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किराए के मकान में पति-पत्नी चला रहे थे देह व्यापार, मोबाइल स्टेटस से करते थे सौदेबाजी; पुलिस रेड में दो युवतियां बरामद

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस ने एक संगठित देह व्यापार रैकेट का पर्दाफाश किया है। शिवा नगर इलाके में किराए के मकान में रह रहे पति-पत्नी मिलकर सेक्स रैकेट संचालित कर रहे थे। पुलिस की कार्रवाई में मकान से दो युवतियों को बरामद किया गया है, जबकि दंपती को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया और मोबाइल स्टेटस के जरिए ग्राहकों को आकर्षित करता था। वह अपने मोबाइल पर अलग-अलग रेट लिखकर स्टेटस लगाता था, जिसे देखकर ग्राहक संपर्क करते थे। इसके बाद बाहर से युवतियों को बुलाकर मकान में देह व्यापार कराया जाता था। मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई मंगलवार रात पुलिस को सूचना मिली थी कि एसबीआई मेन ब्रांच के सामने रोड किनारे स्थित अनिल कुमार नंदे के किराए के मकान में अवैध गतिविधियां चल रही हैं। बताया गया कि 26 वर्षीय राहुल यादव अपनी पत्नी के साथ वहां देह व्यापार का धंधा चला रहा है। सूचना मिलने पर एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर साइबर सेल और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई। सीएसपी के नेतृत्व में एक पुलिसकर्मी को ग्राहक बनाकर मकान में भेजा गया। जैसे ही तय संकेत मिला, पुलिस टीम ने तत्काल मकान की घेराबंदी कर छापा मारा। आपत्तिजनक सामग्री और नकदी बरामद रेड के दौरान मकान के अलग-अलग कमरों से दो युवतियां मिलीं, जो रायगढ़ की ही रहने वाली बताई जा रही हैं। तलाशी के दौरान पुलिस को कंडोम, दो मोबाइल फोन और करीब दो हजार रुपये नकद बरामद हुए। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह बाहर से लड़कियों को बुलाकर देह व्यापार कराता था। यूपी का रहने वाला है आरोपी आरोपी राहुल यादव मूल रूप से इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश) के नई बैरहना क्षेत्र का निवासी है और करीब तीन महीने पहले रायगढ़ आकर किराए के मकान में रहने लगा था। पुलिस ने पति-पत्नी को गिरफ्तार कर पीटा एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। दो दिन में दूसरी बड़ी कार्रवाई पुलिस ने बताया कि बीते दो दिनों में देह व्यापार के खिलाफ यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले रविवार रात केलो विहार कॉलोनी में भी इसी तरह की कार्रवाई कर आरोपी और एक ग्राहक को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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रायगढ़ में मिलावटी दुग्ध उत्पादों पर कार्रवाई: लेबल बदलते पकड़ा गया पिकअप, 2 लाख से ज्यादा का माल जब्त

