Raipur

CSMCL में 115 करोड़ का ओवरटाइम घोटाला उजागर, फर्जी शिफ्ट दिखाकर कर्मचारियों का पैसा हड़पा

छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले के बाद अब छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड में 115 करोड़ रुपए के कथित ओवरटाइम घोटाले का खुलासा हुआ है। आर्थिक अपराध शाखा और एंटी करप्शन ब्यूरो ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए मैनपावर एजेंसी के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में ईगल हंटर सॉल्यूशन लिमिटेड के फील्ड ऑफिसर अभिषेक कुमार सिंह और अकाउंटेंट तिजऊ राम निर्मलकर शामिल हैं। दोनों को तीन दिन की रिमांड पर लिया गया है। जांच में सामने आया है कि शराब दुकानों में कागजों पर अतिरिक्त शिफ्ट दिखाई गईं, लेकिन जिन कर्मचारियों के नाम पर यह ओवरटाइम दिखाया गया, उन्हें कोई भुगतान नहीं मिला। यह पूरा मामला तब सामने आया जब प्रवर्तन निदेशालय ने 29 नवंबर 2023 को रायपुर में छापेमारी कर 28.80 लाख रुपए नकद जब्त किए थे। जांच में पता चला कि यह रकम कर्मचारियों के ओवरटाइम भुगतान से जुड़ी थी। ED की रिपोर्ट के आधार पर ACB ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और IPC की धारा 420 व 120-बी के तहत केस दर्ज किया। जांच एजेंसियों के अनुसार, साल 2019-20 से 2023-24 के बीच सरकार ने शराब दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए 115 करोड़ रुपए ओवरटाइम के रूप में स्वीकृत किए थे। नियम के मुताबिक यह राशि सीधे कर्मचारियों को मिलनी थी, लेकिन मैनपावर एजेंसियों ने फर्जी रिकॉर्ड बनाकर यह पैसा निकाल लिया। बताया जा रहा है कि यह रकम कमीशन के रूप में निकाली गई और इसे कुछ अधिकारियों व निजी व्यक्तियों के बीच बांटा गया। इस पूरे नेटवर्क के तार कारोबारी अनवर ढेबर से भी जुड़े बताए जा रहे हैं। ACB के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका बैंक खातों से नकदी निकालकर संबंधित लोगों तक पहुंचाने की थी। जब्त की गई राशि भी इसी नेटवर्क का हिस्सा मानी जा रही है। दोनों आरोपियों को विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 27 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। फिलहाल जांच एजेंसी बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। पूछताछ के दौरान कुछ बड़े अधिकारियों और राजनीतिक रूप से जुड़े लोगों के नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

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लू के बीच बदलेगा मौसम, तेज हवा और बूंदाबांदी की चेतावनी; राजनांदगांव में पारा 44°C पार

छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने करवट लेने के संकेत दिए हैं। रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग में अगले दो दिनों तक लू चलने का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि इस दौरान कई इलाकों में मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके साथ ही गरज-चमक, आकाशीय बिजली गिरने और हल्की बूंदाबांदी के आसार भी जताए गए हैं। हालांकि, इन बदलावों के बावजूद गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है और तापमान ऊंचा बना रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक उत्तर प्रदेश से ओडिशा तक एक ट्रफ लाइन सक्रिय है, जिसका प्रभाव छत्तीसगढ़ के मौसम पर पड़ रहा है। इसी कारण प्रदेश में एक ओर जहां लू का असर जारी है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर बादल, तेज हवाएं और हल्की बारिश की स्थिति बन रही है। तापमान की बात करें तो प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया है, जो इस सीजन का सबसे गर्म दिन माना जा रहा है। वहीं अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। राजधानी रायपुर में भी आज हीट वेव के साथ गर्म रात रहने की संभावना जताई गई है। यहां अधिकतम तापमान करीब 44 डिग्री और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। अगले दो दिनों के आउटलुक के अनुसार, प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रह सकता है, लेकिन लू का असर समानांतर रूप से बना रहेगा। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने और सतर्क रहने की सलाह दी है।

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रायपुर में आज कई रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्जन, बीजेपी की आक्रोश रैली के चलते असर

