Raipur

छत्तीसगढ़ में दागी विधायकों की संख्या बढ़ी, 21 जनप्रतिनिधियों पर आपराधिक मामले दर्ज

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में आपराधिक मामलों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। राज्य के 21 मौजूदा विधायकों के खिलाफ विभिन्न अदालतों में आपराधिक प्रकरण लंबित हैं। बीते दो वर्षों के भीतर ही चार विधायकों पर गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है, जिससे साफ है कि दागी जनप्रतिनिधियों की सूची लगातार बढ़ रही है। ताजा मामला जांजगीर-चांपा जिले के जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू से जुड़ा है। उन पर एक किसान से करीब 42.78 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। पुलिस ने इस मामले में उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस कार्रवाई के बाद राज्य की सियासत में हलचल मच गई है। इससे पहले पूर्व मंत्री और कोंटा विधायक कवासी लखमा भी भ्रष्टाचार के एक मामले में जेल में बंद हैं। वहीं सारंगढ़ विधायक उत्तरी जांगड़े पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप है, जबकि जशपुर की भाजपा विधायक रायमुनी भगत पर धार्मिक भावनाएं आहत करने के मामले में प्रकरण दर्ज किया गया है। ऐसे मामलों ने प्रदेश में जनप्रतिनिधियों की छवि को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विधानसभा चुनाव 2023 के आंकड़ेवर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने वाले 90 विधायकों में से 17 ने अपने चुनावी शपथ पत्र में यह स्वीकार किया था कि उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह जानकारी एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और छत्तीसगढ़ इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट में सामने आई थी। रिपोर्ट के अनुसार, इन 17 में से छह विधायकों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। यदि पिछले चुनावों से तुलना करें तो 2018 के विधानसभा चुनाव में 24 विधायकों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की जानकारी दी थी, जिनमें 13 पर गंभीर धाराएं लगी थीं। वहीं 2013 में यह संख्या 14 थी। पार्टीवार स्थितिपार्टी के हिसाब से देखें तो 2023 में भाजपा के 54 विजेता उम्मीदवारों में से 12 और कांग्रेस के 35 विजेता उम्मीदवारों में से पांच ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की घोषणा की थी। गंभीर मामलों के संदर्भ में भाजपा के चार और कांग्रेस के दो विधायकों ने अपने शपथ पत्र में इसका उल्लेख किया था। देशभर की स्थिति भी चिंताजनकएडीआर की वर्ष 2025 में जारी रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में स्थिति और भी गंभीर है। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत के करीब 45 प्रतिशत विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। एडीआर ने 28 राज्यों और विधानसभा वाले तीन केंद्र शासित प्रदेशों के कुल 4,092 विधायकों के शपथ पत्रों का विश्लेषण किया था। राज्यवार आंकड़ों में आंध्र प्रदेश सबसे ऊपर है, जहां 174 में से 138 विधायक (करीब 79 प्रतिशत) आपराधिक मामलों वाले हैं। वहीं सिक्किम में यह प्रतिशत सबसे कम है, जहां 32 में से सिर्फ एक विधायक ने अपने खिलाफ किसी मामले की जानकारी दी है। छत्तीसगढ़ में लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने एक बार फिर राजनीति के अपराधीकरण पर बहस को तेज कर दिया है।

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आम यात्रियों पर बढ़ा बोझ, रायपुर रेलवे स्टेशन पर कार पार्किंग शुल्क में इजाफा

