Chhattisgarh

शंकराचार्य निश्चलानंद बोले- तामझाम और अव्यवस्था के कारण रोके गए अविमुक्तेश्वरानंद, हिंदू राष्ट्र किसी के विरोध में नहीं

दुर्ग: शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद हिंदू राष्ट्र अभियान के तीसरे चरण के तहत दुर्ग पहुंचे और यहां उन्होंने गोवर्धन मठ, पुरी के पीठाधीश्वर शंकराचार्य के बारे में सफाई दी। उन्होंने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद को स्नान करने से नहीं रोका गया, बल्कि तामझाम और अव्यवस्था के चलते प्रशासन ने रोक लगाई थी। स्वामी निश्चलानंद ने जोर देकर कहा कि मामले को गलत तरीके से पेश किया गया। उनका कहना था कि हिंदू राष्ट्र किसी के विरोध में नहीं है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को मजबूत करने के लिए है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म शांति, सह-अस्तित्व और नैतिक मूल्यों की शिक्षा देता है। दुर्ग में हिंदू राष्ट्र अभियान और प्रवचन स्वामी निश्चलानंद ने बताया कि हिंदू राष्ट्र अभियान के तीसरे चरण के तहत वे दुर्ग आए हैं। यहां वे भक्तों से मिलेंगे और आध्यात्मिक ज्ञान पर प्रवचन देंगे। यह कार्यक्रम दुर्ग जिले के अंडा गांव में आयोजित किया गया। अविमुक्तेश्वरानंद का प्रयागराज माघ मेला छोड़ना स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज माघ मेला बीच में ही छोड़ दिया और काशी के लिए रवाना हो गए। उन्होंने कहा कि “मन इतना व्यथित है कि बिना स्नान किए ही विदा ले रहे हैं। श्रद्धा के साथ आए थे, लेकिन घटना ने पूरी उम्मीद तोड़ दी।” उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से उन्हें सम्मानित तरीके से पालकी में स्नान कराने का प्रस्ताव आया था, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। उनका कहना था कि दिल में दुख और गुस्सा होने पर पवित्र जल भी शांति नहीं दे सकता। अब उनका मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच चुका है, जहां वकील गौरव द्विवेदी ने CBI जांच की मांग करते हुए चीफ जस्टिस को लेटर पिटीशन भेजा है। विवाद की शुरुआत 18 जनवरी को मौनी अमावस्या पर अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी को पुलिस ने रोक दिया था। शिष्य पालकी ले गए और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई। कई शिष्यों को हिरासत में लिया गया, और एक साधु को चौकी में पीटा गया। शंकराचार्य नाराज हो गए और अपने समर्थकों को छुड़ाने पर अड़े रहे। पालकी को संगम से 1 किमी दूर तक ले जाया गया और यह क्षत्रप टूट गया। इसके बाद शंकराचार्य संगम के तट पर धरने पर बैठे रहे और स्नान नहीं कर पाए। प्रशासन और संत समाज की प्रतिक्रिया इस विवाद ने संत समाज को दो हिस्सों में बाँट दिया। हालांकि तीनों शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में रहे। शंकराचार्य की मांग थी कि प्रशासन माफी मांगे, तभी वह स्नान करेंगे। इस विवाद के बीच बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट ने इस्तीफा दिया और 24 घंटे बाद अयोध्या के डिप्टी कमिश्नर ने भी इस्तीफा दे दिया।

शंकराचार्य निश्चलानंद बोले- तामझाम और अव्यवस्था के कारण रोके गए अविमुक्तेश्वरानंद, हिंदू राष्ट्र किसी के विरोध में नहीं Read Post »

Bhilai / Durg, Chhattisgarh, Top News

गलत कार्रवाई के आरोपों में स्मृतिनगर चौकी प्रभारी लाइन अटैच, हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद एसपी की कार्रवाई

