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छत्तीसगढ़ में रविवार को ही क्यों बढ़ते हैं हिंदू-ईसाई टकराव?

पिछले 5 साल में 200 से ज्यादा विवाद, 19 जिले प्रभावित, बस्तर बना हॉटस्पॉट छत्तीसगढ़ में हिंदू और ईसाई समुदाय के बीच टकराव की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इन घटनाओं में एक समान पैटर्न देखने को मिलता है—धर्मांतरण, मतांतरण और प्रार्थना सभाएं। खास बात यह है कि अधिकांश विवाद रविवार के दिन ही होते हैं। इसी आशंका को देखते हुए पुलिस और प्रशासन शुक्रवार व शनिवार से ही हाई अलर्ट पर रहता है। भास्कर डिजिटल की पड़ताल में सामने आया कि बीते 5 वर्षों में प्रदेश में हिंदू-ईसाई समुदायों के बीच 200 से अधिक विवाद दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में 60 से ज्यादा FIR हुई हैं। सबसे ज्यादा टकराव बस्तर संभाग सहित 19 जिलों में देखने को मिला है। इन घटनाओं में कांकेर में शव दफनाने को लेकर हिंसा, दुर्ग रेलवे स्टेशन से मिशनरी सिस्टर्स की गिरफ्तारी, रायपुर में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप, बिलासपुर में प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण जैसे कई मामले शामिल हैं। किन जिलों में सबसे ज्यादा विवाद छत्तीसगढ़ में ईसाई समाज की गतिविधियां 19 जिलों में अधिक सक्रिय बताई जाती हैं। इन इलाकों में चर्च और प्रार्थना सभाएं संचालित होती हैं, जिनमें कुछ पंजीकृत हैं तो कई घरों से संचालित हो रही हैं। इसी को लेकर धर्मांतरण और मतांतरण के आरोपों पर विवाद की स्थिति बनती है। सबसे ज्यादा तनाव बस्तर संभाग में देखने को मिला है। बस्तर, कोंडागांव, नारायणपुर, कांकेर और सुकमा जिले धर्मांतरण और अंतिम संस्कार (दफनाने) से जुड़े विवादों के प्रमुख केंद्र रहे हैं। इसके अलावा कोरबा, बलरामपुर, महासमुंद, दुर्ग और बिलासपुर में भी बार-बार टकराव हुआ है। वहीं सरगुजा और सूरजपुर में अपेक्षाकृत कम विवाद सामने आए हैं। रविवार को ही क्यों होती हैं घटनाएं दरअसल, रविवार को ईसाई समुदाय की प्रार्थना सभाएं आयोजित होती हैं। इनमें यीशु मसीह की आराधना, धार्मिक उपदेश और कथाएं सुनाई जाती हैं। इन सभाओं में कई बार हिंदू समुदाय के लोगों को भी आमंत्रित किया जाता है। अनेक मामलों में जब हिंदू संगठनों को इन सभाओं में धर्मांतरण की आशंका होती है, तो वे विरोध दर्ज कराने पहुंचते हैं। इसी दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आ जाते हैं और तनाव की स्थिति बन जाती है। कई बार पुलिस को अतिरिक्त बल तैनात कर हालात संभालने पड़ते हैं। वरिष्ठ पत्रकार की राय वरिष्ठ पत्रकार सुनील कुमार का कहना है कि हर रविवार को स्वतः दो समुदायों के बीच टकराव होना कहना सही नहीं है। उनके अनुसार, कुछ आक्रामक समूहों द्वारा दूसरे समुदायों की प्रार्थना सभाओं पर हमले की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को स्वयं कानून के तहत कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि हालात न बिगड़ें। पिछले वर्षों की प्रमुख घटनाएं पिछले कुछ वर्षों में दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, बालोद और कांकेर जैसे जिलों में धर्मांतरण, प्रार्थना सभा, अवैध चर्च और अंतिम संस्कार को लेकर कई बड़े विवाद हुए। कई मामलों में पुलिस ने गिरफ्तारी की, FIR दर्ज हुई और प्रशासनिक कार्रवाई भी की गई। धर्मांतरण और मतांतरण क्या है धर्मांतरण का अर्थ है एक धर्म छोड़कर किसी अन्य धर्म को अपनाना। छत्तीसगढ़ में इसके लिए जिला प्रशासन को पूर्व सूचना देना अनिवार्य है।मतांतरण में व्यक्ति अपने विश्वास और आस्था में बदलाव करता है, लेकिन इसका सरकारी रिकॉर्ड आवश्यक नहीं होता। छत्तीसगढ़ का धार्मिक स्वतंत्रता कानून प्रदेश में छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 1968 लागू है। इसके तहत जबरन, प्रलोभन या धोखे से धर्मांतरण कराना अपराध है। राज्य सरकार इसे और सख्त करने के लिए नया मसौदा तैयार कर रही है, जिसमें धर्म परिवर्तन से पहले और बाद में घोषणा और सत्यापन की प्रक्रिया को अनिवार्य किया जाएगा। राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र राज्य की 90 विधानसभा सीटों में से 19 सीटों पर ईसाई मतदाताओं की भूमिका अहम मानी जाती है। जशपुर जैसे जिलों में चुनावी परिणामों पर ईसाई मतदाताओं का प्रभाव निर्णायक माना जाता है।