रायपुर। राजधानी रायपुर के रेलवे स्टेशन पर वाहन से आने-जाने वाले यात्रियों को अब अधिक जेब ढीली करनी पड़ेगी। रेलवे स्टेशन परिसर में कार पार्किंग के शुल्क में बढ़ोतरी कर दी गई है, जिससे आम लोगों को सीधा आर्थिक झटका लगा है। नई दरें 8 जनवरी से लागू कर दी गई हैं। नई व्यवस्था के तहत अब दो घंटे तक कार पार्क करने के लिए पहले की तुलना में 20 रुपये अधिक चुकाने होंगे। पहले जहां दो घंटे की पार्किंग का शुल्क 30 रुपये था, अब वही बढ़कर 50 रुपये हो गया है। इसी तरह पूरे दिन की पार्किंग का शुल्क भी 200 रुपये से बढ़ाकर 250 रुपये कर दिया गया है। रेलवे प्रशासन के अनुसार पार्किंग शुल्क बढ़ाने का मुख्य कारण स्टेशन पार्किंग के ठेके की राशि में हुई बड़ी बढ़ोतरी है। पहले यह ठेका करीब 30 लाख रुपये में दिया जाता था, जबकि इस बार यह बढ़कर लगभग एक करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। ठेके की लागत में भारी इजाफे के चलते पार्किंग दरें बढ़ाई गई हैं, जिसका असर सीधे यात्रियों पर पड़ रहा है। रायपुर रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन करीब 70 हजार से अधिक यात्रियों की आवाजाही होती है। बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों से स्टेशन पहुंचते हैं, जिसके चलते पार्किंग लगभग हर समय भरी रहती है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि नया पार्किंग टेंडर तीन वर्षों के लिए जारी किया गया है, यानी यात्रियों को अगले तीन साल तक बढ़ी हुई दरों पर ही पार्किंग शुल्क देना होगा। नया और पुराना पार्किंग शुल्क इस प्रकार है: प्रीमियम पार्किंग पर ज्यादा शुल्क रेलवे स्टेशन परिसर में एक सामान्य पार्किंग क्षेत्र के अलावा एक प्रीमियम पार्किंग एरिया भी है, जहां एक साथ करीब 120 कारें खड़ी की जा सकती हैं। इस प्रीमियम पार्किंग में वाहनों के लिए अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा, जिसे लेकर यात्रियों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन करीब 120 ट्रेनें आती-जाती हैं, ऐसे में बढ़े हुए पार्किंग चार्ज को लेकर विरोध भी शुरू हो गया है।

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रायपुर में चाइनीज मांझे पर प्रशासन की सख्ती, संयुक्त कार्रवाई में जब्ती और जुर्माना

रायपुर। शहर में चाइनीज मांझे से हो रहे लगातार हादसों को देखते हुए रायपुर नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। नगर निगम के जोन-1 और जोन-5 की टीम ने छत्तीसगढ़ राज्य पर्यावरण संरक्षण मंडल के साथ मिलकर पतंग दुकानों पर औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान प्रतिबंधित चाइनीज मांझा पाए जाने पर उसे तत्काल जब्त किया गया और संबंधित दुकानदारों पर जुर्माना लगाया गया। जोन-1 क्षेत्र के बाल गंगाधर तिलक वार्ड क्रमांक-18 में, गुढियारी स्थित प्रयास हॉस्टल के पास दो पतंग दुकानों की जांच की गई। यह कार्रवाई वार्ड पार्षद सोहन साहू और जोन स्वास्थ्य अधिकारी खेमराज देवांगन की मौजूदगी में हुई। निरीक्षण के दौरान दोनों दुकानों से प्रतिबंधित मांझा बरामद किया गया, जिस पर प्रत्येक दुकानदार से 5-5 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। इस तरह कुल 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। साथ ही भविष्य में नियम उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। वहीं जोन-5 क्षेत्र में घासीदास प्लाजा से आमापारा मार्ग तक सड़क किनारे लगी पतंग दुकानों की जांच की गई। यहां भी चाइनीज मांझा मिलने पर तत्काल जब्ती की गई और सड़क पर अवैध रूप से लगी दुकानों को हटाया गया। दुकानदारों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए और दोबारा उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की बात कही गई। नगर निगम ने सभी पतंग विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि आगे कहीं भी प्रतिबंधित चाइनीज मांझा पाया गया तो नियमों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। रविवार को हुआ गंभीर हादसारविवार शाम करीब 5 बजे लाखेनगर इलाके में चाइनीज मांझे से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। महिला पैदल मंदिर जा रही थी, तभी उड़ता हुआ मांझा उनके चेहरे में फंस गया। मांझा हटाने के प्रयास में होंठ और अंगूठे में गहरे कट लग गए, जिससे वह बुरी तरह लहूलुहान हो गई। परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से महिला को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनके होंठ पर 10 टांके लगाए गए। आशंका जताई जा रही है कि यह प्रतिबंधित चाइनीज मांझा ही था। पहले भी हो चुकी है कार्रवाईनगर निगम इससे पहले भी 27 दिसंबर को शहर के विभिन्न इलाकों में छापेमारी कर चुका है। इस दौरान बूढ़ातालाब स्थित सिटी पतंग भंडार से 2 किलो, मोती पतंग भंडार से 1 किलो और सदर बाजार के संजय पतंग भंडार से 1.5 किलो चाइनीज मांझा जब्त किया गया था। गोलबाजार स्थित संगम काइट सेंटर का भी निरीक्षण किया गया था। चाइनीज मांझे को लेकर नियम और सजानेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने वर्ष 2017 में चाइनीज और नायलॉन मांझे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 15 के तहत दोषी पाए जाने पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना या पांच साल तक की सजा या दोनों हो सकते हैं। गंभीर मामलों में यह जुर्माना पांच लाख रुपये तक और सजा पांच साल तक हो सकती है। पहले भी जानलेवा हादसेरायपुर में चाइनीज मांझे से पहले भी कई गंभीर घटनाएं हो चुकी हैं।19 जनवरी 2025 को 7 साल के पुष्कर की गला कटने से मौत हो गई थी।20 जनवरी 2025 को महिला वकील पूर्णांशा कौशिक घायल हुई थीं।फरवरी में शंकर नगर इलाके में दो छात्रों में से एक घायल हुआ था। नगर निगम का कहना है कि जानलेवा चाइनीज मांझे के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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रायपुर उरला सड़क हादसा: साइकिल से जा रहे मजदूर को क्रेन ने कुचला