दुर्ग जिले के स्मृतिनगर चौकी के प्रभारी उप निरीक्षक गुरविंदर सिंह संधु को बुधवार को उनके पद से हटाकर रक्षित केंद्र भेज दिया गया है। यह प्रशासनिक कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब कुछ दिन पहले ही छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उनके आचरण की जांच कराने के निर्देश पुलिस महानिदेशक (DGP) को दिए थे। गुरविंदर सिंह पर दो व्यापारियों के खिलाफ गलत और मनमानी कार्रवाई करने के गंभीर आरोप लगे थे। इन्हीं मामलों के बाद पुलिस विभाग ने चौकी प्रभारी बदलने का फैसला लिया है। उनकी जगह भिलाई भट्टी थाना प्रभारी राजेश कुमार साहू को स्मृतिनगर चौकी का नया प्रभारी बनाया गया है। हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी वाला पहला मामला पहला मामला एक स्थानीय व्यवसायी सुजीत साव से जुड़ा है। इस केस में हाईकोर्ट ने चौकी प्रभारी के आचरण पर गंभीर सवाल उठाए थे। याचिकाकर्ता के अनुसार, महिला से छेड़छाड़ और मारपीट के मामले में गिरफ्तारी के बाद व्यवसायी को चौकी लाकर पीटा गया और फिर हथकड़ी पहनाकर सड़कों पर जुलूस निकाला गया। उसे रात करीब 9 बजे जेल दाखिल कराया गया। कोर्ट ने पाया कि इस पूरे मामले में एसआई गुरविंदर सिंह संधु की कार्रवाई नियमों के विपरीत थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने DGP को निर्देश दिया था कि उनके आचरण की उचित स्तर पर जांच कराई जाए और जरूरत पड़ने पर सुधारात्मक या अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। दूसरा मामला: होटल कारोबारी से मारपीट, बिना FIR जेल दूसरा चर्चित मामला भिलाई के एक होटल कारोबारी से जुड़ा है। आरोप है कि जांच के नाम पर पुलिस ने होटल में दबिश दी और कारोबारी को उसकी मां के सामने ही पीटा। इसके बाद बिना एफआईआर दर्ज किए सरकारी काम में बाधा का आरोप लगाकर उसे जेल भेज दिया गया। इस मामले में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार को पीड़ित को 1 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। कोर्ट ने यह भी कहा कि जांच के बाद यह राशि दोषी अधिकारियों से वसूली जा सकती है। साथ ही गृह विभाग के सचिव को निर्देश दिए गए कि पुलिसकर्मियों को मानवाधिकारों के प्रति संवेदनशील बनाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों। हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद कार्रवाई इन दोनों मामलों में हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणियों और जांच के आदेशों के बाद स्मृतिनगर चौकी प्रभारी को हटाया जाना महज संयोग नहीं माना जा रहा। पुलिस महकमे में इसे जवाबदेही तय करने की दिशा में अहम कदम के रूप में देखा जा रहा है। दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने आदेश जारी कर गुरविंदर सिंह संधु को लाइन अटैच कर दिया है। पुलिस विभाग में फेरबदल जारी आदेश के अनुसार—

गलत कार्रवाई के आरोपों में स्मृतिनगर चौकी प्रभारी लाइन अटैच, हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद एसपी की कार्रवाई Read Post »

Bhilai / Durg, Chhattisgarh, Top News

दुर्ग में पत्नी की जलाकर हत्या: 12 साल पुराने केस में पति को उम्रकैद, कोर्ट ने मौत की सजा से किया इनकार