राजधानी रायपुर में आज भारतीय जनता पार्टी की आक्रोश रैली के कारण शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित रहेगा। ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी करते हुए दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक लोगों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है। रैली को देखते हुए शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष व्यवस्था की गई है। यह रैली महिला आरक्षण (नारी शक्ति वंदन) बिल लोकसभा में पारित नहीं होने के विरोध में निकाली जा रही है। रैली की शुरुआत इंडोर स्टेडियम से होगी और यह गणेश मंदिर तिराहा, बुढ़ापारा बिजली ऑफिस चौक, महिला थाना चौक होते हुए सुभाष स्टेडियम पहुंचेगी, जहां आमसभा का आयोजन किया जाएगा। अनुमान है कि इस रैली में प्रदेशभर से 15 से 20 हजार कार्यकर्ता शामिल हो सकते हैं। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, बूढ़ेश्वर चौक से गणेश मंदिर तिराहा होते हुए बुढ़ापारा बिजली ऑफिस चौक, श्याम टॉकीज से गणेश मंदिर तिराहा, सदानी चौक और सदर बाजार, महिला थाना चौक से सुभाष स्टेडियम, कोतवाली चौक से सुभाष स्टेडियम, बंजारी चौक से सुभाष स्टेडियम, कालीबाड़ी चौक से कोतवाली चौक और आकाशवाणी चौक से नलघर चौक तक के मार्गों पर यातायात का दबाव रहेगा और आंशिक रूप से रास्ते बंद रह सकते हैं। लोगों की सुविधा के लिए ट्रैफिक पुलिस ने कुछ वैकल्पिक मार्ग भी सुझाए हैं। बूढ़ेश्वर चौक से कैलाशपुरी ढाल, पुलिस लाइन गेट होते हुए नेहरू नगर की ओर जाने का मार्ग खुला रहेगा। इसी तरह कालीबाड़ी से महिला थाना चौक, काली माता तिराहा और अंबेडकर चौक मार्ग का उपयोग किया जा सकता है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि रैली के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में जवान तैनात रहेंगे, लेकिन अनावश्यक रूप से इन मार्गों पर आने से बचना बेहतर होगा। महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन प्रस्ताव के लोकसभा में पारित नहीं होने के बाद भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन की रणनीति बनाई है। इसी के तहत रायपुर में यह आक्रोश रैली आयोजित की जा रही है। इस आयोजन को देखते हुए शहरवासियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले मार्ग की स्थिति की जानकारी लेकर ही निकलें, ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके।

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महिला आरक्षण बिल पर बीजेपी का प्रदर्शन आज से, रायपुर में निकलेगी जन आक्रोश यात्रा

महिला आरक्षण बिल पारित नहीं होने के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी आज से विरोध प्रदर्शन की शुरुआत कर रही है। इसी कड़ी में राजधानी रायपुर में 20 अप्रैल को भाजपा महिला मोर्चा द्वारा जन आक्रोश यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा दोपहर 3 बजे बलबीर जुनेजा इंडोर स्टेडियम से शुरू होकर सुभाष स्टेडियम तक पहुंचेगी, जहां एक सभा का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, डिप्टी सीएम अरुण साव, कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद रूपकुमारी चौधरी, कमलेश जांगड़े और लक्ष्मी वर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल होंगे। पार्टी ने इसे महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा बड़ा मुद्दा बताते हुए व्यापक स्तर पर आंदोलन की तैयारी की है। भारतीय जनता पार्टी ने महिला आरक्षण से जुड़े प्रस्ताव के संसद में पारित नहीं होने को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन करने की रणनीति बनाई है। छत्तीसगढ़ में भी इसी क्रम में चरणबद्ध तरीके से विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 20 अप्रैल को पदयात्रा के बाद 23 और 24 अप्रैल को प्रदेशभर में महिला सम्मेलन होंगे, जबकि 26 और 27 अप्रैल को मंडल स्तर पर पुतला दहन किया जाएगा। रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की उम्मीदों को झटका लगा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के रवैये के कारण यह बिल पास नहीं हो सका। वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि यह महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय है और इसके खिलाफ जनजागरूकता जरूरी है। लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन प्रस्ताव आवश्यक बहुमत हासिल नहीं कर पाया। बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 230 सांसदों ने विरोध में मतदान किया। इसे पारित करने के लिए अधिक मतों की आवश्यकता थी, जिसके अभाव में प्रस्ताव गिर गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे पर देश को संबोधित करते हुए महिलाओं से माफी जताई और कहा कि यह स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने विपक्षी दलों पर राजनीतिक हितों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि महिलाओं के अधिकारों को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता आगे भी बनी रहेगी।