रायपुर के उरला थाना क्षेत्र में एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना में एक मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक साइकिल से उरला से सरोरा की ओर काम खत्म कर अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान पीछे से आ रही हाइड्रा क्रेन (वाहन क्रमांक CG04 PB 7644) ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि क्रेन का अगला पहिया साइकिल सवार के ऊपर चढ़ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही उरला पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए और सड़क पर भीड़ बढ़ने की आशंका के कारण शव को राह चलते पिकअप वाहन से तत्काल पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। यह हादसा एक बार फिर भारी वाहनों की लापरवाही और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।वीडियो में देखिए हादसे से जुड़ी पूरी जानकारी, मौके की स्थिति और पुलिस का पक्ष। 👉 ऐसी ही स्थानीय और ज़मीनी खबरों के लिए चैनल को Subscribe करें।

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रायपुर में नशे में गुंडों का चाकू हमला, युवक ने भागकर बचाई जान; 4 आरोपी गिरफ्तार

रायपुर। शनिवार देर रात मौदहापारा थाना क्षेत्र में नशे में घूम रहे गुंडों ने पुरानी रंजिश के चलते युवक मोहम्मद अली पर चाकू से हमला कर दिया। युवक ने गली में दौड़कर अपनी जान बचाई। पुलिस ने आरोपी अयान कुरैशी उर्फ बीटी, मोहम्मद फरहान कुरैशी, अब्दुल नवाज आमिर उर्फ भोंदा और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया। घटना का पूरा विवरण पीड़ित मोहम्मद अली असगर ने बताया कि वह 10 जनवरी की रात राजातालाब स्थित गरीब नवाज दवाखाना के सामने वाहन का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान कल्लू गैरेज क्षेत्र के रहने वाले आरोपियों ने उसे रोका। पुराने विवाद को लेकर बहस और मारपीट के दौरान चाकू से हमला किया गया। भागकर बचाई जान चाकू लगने के बाद मोहम्मद अली पास की गली में भागकर छिप गया। इसके बाद वह थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस कार्रवाई शिकायत के आधार पर पुलिस ने रविवार देर शाम सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से चाकू बरामद किया गया। नाबालिग आरोपी को बाल सुधार गृह भेज दिया गया। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात है और गश्त चल रही है।

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पंजाब के सरपंच की मैरिज-पैलेस में हत्या, 2 शूटर रायपुर से अरेस्ट: गैंगस्टर ने ली जिम्मेदारी