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पत्नी को जिंदा जलाने के सनसनीखेज मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। नेवई थाना क्षेत्र के इस 12 साल पुराने प्रकरण में सत्र न्यायालय ने आरोपी पति को आजीवन कारावास की सजा दी है। हालांकि, अदालत ने इसे “विरल से विरलतम” अपराध की श्रेणी में नहीं मानते हुए मृत्युदंड देने से इनकार कर दिया। घरेलू विवाद बना हत्या की वजह अभियोजन पक्ष के मुताबिक यह घटना 15 जनवरी 2012 की रात की है। नेवई के मिनीमाता पारा निवासी ममता (25) अपने पति घांसू उर्फ झांसूराम के साथ रहती थी। आरोपी अपनी पहली पत्नी सुमन का पक्ष लेता था, जिससे पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। घटना की रात करीब 9:30 बजे आरोपी शराब के नशे में घर पहुंचा और ममता से गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद उसने जान से मारने की धमकी देते हुए एक प्लास्टिक बोतल में रखा मिट्टी का तेल ममता पर डाल दिया। आग लगाने के बाद भी नहीं रुका आरोपी अभियोजन के अनुसार, भय और तनाव की स्थिति में ममता ने खुद को आग लगा ली। इसके बावजूद आरोपी नहीं रुका और उसने जलती हुई पत्नी पर दोबारा केरोसिन डाल दिया, जिससे आग और तेज हो गई। ममता गंभीर रूप से झुलस गई। उसकी चीखें सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। मरणासन्न बयान में पति पर लगाए आरोप घटना की जानकारी नेवई थाना को रात 9:40 बजे मिली, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और ममता को दुर्ग के शासकीय अस्पताल के बर्न यूनिट में भर्ती कराया गया। अगले दिन कार्यपालिक मजिस्ट्रेट डी.आर. मरकाम ने ममता का मरणासन्न कथन दर्ज किया। अपने बयान में ममता ने साफ कहा कि उसके पति ने जान से मारने की नीयत से उस पर मिट्टी का तेल डाला और आग लगने के बाद भी केरोसिन डालता रहा। इलाज के दौरान मौत, हत्या में बदला केस पहले पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया था, लेकिन 22 जनवरी 2012 को इलाज के दौरान ममता की मौत हो गई। इसके बाद केस को धारा 302 (हत्या) में बदल दिया गया। पुलिस ने घटनास्थल से जले कपड़े, जली साड़ी और मिट्टी तेल की बोतल जब्त की। 12 साल फरार रहा आरोपी, 2024 में गिरफ्तारी घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था। वर्ष 2014 में अदालत ने उसे फरार घोषित करते हुए स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया। करीब 12 साल बाद, 17 नवंबर 2024 को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। कोर्ट का निर्णय सत्र न्यायाधीश के. विनोद कुजूर ने गवाहों, साक्ष्यों और मरणासन्न बयान के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया। अदालत ने कहा कि अपराध बेहद गंभीर है, लेकिन इसे विरल से विरलतम श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। कोर्ट ने आरोपी घांसू उर्फ झांसूराम को आजीवन कारावास, ₹1000 का अर्थदंड और अर्थदंड नहीं देने पर 6 माह अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा सुनाई।

दुर्ग में पत्नी की जलाकर हत्या: 12 साल पुराने केस में पति को उम्रकैद, कोर्ट ने मौत की सजा से किया इनकार Read Post »

Bhilai / Durg, Chhattisgarh, Crime

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को दिल्ली तलब: खड़गे-राहुल संग अहम बैठक आज, आंदोलनों की बनेगी रणनीति

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की एक अहम बैठक आज दिल्ली में होने जा रही है। यह बैठक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ एआईसीसी मुख्यालय में शाम 5 बजे आयोजित की जाएगी। इसके लिए प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख नेताओं को विशेष रूप से दिल्ली बुलाया गया है। बैठक में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत शामिल होंगे। इनके अलावा दिल्ली पहुंचे अन्य प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारी भी इस बैठक का हिस्सा रहेंगे। संगठन और जनहित के मुद्दों पर मंथन पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस उच्चस्तरीय बैठक में संगठनात्मक नियुक्तियों, आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों और मनरेगा व एसआईआर जैसे अहम जनहित से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में राज्यभर में होने वाले विरोध प्रदर्शन, धरना और आंदोलन की रूपरेखा भी इसी बैठक में तय की जा सकती है। राहुल गांधी की अध्यक्षता में होगी बैठक राहुल गांधी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ में कांग्रेस संगठन को मजबूत करना और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के मद्देनज़र पार्टी की रणनीति को धार देना है। बैठक में यह भी तय होगा कि किन जिलों और क्षेत्रों में कांग्रेस को ज्यादा सक्रियता दिखानी है और किन मुद्दों को जनता के बीच प्राथमिकता से उठाया जाएगा। दीपक बैज और महंत पेश करेंगे रिपोर्ट पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बैठक में प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत संगठन की मौजूदा स्थिति और जमीनी फीडबैक पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। वहीं, भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव की मौजूदगी को रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है, क्योंकि दोनों नेताओं का अनुभव और जनाधार पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। आगामी आंदोलनों को मिलेगी दिशा इस बैठक के बाद कांग्रेस छत्तीसगढ़ में आने वाले आंदोलनों और राजनीतिक कार्यक्रमों की औपचारिक घोषणा कर सकती है। पार्टी का दावा है कि बैठक में लिए गए फैसले केवल नेतृत्व तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उनका सीधा असर कार्यकर्ताओं और आम जनता तक पहुंचेगा। कुल मिलाकर, आज की यह बैठक छत्तीसगढ़ कांग्रेस के लिए रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम मानी जा रही है और इसके नतीजे आने वाले हफ्तों में प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियों की दिशा तय कर सकते हैं।

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को दिल्ली तलब: खड़गे-राहुल संग अहम बैठक आज, आंदोलनों की बनेगी रणनीति Read Post »

