Raipur

रायपुर में ज्वेलरी शॉप से 5 लाख की ठगी, पति-पत्नी गहने पहनकर पैसे लाने के बहाने फरार

राजधानी रायपुर के टिकरापारा क्षेत्र में एक सराफा व्यापारी को पति-पत्नी की जोड़ी ने ठगी का शिकार बना लिया। दोनों आरोपी दुकान से करीब 5 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण लेकर भुगतान करने का बहाना बनाकर फरार हो गए। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना टिकरापारा थाना क्षेत्र के देवपुरी स्थित “मां दुर्गा ज्वेलर्स” की है, जहां दुकानदार दुर्गा प्रसाद सोनी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। जानकारी के अनुसार गुरुवार शाम एक दंपति दुकान पर ज्वैलरी खरीदने पहुंचे। उन्होंने सोने का हार, बाली, अंगूठी और चांदी की पायल-बिछिया समेत लगभग 4 लाख 93 हजार रुपये के आभूषण पसंद किए। बताया गया कि दोनों ने गहने पहनकर कहा कि वे पास में रहने वाले परिचितों से पैसे लेकर तुरंत लौटते हैं। इसके बाद वे दुकान से निकल गए, लेकिन वापस नहीं आए। पीड़ित व्यापारी ने जब देर तक इंतजार किया तो ठगी का अहसास हुआ और पुलिस को सूचना दी। टिकरापारा पुलिस ने आरोपी कमलेश्वरी साहू और मेशराम साहू के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि आरोपियों के भागने के रास्ते और लोकेशन का पता लगाया जा सके। थाना प्रभारी के अनुसार आरोपियों की पहचान हो चुकी है और उन्हें जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।

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रायपुर में LPG सिलेंडरों की कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई, होटल-दुकानों से 350+ सिलेंडर जब्त

रायपुर में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग और कालाबाजारी के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने जिले के विभिन्न इलाकों में कार्रवाई की और बड़ी मात्रा में गैस सिलेंडर जब्त किए। जांच के दौरान धरसींवा विकासखंड के सेजबहार स्थित कमल होटल में घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग करते पाए जाने पर 14.2 किलोग्राम क्षमता के 8 सिलेंडर जब्त किए गए। वहीं बाबूलाल चिकन सेंटर से भी घरेलू गैस का गलत इस्तेमाल करते हुए 3 सिलेंडर बरामद किए गए। अभनपुर-नवापारा क्षेत्र में रवि ग्लास एंड प्लाइवुड में एलपीजी सिलेंडरों की अवैध बिक्री का मामला सामने आया। यहां से 26 घरेलू सिलेंडर (14.2 किग्रा), 2 व्यावसायिक सिलेंडर (19 किग्रा) और 4 छोटे सिलेंडर (5 किग्रा) जब्त किए गए। इसके अलावा कोरासी इंडेन ग्रामीण गैस एजेंसी की जांच में रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के बीच बड़ा अंतर पाया गया। जांच में 101 भरे और 64 खाली घरेलू सिलेंडर तथा 23 खाली व्यावसायिक सिलेंडर कम मिले। अनियमितता के चलते एजेंसी में मौजूद कुल 355 घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडरों को जब्त कर एजेंसी की निगरानी में रखा गया है। खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पूरे मामले में एलपीजी (वितरण एवं विनियमन) आदेश 2000 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग या कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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रायपुर में 7 नाबालिग बाल मजदूरों का रेस्क्यू, फैक्ट्रियों में कराया जा रहा था खतरनाक काम; चार संस्थानों पर केस दर्ज