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कवर्धा में शादीशुदा प्रेमी जोड़े ने की आत्महत्या, गांव लौटने के एक महीने बाद उठाया कदम

छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के पांडातराई थाना क्षेत्र में एक शादीशुदा प्रेमी जोड़े द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। दोनों के शव घर के भीतर अलग-अलग फंदों पर लटके हुए मिले, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतकों की पहचान रामलाल चंद्रवंशी (34) और रीना चंद्रवंशी (29) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, दोनों पहले से ही शादीशुदा थे और उनके बच्चे भी हैं। बताया जा रहा है कि रीना का पति रामलाल का दोस्त था, जिसके चलते उसका घर पर आना-जाना रहता था। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और उनका संबंध प्रेम में बदल गया। करीब चार साल पहले दोनों अपने-अपने परिवार और बच्चों को छोड़कर साथ भाग गए थे। इसके बाद वे रायपुर में रहने लगे, जहां रामलाल ने ड्राइवरी का काम शुरू किया। इसी दौरान दोनों ने आपस में शादी भी कर ली और साथ जीवन बिताने लगे। हालांकि, करीब एक महीने पहले ही दोनों अपने गांव लौटे थे और परिवार से अलग रह रहे थे। घटना 19 अप्रैल की बताई जा रही है, जब रामलाल के पिता सब्जी देने उनके घर पहुंचे। घर का दरवाजा अंदर से बंद था और काफी आवाज लगाने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। संदेह होने पर उन्होंने खिड़की से झांककर देखा, जहां दोनों के शव फंदे पर लटके दिखाई दिए। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। पुलिस ने दोनों शवों को नीचे उतारकर पंचनामा किया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। बाद में शव परिजनों को सौंप दिए गए। पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे आत्महत्या के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। हालांकि, प्रारंभिक जांच में आर्थिक तंगी को एक संभावित कारण माना जा रहा है। पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना के पीछे की असली वजह सामने आ सके। थाना प्रभारी के अनुसार, मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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रायपुर में ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार

रायपुर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने संयुक्त रूप से यह ऑपरेशन चलाया। देर रात की गई इस छापेमारी में आरोपियों को उस समय पकड़ा गया, जब वे मोबाइल फोन के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे थे। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपी तकनीक का इस्तेमाल कर सट्टेबाजी का नेटवर्क चला रहे थे। वे अलग-अलग मोबाइल नंबर और विभिन्न एप्लिकेशन के जरिए लोगों को जोड़कर सट्टा खिलाते थे। इस दौरान लेन-देन और रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखा जाता था, ताकि गतिविधियों को आसानी से छिपाया जा सके। हालांकि, पुलिस की सतर्क निगरानी के चलते इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो गया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन, डिजिटल डेटा और सट्टे से जुड़ी अन्य सामग्री जब्त की है। जब्त किए गए उपकरणों की जांच की जा रही है, जिससे इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित बड़े कनेक्शन का पता लगाया जा सके। शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि यह नेटवर्क काफी समय से सक्रिय था और इसके तार शहर के अन्य हिस्सों से भी जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के आधार पर इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। रायपुर पुलिस लगातार ऑनलाइन सट्टेबाजी और अवैध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। इस कार्रवाई को शहर में बढ़ते डिजिटल अपराधों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे इस तरह की अवैध गतिविधियों से दूर रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

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विंग कमांडर सुसाइड केस में पत्नी पर FIR, मानसिक प्रताड़ना के आरोप