Chhattisgarh, Political, Raipur, Top News

मैं टोनही नहीं हूं 20–21 साल से इंसाफ की लड़ाई, कोई कोर्ट में भटक रही तो कोई समाज से जूझ रही

छत्तीसगढ़ में आज भी कई महिलाएं “टोनही” (डायन) का ठप्पा लगने के बाद अमानवीय यातनाएं झेलने को मजबूर हैं। किसी की आंखें फोड़ दी गईं, किसी को घर से बेदखल कर दिया गया, तो किसी को गांव से बहिष्कृत कर दिया गया। इन पीड़ित महिलाओं का संघर्ष केवल हमलावरों से नहीं, बल्कि समाज और व्यवस्था दोनों से है—और यह संघर्ष 20 से 21 सालों से जारी है। एक पीड़िता श्याम बाई जब अपने घर की खाट पर बैठी मिलीं, तो उन्होंने दर्द भरी आवाज में कहा—“मुझे टोनही कहकर मारा गया, पीटा गया। मेरी और मेरे पति की आंखें फोड़ दी गईं। घर छीन लिया गया, लेकिन आरोपी खुले घूम रहे हैं।” उनके गांव की दीवारों पर आज भी चेतावनी लिखी है—महिला को मारने पर जेल होगी, टोनही कहने पर 13 साल की सजा—लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। पुनर्वास को लेकर कोई ठोस व्यवस्था नहीं सामाजिक संगठनों का कहना है कि राज्य में टोनही पीड़ित महिलाओं के पुनर्वास के लिए अब तक कोई ठोस सरकारी नीति नहीं बनी है। इसी वजह से मांग उठ रही है कि कम से कम पीड़िताओं को न्याय के साथ जीवन दोबारा शुरू करने का अवसर मिले। प्रमुख मांगें: डराने वाले आंकड़े, हकीकत और भी भयावह ये तो सिर्फ दर्ज मामले हैं, असल संख्या इससे कहीं ज्यादा बताई जाती है। विशेषज्ञों की राय: मुआवजे का अलग प्रावधान जरूरी डॉ. दिनेश मिश्रा, अध्यक्ष, अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति, कहते हैं कि टोनही प्रताड़ना के सैकड़ों मामले सालों से अदालतों में लंबित हैं। पीड़िताएं सामाजिक बहिष्कार और आर्थिक तंगी झेल रही हैं, लेकिन मुआवजे और पुनर्वास को लेकर कोई स्पष्ट योजना नहीं है।उनका सवाल है—जब सड़क हादसे, करंट या सांप के काटने पर मुआवजा मिल सकता है, तो टोनही जैसे गंभीर अपराध में क्यों नहीं? वहीं गजेंद्र सोनकर, सरकारी वकील (रायपुर कोर्ट) बताते हैं कि कानून में अधिकतम 5 साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है, और जुर्माने से ही मुआवजा दिया जाता है। कानून सख्त है, लेकिन जागरूकता और प्रभावी क्रियान्वयन की भारी कमी है। 22 साल बाद भी इंसाफ अधूरा 17 नवंबर 2025 को रायपुर की अदालत ने गरियाबंद जिले के लचकेरा गांव की तीन पीड़ित महिलाओं को सूचना दी कि आरोपियों से वसूले गए जुर्माने से उन्हें 75-75 हजार रुपये मुआवजा मिलेगा। यह मामला 2003 का है, जब महिलाओं को निर्वस्त्र कर गांव में घुमाया गया, मारपीट की गई और अमानवीय यातनाएं दी गईं।22 साल बाद भी आरोपी बरी हैं और पीड़िताएं मुआवजे के लिए आज भी अदालतों के चक्कर काट रही हैं। क्या कहता है कानून? टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम 2005 के तहत: छत्तीसगढ़ में मामलों की गंभीरता को देखते हुए अलग कानून तो बना, लेकिन उसका असर अब तक जमीन पर पूरी तरह नहीं दिखा।

मैं टोनही नहीं हूं 20–21 साल से इंसाफ की लड़ाई, कोई कोर्ट में भटक रही तो कोई समाज से जूझ रही Read Post »

Chhattisgarh, Crime, Raipur, State

सुबह पुलिस की रेड, शाम को फिर नशे का कारोबार: 10 रुपये में बिक रहा गोगो पेपर, चिलम भी आसानी से उपलब्ध