अमृतसर/रायपुर। पंजाब के अमृतसर में आम आदमी पार्टी (AAP) के सरपंच जरमल सिंह की शादी समारोह के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद दो आरोपी छत्तीसगढ़ के रायपुर में अपने रिश्तेदारों के घर छिपे हुए थे। रविवार को रायपुर और पंजाब पुलिस की संयुक्त टीम ने शूटरों सुखराज और कर्मवीर को ऋषभ अपार्टमेंट, राजेंद्र नगर से गिरफ्तार किया। आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर अमृतसर भेजा गया। मैरिज-पैलेस में की गई हत्या जानकारी के अनुसार, सरपंच जरमल सिंह 4 जनवरी 2026 को अमृतसर के मैरी गोल्ड रिसॉर्ट में शादी में शामिल होने गए थे। समारोह के दौरान दो बदमाश उनके पास पहुंचे और सिर में गोली मार दी। गोली लगते ही सरपंच वहीं गिर पड़े। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। CCTV फुटेज में दोनों शूटर बिना मुंह ढके, पिस्टल लेकर सरपंच के पास आते दिखे। एक आगे बढ़कर गोली मारता है और दोनों तुरंत फरार हो जाते हैं। पूर्व हमलों और गैंगस्टर की जिम्मेदारी जांच में यह भी पता चला कि सरपंच पर पहले भी तीन बार जानलेवा हमला हो चुका था। हत्या के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें गैंगस्टर डोनी बल और प्रभ दासुवाल ने हत्या की जिम्मेदारी ली। पोस्ट में उन्होंने हत्या का कारण बताते हुए कहा कि सरपंच ने अपने घरों से नाजायज लड़के उठवाए और पुलिस को पैसे दिए, जिस पर हमले किए गए। राजनीतिक पृष्ठभूमि जरमल सिंह पहले अकाली दल से सरपंच चुने गए थे और बाद में उन्होंने आम आदमी पार्टी जॉइन की। मौजूदा चुनाव में भी उन्होंने AAP के समर्थन से जीत हासिल की थी। रायपुर पुलिस जांच में जुटी शूटरों के रिश्तेदारों से पूछताछ की जा रही है। हत्या की साजिश, गैंग नेटवर्क और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

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वीजा खत्म, फिर भी सालों से रायपुर में रह रहीं थीं विदेशी युवतियां: पुलिस हिरासत में, IB कर रही पूछताछ

रायपुर। राजधानी रायपुर में पुलिस ने दो विदेशी महिला नागरिकों को हिरासत में लिया है। दोनों महिलाएं उज़्बेकिस्तान की रहने वाली बताई जा रही हैं और वीजा की अवधि समाप्त होने के बावजूद लंबे समय से रायपुर में रह रही थीं। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर तेलीबांधा थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की। फिलहाल पुलिस के साथ इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की टीम दोनों महिलाओं से पूछताछ कर रही है। उनके पास मौजूद दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है। IPS–CSP स्तर के अफसर कर रहे जांच पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तेलीबांधा इलाके में दो विदेशी महिलाओं के लंबे समय से रहने की जानकारी मिली थी, लेकिन उनके वीजा और वैध निवास को लेकर संदेह बना हुआ था। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों महिलाओं को हिरासत में लिया। प्रारंभिक पूछताछ में महिलाओं ने खुद को उज़्बेकिस्तान का नागरिक बताया है। वे किस उद्देश्य से भारत आई थीं, किस श्रेणी का वीजा था और वह वर्तमान में वैध है या नहीं—इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है। पासपोर्ट-वीजा जब्त, FRRO से संपर्क पुलिस ने दोनों महिलाओं के पासपोर्ट, वीजा और पहचान से जुड़े अन्य दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। दस्तावेजों की वैधता की पुष्टि के लिए विदेशी पंजीकरण कार्यालय (FRRO) और संबंधित एजेंसियों से संपर्क किया गया है। जरूरत पड़ने पर इमिग्रेशन विभाग को भी पूरे मामले की जानकारी दी जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद यदि वीजा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो विदेशी नागरिक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पहले भी रायपुर में सामने आ चुका है ऐसा मामला गौरतलब है कि करीब 11 महीने पहले भी रायपुर में एक विदेशी युवती की गिरफ्तारी हुई थी। तब वह अपने साथी के साथ शराब के नशे में तेज रफ्तार कार चला रही थी और VIP रोड पर स्कूटी सवार युवकों को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में तीन युवक गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिनमें एक की मौत हो गई थी। उस मामले की जांच के दौरान पुलिस को बड़े सेक्स रैकेट नेटवर्क के संकेत भी मिले थे। घटना 6 फरवरी 2025 की रात की थी, जब उज़्बेकिस्तान के ताशकंद की रहने वाली युवती भारत सरकार लिखी कार चला रही थी और हादसे के बाद मौके पर हंगामा भी किया था।

