Chhattisgarh

छत्तीसगढ़: दिव्यांगों के नाम पर 1000 करोड़ का कथित घोटाला – हाईकोर्ट ने CBI जांच के दिए आदेश

रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दिव्यांगों के कल्याण के नाम पर चलाए गए स्टेट रिसोर्स सेंटर (SRC) और फिजिकल रेफरल रिहैबिलिटेशन सेंटर (PRRC) में कथित 1000 करोड़ रुपये के घोटाले की सीबीआई से जांच कराने के आदेश दिए हैं। जस्टिस पार्थ प्रतीम साहू और जस्टिस संजय कुमार जायसवाल की खंडपीठ ने इसे महज प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि संगठित और बड़े पैमाने पर हुआ भ्रष्टाचार बताया। कोर्ट ने कहा कि सरकारी फंड को फर्जी कर्मचारियों और मशीनों के नाम पर निकालकर दुरुपयोग किया गया। कोर्ट की सख्त टिप्पणी बेंच ने स्पष्ट किया कि इतनी बड़ी वित्तीय गड़बड़ी को प्रशासनिक त्रुटि बताना न्यायसंगत नहीं। राज्य सरकार अपने उच्चाधिकारियों को बचाने की कोशिश कर रही है और अब तक की जांच अधूरी और असंगत है। इसलिए सीबीआई को दस्तावेज जब्त कर स्वतंत्र रूप से जांच पूरी करनी होगी। शुरुआत कैसे हुई साल 2004 में SRC की स्थापना दिव्यांगों के पुनर्वास और प्रशिक्षण के लिए की गई थी। 2012 में PRRC खोला गया, जो कृत्रिम अंग और अन्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए था। लेकिन आरटीआई के जरिए सामने आया कि ये संस्थान केवल कागजों में सक्रिय थे और कर्मचारियों की नियुक्ति बिना किए ही वेतन और खरीद के नाम पर करोड़ों रुपये निकाले गए। याचिकाकर्ता कुंदन सिंह ठाकुर ने जनहित याचिका में दावा किया कि उनके नाम पर भी फर्जी रिकॉर्ड बनाकर वेतन निकाला गया, जबकि उन्होंने कभी वहां काम ही नहीं किया। जानकारी मांगने पर उन्हें धमकियां भी दी गईं। ऑडिट और जांच में उजागर अनियमितताएं वित्त विभाग की जांच में 31 अनियमितताएं पाई गईं। SRC का 14 साल तक ऑडिट नहीं हुआ था। फर्जी कर्मचारियों के नाम पर वेतन उठाया गया, उपकरण खरीद के नाम पर कैश भुगतान हुआ, जबकि कृत्रिम अंग और मशीनें खरीदी ही नहीं गईं। 2019 में प्रबंधन समिति ने SRC को भंग कर खाते बंद कर दिए। किस पर लग रहे आरोप याचिका में पूर्व महिला एवं बाल विकास मंत्री रेणुका सिंह के साथ सात रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों (विवेक ढांड, एमके राउत, आलोक शुक्ला, सुनील कुजूर, बीएल अग्रवाल, सतीश पांडे, पीपी श्रोती) के नाम भी शामिल हैं। हालांकि हाईकोर्ट ने पूर्व मंत्री के खिलाफ कोई आदेश नहीं दिया क्योंकि याचिका में उनके खिलाफ स्पष्ट मांग नहीं थी। कांग्रेस का बयान कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय ठाकुर ने कहा कि रमन सिंह के 15 साल के शासन में हुए भ्रष्टाचार का यह बड़ा उदाहरण है। दिव्यांगजनों के लिए आवंटित 1000 करोड़ रुपये में किस तरह घोटाला हुआ, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

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रायपुर: गंदगी और प्लास्टिक पर नगर निगम की कड़ी कार्रवाई, सरकारी शराब दुकान के अहाते पर ताला