राजधानी रायपुर में नशे के खिलाफ पुलिस द्वारा लगातार अभियान चलाए जाने के बावजूद अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। शहर के सेंट्रल, नॉर्थ और वेस्ट जोन के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में पुलिस की छापेमारी जारी है। अवैध शराब, गांजा, ड्रग्स और नशीली दवाइयों के तस्करों पर कार्रवाई की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद नशे का सामान खुलेआम बिकता नजर आ रहा है। कई इलाकों में नशीले पदार्थ सरेआम बेचे जा रहे हैं, जबकि कुछ जगहों पर चोरी-छिपे पुड़िया बनाकर सप्लाई की जा रही है। तस्कर पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए अब होम डिलीवरी जैसे तरीकों का भी सहारा ले रहे हैं। कई इलाकों में आसानी से मिला गोगो पेपर पुलिस की सख्ती के बीच शाम के समय राजातालाब, सड्डू, डंगनिया, टिकरापारा और रायपुरा क्षेत्रों में नशे से जुड़ा सामान खरीदने की कोशिश की गई, जहां गोगो पेपर आसानी से उपलब्ध मिला। इसका इस्तेमाल गांजा पीने के साथ-साथ अन्य नशीले पदार्थों के सेवन में भी किया जा रहा है। बाजार में गोगो पेपर 10 से 25 रुपये तक में बेचा जा रहा है। पुलिस कार्रवाई के बाद बढ़ी कीमतें पुलिस की लगातार कार्रवाई के चलते पहले 10 रुपये में मिलने वाला गोगो पेपर अब 25 से 30 रुपये में बिकने लगा है। पहले पान ठेलों और दुकानों में गांजा लपेटकर गोगो दिया जाता था, लेकिन अब कार्रवाई के डर से केवल पेपर ही बेचा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, गोगो बेचने वालों को पुलिस की रेड की जानकारी पहले ही मिल जाती है। पुलिस के पहुंचते ही दुकानें बंद कर दी जाती हैं और कार्रवाई खत्म होते ही फिर से खोल दी जाती हैं। चिलम और हुक्का सामान भी खुलेआम गोगो पेपर के अलावा कुम्हारों के पास आज भी मिट्टी की चिलम आसानी से मिल रही है। वहीं गोलबाजार क्षेत्र में चीनी मिट्टी और प्लास्टिक की चिलम भी खुलेआम बिक रही है। प्रतिबंध के बावजूद हुक्का का सामान और फ्लेवर भी कई दुकानों पर उपलब्ध है। रायपुर नॉर्थ जोन में बड़ी कार्रवाई, 9 दुकानें सील पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू होने के बाद रायपुर में नशे के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। बुधवार सुबह रायपुर नॉर्थ जोन में पुलिस ने एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान 9 दुकानों और पान ठेलों से गांजा सेवन में उपयोग होने वाला गोगो पेपर और हुक्का सामग्री बरामद की गई। पुलिस ने करीब 2 लाख रुपये मूल्य का सामान जब्त कर संबंधित दुकानों को सील कर दिया है। उरला-बीर्गांव और अन्य इलाकों में भी छापेमारी इसी तरह उरला-बीर्गांव क्षेत्र में पुलिस ने चार पान ठेलों और दुकानों पर कार्रवाई करते हुए गोगो पेपर जब्त किया। दुकानों को सील कर संचालकों पर कोटपा एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। खमतराई, उरला समेत अन्य इलाकों में भी कार्रवाई जारी है। पुलिस का कहना है कि गोगो पेपर के जरिए गांजा सेवन और तस्करी को बढ़ावा मिल रहा है। नशेड़ी इसमें बीड़ी की तरह गांजा लपेटकर कश लगाते हैं। इसी वजह से पुलिस इस पर सख्ती से रोक लगाने में जुटी है।

सुबह पुलिस की रेड, शाम को फिर नशे का कारोबार: 10 रुपये में बिक रहा गोगो पेपर, चिलम भी आसानी से उपलब्ध Read Post »

Bhilai / Durg, Chhattisgarh, Crime, Raipur, State, Top News

धान खरीदी को लेकर AAP का प्रदेशव्यापी चक्काजाम आज, 28 फरवरी तक तारीख बढ़ाने की मांग

