिछले दो वर्षों से लगातार चल रहा था। महोत्सव के दौरान राजस्थान के सालासर धाम से विशेष लड्डू मंगवाकर भगवान को भोग लगाया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं को ड्राई फ्रूट और फलों से युक्त प्रसाद वितरित किया गया। प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत कलश यात्रा, बेदी पूजा, अधिवास और शोभायात्रा जैसे धार्मिक कार्यक्रम 8 मई से लगातार आयोजित किए जा रहे थे। मंदिर ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से मंदिर में नियमित दर्शन और धार्मिक आयोजनों में शामिल होने की अपील की है।

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10 साल से खांसी में खून आने से परेशान युवक की मेकाहारा में सफल सर्जरी, फेफड़े का संक्रमित हिस्सा निकालकर बचाई जान

छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur स्थित Dr. Bhimrao Ambedkar Memorial Hospital में डॉक्टरों ने एक 25 वर्षीय युवक की जटिल सर्जरी कर उसकी जान बचाई। युवक पिछले करीब 10 वर्षों से खांसी के साथ खून आने की गंभीर समस्या से जूझ रहा था। हाल के दिनों में उसकी स्थिति और बिगड़ गई थी। हर बार खांसने पर अधिक मात्रा में खून निकलने लगा था, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच के दौरान डॉक्टरों को पता चला कि युवक के दाएं फेफड़े के निचले हिस्से में गंभीर संक्रमण फैल चुका है और वहां कैविटी बन गई है। अस्पताल के हार्ट, चेस्ट और वैस्कुलर सर्जरी विभाग के विशेषज्ञ Dr. Krishnakant Sahu ने बताया कि मरीज के फेफड़े में “एस्परजिलोमा” नाम का फंगल इंफेक्शन पाया गया। यह संक्रमण अक्सर पुराने टीबी मरीजों के फेफड़ों में विकसित हो जाता है और समय के साथ खून आने जैसी गंभीर समस्या पैदा कर सकता है। डॉक्टरों के अनुसार खांसी के साथ खून आने की स्थिति को मेडिकल भाषा में “हीमोप्टाइसिस” कहा जाता है। यह कई गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है, जिनमें टीबी, फेफड़ों का संक्रमण और कैंसर जैसी बीमारियां शामिल हैं। मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने “लोबेक्टॉमी” सर्जरी करने का फैसला लिया। इस प्रक्रिया में फेफड़े के संक्रमित और खराब हिस्से को निकाल दिया जाता है ताकि संक्रमण शरीर के बाकी हिस्सों में न फैले और स्वस्थ फेफड़ा सुरक्षित रह सके। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने आधुनिक “लंग स्टेपलर” तकनीक का इस्तेमाल किया। यह तकनीक सर्जरी के बाद खून और हवा के रिसाव को कम करने में मदद करती है और मरीज की रिकवरी तेज होती है। सफल सर्जरी के बाद युवक की हालत में तेजी से सुधार हुआ और कुछ दिनों बाद उसे स्वस्थ होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक पूरा इलाज आयुष्मान योजना के तहत निशुल्क किया गया। Dr. Vivek Choudhary ने बताया कि समय पर इलाज और सर्जरी से मरीज को नई जिंदगी मिल सकी। वहीं Dr. Santosh Sonkar ने कहा कि अस्पताल जरूरतमंद मरीजों को आधुनिक और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रहा है।

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रायपुर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन बंद, भुगतान विवाद के बीच रामकी कंपनी ने रोका काम

छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई है। शहर के कई इलाकों में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन बंद होने से लोग परेशान नजर आए। सुबह से कई मोहल्लों में लोग घरों के बाहर कचरे के डस्टबिन लेकर गाड़ियों का इंतजार करते रहे, लेकिन कचरा उठाने वाली गाड़ियां नहीं पहुंचीं। जानकारी के मुताबिक, शहर की सफाई व्यवस्था संभाल रही DSW Ramky ने काम अस्थायी रूप से रोक दिया है। कंपनी का आरोप है कि Raipur Municipal Corporation की ओर से मार्च 2025 से अब तक करीब 78 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं किया गया है। कंपनी का कहना है कि लगातार बढ़ते खर्च और अधूरे भुगतान के कारण संचालन करना मुश्किल हो गया है। इधर, कंपनी के ड्राइवर भी वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से वेतन वृद्धि की मांग की जा रही थी, लेकिन इस पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया। इसी वजह से काम बंद करने का निर्णय लिया गया। रायपुर और नवा रायपुर क्षेत्र से हर दिन लगभग 750 टन कचरा निकलता है, जिसे संकरी स्थित प्रोसेसिंग प्लांट तक पहुंचाया जाता है। इस पूरी व्यवस्था में सैकड़ों वाहन और बड़ी संख्या में कर्मचारी लगे हुए हैं। कंपनी के अनुसार फिलहाल 269 वाहन और करीब 800 कर्मचारी इस काम में जुड़े हैं। सफाई व्यवस्था बाधित होने से नगर निगम के सामने नई चुनौती खड़ी हो सकती है। यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो शहर में कचरे का ढेर लगने का खतरा बढ़ सकता है। साथ ही पुराने डंपिंग यार्ड के लगभग भर जाने से कचरा निपटान की समस्या और गंभीर हो सकती है। बताया जा रहा है कि रामकी कंपनी वर्ष 2018 से PPP मॉडल के तहत शहर की सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट व्यवस्था संभाल रही है। नगर निगम और कंपनी के बीच 15 वर्षों का अनुबंध है। हालांकि फिलहाल भुगतान और संचालन को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बनी हुई है। इस मामले में Meenal Choubey ने कहा है कि कंपनी अधिकारियों के साथ लगातार बातचीत की जा रही है और जल्द ही समस्या का समाधान निकाल लिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन सेवा जल्द दोबारा शुरू कर दी जाएगी।