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चाइनीज मांझे से बढ़ते हादसे: रायपुर में छात्र के गाल कटे, 34 टांके लगे, भिलाई में मजदूर गंभीर घायल

मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने की परंपरा एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज मांझे के इस्तेमाल से रायपुर और भिलाई में कई गंभीर हादसे सामने आए हैं। इन घटनाओं ने प्रशासन की कार्रवाई और निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रायपुर में छात्र गंभीर रूप से घायल रायपुर के पंडरी एक्सप्रेस-वे पर एक दर्दनाक घटना हुई, जहां छात्र संकल्प द्विवेदी चलती गाड़ी में चाइनीज मांझे की चपेट में आ गया। वह अपनी बड़ी बहन को स्कूल छोड़ने जा रहा था, तभी मांझा सीधे उसके चेहरे में फंस गया। हादसे में छात्र के गाल गहराई से कट गए और अत्यधिक रक्तस्राव हुआ। डॉक्टरों को उसके चेहरे पर 34 टांके लगाने पड़े। हादसे में छात्र की बहन के हाथ भी कट गए। डॉक्टरों के अनुसार, चाइनीज मांझे से बने घाव स्थायी निशान छोड़ सकते हैं, इसलिए छात्र को प्लास्टिक सर्जरी कराने की सलाह दी गई है। मंदिर जाते समय महिला घायल रविवार शाम रायपुर के लाखेनगर इलाके में एक महिला भी चाइनीज मांझे का शिकार हो गई। ब्राह्मणपारा निवासी नेहा यादव पैदल मंदिर जा रही थीं, तभी अचानक मांझा उनके चेहरे में उलझ गया। मांझा हटाने की कोशिश में उनके होंठ और अंगूठे में गहरे कट लग गए। महिला को तत्काल इलाज के लिए डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहां उनके होंठ पर 10 टांके लगाए गए। भिलाई में मजदूर के गले में फंसा मांझा भिलाई में मकर संक्रांति के दिन साइकिल से घर लौट रहे एक ठेका श्रमिक के गले में चाइनीज मांझा उलझ गया। घायल की पहचान असलम (42 वर्ष), निवासी चांदनी चौक, कोहका के रूप में हुई है। असलम भिलाई इस्पात संयंत्र में ठेका मजदूर के रूप में कार्यरत है। घटना के बाद उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। नेता प्रतिपक्ष से मिला पीड़ित छात्र रायपुर की घटना के बाद घायल छात्र संकल्प द्विवेदी नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी से मिला और मांग की कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जाए। छात्र का कहना है कि निगम स्तर पर शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने कहा कि पीड़ित को हरसंभव सहायता दी जाएगी। उन्होंने नगर निगम आयुक्त और जिला कलेक्टर से चाइनीज मांझे की बिक्री, भंडारण और उपयोग पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रतिबंध के बावजूद बिक्री जारी गौरतलब है कि रायपुर नगर निगम की टीम ने 27 दिसंबर को शहर के कई इलाकों में छापेमारी कर प्रतिबंधित चाइनीज मांझा जब्त किया था। इसके बावजूद मकर संक्रांति पर हुए हादसों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अवैध बिक्री अब भी जारी है। कानून में सख्त सजा का प्रावधान अधिवक्ता विपिन अग्रवाल के अनुसार, चाइनीज या नायलोन मांझे के उपयोग और बिक्री पर एक साल तक की सजा और पांच लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने वर्ष 2017 में इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया था, फिर भी लापरवाही के चलते आम लोगों की जान खतरे में पड़ रही है।