राजधानी रायपुर के औद्योगिक क्षेत्रों में बाल श्रम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस और एनजीओ की संयुक्त टीम ने 7 नाबालिग बच्चों को मुक्त कराया है। ये बच्चे उरला, सिलतरा और खमतराई इलाके की फैक्ट्रियों और प्रतिष्ठानों में काम करने को मजबूर थे। जानकारी के अनुसार, इन बच्चों से भारी मशीनों और खतरनाक रसायनों के बीच मजदूरी कराई जा रही थी। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद एसोसिएशन फॉर वॉलंट्री एक्शन छत्तीसगढ़ (AVA) और पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी की। छापे के दौरान उरला क्षेत्र से 3 और खमतराई से 4 नाबालिगों को रेस्क्यू किया गया। ये बच्चे उद्योगों और बेकरी में वेल्डिंग, लोडिंग और पैकिंग जैसे कठिन कार्य कर रहे थे। कार्रवाई के दौरान जिन संस्थानों पर रेड हुई उनमें सोनी प्लाईवुड इंडस्ट्री, शैमरॉक ओवरशिष प्राइवेट लिमिटेड, इंद्राक्षी पाली प्लास्टर एलएलपी प्लांट और सन लॉजिस्टिक एंड डिस्ट्रीब्यूटर शामिल हैं। पुलिस ने इन कंपनियों के संचालकों और ठेकेदारों के खिलाफ बाल श्रम निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। रेस्क्यू किए गए सभी बच्चों का मेडिकल परीक्षण कराया गया और बाद में उन्हें बाल कल्याण समिति (CWC) के सामने पेश किया गया। फिलहाल बच्चों को सुरक्षित बाल गृह भेजा गया है, जहां उनकी काउंसलिंग की जा रही है और उनके परिवारों से संपर्क करने की प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों का कहना है कि रायपुर को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। गौरतलब है कि इससे पहले भी खरोरा स्थित एक मशरूम फैक्ट्री से बड़ी संख्या में बाल मजदूरों को मुक्त कराया गया था। उस मामले में 100 से अधिक बच्चों को बचाया गया था, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।

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रायपुर में व्यापारी से 5 लाख की ठगी, नकली चांदी के सिक्के देकर ले गए कैश और सोना

रायपुर: राजधानी रायपुर में एक व्यापारी के साथ करीब 5 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। ठगों ने पुराने चांदी के सिक्के सस्ते दाम में बेचने का लालच देकर व्यापारी से नकद और सोने के जेवर ले लिए और बदले में नकली सिक्कों की पोटली थमा कर फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। सस्ते दाम में चांदी देने का दिया लालच यह मामला न्यू राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार अमलीडीह निवासी मुरली केसरवानी को कुछ लोगों ने संपर्क कर बताया कि उनके पास बड़ी संख्या में पुराने चांदी के सिक्के हैं। आरोपी अमर कुमार और उसके साथियों ने भरोसा दिलाने के लिए पहले कुछ असली सिक्के दिखाए। इसके बाद बाजार भाव से कम कीमत पर चांदी बेचने का प्रस्ताव दिया, जिससे व्यापारी उनके झांसे में आ गया। पैसे और जेवर लेकर आरोपी हुए फरार सौदा तय होने के बाद तय स्थान पर मुलाकात हुई, जहां मुरली केसरवानी ने आरोपियों को 5 लाख रुपए नकद और कुछ सोने के आभूषण दे दिए। जैसे ही पैसे और जेवर उनके हाथ लगे, आरोपी जल्दी में वहां से निकल गए। जांच में सामने आया नकली सिक्कों का खेल आरोपियों के जाने के बाद जब व्यापारी ने सिक्कों की पोटली खोली और जांच की, तो पता चला कि ऊपर रखे कुछ सिक्के ही असली थे, जबकि अंदर रखे बाकी सिक्के नकली और सस्ती धातु के बने हुए थे। खुद को ठगा महसूस करने के बाद पीड़ित ने तुरंत न्यू राजेंद्र नगर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। CCTV फुटेज के आधार पर तलाश जारी पुलिस ने मुख्य आरोपी अमर कुमार और उसके साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस अमलीडीह और आसपास के क्षेत्रों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है।

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एकीकृत विकास की दिशा में बड़ा कदम, रायपुर–नवा रायपुर और दुर्ग–भिलाई को जोड़ेगा मेट्रो प्लान

