Chhattisgarh

रायपुर के सरोरा में जिजा-साले के विवाद ने लिया खूनी रूप, चापड़ से हत्या

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सरोरा इलाके से एक गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। उरला थाना क्षेत्र के अंतर्गत सरोरा सर्विस रोड पर स्थित साहू पान ठेला के पास रात करीब 9 बजे यह घटना हुई। जानकारी के मुताबिक मृतक गिरधर साहू और आरोपी प्रकाश साहू आपस में जिजा-साले हैं और दोनों मजदूर नगर, सरोरा के निवासी बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। इसी विवाद ने देर रात तूल पकड़ लिया और कहासुनी इतनी बढ़ गई कि आरोपी प्रकाश साहू ने गुस्से में आकर चापड़ से अपने साले गिरधर साहू पर हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने के कारण गिरधर साहू की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद उरला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और पूरे घटनाक्रम के हर पहलू की जांच की जा रही है। यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि पारिवारिक विवाद अगर समय पर न सुलझाए जाएं तो वे कितने गंभीर और खतरनाक रूप ले सकते हैं।

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बालोद में सीवरेज प्रोजेक्ट के दौरान दर्दनाक हादसा: मिट्टी धंसने से 3 मजदूरों की मौत, 10 फीट गड्ढे में दबे थे

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के दल्लीराजहरा क्षेत्र में भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के सीवरेज पाइपलाइन प्रोजेक्ट के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। मिट्टी धंसने से तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में दो पुरुष और एक महिला शामिल हैं। यह घटना मंगलवार शाम दास पान ठेला चौक के पास हुई, जहां सीवरेज लाइन बिछाने के लिए खुदाई का काम चल रहा था। काम के दौरान अचानक 10 फीट गहरा गड्ढा भरभराकर धंस गया और उसमें काम कर रहे मजदूर दब गए। मृतकों की पहचान किशुन कुमार, राकेश कुमार और बैशाखिन के रूप में हुई है। देर रात तक तीनों के शवों को बाहर निकाल लिया गया। हादसे के बाद परिजनों और आदिवासी संगठनों ने बीएसपी अस्पताल के सामने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। वे 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग कर रहे हैं। इस दौरान अस्पताल परिसर में तनाव की स्थिति बन गई और पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया रोक दी गई। परिजन शव लेने से भी इनकार कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मजदूरों से बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के गहरे गड्ढे में काम कराया जा रहा था। न तो बैरिकेडिंग थी और न ही मिट्टी धंसने से बचाव के उचित इंतजाम किए गए थे। हादसे के बाद पुलिस, प्रशासन और बीएसपी के अधिकारी मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू अभियान चलाया गया, लेकिन तब तक तीनों की जान जा चुकी थी। भाजपा जिला महामंत्री सौरभ लुनिया ने आरोप लगाया कि मजदूरों से बिना मानक सुरक्षा के काम कराया जा रहा था और हादसे के बाद जिम्मेदार अधिकारी देर से पहुंचे। नगर पालिका अध्यक्ष तोरण साहू ने घटना को गंभीर लापरवाही बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की है। वहीं सांसद भोजराज नाग ने भी घटना को दुखद बताते हुए कहा कि मामले की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा।

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रायगढ़ जंगल में युवती की अर्धनग्न लाश मिलने से सनसनी, गला और चेहरा कुचलकर हत्या की आशंका

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक युवती का शव अर्धनग्न अवस्था में जंगल से बरामद होने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। शव तुमीडीह डैम के पास पूंजीपथरा थाना क्षेत्र के जंगल में मिला है। पुलिस ने शुरुआती जांच में इसे हत्या का मामला माना है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम स्थानीय लोगों ने डैम किनारे जंगल में एक युवती का शव देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि युवती की डेडबॉडी जमीन पर औंधे मुंह पड़ी थी और उसके कपड़े पास में बिखरे हुए थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या के बाद पहचान छिपाने की कोशिश की गई। युवती के चेहरे को पत्थर से बुरी तरह कुचल दिया गया, जिससे उसकी शिनाख्त मुश्किल हो गई है। इसके अलावा गले और गर्दन के पीछे धारदार हथियार से वार के निशान भी मिले हैं। मृतका की उम्र लगभग 20 से 22 वर्ष के बीच बताई जा रही है, लेकिन अब तक उसकी पहचान नहीं हो सकी है। आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ के बावजूद कोई जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए घरघोड़ा अस्पताल भेज दिया है। साथ ही आसपास के थानों में गुमशुदगी के मामलों से मिलान किया जा रहा है। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच हत्या के एंगल से कर रही है और घटनास्थल के आसपास से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