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अभनपुर में सनसनीखेज हत्या, NH-30 पर सड़क किनारे मिला युवक का शव

रायपुर जिले के अभनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम केंद्री, NH-30 स्थित पुराने प्रयतन स्थल के पास सड़क किनारे एक युवक का शव मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही अभनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को भी बुलाया गया। मृतक की पहचान कैलाश तिवारी (28 वर्ष) के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कैलाश तिवारी बीती रात मेले से घूमकर लौट रहे थे। इस दौरान वे इनोवा क्रिस्टा कार में सवार थे। बताया जा रहा है कि कार में कैलाश के साथ उनके दो दोस्त भी मौजूद थे, जबकि इनोवा में कुल 7 से 8 लोग सवार थे। सूत्रों के मुताबिक कैलाश के पास हथियार भी था। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गया। आरोप है कि इनोवा में सवार अन्य लोगों ने कैलाश तिवारी और उनके साथियों पर हमला कर दिया। इस हमले में कैलाश और उनके दोनों दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गए। किसी तरह दोनों दोस्त मौके से जान बचाकर भाग निकले, जिनमें से एक युवक गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। घायल युवक ने ही पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। घटना की जानकारी मिलने पर जब कैलाश तिवारी के परिजन उस स्थान पर पहुंचे जहां विवाद हुआ था, तो उन्होंने कैलाश का शव सड़क किनारे बुरी हालत में पड़ा देखा। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। FSL टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त इनोवा क्रिस्टा कार को जब्त कर लिया है और हमले में शामिल आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच हत्या, आपसी विवाद और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

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बिरगांव में माँ परमेश्वरी की प्रतिमा का भव्य आगमन | देवांगन समाज का ऐतिहासिक उत्सव

दिनांक 15 जनवरी 2026, गुरुवार, शाम 5:00 बजे,देवांगन (कोस्टा) समाज की कुलदेवी माँ परमेश्वरी जी की नई प्रतिमा का भव्य आगमन बिरगांव में होने जा रहा है। छत्तीसगढ़ का देवांगन (कोस्टा) समाज एक संगठित, परिश्रमी और जागरूक समाज है, जो परंपरागत रूप से वस्त्र उद्योग (बुनकर) एवं व्यापार-व्यवसाय से जुड़ा रहा है।यह समाज दहेज प्रथा, नशामुक्ति, शिक्षा और सामाजिक एकता के लिए निरंतर सक्रिय रहा है तथा माँ परमेश्वरी को अपनी इष्ट एवं कुलदेवी मानता है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगभग 7 किलोमीटर दूर स्थित नगर निगम बिरगांव में वर्ष 1991 में कोस्टा समाज द्वारा एक छोटे मंदिर का निर्माण कर माँ परमेश्वरी की प्रतिमा स्थापित की गई थी, जिससे इस क्षेत्र में आस्था की नींव पड़ी। लगभग 35 वर्षों के पश्चात, अब देवांगन (कोस्टा) समाज के सहयोग से करीब 75 लाख रुपये की लागत से भव्य मंदिर का निर्माण पूर्ण हो चुका है।माँ परमेश्वरी की संगमरमर से निर्मित दिव्य प्रतिमा राजस्थान के जयपुर से लाई जा रही है, जिसकी अनुमानित लागत ₹2,11,000 बताई जा रही है। 6 गाँवों से मिलकर बने नगर निगम बिरगांव में देवांगन समाज की कुल जनसंख्या 35,000 से अधिक है।अब वह पावन क्षण निकट है, जब माँ परमेश्वरी जी बिरगांव के हृदय स्थल बुधवारी बाजार स्थित अपने भव्य मंदिर में विराजमान होंगी। बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर, देवांगन (कोस्टा) समाज द्वारा तीन दिवसीय “परमेश्वरी महोत्सव” का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें समाज के लोग आस्था, श्रद्धा और एकता के साथ भाग लेंगे। माँ परमेश्वरी के आगमन से पूरा बिरगांव भक्तिमय हो उठा है।हर ओर जयकारे, भक्ति, विश्वास और उल्लास का वातावरण देखने को मिल रहा है।