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कुत्ते के नाम में ‘राम’ विकल्प बना विवाद की जड़: चौथी के पेपर पर बवाल, प्रधान पाठक निलंबित

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में कक्षा चौथी के अंग्रेजी प्रश्न पत्र में पूछे गए एक सवाल ने प्रदेशभर में विवाद खड़ा कर दिया है। प्रश्न में ‘मोना के कुत्ते का नाम’ पूछा गया था, जिसके विकल्पों में बाला, शेरू, कोई नहीं के साथ ‘राम’ नाम भी शामिल था। इस प्रश्न पत्र को रायपुर संभाग के बलौदाबाजार, भाटापारा, महासमुंद, धमतरी और गरियाबंद जिलों में परीक्षा के दौरान वितरित किया गया। जैसे ही प्रश्न पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, हिंदू संगठनों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। उनका कहना था कि कुत्ते के नाम के विकल्प में ‘राम’ लिखे जाने से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। मामले की जांच के बाद शिक्षा विभाग ने प्रश्न पत्र तैयार करने वाली प्रधान पाठक को निलंबित कर दिया है, जबकि मॉडरेटर शिक्षिका को सेवा से पृथक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ‘रामू’ लिखना था, टाइपिंग में गलती हो गई जांच के दौरान दोनों शिक्षिकाओं ने अपनी-अपनी गलती स्वीकार करते हुए लिखित में माफी मांगी है।प्रधान पाठक शिखा सोनी ने स्पष्टीकरण में कहा कि उनका आशय ‘रामू (RAMU)’ लिखने का था, लेकिन टाइपिंग के दौरान ‘U’ छूट गया और ‘RAM’ छप गया। उन्होंने इसे अनजाने में हुई मानवीय भूल बताया। वहीं, मॉडरेटर नम्रता वर्मा ने कहा कि उन्हें जो प्रश्न पत्र का सेट मॉडरेशन के लिए मिला, उसमें विकल्प पहले से मौजूद थे और उनसे भी यह त्रुटि नजरअंदाज हो गई। धार्मिक भावनाएं आहत होने की पुष्टि रायपुर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा गठित 5 सदस्यीय जांच समिति ने प्रश्न पत्र निर्माण, मॉडरेशन और अंतिम मुद्रण से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच की। समिति की रिपोर्ट में माना गया कि राम हिंदू धर्म के आराध्य देव हैं, ऐसे में विकल्प के रूप में यह नाम देना अनुचित है और इससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि प्रश्न पत्र का निर्माण शासकीय प्राथमिक स्कूल नकटी (खपरी), तिल्दा की प्रधान पाठक शिखा सोनी ने किया था और मॉडरेशन सेजेस उच्च माध्यमिक विद्यालय फाफाडीह, रायपुर की सहायक शिक्षक नम्रता वर्मा ने किया। सोशल मीडिया से शुरू हुआ विवाद, राजनीति भी गरमाई 6 जनवरी को परीक्षा के बाद प्रश्न पत्र वायरल हुआ। इसके अगले दिन NSUI रायपुर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। DEO हिमांशु भारती ने इसे विभागीय चूक मानते हुए कहा कि मामले की जांच के लिए समिति बनाई गई है, जो तय समय में रिपोर्ट देगी और दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। वहीं महासमुंद DEO विजय लहरे ने कहा कि उनके जिले में जानकारी मिलते ही विवादित विकल्प को हटाकर अन्य प्रश्न पत्र बांटे गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने का कोई उद्देश्य नहीं था। प्रिंटिंग को लेकर अलग-अलग दावे प्रश्न पत्र की छपाई को लेकर शिक्षा विभाग और प्रिंटिंग प्रेस के बीच भी बयानबाजी सामने आई है। DEO का कहना है कि गलत सेट छप गया, जबकि प्रिंटिंग हाउस संचालक ने दावा किया कि वही सामग्री छापी गई, जो विभाग से भेजी गई थी। NSUI ने इसे सिर्फ तकनीकी गलती मानने से इनकार करते हुए कहा है कि यदि जांच के नाम पर दोषियों को बचाने की कोशिश की गई, तो संगठन आंदोलन करेगा।

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कैशियर की चालबाज़ी! ओम हॉस्पिटल से 11.41 लाख की हेराफेरी, अकाउंटेंट पर FIR