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी दुग्ध उत्पादों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार शाम एक पिकअप वाहन में दही और अन्य दुग्ध उत्पादों के डिब्बों पर ब्रांड का लेबल बदलते हुए लोगों ने पकड़ लिया, जिसके बाद पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचना दी गई। मामले की जांच दो दिनों तक चली, जिसमें नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर करीब 2 लाख 3 हजार रुपये मूल्य के दुग्ध उत्पाद जब्त किए गए हैं। चक्रधर नगर पुलिस को सूचना मिली थी कि दुर्ग जिले से एक संदिग्ध पिकअप वाहन के जरिए रायगढ़ शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भारी मात्रा में दुग्ध उत्पाद बेचे जा रहे हैं। जांच में सामने आया कि उत्पादों के मूल लेबल से छेड़छाड़ कर दूसरे ब्रांड के रैपर चिपकाए जा रहे थे। पिकअप वाहन में दही और कॉटेज एनालॉग जैसे दुग्ध उत्पाद 5 और 15 किलोग्राम के बंद प्लास्टिक जार और पैकेटों में भरे हुए थे। पुलिस ने वाहन को थाने लाकर खाद्य सुरक्षा विभाग को सौंपा, जिसके बाद विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। जांच में यह तथ्य सामने आया कि ये उत्पाद कस्तूरी डेयरी, केलोविहार, रायगढ़ की प्रोपराइटर सोनिया जायसवाल द्वारा बिक्री के लिए मंगाए गए थे। यह सामग्री वैद्य फूड्स, शंकर नगर, भिलाई (दुर्ग) से लाई गई थी। खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में पाया गया कि नंदनम क्लासिक दही, जिसे कृष्णा नंदन मिल्क एंड डेयरी प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, बिलासपुर द्वारा निर्मित किया जाता है, उसके मूल लेबल हटाकर उस पर वैद्य फूड्स का रैपर चिपकाया जा रहा था। इसे खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 और लेबलिंग नियम 2020 का स्पष्ट उल्लंघन माना गया। शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कस्तूरी डेयरी परिसर पहुंचकर तीन खाद्य नमूने लिए। इनमें नंदनम क्लासिक दही और वैद्य फूड्स कॉटेज एनालॉग के दो अलग-अलग पैक शामिल हैं। सभी नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेजा गया है। गुणवत्ता को लेकर संदेह और नियमों का पालन न होने के चलते मौके पर रखे गए बड़ी मात्रा में दुग्ध उत्पाद जब्त कर लिए गए। जब्त सामग्री का कुल अनुमानित बाजार मूल्य 2 लाख 3 हजार 750 रुपये बताया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान 515 किलोग्राम दही और 770 किलोग्राम कॉटेज एनालॉग दुग्ध उत्पाद जब्त किए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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रायगढ़ में 75KG के 5 अजगरों का रेस्क्यू, 8–10 फीट लंबे; खेत में मच गया था हड़कंप, जानिए बचाव के तरीके

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक किसान के खेत से 5 विशाल अजगरों का एक साथ रेस्क्यू किया गया है। इन सभी अजगरों का कुल वजन करीब 75 किलोग्राम बताया जा रहा है, जबकि प्रत्येक अजगर की लंबाई 8 से 10 फीट के बीच है।स्नैक कैचर टीम ने करीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सभी अजगरों को सुरक्षित पकड़ा। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। खेत में पानी भरते समय दिखे 5 अजगर घटना पुसौर ब्लॉक के जामपाली गांव की है। किसान चित्रसेन चौहान रोज की तरह अपने खेत में पानी डाल रहे थे, तभी अचानक उन्हें एक साथ 5 अजगर दिखाई दिए। अजगरों को देखकर किसान घबरा गया और गांव वालों को सूचना दी। कुछ ही देर में मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। एक साथ इतने बड़े अजगर निकलने से गांव में दहशत फैल गई और लोग खेतों की ओर जाने से डरने लगे। मेड़ के बिलों में घुस गए थे अजगर सूचना मिलने पर स्नैक रेस्क्यू फाउंडेशन की टीम मौके पर पहुंची। टीम में अजय सिंह, आयुष, प्रियांशु सहित अन्य सदस्य शामिल थे।रेस्क्यू के दौरान अजगर बेहद फुर्तीले थे। जैसे ही टीम ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की, वे खेत की मेड़ों में बने बिलों में घुस गए। कई बार अजगरों ने फुफकार कर रेस्क्यू टीम को डराने की भी कोशिश की। 4 घंटे की मशक्कत के बाद रेस्क्यू रेस्क्यू टीम ने सुबह करीब 11 बजे ऑपरेशन शुरू किया, जो दोपहर 3:30 बजे तक चला। काफी संघर्ष के बाद सभी 5 अजगरों को सुरक्षित पकड़ा गया।रेस्क्यू के बाद अजगरों को बोरियों में डालकर नवापाली क्षेत्र के जंगल में सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया। पानी भरने से बाहर निकले थे अजगर स्नैक कैचर अजय सिंह के अनुसार, खेत में पानी भरने की वजह से अजगर अपने बिलों से बाहर निकल आए थे। शिकार की तलाश में वे खेत में इधर-उधर घूम रहे थे, जिससे ग्रामीणों के लिए खतरा बढ़ गया था। पहले भी मिल चुके हैं एक साथ 21 अजगर यह पहली घटना नहीं है। करीब 6 महीने पहले, बारिश के मौसम में रायगढ़ जिले के ननसियां गांव में एक ही स्थान पर अजगर के 21 अंडे मिले थे। बाद में सभी अंडों से बच्चे निकले और उन्हें सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया था।