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छत्तीसगढ़ में दागी विधायकों की संख्या बढ़ी, 21 जनप्रतिनिधियों पर आपराधिक मामले दर्ज

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में आपराधिक मामलों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। राज्य के 21 मौजूदा विधायकों के खिलाफ विभिन्न अदालतों में आपराधिक प्रकरण लंबित हैं। बीते दो वर्षों के भीतर ही चार विधायकों पर गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है, जिससे साफ है कि दागी जनप्रतिनिधियों की सूची लगातार बढ़ रही है। ताजा मामला जांजगीर-चांपा जिले के जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू से जुड़ा है। उन पर एक किसान से करीब 42.78 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। पुलिस ने इस मामले में उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस कार्रवाई के बाद राज्य की सियासत में हलचल मच गई है। इससे पहले पूर्व मंत्री और कोंटा विधायक कवासी लखमा भी भ्रष्टाचार के एक मामले में जेल में बंद हैं। वहीं सारंगढ़ विधायक उत्तरी जांगड़े पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप है, जबकि जशपुर की भाजपा विधायक रायमुनी भगत पर धार्मिक भावनाएं आहत करने के मामले में प्रकरण दर्ज किया गया है। ऐसे मामलों ने प्रदेश में जनप्रतिनिधियों की छवि को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विधानसभा चुनाव 2023 के आंकड़ेवर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने वाले 90 विधायकों में से 17 ने अपने चुनावी शपथ पत्र में यह स्वीकार किया था कि उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह जानकारी एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और छत्तीसगढ़ इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट में सामने आई थी। रिपोर्ट के अनुसार, इन 17 में से छह विधायकों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। यदि पिछले चुनावों से तुलना करें तो 2018 के विधानसभा चुनाव में 24 विधायकों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की जानकारी दी थी, जिनमें 13 पर गंभीर धाराएं लगी थीं। वहीं 2013 में यह संख्या 14 थी। पार्टीवार स्थितिपार्टी के हिसाब से देखें तो 2023 में भाजपा के 54 विजेता उम्मीदवारों में से 12 और कांग्रेस के 35 विजेता उम्मीदवारों में से पांच ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की घोषणा की थी। गंभीर मामलों के संदर्भ में भाजपा के चार और कांग्रेस के दो विधायकों ने अपने शपथ पत्र में इसका उल्लेख किया था। देशभर की स्थिति भी चिंताजनकएडीआर की वर्ष 2025 में जारी रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में स्थिति और भी गंभीर है। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत के करीब 45 प्रतिशत विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। एडीआर ने 28 राज्यों और विधानसभा वाले तीन केंद्र शासित प्रदेशों के कुल 4,092 विधायकों के शपथ पत्रों का विश्लेषण किया था। राज्यवार आंकड़ों में आंध्र प्रदेश सबसे ऊपर है, जहां 174 में से 138 विधायक (करीब 79 प्रतिशत) आपराधिक मामलों वाले हैं। वहीं सिक्किम में यह प्रतिशत सबसे कम है, जहां 32 में से सिर्फ एक विधायक ने अपने खिलाफ किसी मामले की जानकारी दी है। छत्तीसगढ़ में लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने एक बार फिर राजनीति के अपराधीकरण पर बहस को तेज कर दिया है।