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दुर्ग में LLB फर्स्ट सेमेस्टर रिजल्ट पर बवाल: हिंदी में उत्तर लिखने पर फेल करने का आरोप, यूनिवर्सिटी घेरकर छात्रों का विरोध

दुर्ग स्थित हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में LLB फर्स्ट सेमेस्टर के खराब परिणाम को लेकर छात्रों का आक्रोश फूट पड़ा। मंगलवार को बड़ी संख्या में छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर का घेराव कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि लीगल लैंग्वेज विषय में अचानक नियम बदल दिए गए और हिंदी में उत्तर लिखने वाले विद्यार्थियों को फेल कर दिया गया, जिससे सैकड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। जारी परिणाम के अनुसार 417 छात्रों में से केवल 101 छात्र ही सफल हो पाए हैं। 230 छात्रों को पूरक परीक्षा में रखा गया है, जबकि 77 छात्र पूरी तरह अनुत्तीर्ण घोषित किए गए हैं। छात्रों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में फेल होने का मुख्य कारण केवल एक विषय है। छात्रों ने दावा किया कि पहले इसी विषय में हिंदी में उत्तर लिखने पर भी अंक दिए जाते थे, लेकिन इस बार केवल अंग्रेजी में लिखे उत्तरों का ही मूल्यांकन किया गया, जिसकी कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई। वहीं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय तिवारी ने कहा कि बार काउंसिल के नियमों के अनुसार लीगल लैंग्वेज विषय में उत्तर अंग्रेजी में देना अनिवार्य था और उसी आधार पर मूल्यांकन किया गया है। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि यदि परीक्षा प्रक्रिया में कोई बदलाव किया गया था तो इसकी जानकारी पहले दी जानी चाहिए थी, ताकि विद्यार्थी उसी अनुसार तैयारी कर सकें। छात्रों ने मांग की है कि उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच कराई जाए और जिन विद्यार्थियों को कम अंक मिले हैं उन्हें न्याय दिया जाए। साथ ही पुनर्मूल्यांकन की सुविधा फिर से शुरू करने की भी मांग की गई है। इसी तरह धनरसायन सिंह गुरुल महाविद्यालय में भी परिणाम को लेकर नाराजगी देखी गई, जहां 56 में से 50 छात्रों को एक विषय में पूरक की स्थिति में रखा गया है। छात्रों का कहना है कि चारों संबद्ध कॉलेजों में यही स्थिति बनी है, जिससे बड़ी संख्या में विद्यार्थी प्रभावित हुए हैं। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह परिणाम देर से जारी किया है, जबकि छात्रों का कहना है कि परीक्षा के बाद तय समय सीमा के भीतर परिणाम घोषित नहीं किया गया, जिससे मानसिक दबाव और बढ़ गया है। अब सेकंड सेमेस्टर की परीक्षा नजदीक होने से छात्रों की चिंता और बढ़ गई है।

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रायपुर में हाईवोल्टेज ड्रामा: 35 फीट ऊंचे होर्डिंग पर चढ़ी युवती, 40 मिनट तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के शंकर नगर इलाके में उस समय हड़कंप मच गया जब एक युवती अचानक सड़क किनारे लगे लगभग 35 फीट ऊंचे होर्डिंग पर चढ़ गई। घटना खम्हारडीह थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। युवती काफी देर तक ऊंचाई पर होर्डिंग पर बैठी रही, जिससे मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। युवती को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए लंबी सीढ़ी लगाई गई, साथ ही नीचे सुरक्षा के लिए जाली भी बिछाई गई। करीब 40 मिनट तक चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस बल ने भीड़ को नियंत्रित कर स्थिति को संभाला। स्थानीय लोगों की मदद से युवती को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया, जिसके बाद उसे थाने ले जाया गया और पूछताछ शुरू की गई। शुरुआती जांच में युवती मानसिक रूप से अस्थिर नजर आई है, हालांकि उसने किसी विवाद या परेशानी से इनकार किया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि युवती होर्डिंग पर क्यों चढ़ी थी।