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी आज प्रदेशभर में चक्काजाम करेगी और धान खरीदी की अंतिम तिथि 28 फरवरी 2026 तक बढ़ाने की मांग उठाएगी। AAP का आरोप है कि सरकार की नीतियों के कारण किसान आर्थिक संकट में फंस रहे हैं और कई किसान आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं। आम आदमी पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार ने पहले किसानों से 31 जनवरी तक धान खरीदी का भरोसा दिलाया था, लेकिन अचानक 29 जनवरी से ही खरीदी बंद की जा रही है। इससे हजारों किसान अपनी उपज बेचने से वंचित रह गए हैं। छोटे किसानों पर जबरन रकबा समर्पण का आरोप AAP ने आरोप लगाया है कि सरकार द्वारा लाखों छोटे किसानों से दबाव बनाकर रकबा समर्पण कराया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि कई किसानों को अब तक धान बेचने का टोकन तक नहीं मिला, जिससे वे मंडियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि टोकन के नाम पर भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया अपनाकर किसानों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। इससे न सिर्फ खरीदी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है, बल्कि किसानों में आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है। रायपुर में NH-30 पर होगा चक्काजाम आम आदमी पार्टी ने साफ किया है कि जब तक धान खरीदी की समय-सीमा नहीं बढ़ाई जाती, तब तक विरोध जारी रहेगा। पार्टी आज रायपुर के अभनपुर क्षेत्र में नेशनल हाईवे-30 पर दोपहर 12 बजे चक्काजाम करेगी। इसके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में भी AAP कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। AAP ने सरकार से मांग की है कि किसानों के हित में तत्काल फैसला लेते हुए धान खरीदी की अंतिम तिथि 28 फरवरी 2026 तक बढ़ाई जाए।

धान खरीदी को लेकर AAP का प्रदेशव्यापी चक्काजाम आज, 28 फरवरी तक तारीख बढ़ाने की मांग Read Post »

Chhattisgarh, Raipur, State, Top News

मेडिकल PG एडमिशन पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: पुराना अलॉटमेंट निरस्त, अब नई काउंसलिंग से ही मिलेगी सीट

छत्तीसगढ़ में मेडिकल कॉलेजों के पोस्ट ग्रेजुएट (PG) पाठ्यक्रमों में प्रवेश को लेकर बड़ा कानूनी फैसला सामने आया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि नियमों में बदलाव होने की स्थिति में पहले किया गया सीट अलॉटमेंट स्वतः समाप्त माना जाएगा। इसके चलते राज्य में मेडिकल PG के पुराने अलॉटमेंट को रद्द कर दिया गया है और अब अभ्यर्थियों को नई काउंसलिंग प्रक्रिया से ही सीट मिलेगी। यह अहम फैसला हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि वर्ष 2025 में नियम 11 में संशोधन के बाद किसी भी उम्मीदवार को पहले से आवंटित सीट पर बने रहने का कानूनी अधिकार नहीं रह जाता है। जानिए पूरा मामला मामला भिलाई निवासी अनुष्का यादव की याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ता ने राज्य सरकार के 22 और 23 जनवरी 2026 के आदेशों को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिनके तहत पहले पूरी हो चुकी काउंसलिंग और सीट आवंटन को रद्द कर दिया गया था। अनुष्का यादव का कहना था कि उसने मेरिट के आधार पर भिलाई के एक निजी मेडिकल कॉलेज में रेडियो डायग्नोसिस विषय में पीजी सीट प्राप्त की थी। इसके बाद उसने 10.79 लाख रुपये फीस और 10 लाख रुपये की बैंक गारंटी जमा कर कॉलेज जॉइन भी कर लिया था। याचिकाकर्ता की दलील याचिका में कहा गया कि एक बार प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद उसे रद्द करना गलत और अनुचित है। याचिकाकर्ता ने शासन के फैसले को मनमाना और अवैधानिक बताते हुए दावा किया कि इससे पहले से एडमिशन ले चुके छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। राज्य सरकार का पक्ष राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई कि काउंसलिंग रद्द करने का फैसला किसी भी तरह से मनमानी नहीं है, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के डॉ. तन्वी बहल मामले में दिए गए निर्देशों के पालन में लिया गया कदम है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि पीजी मेडिकल पाठ्यक्रमों में डोमिसाइल आधारित आरक्षण असंवैधानिक है। केवल सीमित स्तर पर संस्थागत प्राथमिकता को ही अनुमति दी जा सकती है। इसी आधार पर नियम 11 में संशोधन किया गया। संशोधित नियमों के तहत: हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद राज्य सरकार के फैसले को सही ठहराया। कोर्ट ने कहा कि जब प्रवेश प्रक्रिया न्यायिक समीक्षा और नियमों के अधीन हो, तब प्रोविजनल अलॉटमेंट को अंतिम प्रवेश नहीं माना जा सकता। अब नई याचिकाओं पर रोक हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि इस मुद्दे पर अब कोई नई याचिका स्वीकार नहीं की जाएगी। इससे मेडिकल PG एडमिशन प्रक्रिया में अनुशासन और स्थिरता सुनिश्चित होगी। इस फैसले के बाद अब छत्तीसगढ़ में मेडिकल PG सीटों के लिए नए नियमों के तहत फिर से काउंसलिंग का रास्ता साफ हो गया है।