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आम यात्रियों पर बढ़ा बोझ, रायपुर रेलवे स्टेशन पर कार पार्किंग शुल्क में इजाफा

रायपुर। राजधानी रायपुर के रेलवे स्टेशन पर वाहन से आने-जाने वाले यात्रियों को अब अधिक जेब ढीली करनी पड़ेगी। रेलवे स्टेशन परिसर में कार पार्किंग के शुल्क में बढ़ोतरी कर दी गई है, जिससे आम लोगों को सीधा आर्थिक झटका लगा है। नई दरें 8 जनवरी से लागू कर दी गई हैं। नई व्यवस्था के तहत अब दो घंटे तक कार पार्क करने के लिए पहले की तुलना में 20 रुपये अधिक चुकाने होंगे। पहले जहां दो घंटे की पार्किंग का शुल्क 30 रुपये था, अब वही बढ़कर 50 रुपये हो गया है। इसी तरह पूरे दिन की पार्किंग का शुल्क भी 200 रुपये से बढ़ाकर 250 रुपये कर दिया गया है। रेलवे प्रशासन के अनुसार पार्किंग शुल्क बढ़ाने का मुख्य कारण स्टेशन पार्किंग के ठेके की राशि में हुई बड़ी बढ़ोतरी है। पहले यह ठेका करीब 30 लाख रुपये में दिया जाता था, जबकि इस बार यह बढ़कर लगभग एक करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। ठेके की लागत में भारी इजाफे के चलते पार्किंग दरें बढ़ाई गई हैं, जिसका असर सीधे यात्रियों पर पड़ रहा है। रायपुर रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन करीब 70 हजार से अधिक यात्रियों की आवाजाही होती है। बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों से स्टेशन पहुंचते हैं, जिसके चलते पार्किंग लगभग हर समय भरी रहती है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि नया पार्किंग टेंडर तीन वर्षों के लिए जारी किया गया है, यानी यात्रियों को अगले तीन साल तक बढ़ी हुई दरों पर ही पार्किंग शुल्क देना होगा। नया और पुराना पार्किंग शुल्क इस प्रकार है: प्रीमियम पार्किंग पर ज्यादा शुल्क रेलवे स्टेशन परिसर में एक सामान्य पार्किंग क्षेत्र के अलावा एक प्रीमियम पार्किंग एरिया भी है, जहां एक साथ करीब 120 कारें खड़ी की जा सकती हैं। इस प्रीमियम पार्किंग में वाहनों के लिए अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा, जिसे लेकर यात्रियों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन करीब 120 ट्रेनें आती-जाती हैं, ऐसे में बढ़े हुए पार्किंग चार्ज को लेकर विरोध भी शुरू हो गया है।

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रायपुर में चाइनीज मांझे पर प्रशासन की सख्ती, संयुक्त कार्रवाई में जब्ती और जुर्माना