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धान खरीदी में भारी कटौती से नाराज़ किसान सड़क पर उतरे, रायगढ़–पुसौर मार्ग रहा जाम

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के पुसौर धान मंडी में धान खरीदी के दौरान की जा रही भारी कटौती को लेकर किसानों का गुस्सा बुधवार को सड़कों पर फूट पड़ा। धान खरीदी में कटौती बंद कराने की मांग को लेकर किसानों ने रायगढ़–पुसौर मुख्य मार्ग पर धरना-प्रदर्शन करते हुए चक्काजाम कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह ठप हो गया। 30 से 50 प्रतिशत तक धान काटे जाने का आरोप बुधवार सुबह किसान जब पुसौर ब्लॉक के धान उपार्जन केंद्र पहुंचे, तो वहां धान की गुणवत्ता के नाम पर 30 से 50 प्रतिशत तक कटौती किए जाने का आरोप लगाया गया। किसानों का कहना था कि वे जितना धान लेकर मंडी पहुंचे थे, उतनी मात्रा में खरीदी नहीं की जा रही थी, जिससे उन्हें भारी नुकसान हो रहा था। कई गांवों के किसान आंदोलन में हुए शामिल धान कटौती से नाराज़ किसानों ने किसान नेता लल्लू सिंह के नेतृत्व में सड़क पर बैठकर विरोध शुरू कर दिया। इस आंदोलन में पुसौर, सारसमाल, कर्राजोर, घींच, सलोनी और तड़ोला समेत आसपास के 5 से 6 गांवों के किसान शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगें रखीं। चक्काजाम से वाहनों की लगी लंबी कतार किसानों के सड़क पर बैठने से रायगढ़–पुसौर मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। आम यात्रियों और मालवाहक वाहनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने बातचीत कर दिया भरोसा घटना की जानकारी मिलते ही नायब तहसीलदार और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों से चर्चा कर उन्हें आश्वासन दिया कि धान खरीदी में अनावश्यक कटौती नहीं की जाएगी और उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा। आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त प्रशासन की ओर से भरोसा मिलने के बाद किसानों ने अपना धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया। किसान नेता लल्लू सिंह ने बताया कि यदि कटौती जारी रहती तो किसान तय समय में धान नहीं बेच पाते, इसलिए मजबूरी में सड़क पर उतरना पड़ा।

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रायगढ़ में अवैध कबाड़ कारोबार पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, जिलेभर में एक साथ छापेमारी

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अवैध कबाड़ कारोबार के खिलाफ पुलिस ने व्यापक अभियान शुरू किया है। जिले के सभी थाना क्षेत्रों में एक साथ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने बड़े और छोटे कबाड़ कारोबारियों के दुकानों और गोदामों पर छापेमारी की। इस दौरान लाखों रुपये मूल्य के अवैध कबाड़ के जब्त किए जाने की सूचना है। बुधवार सुबह से चल रही कार्रवाई प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह सभी थाना क्षेत्रों की पुलिस टीमों ने अपने-अपने इलाके में कबाड़ कारोबार से जुड़े ठिकानों पर दबिश दी। पुलिस की यह कार्रवाई जिलेभर में एक साथ की जा रही है, जिससे अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि शहर का सबसे बड़ा कबाड़ गोदाम गढ़उमरिया रोड क्षेत्र में स्थित है, जहां पुलिस की टीम सुबह पहुंची और विस्तृत जांच शुरू की। वाहनों के पार्ट्स और लोहे का सामान बरामद छापेमारी के दौरान पुलिस ने कबाड़ स्थलों से पुराने मोटरसाइकिल और साइकिल, सरिया, भारी मात्रा में लोहा और कई महंगी गाड़ियों के पार्ट्स बरामद किए हैं। जब्त सामान के वैध दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कुल कितने मूल्य का अवैध कबाड़ जब्त किया गया है। पुलिस की कार्रवाई फिलहाल जारी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। अपराध नियंत्रण के निर्देश के बाद हुई कार्रवाई गौरतलब है कि दो दिन पहले सोमवार को पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारियों की क्राइम मीटिंग ली थी। इस बैठक में बढ़ते अपराधों पर नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए थे। माना जा रहा है कि उसी के तहत बुधवार को जिलेभर में एक साथ यह बड़ी कार्रवाई की गई है।