Raipur, Nava Raipur, Durg और Bhilai के संयुक्त विकास के लिए राज्य सरकार ने नई योजना पर काम शुरू कर दिया है। दिल्ली-एनसीआर मॉडल की तर्ज पर इन चारों शहरों को स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) के तहत एकीकृत रूप से विकसित करने की तैयारी है। इस योजना में खास तौर पर मेट्रो प्रोजेक्ट, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन व्यवस्था को एक साथ जोड़कर विकसित किया जाएगा। इस संबंध में पहली बैठक मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai की अध्यक्षता में विधानसभा परिसर स्थित कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में राजधानी क्षेत्र के विकास के लिए विशेषज्ञों की नियुक्ति और विभिन्न परियोजनाओं की रूपरेखा पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों की टीम तैयार करेगी मास्टर प्लान सरकार ने तय किया है कि अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों का एक पैनल बनाया जाएगा, जो चारों शहरों के लिए संयुक्त विकास योजना तैयार करेगा। इसमें खास तौर पर मेट्रो रूट, क्षेत्रीय मोबिलिटी और लॉजिस्टिक्स सिस्टम को ध्यान में रखते हुए टेक्नो-इकोनॉमिक फिजिबिलिटी स्टडी कराई जाएगी। बैठक में प्राधिकरण के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार तय करने, ऑडिट सेवाओं के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट नियुक्त करने और परियोजनाओं की प्लानिंग के लिए विशेषज्ञ सलाहकार रखने पर भी सहमति बनी। शुरुआती कामों के लिए 27 करोड़ का प्रावधान राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण की प्रारंभिक गतिविधियों के लिए लगभग 27 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। बैठक में उप मुख्यमंत्री Arun Sao, वित्त मंत्री OP Choudhary सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। आवास, शिक्षा और रोजगार के नए अवसर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्टेट कैपिटल रीजन का गठन बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इससे आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, व्यापार और रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे और क्षेत्र का संतुलित विकास संभव हो सकेगा। NCR मॉडल से प्रेरित योजना यह पहल दिल्ली के National Capital Region Planning Board के मॉडल से प्रेरित है, जिसकी स्थापना 1985 में हुई थी। एनसीआर बनने के बाद नोएडा और गुरुग्राम जैसे शहर बड़े आर्थिक और आईटी केंद्र के रूप में विकसित हुए। उसी तरह छत्तीसगढ़ में भी राजधानी क्षेत्र के चारों शहरों को जोड़कर एक व्यापक विकास मॉडल लागू किया जाएगा। एक मास्टर प्लान के तहत होगा विकास नई व्यवस्था लागू होने के बाद रायपुर, नवा रायपुर और दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में अब अलग-अलग एजेंसियों की जगह एक संयुक्त योजना के तहत विकास कार्य किए जाएंगे। इससे पूरे क्षेत्र का इन्फ्रास्ट्रक्चर, ट्रांसपोर्ट और शहरी विस्तार बेहतर तरीके से प्लान किया जा सकेगा।

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14 मार्च को लगेगी लोक अदालत, रायपुर में 6 हजार से ज्यादा ई-चालानों का होगा निपटारा

छत्तीसगढ़ में 14 मार्च को प्रदेशभर में लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान लंबित ई-चालान मामलों का निपटारा किया जाएगा। राजधानी Raipur में लोक अदालत के लिए अब तक 6 हजार से अधिक ई-चालानों का पंजीयन किया जा चुका है। इस बार लोक अदालत हाइब्रिड मोड में आयोजित होगी, जिसमें पक्षकार अदालत में उपस्थित होकर या फिर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी अपने मामलों का समाधान कर सकेंगे। चालान निपटाने का अंतिम मौका यातायात पुलिस के अनुसार यह वाहन मालिकों के लिए चालान निपटाने का अंतिम अवसर है। लोक अदालत के बाद जिन लोगों ने चालान जमा नहीं किया होगा, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नहीं भरा चालान तो जब्त हो सकता है वाहन ट्रैफिक नियमों के तहत चालान जमा करने के लिए पहले 90 दिन का समय दिया जाता है। इसके बाद मामला स्वतः अदालत में चला जाता है, जहां करीब 45 दिन और मिलते हैं। इस तरह कुल 135 दिनों के भीतर चालान जमा करना जरूरी होता है। तय समय के बाद भी भुगतान नहीं करने पर वाहन जब्त करने की कार्रवाई की जा सकती है। 15 अक्टूबर 2025 से पहले के चालान ही शामिल लोक अदालत में केवल वही ई-चालान शामिल किए जाएंगे जो 15 अक्टूबर 2025 से पहले जारी हुए और न्यायालय में ट्रांसफर हो चुके हैं। यातायात पुलिस ने इसके लिए 10 मार्च तक नजदीकी ट्रैफिक थानों में पंजीयन कराने की अपील की थी। मोबाइल और व्हाट्सएप से दी जा रही जानकारी लोक अदालत में शामिल होने के लिए वाहन मालिकों को मोबाइल कॉल और व्हाट्सएप के माध्यम से भी सूचना भेजी जा रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग अपने लंबित चालान का निपटारा कर सकें।

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रायपुर में विंग कमांडर विपुल यादव का आज अंतिम संस्कार, मोबाइल जब्त कर जांच में जुटी पुलिस