रायपुर। शहर में चाइनीज मांझे से हो रहे लगातार हादसों को देखते हुए रायपुर नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। नगर निगम के जोन-1 और जोन-5 की टीम ने छत्तीसगढ़ राज्य पर्यावरण संरक्षण मंडल के साथ मिलकर पतंग दुकानों पर औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान प्रतिबंधित चाइनीज मांझा पाए जाने पर उसे तत्काल जब्त किया गया और संबंधित दुकानदारों पर जुर्माना लगाया गया। जोन-1 क्षेत्र के बाल गंगाधर तिलक वार्ड क्रमांक-18 में, गुढियारी स्थित प्रयास हॉस्टल के पास दो पतंग दुकानों की जांच की गई। यह कार्रवाई वार्ड पार्षद सोहन साहू और जोन स्वास्थ्य अधिकारी खेमराज देवांगन की मौजूदगी में हुई। निरीक्षण के दौरान दोनों दुकानों से प्रतिबंधित मांझा बरामद किया गया, जिस पर प्रत्येक दुकानदार से 5-5 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। इस तरह कुल 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। साथ ही भविष्य में नियम उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। वहीं जोन-5 क्षेत्र में घासीदास प्लाजा से आमापारा मार्ग तक सड़क किनारे लगी पतंग दुकानों की जांच की गई। यहां भी चाइनीज मांझा मिलने पर तत्काल जब्ती की गई और सड़क पर अवैध रूप से लगी दुकानों को हटाया गया। दुकानदारों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए और दोबारा उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की बात कही गई। नगर निगम ने सभी पतंग विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि आगे कहीं भी प्रतिबंधित चाइनीज मांझा पाया गया तो नियमों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। रविवार को हुआ गंभीर हादसारविवार शाम करीब 5 बजे लाखेनगर इलाके में चाइनीज मांझे से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। महिला पैदल मंदिर जा रही थी, तभी उड़ता हुआ मांझा उनके चेहरे में फंस गया। मांझा हटाने के प्रयास में होंठ और अंगूठे में गहरे कट लग गए, जिससे वह बुरी तरह लहूलुहान हो गई। परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से महिला को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनके होंठ पर 10 टांके लगाए गए। आशंका जताई जा रही है कि यह प्रतिबंधित चाइनीज मांझा ही था। पहले भी हो चुकी है कार्रवाईनगर निगम इससे पहले भी 27 दिसंबर को शहर के विभिन्न इलाकों में छापेमारी कर चुका है। इस दौरान बूढ़ातालाब स्थित सिटी पतंग भंडार से 2 किलो, मोती पतंग भंडार से 1 किलो और सदर बाजार के संजय पतंग भंडार से 1.5 किलो चाइनीज मांझा जब्त किया गया था। गोलबाजार स्थित संगम काइट सेंटर का भी निरीक्षण किया गया था। चाइनीज मांझे को लेकर नियम और सजानेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने वर्ष 2017 में चाइनीज और नायलॉन मांझे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 15 के तहत दोषी पाए जाने पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना या पांच साल तक की सजा या दोनों हो सकते हैं। गंभीर मामलों में यह जुर्माना पांच लाख रुपये तक और सजा पांच साल तक हो सकती है। पहले भी जानलेवा हादसेरायपुर में चाइनीज मांझे से पहले भी कई गंभीर घटनाएं हो चुकी हैं।19 जनवरी 2025 को 7 साल के पुष्कर की गला कटने से मौत हो गई थी।20 जनवरी 2025 को महिला वकील पूर्णांशा कौशिक घायल हुई थीं।फरवरी में शंकर नगर इलाके में दो छात्रों में से एक घायल हुआ था। नगर निगम का कहना है कि जानलेवा चाइनीज मांझे के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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रायपुर उरला सड़क हादसा: साइकिल से जा रहे मजदूर को क्रेन ने कुचला

रायपुर के उरला थाना क्षेत्र में एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना में एक मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक साइकिल से उरला से सरोरा की ओर काम खत्म कर अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान पीछे से आ रही हाइड्रा क्रेन (वाहन क्रमांक CG04 PB 7644) ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि क्रेन का अगला पहिया साइकिल सवार के ऊपर चढ़ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही उरला पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए और सड़क पर भीड़ बढ़ने की आशंका के कारण शव को राह चलते पिकअप वाहन से तत्काल पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। यह हादसा एक बार फिर भारी वाहनों की लापरवाही और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।वीडियो में देखिए हादसे से जुड़ी पूरी जानकारी, मौके की स्थिति और पुलिस का पक्ष। 👉 ऐसी ही स्थानीय और ज़मीनी खबरों के लिए चैनल को Subscribe करें।