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दुर्ग कुम्हारी में दर्दनाक हादसा: सिलेंडर ब्लास्ट और शॉर्ट सर्किट से एक ही परिवार के 4 लोग जिंदा जले, प्रशासन और नेताओं ने जताया शोक

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के कुम्हारी क्षेत्र में एक भीषण हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मकान में बिजली के खंभे से हुए शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी, जिसने देखते ही देखते भयावह रूप ले लिया। आग तेजी से फैलते हुए घर के किचन तक पहुंच गई, जहां गैस सिलेंडर में धमाका हो गया। जोरदार ब्लास्ट के बाद घर में मौजूद लोगों को बाहर निकलने का कोई मौका नहीं मिला। मृतकों में पिता अनिल वैष्णव, उनकी दो बेटियां लक्ष्मी और चांदनी, तथा डेढ़ साल की मासूम बच्ची शामिल हैं। परिवार मजदूरी करके अपना जीवन यापन करता था। हादसे के समय घर में कुछ सदस्य मौजूद थे, जबकि कुछ लोग बाहर थे, जिससे उनकी जान बच गई। लेकिन घर के अंदर मौजूद मासूम बच्ची भी आग की चपेट में आ गई और उसकी भी मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक सब कुछ जलकर खाक हो चुका था। मौके से चारों शव बरामद किए गए, जिन्हें पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। प्रशासन की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष से 5-5 लाख रुपये और जिला प्रशासन की ओर से 4-4 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने घटनास्थल का दौरा कर बिजली विभाग की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दोषी अधिकारियों पर हत्या का मामला दर्ज करने और परिजनों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है। परिजनों के अनुसार, परिवार ने उसी दिन सिलेंडर भरवाकर लाया था। हादसे के समय परिवार के सदस्य सो रहे थे, तभी अचानक आग फैल गई और फिर सिलेंडर ब्लास्ट हो गया। घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर अभिजीत सिंह, एसएसपी विजय अग्रवाल, सांसद विजय बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने मामले की जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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ग्रामीण सेवा नहीं करने वाले 43 डॉक्टरों से 17 करोड़ की वसूली करेगी सरकार

राज्य के ग्रामीण इलाकों में नियुक्ति मिलने के बावजूद ज्वाइन नहीं करने वाले 43 डॉक्टरों पर अब स्वास्थ्य विभाग सख्त कार्रवाई करने जा रहा है। इनमें 15 एमबीबीएस डॉक्टर और 28 विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल हैं। विभाग इन डॉक्टरों से कुल 17 करोड़ 75 लाख रुपए की पेनल्टी वसूलने की तैयारी कर रहा है। स्वास्थ्य संचालनालय ने मंगलवार से कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अधिकारियों को इस मामले में कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। दरअसल, एमबीबीएस और पीजी की पढ़ाई पूरी करने के बाद डॉक्टरों के लिए दो साल तक ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देना अनिवार्य होता है। इसके लिए पढ़ाई के दौरान डॉक्टरों से बांड भरवाया जाता है। एमबीबीएस छात्रों के लिए 25 लाख रुपए और पीजी छात्रों के लिए 50 लाख रुपए का बांड तय किया गया है। बांड में साफ तौर पर उल्लेख होता है कि यदि डॉक्टर पढ़ाई पूरी होने के बाद तय अवधि तक ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा नहीं देंगे तो उनसे बांड की राशि वसूली जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने 2025 में 655 मेडिकल ऑफिसर्स और 155 विशेषज्ञ डॉक्टरों की ग्रामीण क्षेत्रों में संविदा नियुक्ति के आदेश जारी किए थे। इन डॉक्टरों को दो साल की सेवा के लिए पदस्थ किया गया था। जब विभाग ने दिसंबर 2025 में ज्वाइन नहीं करने वाले डॉक्टरों को नोटिस भेजना शुरू किया, तब 54 डॉक्टरों ने जल्दबाजी में अपनी ज्वाइनिंग दे दी। इनमें 37 यूजी और 17 पीजी डॉक्टर शामिल थे। इन डॉक्टरों ने मेडिकल सर्टिफिकेट और ज्वाइनिंग दस्तावेज जमा कर दिए, जिसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई रोक दी गई। हालांकि 43 डॉक्टरों ने नोटिस का जवाब देने के बावजूद अपनी पोस्टिंग वाली जगह पर ज्वाइन नहीं किया। कई डॉक्टरों ने ग्रामीण इलाकों में सुविधाओं की कमी, बुजुर्ग माता-पिता की जिम्मेदारी और छोटे बच्चों की पढ़ाई जैसी वजहें बताईं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बांड भरते समय डॉक्टरों को पहले ही स्पष्ट कर दिया जाता है कि उनकी नियुक्ति ग्रामीण क्षेत्रों में की जाएगी। इसके बावजूद बांड स्वीकार करने के बाद सेवा नहीं देना नियमों का उल्लंघन है। अब विभाग ने इन डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए संबंधित जिलों के कलेक्टरों को भी सूचना भेज दी है।