रायपुर में विंग कमांडर विपुल यादव आत्महत्या मामले में पुलिस ने उनकी पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पत्नी पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है। परिजनों का कहना है कि लंबे समय से मानसिक तनाव और प्रताड़ना के कारण ही यह कदम उठाया गया। यह घटना तेलीबांधा थाना क्षेत्र की है, जहां 10-11 मार्च 2026 की रात विंग कमांडर का शव उनके सरकारी आवास में फंदे पर लटका मिला था। शुरुआती जांच में पारिवारिक विवाद की बात सामने आई थी। बताया जा रहा है कि उन्होंने वर्ष 2014 में प्रेम विवाह किया था। पुलिस ने जांच के दौरान परिजनों और परिचितों के बयान दर्ज किए, जिसमें आरोप लगाया गया कि वे काफी समय से मानसिक दबाव में थे। परिवार का यह भी कहना है कि उन्हें अपने माता-पिता से बातचीत करने तक की अनुमति नहीं थी, जिससे वे काफी परेशान रहते थे। जांच में कुछ ऐसे साक्ष्य भी मिले हैं, जो प्रताड़ना के आरोपों को बल देते हैं। इन्हीं तथ्यों के आधार पर पुलिस ने पत्नी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 306 के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि आगे की पूछताछ के बाद जरूरत पड़ने पर अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं। मामले में थाना प्रभारी ने FIR दर्ज होने की पुष्टि की है और बताया कि आरोपी से जल्द पूछताछ की जाएगी। जांच हर पहलू को ध्यान में रखकर की जा रही है। परिजनों ने पहले भी आरोप लगाए थे कि मृतक पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए थे और वे मानसिक रूप से दबाव में रहते थे। परिवार के अनुसार, उन्हें अपने बच्चों और माता-पिता से भी खुलकर बात करने का मौका नहीं मिलता था। मृतक के पिता ने बताया कि उनका बेटा अपने निजी जीवन के बारे में ज्यादा जानकारी साझा नहीं करता था, लेकिन वे लगातार तनाव में नजर आता था। परिवार ने मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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RTE फीस बढ़ाने की मांग पर 5 हजार निजी स्कूल बंद, असहयोग आंदोलन तेज

छत्तीसगढ़ में आरटीई के तहत मिलने वाली फीस प्रतिपूर्ति बढ़ाने की मांग को लेकर निजी स्कूलों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। शनिवार को प्रदेशभर के करीब 5 हजार निजी स्कूलों में ताला लगा रहा। इससे पहले एक दिन स्कूल संचालकों, शिक्षकों और स्टाफ ने काली पट्टी बांधकर काम करते हुए अपनी नाराजगी जताई थी। प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने साफ कहा है कि जब तक सरकार आरटीई के तहत मिलने वाली राशि में बढ़ोतरी नहीं करती, तब तक लॉटरी से चयनित बच्चों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यह आंदोलन 1 मार्च से जारी है, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है। स्कूल संचालकों का कहना है कि पिछले 14 वर्षों से आरटीई प्रतिपूर्ति राशि में कोई बदलाव नहीं हुआ है। वर्तमान में प्राथमिक कक्षाओं के लिए प्रति छात्र 7,000 रुपये और माध्यमिक स्तर के लिए 11,400 रुपये दिए जाते हैं, जबकि स्कूल संचालन की लागत लगातार बढ़ रही है। इससे निजी स्कूलों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार, इस मुद्दे को लेकर कई बार सरकार से चर्चा की गई, लेकिन समाधान नहीं निकल पाया। इसी वजह से अब आंदोलन को और तेज किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मांगें जल्द पूरी नहीं होतीं, तो विरोध और उग्र हो सकता है। फिलहाल स्कूल बंद रखकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। इधर, सरकार ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है। आरटीई के तहत प्रवेश प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर मुख्यमंत्री ने स्कूलों की मान्यता रद्द करने के निर्देश दिए हैं। जिला शिक्षा अधिकारियों को पात्र छात्रों का प्रवेश सुनिश्चित कराने के लिए कहा गया है। गौरतलब है कि प्रदेश में गर्मी को देखते हुए 20 अप्रैल से ग्रीष्मकालीन अवकाश भी घोषित किया जा चुका है, ऐसे में स्कूल बंद रहने से छात्रों के लिए छुट्टियों जैसी स्थिति बन गई है।