रायपुर। राजधानी में स्वच्छता और सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक के तहत नगर निगम ने बड़ा एक्शन लिया है। निगम स्वास्थ्य विभाग और जोन-10 की टीम ने देवपुरी मेन रोड पर स्थित सरकारी शराब दुकान के पास चल रहे अहाते को गुरुवार को सील कर दिया। नगर निगम को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि शराब दुकान के आसपास गंदगी फैल रही है और सफाई व्यवस्था ठप है। कमिश्नर विश्वदीप के निर्देश पर स्वास्थ्य अधिकारी तृप्ति पाणिग्रही और जोन-10 कमिश्नर विवेकानंद दुबे मौके पर पहुंचे और निरीक्षण किया। जांच के दौरान अहाते में भारी गंदगी और प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग पाए जाने पर उसे सील कर दिया गया। स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि देवपुरी की सरकारी शराब दुकान को भी नोटिस जारी किया जाएगा। अहाता संचालक द्वारा पैक पानी पाउच और डिस्पोजल जैसी सिंगल यूज प्लास्टिक सामग्री बेचे जाने पर सामान जब्त किया गया। साथ ही आसपास के दुकानदारों को चेतावनी दी गई कि सार्वजनिक जगहों पर गंदगी फैलाने पर कड़ी कार्रवाई होगी। पुनः शिकायत मिलने पर लाइसेंस रद्द करने की कार्यवाही भी की जाएगी।

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CSEB कॉलोनी बिरगांव बिजली ऑफिस में वर्मा परिवार द्वारा 1–7 अक्टूबर श्री शिवमहापुराण कथा एवं महारुद्राभिषेक – पूज्य श्री नारायण महाराज जी

छत्तीसगढ़ के रायपुर ज़िले के बिरगांव स्थित CSEB कॉलोनी बिजली ऑफिस परिसर में वर्मा परिवार और समस्त कॉलोनीवासियों के सहयोग से 1 अक्टूबर 2025 से 7 अक्टूबर 2025 तक श्री शिवमहापुराण कथा एवं महारुद्राभिषेक का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन के कथा व्यास पूज्य श्री नारायण महाराज जी होंगे, जो श्री राधे निकुंज आश्रम, जंजगिरी, भिलाई 03 से हैं।पूज्य महाराज जी शिक्षा, साहित्य और सेवा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करते हैं और सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार में सक्रिय हैं। 📿 कार्यक्रम विवरण: 📍 स्थान: CSEB कॉलोनी, बिजली ऑफिस परिसर, बिरगांव, रायपुर (छ.ग.) कथा का सीधा प्रसारण सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर भी उपलब्ध रहेगा, जिससे दूर-दराज़ के श्रद्धालु भी लाभ उठा सकेंगे। 🙏 विशेष आमंत्रण:समस्त शिव भक्तों, वर्मा परिवार, कॉलोनीवासी एवं नगरवासी बिरगांव को इस धार्मिक आयोजन में सम्मिलित होकर शिवमहापुराण कथा व महारुद्राभिषेक का पुण्य लाभ लेने के लिए सादर आमंत्रित किया जाता है। आयोजक: वर्मा परिवार एवं सीएसईबी कॉलोनी, बिरगांव, रायपुर (छ.ग.) के समस्त कॉलोनीवासी

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Birgaon, Chhattisgarh, Raipur

दुर्ग में 25 लाख की हेरोइन बरामद, तस्करी गिरोह का सरगना भी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के दुर्ग ज़िले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 लाख रुपये की हेरोइन पकड़ी है। यह मामला मोहन नगर थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, 10 सितंबर को मिली गुप्त सूचना के आधार पर धमधा रोड स्थित सब्ज़ी मंडी के पास एक कार को रोका गया। तलाशी के दौरान 246 ग्राम हेरोइन, 1.25 लाख नकद और लाल रंग का बैग बरामद हुआ। पुलिस ने मौके पर ही 6 आरोपियों को पकड़ लिया था। गिरोह का मुख्य आरोपी गुरजीत सिंह उर्फ रुड फरार हो गया था। पुलिस ने 18 सितंबर को दुर्ग रेलवे स्टेशन के पास घेराबंदी कर उसे भी गिरफ्तार कर लिया। उसे कोर्ट में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार गिरोह पंजाब और दिल्ली से हेरोइन मंगाकर दुर्ग और आसपास के इलाकों में बेच रहा था। अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में जब्त नशे की कीमत 25 लाख रुपये आंकी गई है। पिछले दो वर्षों में पुलिस ने कई बार इस तरह की खेप पकड़ी है। अधिकारियों का कहना है कि यह नेटवर्क खासकर युवाओं को निशाना बनाकर नशे की सप्लाई कर रहा था।

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Bhilai / Durg, Chhattisgarh

टीटीई ने परिवार के लिए ट्रेन रोकी, 15 साल बाद हाईकोर्ट ने दी राहत; सजा, डिमोशन और वेतन कटौती के आदेश रद्द