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रायपुर में पेट्रोल 103.58 रुपए लीटर पहुंचा, पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारें; प्रशासन बोला- घबराहट में लोग करवा रहे फुल टैंक

छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद कई पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखने को मिली। शहर में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 103.58 रुपए प्रति लीटर और डीजल 96.57 रुपए प्रति लीटर हो गया है। कीमत बढ़ने के बाद सुबह से ही कई फ्यूल स्टेशनों पर वाहनों की लंबी लाइनें लगी रहीं। प्रशासन के मुताबिक, ईंधन की कमी नहीं है, लेकिन अफवाहों और कीमतों में बढ़ोतरी की खबर के कारण लोग सामान्य से ज्यादा पेट्रोल-डीजल भरवा रहे हैं। कई वाहन चालक टैंक फुल कराने के लिए पेट्रोल पंपों पर पहुंच रहे हैं, जिससे अचानक दबाव बढ़ गया है। छत्तीसगढ़ के अन्य शहरों में भी पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़े हैं। बिलासपुर में पेट्रोल 104.26 रुपए और डीजल 97.25 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। अंबिकापुर में पेट्रोल 104.60 रुपए और डीजल 97.66 रुपए, रायगढ़ में पेट्रोल 104.53 रुपए और डीजल 97.52 रुपए, जबकि जगदलपुर में पेट्रोल 105.22 रुपए और डीजल 98.22 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है। स्थिति को देखते हुए Raipur District Administration ने पेट्रोल पंप संचालकों और तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक की। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शहर में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। सप्लाई व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कलेक्टर ने डिपो से 24 घंटे ईंधन सप्लाई जारी रखने के निर्देश दिए हैं। पहले टैंकरों की एंट्री तय समय तक सीमित थी, लेकिन अब लगातार सप्लाई सुनिश्चित करने का फैसला लिया गया है ताकि पेट्रोल पंपों पर भीड़ कम हो सके। हालांकि, शहर के कुछ लोगों का कहना है कि कुछ पेट्रोल पंपों पर ईंधन उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें लंबी लाइन में लगना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि डीजल की कीमत बढ़ने का असर आने वाले दिनों में रोजमर्रा की चीजों पर भी पड़ सकता है। ट्रांसपोर्ट महंगा होने से सब्जियां, फल, राशन और अन्य सामानों की कीमतें बढ़ सकती हैं। इसके अलावा खेती, बस, ऑटो और स्कूल वाहनों के किराए पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह मानी जा रही है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने के बाद क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जिसके कारण तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ा और कीमतों में इजाफा किया गया।

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मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 से लाखों उपभोक्ताओं को राहत, सरचार्ज पूरी तरह माफ

छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए “मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026” शुरू की है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में शुरू की गई यह योजना उन परिवारों के लिए राहत लेकर आई है जो लंबे समय से बकाया बिजली बिल और बढ़ते सरचार्ज के कारण आर्थिक दबाव का सामना कर रहे थे। इस योजना के तहत पुराने बिजली बिलों पर लगने वाले सरचार्ज को पूरी तरह माफ किया जा रहा है। साथ ही उपभोक्ताओं को बकाया राशि जमा करने के लिए आसान किस्तों की सुविधा भी दी गई है। पात्र उपभोक्ताओं को मूल बकाया राशि पर भी विशेष छूट का लाभ मिल रहा है। राज्य सरकार के अनुसार, अब तक इस योजना से प्रदेश के 28 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को फायदा मिला है और करीब 757 करोड़ रुपए से ज्यादा का सरचार्ज माफ किया जाएगा। योजना का लाभ मुख्य रूप से बीपीएल परिवारों, घरेलू उपभोक्ताओं और कृषि उपभोक्ताओं को दिया जा रहा है। सरकार का कहना है कि इस योजना से उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिलने के साथ-साथ बिजली कटौती का खतरा भी कम होगा। किसान भी इस योजना से लाभान्वित होंगे, क्योंकि बकाया बिलों का बोझ कम होने से सिंचाई और खेती का काम प्रभावित नहीं होगा। उपभोक्ता योजना का लाभ लेने के लिए अपने नजदीकी बिजली कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा टोल फ्री नंबर 1912 पर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। योजना 1 जनवरी 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक लागू रहेगी। राज्य सरकार ने लोगों से समय रहते योजना का लाभ लेने की अपील की है। सरकार का मानना है कि यह योजना न सिर्फ आर्थिक राहत देगी, बल्कि उपभोक्ताओं को नियमित भुगतान व्यवस्था से जोड़ने में भी मदद करेगी।