राजधानी Raipur में आत्महत्या करने वाले Wing Commander Vipul Yadav का गुरुवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनका अंतिम संस्कार देवेंद्रनगर स्थित मुक्तिधाम में किया जाना है। घटना के बाद उनके परिवार के सदस्य रायपुर पहुंच चुके हैं, हालांकि फिलहाल परिजन इस मामले पर सार्वजनिक रूप से कुछ भी कहने से बच रहे हैं। घर में फांसी लगाकर की थी आत्महत्या जानकारी के अनुसार विंग कमांडर विपुल यादव ने पुरैना स्थित विधायक कॉलोनी के बंगला नंबर-79 में अपने घर के बेडरूम में पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। 11 मार्च की सुबह घर में काम करने वाली मेड ने सबसे पहले उनका शव देखा और इसकी सूचना पुलिस को दी। घटना के समय उनके दोनों बच्चे घर के दूसरे कमरे में सो रहे थे, जबकि उनकी पत्नी काम के सिलसिले में दिल्ली गई हुई थीं। मोबाइल जब्त, एफएसएल कर रही जांच पुलिस ने मामले की जांच के लिए मृतक का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। डिजिटल साक्ष्यों की जांच के लिए फोरेंसिक टीम (FSL) की मदद ली जा रही है। कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, इसलिए पुलिस सभी संभावित पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। हरियाणा के रहने वाले थे अधिकारी 39 वर्षीय विपुल यादव मूल रूप से हरियाणा के निवासी थे और रायपुर में तैनात थे। वे छत्तीसगढ़ में चल रहे एंटी-नक्सल ऑपरेशन से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्व संभाल रहे थे। परिवार और व्यक्तिगत जानकारी विपुल यादव की शादी वर्ष 2014 में अर्जिता श्रीवास्तव से हुई थी। उनकी पत्नी पहले एयरफोर्स में अधिकारी रह चुकी हैं और वर्तमान में आईटी सेक्टर में कार्यरत हैं। दंपति के दो बच्चे हैं—9 साल का बेटा और 7 साल की बेटी। पुलिस कर रही मामले की जांच घटना के बाद पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा था। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या के कारणों का फिलहाल स्पष्ट पता नहीं चल पाया है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तथा जांच के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।

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रायपुर में NDPS के दो मामलों में 3 दोषियों को सजा, गांजा तस्करों को 15-15 साल की कैद

राजधानी के Raipur में मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री के मामलों में अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए तीन आरोपियों को सजा सुनाई है। दो अलग-अलग मामलों में फैसला सुनाते हुए अदालत ने गांजा तस्करी के दो आरोपियों को 15-15 साल के कठोर कारावास की सजा दी, जबकि नशीली टैबलेट बेचने वाले एक अन्य आरोपी को 3 साल की कैद और 25 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया। गांजा तस्करी के मामले में 15-15 साल की सजा पहला मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है। मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश पंकज कुमार सिन्हा (NDPS कोर्ट) ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए 15-15 साल की सजा सुनाई। जांच अधिकारी के अनुसार 30 मई 2021 को पुलिस को सूचना मिली थी कि केनाल रोड स्थित श्याम नगर इलाके में एक कार में कुछ युवक गांजा लेकर ग्राहक की तलाश कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और संदिग्ध वाहन को रोक लिया। कार में सवार मनीष सिंह, निखिल यादव और जितेंद्र दास को पुलिस ने हिरासत में लेकर तलाशी ली। जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कोर्ट में चालान पेश किया गया। नशीली टैबलेट बेचने वाले को 3 साल की सजा दूसरे मामले में NDPS कोर्ट की विशेष न्यायाधीश किरण थवाईत ने एक आरोपी को नशीली टैबलेट बेचने का दोषी पाते हुए 3 साल के सश्रम कारावास और 25 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। इस मामले में कोतवाली थाना पुलिस को 16 मार्च 2021 को सूचना मिली थी कि एक युवक नशीला पदार्थ बेचने की फिराक में है। पुलिस ने जांच कर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया और 30 अप्रैल 2021 को अदालत में आरोप पत्र पेश किया। नशे के कारोबार पर सख्त संदेश दोनों मामलों में आए फैसलों को नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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रायपुर रेलवे स्टेशन पर अव्यवस्थित पार्किंग रोकने की तैयारी, जल्द तैनात होंगे टोइंग व्हीकल