मेडिकल PG एडमिशन पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: पुराना अलॉटमेंट निरस्त, अब नई काउंसलिंग से ही मिलेगी सीट Read Post »

Chhattisgarh, Raipur, State, Top News

रायपुर: तिल्दा-नेवरा में गांजा तस्कर गिरफ्तार, 73 किलो गांजा समेत नकद और हथियार जब्त

रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा क्षेत्र में नशे के कारोबार पर रायपुर ग्रामीण पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात गांजा तस्कर मधु मिश्रा को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के घर पर अचानक छापेमारी कर करीब 73 किलो गांजा, जिसकी अनुमानित कीमत 36 लाख रुपये बताई जा रही है, बरामद किया है। छापेमारी के दौरान पुलिस को 790 नग प्रतिबंधित नशीली गोलियां, एक चाकू, मोबाइल फोन और करीब 1 लाख 87 हजार रुपये नकद भी मिले हैं। यह कार्रवाई रायपुर ग्रामीण पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष नशा विरोधी अभियान के तहत की गई। जानकारी के अनुसार, रायपुर ग्रामीण पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर बुधवार को तिल्दा-नेवरा इलाके में सक्रिय नशा तस्करों के खिलाफ सघन अभियान चलाया गया था। इसी दौरान पुलिस को मधु मिश्रा के घर से नशीले पदार्थों के भंडारण की सूचना मिली, जिसके बाद टीम ने सरप्राइज चेकिंग कर आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी लंबे समय से इलाके में गांजा और नशीली गोलियों की तस्करी में लिप्त था। जब्त सामग्री को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है और आरोपी से पूछताछ जारी है। मामले का औपचारिक खुलासा जल्द ही रायपुर ग्रामीण पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी करेंगे। एसपी श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा के नेतृत्व में पहली बड़ी सफलता रायपुर में पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने के लिए शहर और ग्रामीण क्षेत्र को अलग-अलग प्रशासनिक इकाइयों में बांटा गया है। ग्रामीण थानों की जिम्मेदारी एसपी श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा को सौंपी गई है। कार्यभार संभालने के बाद यह उनके नेतृत्व में ग्रामीण पुलिस की पहली बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। ग्रामीण पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि नशे के कारोबार के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाइयां जारी रहेंगी।

रायपुर: तिल्दा-नेवरा में गांजा तस्कर गिरफ्तार, 73 किलो गांजा समेत नकद और हथियार जब्त Read Post »

Chhattisgarh, Crime, Raipur, Top News

स्विट्जरलैंड घूमने का सपना छोड़ साध्वी बनने जा रही सुरभि, रायपुर के 8 लोग मुमुक्ष बने; 13–16 साल के बच्चे भी शामिल