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केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान ने सराहा छत्तीसगढ़ का आजीविका मॉडल, कहा- देशभर के लिए प्रेरणादायी

छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में संचालित ग्रामीण आजीविका मॉडल को केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री Kamlesh Paswan ने देशभर के लिए प्रेरणादायी बताया है। मंत्री ने रायपुर के सेरीखेड़ी स्थित मल्टी यूटिलिटी सेंटर का दौरा कर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के तहत चल रही विभिन्न गतिविधियों का निरीक्षण किया। दौरे के दौरान मंत्री ने महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित अजा (AJA) परियोजना, पिंक दीदी ई-ऑटो सेवा, बिजनेस दीदी और कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का यह मॉडल ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ आत्मविश्वास भी दे रहा है। मंत्री पासवान ने विशेष रूप से एकीकृत बकरी पालन मॉडल ‘अजा परियोजना’ को सराहा। उन्होंने कहा कि आधुनिक पशुपालन, नियमित टीकाकरण, पशु बीमा, ऑनलाइन मॉनिटरिंग और जैविक खाद निर्माण जैसी व्यवस्थाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रही हैं। साथ ही महिला समूहों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना भी अन्य राज्यों के लिए सीखने योग्य पहल है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नवा रायपुर में संचालित “पिंक दीदी” ई-ऑटो सेवा की भी प्रशंसा की। मंत्री ने कहा कि यह योजना पर्यावरण संरक्षण के साथ महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता प्रदान कर रही है। इस दौरान मंत्री ने कृषक उत्पादक संगठन की महिला बोर्ड ऑफ डायरेक्टर से भी बातचीत की। महिलाओं ने बताया कि वे अब घर की सीमाओं से निकलकर व्यवसाय का संचालन कर रही हैं। मंत्री ने महिलाओं द्वारा तैयार महुआ कुकीज का स्वाद लिया और उनके कार्य की सराहना की। केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन योजनाओं का विस्तार और अधिक क्षेत्रों तक किया जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा ग्रामीण परिवारों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का ग्रामीण आजीविका मॉडल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत उदाहरण बन रहा है।

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रायपुर में पेट्रोल खत्म होने की अफवाह से लंबी कतारें, बिलासपुर के 13 पेट्रोल पंप ड्राई

छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल को लेकर लोगों के बीच चिंता बढ़ती नजर आ रही है। राजधानी रायपुर में पेट्रोल खत्म होने की अफवाह के चलते कई फ्यूल स्टेशनों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। वहीं दूसरी ओर बिलासपुर में हालात ज्यादा गंभीर दिखाई दे रहे हैं, जहां शहर और आउटर इलाके के करीब 13 पेट्रोल पंप पूरी तरह ड्राई हो चुके हैं। रायपुर के आमानाका स्थित पेट्रोल पंप के मैनेजर ने बताया कि फ्यूल की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। उनका कहना है कि पेट्रोल खत्म होने की अफवाह फैलने के कारण लोग सामान्य से ज्यादा मात्रा में ईंधन भरवा रहे हैं, जिससे पंपों पर भीड़ बढ़ गई है। उधर बिलासपुर में सबसे ज्यादा असर एचपीसीएल के पेट्रोल पंपों पर देखा जा रहा है। बीपीसीएल के कई पंपों में भी पेट्रोल और डीजल की कमी की स्थिति बन गई है। हालांकि आईओसीएल के कुछ पंपों को अपेक्षाकृत जल्दी सप्लाई मिल रही है, लेकिन बुधवार को टैंकर नहीं पहुंचने के कारण कई सर्विस स्टेशनों में ईंधन खत्म हो गया। पंप संचालकों का कहना है कि तेल कंपनियों को भुगतान पहले ही किया जा चुका है और डिपो से टैंकर रवाना किए जा चुके हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही सप्लाई बहाल कर दी जाएगी और स्थिति सामान्य हो जाएगी। हालांकि दुर्ग और रायगढ़ जिलों में फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है और वहां किसी बड़े संकट की सूचना नहीं है। फिलहाल प्रशासन और पेट्रोल पंप संचालक लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल-डीजल लेने की अपील कर रहे हैं।

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