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छत्तीसगढ़ BJP कोर कमेटी में बड़ा बदलाव: ओपी चौधरी, विजय शर्मा और अमर अग्रवाल शामिल, कई वरिष्ठ नेता बैठक से दूर

छत्तीसगढ़ भाजपा संगठन में बड़ा बदलाव किया गया है। पार्टी की कोर कमेटी का पुनर्गठन करते हुए कई नए चेहरों को शामिल किया गया है, जबकि कुछ पुराने सदस्यों की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे हैं। नई सूची में मंत्री ओपी चौधरी, डिप्टी सीएम विजय शर्मा और पूर्व मंत्री व विधायक अमर अग्रवाल को कोर कमेटी में जगह दी गई है। इसके साथ ही संगठनात्मक ढांचे में महत्वपूर्ण फेरबदल माना जा रहा है। हालांकि कोर कमेटी की हालिया बैठक में पूर्व मंत्री पुन्नूलाल मोहले, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, रामविचार नेताम, विक्रम उसेंडी, रेणुका सिंह, बृजमोहन अग्रवाल और गौरीशंकर अग्रवाल जैसे कई वरिष्ठ नेता शामिल नहीं हुए। उनकी अनुपस्थिति के बाद राजनीतिक गलियारों में उनके भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन ने कोर ग्रुप के पुनर्गठन की पुष्टि की है। वहीं पार्टी के अंदर इसे संगठन को नई दिशा देने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। इससे पहले प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में संगठन को बूथ और ग्रामीण स्तर तक मजबूत करने, आगामी रणनीति और विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा की गई थी। बैठक में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, प्रदेश अध्यक्ष किरण देव और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। अब प्रदेश कार्यसमिति की बैठक पर भी सभी की नजरें टिकी हैं, जहां आगामी रणनीति और संगठनात्मक दिशा को लेकर अहम फैसले लिए जा सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, भाजपा में यह बदलाव सिर्फ संगठन तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि सत्ता और संगठन दोनों स्तरों पर बड़े पुनर्गठन की तैयारी के संकेत मिल रहे हैं। कुछ नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी मिलने की भी चर्चाएं हैं। इसके साथ ही मंत्रिमंडल और संगठन में भविष्य में और बदलाव की संभावनाएं भी जताई जा रही हैं, जिससे छत्तीसगढ़ भाजपा की राजनीतिक रणनीति नए मोड़ पर जाती दिख रही है।

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रायपुर: बम बनाने की सामग्री मामले में आरोपी गिरफ्तार, महापौर से रिश्तेदारी की चर्चा