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से एक अनोखा मामला सामने आया है। ट्रेन में चेन पुलिंग करने पर दोषी ठहराए गए एक टीटीई को 15 साल बाद हाईकोर्ट से राहत मिल गई है।2012 में रेलवे ने दो बार चेन खींचने के आरोप में उस टीटीई की वेतनवृद्धि रोक दी थी, उसे पदावनत किया और दो साल के लिए वेतन कटौती की सजा दी थी। क्या था मामला आस्टिन हाइड, जो उस समय टीटीई थे, 15 जुलाई 2010 को बिलासपुर स्टेशन से यशवंतपुर एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 2252) में बतौर यात्री यात्रा कर रहे थे।उन पर आरोप था कि उन्होंने ट्रेन को रोकने के लिए अलार्म चेन दो बार खींची ताकि उनका परिवार और सामान ट्रेन में चढ़ सके। रेलवे ने विभागीय जांच कराई, जिसमें आरपीएफ के दो जवान गवाह बने। उनके बयान के आधार पर 2012 में आस्टिन को दोषी ठहराते हुए डिमोशन, वेतनवृद्धि रोक और वेतन कटौती की सजा दी गई। कैट और विभागीय अपील में हार टीटीई ने इस फैसले के खिलाफ विभागीय अपील और पुनरीक्षण अपील की, लेकिन दोनों खारिज कर दी गईं। बाद में केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) जबलपुर बेंच में भी मामला गया, जहां रेलवे की कार्रवाई को सही ठहराते हुए याचिका खारिज कर दी गई। हाईकोर्ट में जीत आखिरकार, आस्टिन हाइड ने 2024 में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर विभागीय जांच और कैट के फैसले को चुनौती दी। उन्होंने तर्क दिया कि रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 141 के अनुसार तब तक अपराध नहीं माना जा सकता, जब तक यह साबित न हो कि बिना उचित कारण के चेन खींची गई थी। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच (जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल) ने पाया कि आरोप स्पष्ट नहीं थे और विभागीय जांच में यह साबित नहीं किया गया कि टीटीई ने बिना कारण चेन खींची। कोर्ट की टिप्पणी बेंच ने कहा कि सिर्फ चेन खींचना कदाचार नहीं है, जब तक यह सिद्ध न हो कि यह अनुचित कारण से किया गया। अनुशासनिक प्राधिकारी, अपीलीय प्राधिकारी, पुनरीक्षण प्राधिकारी और कैट—सभी ने गंभीर त्रुटि की और अस्पष्ट आरोपों पर सजा दी। कोर्ट ने 2012, 2013, 2014 और 2023 के सभी आदेशों को रद्द करते हुए आस्टिन हाइड की सजा खत्म कर दी।

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Bilashpur, Chhattisgarh

सचिन पायलट का भाजपा पर वार: “फर्जी वोटर्स जोड़कर चुनाव जीतती है भाजपा” कांग्रेस के “वोट चोर गद्दी छोड़” अभियान के तहत राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने शुक्रवार को दुर्ग में भाजपा पर कड़ा हमला बोला। सभा स्थल पर पहुंचने से पहले सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज बाइक रैली में शामिल हुए।पाटन और दुर्ग के करीब 300 युवाओं ने रैली में भाग लिया। सभा में आरोप गांधी चौक पर आयोजित सभा में सचिन पायलट ने कहा कि राहुल गांधी ने खुलासा किया है कि भाजपा हर चुनाव में फर्जी मतदाताओं को जोड़कर और मत प्रतिशत बढ़ाकर जीत हासिल करती है। यह सिर्फ वोट की चोरी नहीं बल्कि लोकतंत्र में आम आदमी के वोटिंग अधिकार का हनन है।उन्होंने बताया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में पूरे देश में हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है, जिससे आने वाले चुनावों में भाजपा को सत्ता से हटाया जाएगा। भूपेश बघेल और दीपक बैज के बयान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि “हमने लोहा चोर देखा, अनाज चोर देखा, लेकिन पहली बार वोट चोरी करने वाली पार्टी देखी है।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा वाले दावा करते हैं कि उन्हें 50 साल तक कोई नहीं हरा सकता, क्योंकि वे फर्जी मतदाताओं के सहारे चुनाव जीतते हैं।प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा “साम, दाम, दंड, भेद” अपनाकर सत्ता हासिल करती है। महंगाई और बिजली दरें बढ़ाकर यह सरकार सिर्फ उद्योगपतियों का भला कर रही है। किसानों और आमजन की समस्याएं पूर्व कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने आरोप लगाया कि किसानों को खाद और यूरिया नहीं मिल रही, 266 रुपए की खाद 1,000 रुपए में बेची जा रही है और हाफ बिजली बिल योजना भी बंद कर दी गई है।पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि भाजपा अपने पन्ना प्रभारियों को फर्जी मतदाता जोड़ने और नकली मतदान कराने की ट्रेनिंग देती है, और बूथ स्तर से ही वोट चोरी शुरू होती है। हस्ताक्षर अभियान और आगे की योजना सचिन पायलट ने घोषणा की कि गांव-गांव में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा और हस्ताक्षरयुक्त दस्तावेज चुनाव आयोग को सौंपे जाएंगे ताकि कार्रवाई हो सके।दुर्ग पहुंचने से पहले पायलट ने सतनाम भवन में मिनी माता की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया, गुरुद्वारे में मत्था टेका और यादव व बोहरा समाज के स्वागत पंडालों में भी गए। सभा के दौरान नमाज शुरू होने पर पायलट ने करीब डेढ़ मिनट तक अपना भाषण रोककर धार्मिक मर्यादा का सम्मान भी किया।