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रायगढ़ में फ्लाईएश परिवहन बना ग्रामीणों की परेशानी, नियम उल्लंघन पर भड़का विरोध

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के नवापारा क्षेत्र में फ्लाईएश से लदे वाहनों से सड़क पर गिर रहे राख ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लंबे समय से जारी इस समस्या के खिलाफ सोमवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। टीआरएन कंपनी से निकलने वाली फ्लाईएश से भरी गाड़ियों को ग्रामीणों ने रोककर विरोध प्रदर्शन किया और परिवहन में हो रहे नियमों के उल्लंघन पर सवाल उठाए। जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 8 बजे टेंडा-नवापारा मार्ग से कई ओवरलोड फ्लाईएश वाहन गुजर रहे थे। वाहनों को ढंकने और सुरक्षित ढुलाई के नियमों का पालन नहीं होने के कारण चलते वाहनों से फ्लाईएश सड़क पर गिरने लगा। इससे न सिर्फ सड़कें खराब हो रही हैं, बल्कि राहगीरों और दोपहिया चालकों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति बिगड़ते देख नाराज ग्रामीणों ने मौके पर 8 से 10 फ्लाईएश वाहनों को रोक लिया और कंपनी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद कंपनी और संबंधित विभाग कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, जिससे समस्या लगातार बनी हुई है। वाहनों को रोके जाने की सूचना मिलने पर कंपनी के फ्लाईएश साइट इंचार्ज और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि आगे से परिवहन में नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा और ऐसी लापरवाही दोबारा नहीं होगी। इसके बाद सड़क पर गिरे फ्लाईएश को हटाने का काम शुरू कराया गया। लगभग पांच घंटे बाद जाकर ग्रामीणों ने अपना विरोध समाप्त किया। गांव के पंच परमेश्वर गुप्ता ने बताया कि टेंडा नवापारा, कटंगडीह, चारमार, डोंगाभौना और छाल-भोजिया मार्ग पर रोजाना इसी तरह फ्लाईएश गिरती है, जिससे कई गांव प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

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छत्तीसगढ़ में विवाह पंजीयन अनिवार्य: 7 दिन में मिलेगा मैरिज सर्टिफिकेट, बाल विवाह और फर्जी शादी पर लगेगी रोक