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से जैन समाज की आस्था और त्याग से जुड़ी एक अनोखी मिसाल सामने आई है। यहां अलग-अलग परिवारों के 8 सदस्यों ने सांसारिक जीवन त्यागकर मुमुक्ष बनने का निर्णय लिया है। इनमें एक 27 वर्षीय युवती, दो दंपती और 13 से 16 वर्ष की उम्र के तीन बच्चे शामिल हैं। इन सभी ने कठिन तपस्या और गुरुओं की कड़ी परीक्षा के बाद मोक्ष के मार्ग पर चलने की अनुमति प्राप्त की। गुरुओं द्वारा 18 घंटे तक नंगे पांव चलाकर, संयम और सहनशीलता की परीक्षा ली गई, जिसमें सभी सफल रहे। गुरु ने कहा – त्याग ही जैन धर्म की सबसे बड़ी शक्ति जैन संत योग तिलक सुरीश्वर ने बताया कि जैन धर्म में त्याग और तप का विशेष महत्व है। जब कोई व्यक्ति सांसारिक सुखों से ऊपर उठकर आत्मिक सुख को अपना लक्ष्य बना लेता है, तभी वह मुमुक्ष कहलाने योग्य बनता है। उन्होंने कहा कि सच्चे मार्गदर्शन और कठिन साधना के बिना यह मार्ग संभव नहीं। आधुनिक सोच वाली सुरभि अब बनेंगी साध्वी 27 साल की सुरभि भंसाली, जिन्होंने मास्टर ऑफ फूड टेक्नोलॉजी की पढ़ाई की है, आधुनिक जीवनशैली की शौकीन थीं। घूमना-फिरना, दोस्तों के साथ समय बिताना और सोशल मीडिया पर एक्टिव रहना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था। उनकी मां बदामी बाई भंसाली ने बताया कि सुरभि को स्विट्जरलैंड और कश्मीर घूमने का सपना था और वह वर्ल्ड टूर करना चाहती थी। लेकिन चातुर्मास के दौरान धार्मिक वातावरण से प्रभावित होकर उन्होंने अपना जीवन धर्म और साधना को समर्पित करने का फैसला किया। परिवार को पहले हैरानी हुई, लेकिन बाद में गर्व महसूस हुआ। एक ही परिवार के चार सदस्य बने मुमुक्ष रायपुर की आम्रपाली सोसायटी निवासी आशीष सुराना (44), उनकी पत्नी रितु सुराना (42) और दोनों बेटे आर्यन (16) व आरुष (14) भी मुमुक्ष बनने जा रहे हैं। चारों ने मिलकर सांसारिक रिश्तों और सुख-सुविधाओं को छोड़ने का निर्णय लिया है। दीक्षा के बाद इनका आपसी पारिवारिक रिश्ता भी समाप्त हो जाएगा। 18 घंटे नंगे पांव चलकर दी परीक्षा परिवार के सदस्य रितेश सुराना ने बताया कि गुरु द्वारा बच्चों और माता-पिता की कई स्तरों पर परीक्षा ली गई। इन सभी परीक्षाओं में परिवार सफल रहा। बिजनेस बेचकर मोक्ष की राह चुनी आशीष सुराना का रायपुर में बैग का होलसेल कारोबार था, जिसे उन्होंने दीक्षा से पहले बेच दिया। इसके बाद परिवार के साथ समय बिताया और फिर पत्नी व बच्चों के साथ मुमुक्ष बनने निकल पड़े। 13 साल का तनिष भी चुनेगा संयम का जीवन रायपुर के दावड़ा कॉलोनी निवासी 13 वर्षीय तनिष सोनिगरा भी मुमुक्ष बनने जा रहे हैं। उनके माता-पिता प्रमोद और शीतल सोनिगरा ने बताया कि शुरुआत में यह फैसला स्वीकार करना बेहद कठिन था, लेकिन तनिष के आत्मिक झुकाव को देखकर उन्होंने सहमति दी। तनिष को फिल्में देखना और अच्छा खाना पसंद था, लेकिन अब उसने स्वयं संयम और तप का जीवन चुना है। माता-पिता बने मुमुक्ष, बेटा बना सहारा सदर बाजार निवासी शैलेंद्र संकलेचा (49) और उनकी पत्नी एकता संकलेचा (47) भी मुमुक्ष बन रहे हैं। उनके बेटे यश ने कहा कि शुरुआत में यह फैसला दुखद लगा, लेकिन बाद में समझ आया कि हर इंसान को अपने जीवन में सच्चा सुख चुनने का अधिकार है। मुमुक्ष बनने के बाद ऐसा होगा जीवन मुमुक्ष बनने के बाद व्यक्ति: मुंबई में होगा दीक्षा समारोह 8 फरवरी को मुंबई में संयमरंग महोत्सव आयोजित होगा, जहां देशभर के 64 मुमुक्ष दीक्षा लेंगे। इनमें रायपुर के ये 8 मुमुक्ष भी शामिल होंगे। इससे पहले रायपुर में 25 और 26 जनवरी को संयम मनोरथ उत्सव आयोजित कर जैन समाज ने सभी मुमुक्षों को भावभीनी विदाई दी।

स्विट्जरलैंड घूमने का सपना छोड़ साध्वी बनने जा रही सुरभि, रायपुर के 8 लोग मुमुक्ष बने; 13–16 साल के बच्चे भी शामिल Read Post »

Chhattisgarh, Raipur, Religion, Top News
Scroll to Top