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नान घोटाला: रिटायर्ड IAS आलोक शुक्ला कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचे, सुप्रीम कोर्ट का आदेश न होने पर लौटे

छत्तीसगढ़ के चर्चित नान (नागरिक आपूर्ति निगम) घोटाले में रिटायर्ड IAS अफसर आलोक शुक्ला शुक्रवार को रायपुर की स्पेशल कोर्ट में आत्मसमर्पण करने पहुंचे। लेकिन कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के लिखित आदेश के बिना सरेंडर स्वीकार करने से इंकार कर दिया। इसके बाद आलोक शुक्ला अदालत से वापस लौट गए। कोर्ट ने क्या कहा बचाव पक्ष के वकील फैज़ल रिज़वी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आलोक शुक्ला सरेंडर करने पहुंचे थे, लेकिन जज ने कहा कि फिलहाल आदेश अपलोड नहीं हुआ है। जब आदेश की कॉपी आ जाएगी तभी सरेंडर स्वीकार होगा।सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि आलोक शुक्ला को दो हफ्ते ED (प्रवर्तन निदेशालय) की कस्टडी और दो हफ्ते न्यायिक हिरासत में रहना होगा। सुप्रीम कोर्ट का फैसला नान घोटाले में हाईकोर्ट ने आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा को पहले अग्रिम जमानत दे दी थी, लेकिन ED ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।जस्टिस सुंदरेश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने ED की दलील सुनने के बाद हाईकोर्ट का फैसला रद्द कर दिया। कोर्ट ने ED और EOW को तय समयसीमा में जांच पूरी करने के निर्देश दिए — ED को तीन महीने और EOW को दो महीने। क्या है नान घोटाला फरवरी 2015 में ACB/EOW ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को संभालने वाले नागरिक आपूर्ति निगम (NAN) के 25 ठिकानों पर एक साथ छापे मारे थे।इन छापों में 3.64 करोड़ रुपये नकद मिले थे और चावल-नमक समेत कई नमूनों की गुणवत्ता जांच में घटिया पाए गए। EOW की FIR के मुताबिक, डॉ. आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा ने तत्कालीन महाधिवक्ता सतीशचंद्र वर्मा के साथ मिलकर अपनी स्थिति का दुरुपयोग किया। आरोप है कि उन्होंने सरकारी कागजों और प्रक्रियात्मक दस्तावेज़ों में हेरफेर कर अपने पक्ष में जवाब तैयार करवाए ताकि अदालत में उन्हें अग्रिम जमानत मिल सके। किन धाराओं में मामला दर्ज EOW ने डॉ. आलोक शुक्ला, अनिल टुटेजा, सतीश चंद्र वर्मा और अन्य पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 की धाराओं 7, 7(क), 8, 13(2) और IPC की धाराएं 182, 211, 193, 195-A, 166-A और 120-B के तहत केस दर्ज किया है।