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में विवाह पंजीयन को अनिवार्य कर दिया है। इस संबंध में विधि-विधायी कार्य विभाग द्वारा अधिसूचना जारी कर राजपत्र में प्रकाशित कर दी गई है। नए नियमों के तहत 29 जनवरी 2016 के बाद जिन दंपतियों का विवाह हुआ है, उन्हें तय समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से विवाह का पंजीयन कराना होगा। सरकार का कहना है कि इस फैसले से फर्जी, दिखावटी और अवैध शादियों पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा। साथ ही बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथाओं पर रोक लगेगी और महिलाओं के कानूनी अधिकारों को मजबूती मिलेगी। कहां और कैसे कराएं विवाह पंजीयन विवाह का पंजीयन नगर निगम, नगर पालिका, जनपद पंचायत या राज्य सरकार द्वारा अधिकृत ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से कराया जा सकता है। नगर निगम क्षेत्र में रहने वाले दंपतियों को संबंधित नगर निगम कार्यालय में आवेदन करना होगा। इसके अलावा चॉइस सेंटर के माध्यम से भी विवाह पंजीयन की सुविधा उपलब्ध है। विवाह की तारीख से एक महीने के भीतर पंजीयन कराने पर मात्र 20 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। यदि एक माह के बाद पंजीयन कराया जाता है तो इसके लिए 520 रुपये शुल्क देना होगा। मैरिज सर्टिफिकेट के लिए आवश्यक दस्तावेज मैरिज सर्टिफिकेट के लिए आवेदन करने वाले पति और पत्नी का भारतीय नागरिक होना आवश्यक है। साथ ही दोनों की उम्र भारतीय कानून के अनुसार निर्धारित सीमा में होनी चाहिए। विवाह के एक महीने के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है, हालांकि इसके बाद भी लेट फीस और सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से आवेदन किया जा सकता है। यदि किसी आवेदक का पूर्व में विवाह हो चुका है और तलाक हो गया है, तो नए विवाह के पंजीयन के लिए तलाक का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। एक सप्ताह में जारी होगा सर्टिफिकेट रायपुर नगर निगम की विवाह रजिस्ट्रार तृप्ति पाणिग्रही के अनुसार, आवेदन के साथ जमा किए गए दस्तावेज सही पाए जाने पर एक सप्ताह के भीतर मैरिज सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाता है। आवेदन प्रक्रिया के दौरान दस्तावेजों के सत्यापन के लिए पति-पत्नी की उपस्थिति आवश्यक होती है। किन मामलों में नहीं बनेगा मैरिज सर्टिफिकेट भारतीय कानून के अनुसार विवाह के समय लड़की की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष और लड़के की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष तय है। यदि विवाह के समय इनमें से किसी की भी उम्र तय सीमा से कम पाई जाती है, तो वह विवाह कानूनी रूप से मान्य नहीं होगा और ऐसे मामलों में मैरिज सर्टिफिकेट जारी नहीं किया जाएगा।

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रायपुर-आरंग NH-53 पर भीषण सड़क हादसा: तेज रफ्तार हाईवा ने पिता-पुत्र और 6 साल के मासूम को कुचला, तीनों की मौत

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से आरंग को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे-53 पर शुक्रवार सुबह दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार मुरुम लोड हाईवा ने बाइक सवार एक ही परिवार के तीन लोगों को रौंद दिया। हादसा इतना भीषण था कि तीनों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि शव सड़क पर क्षत-विक्षत अवस्था में बिखर गए। मृतकों में एक 6 साल का मासूम बच्चा भी शामिल है। यह घटना आरंग थाना क्षेत्र के निसदा मोड़ के पास हुई, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मछली पकड़ने निकले थे, रास्ते में हो गया हादसा प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरंग के बागेश्वर पारा निवासी श्रवण जलक्षत्री (40) और उनका बेटा मंगलू जलक्षत्री (28) शुक्रवार सुबह मछली पकड़ने के लिए घर से निकले थे। उनके साथ मंगलू का 6 वर्षीय बेटा तिलक जलक्षत्री भी मौजूद था। तीनों एक ही बाइक पर सवार थे। बताया जा रहा है कि बाइक रांग साइड से पुल की ओर जा रही थी। इसी दौरान महासमुंद की दिशा से आ रहा तेज रफ्तार मुरुम लोड हाईवा अनियंत्रित हो गया और सीधे बाइक सवारों को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद हाईवा का टायर चढ़ा, मौके पर मौत प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों बाइक से उछलकर सड़क पर गिर पड़े। इसके बाद हाईवा का टायर उनके ऊपर से गुजर गया, जिससे तीनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद सड़क पर खून फैल गया और शवों के कई हिस्से दूर-दूर तक बिखर गए। हादसे के बाद हाईवे पर चक्काजाम घटना के बाद हाईवा चालक मौके से फरार हो गया, हालांकि वाहन वहीं छोड़ दिया गया। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन और स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आक्रोश में आकर नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने और आरोपी चालक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। जाम के कारण हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपी की तलाश जारी सूचना मिलने पर आरंग पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों व ग्रामीणों को समझाइश देकर चक्काजाम समाप्त कराया। पुलिस ने सड़क पर बिखरे शवों के अवशेषों को एकत्र कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। आरंग थाना पुलिस ने आरोपी हाईवा चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। दुर्घटनाग्रस्त हाईवा को जब्त कर लिया गया है, जबकि फरार चालक की तलाश की जा रही है।