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रायपुर में नशे में गुंडों का चाकू हमला, युवक ने भागकर बचाई जान; 4 आरोपी गिरफ्तार

रायपुर। शनिवार देर रात मौदहापारा थाना क्षेत्र में नशे में घूम रहे गुंडों ने पुरानी रंजिश के चलते युवक मोहम्मद अली पर चाकू से हमला कर दिया। युवक ने गली में दौड़कर अपनी जान बचाई। पुलिस ने आरोपी अयान कुरैशी उर्फ बीटी, मोहम्मद फरहान कुरैशी, अब्दुल नवाज आमिर उर्फ भोंदा और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया। घटना का पूरा विवरण पीड़ित मोहम्मद अली असगर ने बताया कि वह 10 जनवरी की रात राजातालाब स्थित गरीब नवाज दवाखाना के सामने वाहन का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान कल्लू गैरेज क्षेत्र के रहने वाले आरोपियों ने उसे रोका। पुराने विवाद को लेकर बहस और मारपीट के दौरान चाकू से हमला किया गया। भागकर बचाई जान चाकू लगने के बाद मोहम्मद अली पास की गली में भागकर छिप गया। इसके बाद वह थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस कार्रवाई शिकायत के आधार पर पुलिस ने रविवार देर शाम सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से चाकू बरामद किया गया। नाबालिग आरोपी को बाल सुधार गृह भेज दिया गया। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात है और गश्त चल रही है।

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पंजाब के सरपंच की मैरिज-पैलेस में हत्या, 2 शूटर रायपुर से अरेस्ट: गैंगस्टर ने ली जिम्मेदारी

अमृतसर/रायपुर। पंजाब के अमृतसर में आम आदमी पार्टी (AAP) के सरपंच जरमल सिंह की शादी समारोह के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद दो आरोपी छत्तीसगढ़ के रायपुर में अपने रिश्तेदारों के घर छिपे हुए थे। रविवार को रायपुर और पंजाब पुलिस की संयुक्त टीम ने शूटरों सुखराज और कर्मवीर को ऋषभ अपार्टमेंट, राजेंद्र नगर से गिरफ्तार किया। आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर अमृतसर भेजा गया। मैरिज-पैलेस में की गई हत्या जानकारी के अनुसार, सरपंच जरमल सिंह 4 जनवरी 2026 को अमृतसर के मैरी गोल्ड रिसॉर्ट में शादी में शामिल होने गए थे। समारोह के दौरान दो बदमाश उनके पास पहुंचे और सिर में गोली मार दी। गोली लगते ही सरपंच वहीं गिर पड़े। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। CCTV फुटेज में दोनों शूटर बिना मुंह ढके, पिस्टल लेकर सरपंच के पास आते दिखे। एक आगे बढ़कर गोली मारता है और दोनों तुरंत फरार हो जाते हैं। पूर्व हमलों और गैंगस्टर की जिम्मेदारी जांच में यह भी पता चला कि सरपंच पर पहले भी तीन बार जानलेवा हमला हो चुका था। हत्या के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें गैंगस्टर डोनी बल और प्रभ दासुवाल ने हत्या की जिम्मेदारी ली। पोस्ट में उन्होंने हत्या का कारण बताते हुए कहा कि सरपंच ने अपने घरों से नाजायज लड़के उठवाए और पुलिस को पैसे दिए, जिस पर हमले किए गए। राजनीतिक पृष्ठभूमि जरमल सिंह पहले अकाली दल से सरपंच चुने गए थे और बाद में उन्होंने आम आदमी पार्टी जॉइन की। मौजूदा चुनाव में भी उन्होंने AAP के समर्थन से जीत हासिल की थी। रायपुर पुलिस जांच में जुटी शूटरों के रिश्तेदारों से पूछताछ की जा रही है। हत्या की साजिश, गैंग नेटवर्क और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

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