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छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में बड़ा एक्शन – रिटायर्ड IAS निरंजन दास गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में EOW (आर्थिक अपराध शाखा) ने रिटायर्ड IAS अफसर निरंजन दास को हिरासत में लिया है। कांग्रेस सरकार के दौरान आबकारी आयुक्त रहे दास पर आरोप है कि उन्होंने पूर्व IAS अनिल टुटेजा, कारोबारी अनवर ढेबर और तत्कालीन विशेष सचिव अरुणपति त्रिपाठी के साथ मिलकर शराब घोटाले का सिंडिकेट तैयार किया था।जांच एजेंसी का दावा है कि इस अवैध नेटवर्क से उन्हें हर महीने करीब 50 लाख रुपए की अवैध कमाई होती थी। सिंडिकेट की कार्यप्रणाली EOW की चार्जशीट के मुताबिक, सरकारी शराब दुकानों में कमीशन तय करने, डिस्टलरी से अतिरिक्त शराब तैयार कराने, विदेशी ब्रांड की अवैध आपूर्ति कराने और नकली होलोग्राम के जरिये शराब बेचने जैसी योजनाओं से राज्य सरकार को हजारों करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाया गया। दास पर यह भी आरोप है कि उन्होंने नोएडा स्थित ‘प्रिज़्म होलोग्राफिक सिक्योरिटी फिल्म्स’ को टेंडर दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कंपनी योग्य नहीं थी, इसके बावजूद शर्तें बदलकर उसे काम दिया गया और फिर डुप्लीकेट होलोग्राम बनाकर अवैध शराब को वैध दिखाया गया। झारखंड तक फैला असर चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि निरंजन दास और उनके सहयोगियों ने झारखंड की आबकारी नीति में बदलाव कराने की कोशिश की। जनवरी 2022 में ढेबर और त्रिपाठी के साथ मिलकर उन्होंने झारखंड के अधिकारियों से बैठक की और ‘छत्तीसगढ़ मॉडल’ लागू करवाने की साजिश रची। रिटायरमेंट के बाद भी फरवरी 2023 में दास को संविदा पर आबकारी आयुक्त बनाया गया था। उनकी अग्रिम जमानत की अर्जी कई बार खारिज हो चुकी है। अब EOW उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी खुलासे हो सकते हैं। घोटाले की शुरुआत 2019 में ED की जांच के मुताबिक, फरवरी 2019 में कारोबारी अनवर ढेबर ने रायपुर के जेल रोड स्थित होटल वेनिंगटन में छत्तीसगढ़ की प्रमुख डिस्टलरियों के मालिकों को बुलाकर एक मीटिंग की थी। इस बैठक में शराब की सप्लाई और प्रति पेटी कमीशन तय किया गया।शुरुआत में हर महीने 200 ट्रक (लगभग 800 पेटियां) अवैध शराब की आपूर्ति होती थी, बाद में यह बढ़कर 400 ट्रक प्रतिमाह हो गई। शुरुआती कीमत 2,840 रुपए प्रति पेटी थी, जो बाद में 3,880 रुपए प्रति पेटी तक पहुंच गई। जांच एजेंसी के अनुसार, तीन साल में 60 लाख से अधिक पेटियां अवैध रूप से बेची गईं। शराब दुकानों को सलाह दी गई थी कि सरकारी रेकॉर्ड में खपत दर्ज न करें, ताकि बिना शुल्क चुकाए नकली होलोग्राम वाली शराब दुकानों तक पहुंचाई जा सके।

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भिलाई: राष्ट्रीय योगासन प्रतियोगिता के तीसरे दिन महाराष्ट्र, पंजाब और गुजरात के खिलाड़ियों ने मारी बाज़ी

दुर्ग ज़िले के भिलाई सेक्टर-6 स्थित अग्रसेन भवन में चल रही राष्ट्रीय योगासन प्रतियोगिता के तीसरे दिन प्रतिभागियों ने विभिन्न श्रेणियों में शानदार प्रदर्शन किया। व्यक्तिगत हैंड बैलेंस कैटेगरी में महाराष्ट्र के नितिन पावले ने स्वर्ण पदक हासिल किया। पश्चिम बंगाल के ऋषभ चटर्जी को रजत और तमिलनाडु के अभिनेश कुमार को कांस्य मिला। बैक बेंड व्यक्तिगत श्रेणी में पंजाब की अलका कुमारी पेरीवाल ने गोल्ड मेडल जीता। महाराष्ट्र की पूर्व किनारे को सिल्वर और बिहार की साक्षी कुमारी को ब्रॉन्ज मिला। आर्टिस्टिक पेयर श्रेणी में बंगाल के लिटन दास, गुजरात के मित कुमार और जम्मू-कश्मीर के इरफान गुलजार ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। छत्तीसगढ़ का भी शानदार प्रदर्शन 18 से 28 वर्ष आयु वर्ग की ट्विस्टिंग बॉडी श्रेणी में गुजरात के शाह कृष, त्रिपुरा के किशन देवनाथ और छत्तीसगढ़ के राहुल चक्रधारी ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन रचित कौशिक, श्रेयस मार्कण्डेय और बीना त्रिपाठी सहित विशेषज्ञों ने किया। मुख्य अतिथि बोले – योग जीवनशैली बदलने की प्रेरणा देता है इस अवसर पर दुर्ग एसपी गोपाल गर्ग मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेश कौशिक, समाजसेवी ईश्वर उपाध्याय और पर्यावरण मित्र सरस बर्मन भी कार्यक्रम में शामिल हुए। गोपाल गर्ग ने योग को भारत की प्राचीन धरोहर बताते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करती हैं।