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दहेज में कार के बदले 25 लाख की डिमांड, 8 महीने की गर्भवती विवाहिता को घर से निकाला: पति-सास-ससुर के खिलाफ FIR

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में दहेज प्रताड़ना का गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक विवाहिता पर ससुराल पक्ष ने शादी के दो दिन बाद ही कार के बदले 25 लाख रुपए की मांग कर दी। मांग पूरी न होने पर उसे मारपीट, भूखा-प्यासा रखने और गर्भपात कराने का दबाव बनाया गया। पीड़िता वर्तमान में 8 माह की गर्भवती है और मायके में रह रही है। महिला थाना पुलिस ने पति, सास और ससुर के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। शादी के बाद शुरू हुई मांग मधुबनपारा निवासी 24 वर्षीय युवती की शादी 23 दिसंबर 2024 को मिर्जा सुहेल बेग (27) के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज से हुई थी। शादी के समय पीड़िता के परिजनों ने 2.50 लाख रुपए कैश, सोना-चांदी के जेवर और गृहस्थी का 15 लाख रुपए का सामान दिया। शादी के दो दिन बाद ससुराल पक्ष ने शादी के खर्चा न करने का हवाला देते हुए 5 लाख रुपए की अतिरिक्त मांग की। जब यह राशि दे दी गई, तो मांग बढ़कर कार के बदले 25 लाख रुपए तक पहुंच गई। प्रताड़ना, मारपीट और गर्भपात का दबाव अधिक राशि देने से इनकार करने पर ससुराल पक्ष ने पीड़िता को लगातार मारपीट, गाली-गलौज और भूखा-प्यासा रखने की धमकी दी। मई 2025 में गर्भवती होने के बाद भी पति ने बार-बार गर्भपात कराने का दबाव डाला और जबरन आई-पिल गोली खिलाने की कोशिश की, जिसे पीड़िता ने उल्टी कर दी। 2 सितंबर को पीड़िता के पिता और भाई समझाइश के लिए पहुंचे, लेकिन ससुराल पक्ष ने विवाहिता को घर से निकाल दिया। 8 माह की गर्भवती, मायके में सुरक्षित इसके बाद पीड़िता मायके में रहने को मजबूर हुई। दोनों पक्षों के बीच कई बार सामाजिक बैठक हुई, लेकिन ससुराल पक्ष ने उसे रखने से साफ इनकार कर दिया। महिला थाना में FIR दर्ज पीड़िता की शिकायत पर महिला थाना पुलिस ने धारा 3(5)-BNS, 351(2)-BNS और 85-BNS के तहत पति, सास और ससुर के खिलाफ FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

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नदी किनारे सड़ी-गली लाश से सनसनी: रायगढ़ में महिला की संदिग्ध मौत, 5 दिन पुरानी होने की आशंका

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। कुरकुट नदी के किनारे एक महिला का सड़ा-गला शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव की हालत देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि मौत 4 से 5 दिन पहले हुई होगी। सूचना मिलने के बाद घरघोड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने देखा शव, पुलिस को दी सूचना जानकारी के अनुसार, ग्राम पोरडा निवासी रामप्यारी सारथी (45 वर्ष) का शव शनिवार को बैहामुड़ा से बनखेता जाने वाले मार्ग पर कुरकुट नदी के किनारे पड़ा मिला। रास्ते से गुजर रहे ग्रामीणों की नजर शव पर पड़ी, जिसके बाद उन्होंने तुरंत घरघोड़ा पुलिस को सूचना दी। तेज दुर्गंध, पूरी तरह सड़ चुका था शव पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि महिला का शव पूरी तरह सड़-गल चुका था और उससे तेज दुर्गंध आ रही थी। पहचान होने के बाद पुलिस ने मौके पर पंचनामा कार्रवाई पूरी की और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। हत्या या आत्महत्या, दोनों एंगल से जांच शव की स्थिति को देखते हुए पुलिस को आशंका है कि महिला की मौत कई दिन पहले हो चुकी थी। फिलहाल पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।

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