छत्तीसगढ़ की राजधानी में स्थित Raipur Railway Station परिसर में अव्यवस्थित पार्किंग की समस्या को दूर करने के लिए रेलवे नई व्यवस्था लागू करने जा रहा है। स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में गलत तरीके से खड़े वाहनों को हटाने के लिए जल्द ही टोइंग व्हीकल (वाहन उठाने वाली गाड़ियां) तैनात की जाएंगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अभी कई जगह लोग अपने वाहन अनियमित रूप से पार्क कर देते हैं, जिससे यात्रियों को आवाजाही में दिक्कत होती है और ट्रैफिक भी प्रभावित होता है। इसे नियंत्रित करने के लिए रेलवे ने वाहन उठाने की व्यवस्था लागू करने की योजना बनाई है। सीनियर डीसीएम अवधेश कुमार त्रिवेदी ने बताया कि फिलहाल रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी समय-समय पर कार्रवाई करते हैं, लेकिन फिर भी कई बार अव्यवस्थित पार्किंग देखने को मिलती है। ऐसे में अब स्टेशन परिसर में गलत तरीके से खड़े वाहनों को तुरंत हटाने के लिए टोइंग व्हीकल की व्यवस्था की जाएगी। निजी कंपनी को दिया जाएगा जिम्मा यह व्यवस्था निजी कॉन्ट्रैक्ट के माध्यम से लागू की जाएगी, जिससे रेलवे को अलग से निवेश नहीं करना पड़ेगा। हालांकि इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और रेलवे के वाणिज्य विभाग के कर्मचारी करेंगे। फिलहाल अस्थायी रूप से लागू होगी व्यवस्था रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्टेशन डेवलपमेंट का काम पूरा होने तक यह व्यवस्था अस्थायी तौर पर लागू रहेगी। निर्माण कार्य के कारण पार्किंग और ट्रैफिक व्यवस्था में लगातार बदलाव हो रहे हैं। आगे बनेगी मल्टीलेवल पार्किंग स्टेशन के विकास कार्य पूरे होने के बाद परिसर के दोनों तरफ मल्टीलेवल पार्किंग, सरफेस पार्किंग और व्यवस्थित लेन सिस्टम विकसित किए जाएंगे। इससे स्टेशन के सामने पार्किंग और यातायात की समस्या काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।

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रायपुर में अतिक्रमण पर कार्रवाई: महोबा बाजार से टाटीबंध तक 30 ठेले हटाए, 15 अवैध दुकानें तोड़ी

राजधानी रायपुर में सड़क किनारे बढ़ते अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम ने सख्त अभियान चलाया है। Raipur Municipal Corporation की जोन-8 टीम ने महोबा बाजार चौक से टाटीबंध चौक और बिलासपुर मुख्य मार्ग तक कार्रवाई करते हुए करीब 30 अवैध ठेले और गुमटियों को हटाया। इसके अलावा सड़क किनारे बनी लगभग 15 अवैध दुकानों को भी तोड़ दिया गया। यह कार्रवाई निगम आयुक्त Vishwadeep के निर्देश पर की गई। अभियान का नेतृत्व जोन-8 की जोन कमिश्नर Rajeshwari Patel ने किया। कार्रवाई के दौरान कार्यपालन अभियंता अतुल चोपड़ा, सहायक अभियंता अमन चंद्राकर, अनुराग पाटकर, उप अभियंता लोचन चौहान, अबरार खान, नगर निवेश विभाग की टीम, टीम प्रहरी और पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे। नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, जोन-8 के वार्ड क्रमांक-21 शहीद भगत सिंह वार्ड और वार्ड क्रमांक-1 वीर सावरकर नगर में लंबे समय से सड़क किनारे अवैध ठेले, गुमटियां और अस्थायी दुकानें लगाई जा रही थीं। इससे सड़क संकरी हो रही थी और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। अभियान के दौरान निरीक्षण में पाया गया कि कुछ लोगों ने सड़क किनारे टीन और त्रिपाल की मदद से स्थायी दुकानें बना ली थीं। इन्हें अवैध मानते हुए निगम की टीम ने मौके पर ही लगभग 15 दुकानों को तोड़ने की कार्रवाई की। नगर निगम का कहना है कि सड़क किनारे अतिक्रमण के कारण अक्सर जाम की स्थिति बन जाती थी, जिससे आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। इसी को ध्यान में रखते हुए यह अभियान चलाकर सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि शहर में अतिक्रमण हटाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा। सड़क किनारे अवैध रूप से ठेले या दुकान लगाने वालों को पहले ही चेतावनी दी गई है। यदि इसके बाद भी नियमों का उल्लंघन किया गया तो सामान जब्त करने के साथ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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