रायपुर। राजधानी रायपुर के डीडी नगर थाना क्षेत्र स्थित ओम हॉस्पिटल में आर्थिक गड़बड़ी का गंभीर मामला सामने आया है। अस्पताल के कैशियर ने कथित तौर पर अपनी सहयोगी कर्मचारी की मदद से करीब 11.41 लाख रुपये की रकम अस्पताल के खाते से निकालकर परिचितों के खातों में ट्रांसफर कर दी। अस्पताल संचालक की शिकायत पर पुलिस ने अकाउंटेंट ओम प्रकाश गिर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि सहयोगी महिला कर्मचारी को फिलहाल छोड़ दिया गया है। क्या है पूरा मामला? ओम हॉस्पिटल के संचालक विनोद कुमार अग्रवाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके अस्पताल में ओम प्रकाश गिर पिछले करीब ढाई साल से कैशियर के पद पर कार्यरत है। उसके साथ काव्या वर्मा असिस्टेंट के तौर पर काम करती थी। जब अस्पताल की बिलिंग और अकाउंट की नियमित जांच की गई, तो खाते में जमा राशि कम पाई गई। इस पर कैशियर ओम प्रकाश से पूछताछ की गई, तो उसने रसीद भूल जाने जैसे बहाने बनाकर बात को टाल दिया। इसके बाद जब असिस्टेंट काव्या वर्मा से पूछताछ की गई, तो उसने खुलासा किया कि 9 अप्रैल से 10 जनवरी 2026 के बीच, ओम प्रकाश के कहने पर उसने अस्पताल का पैसा पहले अपने खाते में और फिर उसके बताए गए अन्य खातों में ट्रांसफर किया। 10 महीनों में कई किश्तों में ट्रांसफर पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने करीब 10 महीनों के भीतर अलग-अलग किश्तों में अस्पताल की रकम ट्रांसफर की। इस पूरी हेराफेरी से अस्पताल प्रबंधन को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। फिलहाल पुलिस ने मुख्य आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और पूरे लेन-देन की बैंकिंग जांच की जा रही है। अस्पताल प्रबंधन ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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शासकीय जमीन पर बने अवैध मकान-दुकानों पर निगम का बुलडोजर, दो जोनों में बड़ी कार्रवाई

रायपुर। नगर पालिक निगम रायपुर ने अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए शहर के अलग-अलग इलाकों में बड़ी कार्रवाई की है। निगम आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर शासकीय भूमि पर कब्जा कर बनाए गए मकानों और व्यावसायिक दुकानों को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त किया गया। यह कार्रवाई जोन-9 और जोन-5 क्षेत्र में की गई। जोन-9 में 3000 वर्गफीट सरकारी जमीन कराई गई मुक्त नगर निगम के नगर निवेश विभाग की टीम ने जोन-9 अंतर्गत वार्ड क्रमांक 10 में अभियान चलाकर करीब 3000 वर्गफीट शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया। जांच में सामने आया था कि यहां सरकारी जमीन पर अवैध रूप से दुकान और मकान का निर्माण किया गया था। जोन कमिश्नर अंशुल शर्मा सीनियर के निर्देश पर कार्यपालन अभियंता शरद ध्रुव, सहायक अभियंता सैय्यद जोहेब और उप अभियंता अतुल बंसल की मौजूदगी में जेसीबी मशीन से अवैध निर्माण को तोड़ा गया। जोन-5 में नियमों के विपरीत निर्माण पर चला हथौड़ा इसी तरह जोन-5 क्षेत्र में भी नगर निगम ने अनुमति के विपरीत किए जा रहे निर्माण पर कार्रवाई की। कुशालपुर रिंग रोड नंबर-1 इलाके में निर्माणाधीन भवन को नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तोड़कर हटाया गया। यह कार्रवाई जोन कमिश्नर खीरसागर नायक के निर्देश पर की गई, जिसमें कार्यपालन अभियंता लाल महेन्द्र प्रताप सिंह, सहायक अभियंता नागेश रामटेके और उप अभियंता टिकेन्द्र चंद्राकर मौजूद रहे। अवैध निर्माण पर आगे भी जारी रहेगा अभियान नगर निगम प्रशासन ने साफ कहा है कि शासकीय भूमि पर अतिक्रमण या नियमों के खिलाफ निर्माण किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में भी शहर के विभिन्न क्षेत्रों में ऐसे अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।

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