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बम बनाने से जुड़ी संदिग्ध सामग्री मिलने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी विनय देवांगन को गिरफ्तार किया है। आरोपी को खमतराई थाना क्षेत्र के रावाभाठा इलाके से पकड़ा गया है। जानकारी के अनुसार, 7 मई को रावाभाठा इलाके में एक संदिग्ध युवक के पास पिस्टल और बम निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री मिलने की सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना के बाद पुलिस और बम निरोधक दस्ता (BDDS) मौके पर पहुंचा और जांच शुरू की गई। जांच के दौरान टीम को लो एक्सप्लोसिव क्षमता वाली सामग्री, बैटरी, दो केमिकल की बोतलें, तार और डेटोनेटर बरामद हुए थे। मामले के सामने आने के बाद आरोपी फरार हो गया था, जिसकी पुलिस लगातार तलाश कर रही थी। अब उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और पूछताछ जारी है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि आरोपी की मंशा क्या थी और क्या इस घटना में अन्य लोग भी शामिल हैं। आरोपी विनय देवांगन को लेकर यह भी जानकारी सामने आई है कि वह बीरगांव नगर निगम के महापौर और एक पार्षद का रिश्तेदार है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।

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रायपुर में आज RCB vs KKR मुकाबला: ट्रैफिक प्लान जारी, बारिश की संभावना; शाहरुख खान के पहुंचने की चर्चा

रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम में आज शाम 7:30 बजे रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच मुकाबला खेला जाएगा। मैच को लेकर शहर में उत्साह का माहौल है। खबर है कि बॉलीवुड अभिनेता और KKR के सह-मालिक शाहरुख खान भी टीम का समर्थन करने रायपुर पहुंच सकते हैं। वहीं मौसम विभाग ने शाम के समय तेज हवा और बारिश की संभावना जताई है। मैच के लिए रायपुर ट्रैफिक पुलिस ने विशेष रूट और पार्किंग व्यवस्था लागू की है। शहर से स्टेडियम जाने वाले दर्शकों को तेलीबांधा थाना तिराहा, नेशनल हाईवे-53, सेरीखेड़ी ओवरब्रिज और नया रायपुर मार्ग से होकर गुजरना होगा। वाहनों की पार्किंग स्टेडियम के पूर्व दिशा में स्थित परसदा और कोसा पार्किंग में की जाएगी। यदि वहां जगह भर जाती है तो श्री सत्य साईं अस्पताल और सेंध तालाब पार्किंग का उपयोग किया जाएगा। अलग-अलग जिलों से आने वाले दर्शकों के लिए अलग ट्रैफिक रूट तय किए गए हैं। मुकाबले से पहले दोनों टीमों ने नेट प्रैक्टिस में जमकर तैयारी की। बल्लेबाजों ने बड़े शॉट्स और डेथ ओवर में तेजी से रन बनाने पर फोकस किया, जबकि गेंदबाजों ने यॉर्कर, स्लोअर गेंद और अंतिम ओवरों की रणनीति पर अभ्यास किया। इस बार स्टेडियम का संचालन RCB मैनेजमेंट देख रहा है। हालांकि पिछले मैच के दौरान दर्शकों ने कई व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई थी। सोशल मीडिया पर लोगों ने शिकायत की कि स्टेडियम में खाने-पीने की चीजें काफी महंगे दामों पर बेची गईं। 20 रुपए की पानी की बोतल 150 रुपए और 60 रुपए का पिज्जा 300 रुपए तक में बिकने के आरोप लगे थे। दर्शकों ने यह भी दावा किया कि स्टेडियम परिसर में किसी प्रकार की आधिकारिक रेट लिस्ट प्रदर्शित नहीं की गई थी, जिसका फायदा उठाकर विक्रेताओं ने मनमानी कीमत वसूली। पिछले मुकाबले में मोबाइल नेटवर्क व्यवस्था भी बड़ी समस्या बनकर सामने आई। भारी भीड़ के कारण इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क प्रभावित हो गया, जिससे ई-टिकट वाले दर्शकों को काफी परेशानी हुई। कई लोगों के मोबाइल में QR कोड तक नहीं खुल पाए, जिसके कारण एंट्री गेट पर लंबी लाइनें लग गईं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे थे। स्टेडियम के बाहर बैरिकेडिंग और जालियां लगाने के बावजूद कुछ लोग अंदर घुसने में सफल रहे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ युवक बैरिकेड पार कर स्टेडियम में दाखिल हो गए थे, जबकि सुरक्षा कर्मियों को भीड़ संभालने में कठिनाई हुई। आज के मुकाबले को देखते हुए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। स्टेडियम और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं ताकि मैच के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

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