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जनगणना ड्यूटी पर शिक्षकों का विरोध, भीषण गर्मी में सर्वे को बताया अव्यवहारिक

छत्तीसगढ़ में 1 मई से शुरू होने वाली जनगणना ड्यूटी को लेकर शिक्षकों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि मई-जून की तेज गर्मी में घर-घर जाकर सर्वे करना बेहद मुश्किल और जोखिम भरा होगा। एक ओर इस समय स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां रहती हैं, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों को फील्ड में काम करने के लिए भेजा जा रहा है, जिसे उन्होंने अव्यवहारिक बताया है। छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने कहा कि इस फैसले में मौसम की गंभीरता को नजरअंदाज किया गया है। तेज धूप और उच्च तापमान में लंबे समय तक बाहर रहकर डोर-टू-डोर सर्वे करना न केवल कठिन है, बल्कि स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर डाल सकता है। शिक्षक संघ ने मांग की है कि जनगणना ड्यूटी के समय और प्रक्रिया पर पुनर्विचार किया जाए, ताकि शिक्षकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अलावा स्मार्टफोन की अनिवार्यता को लेकर भी शिक्षकों ने आपत्ति जताई है। सरकारी निर्देश के अनुसार, जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों के पास एंड्रॉयड 12.0 या उससे ऊपर का मोबाइल होना जरूरी किया गया है। ऐसे में जिनके पास पुराने फोन हैं, उन्हें नया स्मार्टफोन खरीदना पड़ेगा, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा। राज्य में जनगणना 2027 का पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा। इस दौरान ‘हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस’ के तहत हर घर, परिवार और बुनियादी सुविधाओं का डेटा एकत्र किया जाएगा। कर्मचारी निर्धारित समय में घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे। इस बार जनगणना प्रक्रिया को डिजिटल किया गया है। 16 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच लोग ऑनलाइन पोर्टल के जरिए स्वयं भी अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं, जिसे सेल्फ-एन्यूमरेशन कहा गया है। इसके बाद उन्हें एक यूनिक आईडी दी जाएगी, जिसे सर्वे के दौरान कर्मचारियों को दिखाना होगा। इस चरण में मकान की स्थिति, उपयोग, निर्माण की गुणवत्ता, परिवारों की संख्या समेत कुल 33 प्रकार की जानकारियां ली जाएंगी। साथ ही पेयजल, शौचालय, बिजली, खाना बनाने के ईंधन, इंटरनेट और अन्य सुविधाओं से जुड़े सवाल भी शामिल रहेंगे। घर में रहने वाले सदस्यों और उपयोग किए जाने वाले वाहनों का विवरण भी दर्ज किया जाएगा।

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रायपुर में लोन के नाम पर 27.50 लाख की ठगी, एजेंटों ने दस्तावेज लेकर कई बैंकों से उठाया कर्ज

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बैंक लोन दिलाने का झांसा देकर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने एक व्यक्ति को आसान प्रक्रिया से लोन दिलाने का भरोसा देकर उसके दस्तावेज हासिल किए और उन्हीं कागजात के आधार पर अलग-अलग बैंकों से लाखों रुपये का कर्ज निकाल लिया। पंडरी थाना क्षेत्र में दर्ज शिकायत के मुताबिक, पीड़ित से दो आरोपियों ने संपर्क कर उसे भरोसा दिलाया कि वे बिना किसी परेशानी के बैंक से लोन दिलवा देंगे। इस प्रक्रिया के लिए उन्होंने जरूरी दस्तावेजों के साथ 5 हजार रुपये भी जमा कराए और जल्द लोन मंजूर होने का आश्वासन दिया। बताया गया है कि जुलाई 2025 से अगस्त 2025 के बीच आरोपियों ने पीड़ित की जानकारी के बिना उसके नाम पर विभिन्न बैंकों से कुल 27 लाख 50 हजार रुपये का लोन ले लिया। इस पूरे मामले की भनक पीड़ित को तब लगी, जब बैंक की ओर से किस्त जमा करने और बकाया राशि के नोटिस मिलने लगे। नोटिस मिलने के बाद पीड़ित ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

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