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Bhilai / Durg, Chhattisgarh

भिलाई: नौकरी की तलाश में ऑनलाइन कंपनी से जुड़े दो इंजीनियरिंग पास युवक, फर्जीवाड़े के केस में यूपी पुलिस ने किया गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के दुर्ग ज़िले के भिलाई में रहने वाले दो सगे भाई नौकरी के चक्कर में फर्जी कंपनी के झांसे में आ गए। परिवार के मुताबिक, इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद जब दोनों को रोजगार नहीं मिला तो उन्होंने ऑनलाइन जॉब जॉइन कर ली। अब यूपी पुलिस ने उन्हें ठगी और फर्जी वीज़ा पासपोर्ट मामले में हिरासत में ले लिया है। पिता शिवशंकर शाह का कहना है कि उन्होंने 36 साल तक अंडे की दुकान चलाकर बच्चों को इंजीनियर बनाया, इसके लिए 10 लाख रुपये तक का लोन लिया। मगर अब उनके बेटे शुभम शाह (27) और विष्णु कुमार शाह (31) जेल में हैं, जबकि जिस अरेबियन कंपनी पर मामला दर्ज है, उसका नाम उन्होंने पहले कभी नहीं सुना था। भिलाई से उठाकर ले गई यूपी पुलिस 11 सितंबर की रात भिलाई कैंप-1 सुभाष चौक से चार से ज्यादा लोग अचानक पहुंचे और दोनों भाइयों को गाड़ी में बिठाकर ले गए। परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और छावनी थाना में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। लेकिन अगले दिन स्पष्ट हुआ कि दोनों को यूपी पुलिस ने अंबेडकर नगर ज़िले के सुल्तानपुर राजे थाने में दर्ज केस में पकड़ा है। मिली जानकारी के अनुसार, यूपी में विदेश भेजने और फर्जी वीज़ा पासपोर्ट तैयार कराने के आरोप में FIR दर्ज है। FIR कंपनी के खिलाफ हुई है, लेकिन यूपी पुलिस ने पूछताछ के आधार पर शुभम और विष्णु को भी अज्ञात आरोपी मानकर गिरफ्तार किया है। फर्जी कंपनी में HR हेड बने थे विष्णु परिवार का कहना है कि बड़ा बेटा विष्णु “बी फॉर एफ माइक्रो फाइनेंस” नामक कंपनी से जुड़ा था। उसे छत्तीसगढ़ का HR हेड बनाया गया था। उसका काम केवल मोबाइल पर इंटरव्यू लेकर रिपोर्ट भेजना था, पैसों का लेन-देन उसके पास नहीं था। 5 महीने काम करने के बाद भी उसे सिर्फ एक बार 25 हजार रुपए मिले, तीन महीने की सैलरी आज तक नहीं मिली। पिता ने बताया कि कंपनी ने पहले गाजियाबाद बुलाया था, फिर घर से काम करने को कहा। ऑफिस खोलने की बात भी हुई, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वह संभव नहीं हो पाया। परिवार पर संकट, शादी पर भी खतरा विष्णु की फरवरी में शादी तय है, सगाई हो चुकी है। पिता को डर है कि जेल जाने से बेटों का भविष्य और शादी दोनों खतरे में पड़ सकते हैं। वे बार-बार कह रहे हैं कि दोनों बेटे ठगी के आरोपी नहीं हैं, बल्कि फर्जी कंपनी के शिकार हुए हैं। दुर्ग पुलिस बोली- जांच यूपी में दुर्ग पुलिस का कहना है कि अपराध उत्तर प्रदेश में दर्ज है और वहीं की पुलिस जांच कर रही है। आगे का फैसला यूपी की अदालत ही करेगी।

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