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दुर्ग में बॉयफ्रेंड ने अश्लील वीडियो की धमकी देकर 8 लाख वसूले, FIR दर्ज

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक महिला दीक्षा कोसरे (24) से उसके बॉयफ्रेंड उमाशंकर भारती ने 8 लाख रुपए वसूले। आरोपी ने AI से अश्लील वीडियो बनाने और वायरल करने की धमकी देकर महिला से उसके भाई की बीमा राशि भी हड़प ली। पैसे देने के बाद भी वह लगातार और रकम की मांग करने लगा और न देने पर जान से मारने की धमकी दी। मामला भिलाई-03 थाना क्षेत्र का है। पीड़िता ने बताया कि उनकी जान-पहचान उमाशंकर से फरवरी 2021 में हुई थी और धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। 25 मई 2024 को दीक्षा के भाई यशवंत कोसरे की मृत्यु हो गई, और उन्हें भाई की बीमा राशि के रूप में लगभग 8 लाख रुपए मिले। इसी रकम को लेकर आरोपी ने उन्हें ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। उमाशंकर ने वॉट्सऐप और इंस्टाग्राम के माध्यम से पैसों की मांग की और AI तकनीक का उपयोग कर अश्लील वीडियो बनाने की धमकी दी। डर और मानसिक प्रताड़ना से ग्रस्त होकर दीक्षा ने पैसे ऑनलाइन और ऑफलाइन तरीके से दे दिए। इसके बावजूद आरोपी ने पैसों की मांग जारी रखी और जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने शुक्रवार को थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 308(2) BNS के तहत मामला दर्ज किया है और उसकी तलाश शुरू कर दी है। दीक्षा का कहना है कि आरोपी ने उन्हें मानसिक और आर्थिक रूप से बर्बाद कर दिया और वह चाहती हैं कि उसे कड़ी सजा मिले, ताकि कोई अन्य महिला ऐसी स्थिति का शिकार न हो। पुलिस ने बताया कि इस तरह के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जहां सोशल मीडिया और AI तकनीक के माध्यम से महिलाओं को डराकर पैसे वसूले जा रहे हैं। लोगों को ऐसी स्थिति में तुरंत थाने में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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सरकारी नौकरी का झांसा देकर 200 लड़कियों को बंधक बनाया गया, गुडवे फैशन कंपनी पर FIR दर्ज

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक प्राइवेट कंपनी ने सरकारी नौकरी का झांसा देकर लगभग 150-200 लड़कियों को बंधक बनाया। इन लड़कियों से मार्केटिंग का काम करवाया जाता था, लेकिन वे सैलरी नहीं पा रही थीं। कंपनी की 5-10 लड़कियां पीड़ितों पर दबाव डालती थीं कि वे सोशल मीडिया पर लड़कों को फंसाएं और उन्हें कंपनी में बुलाएं, तभी उन्हें पेमेंट मिलेगा। मामला पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र का है। जांच में सामने आया कि यह कंपनी गुडवे फैशन प्राइवेट लिमिटेड है, जो कॉस्मेटिक और कपड़े बेचने का काम करती है। बोरसी के कदम प्लाजा में अलग-अलग जिलों से लड़कियों को बुलाकर बंधक बनाया गया। पीड़ितों का आरोप है कि उन्हें 25-30 हजार रुपए की नौकरी का झांसा देकर लाया गया और उनके मोबाइल छीन लिए गए। घर वालों से बात करने की अनुमति नहीं दी गई और आधी रात तक लड़कों को सोशल मीडिया पर फंसाने का दबाव बनाया जाता था। मामले का खुलासा भानुप्रतापपुर की एक लड़की ने अपने माता-पिता को किया, जिन्होंने आरएसएस कार्यकर्ता रवींद्र जैन और बजरंग दल प्रांत संयोजक रतन यादव को जानकारी दी। इसके बाद 3 अक्टूबर को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कंपनी पर हमला किया और पुलिस ने 7 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की। इसमें रामभरोष साहू, सत्यम पटेल, साहिल कश्यप, सौरभ चौधरी, राहुल सौंधिया, वेदप्रकाश शास्त्री और साधना पटेल शामिल हैं। पीड़िताओं ने बताया कि कंपनी में पढ़ाई या असली जॉब नहीं होती, बल्कि उन्हें नए लड़के-लड़कियों को जोड़ने और पैसों की चेन चलाने का दबाव डालते हैं। ट्रेनिंग फीस और पैसे जमा करने के लिए भी मजबूर किया जाता था। खाना समय पर नहीं दिया जाता और रात 2-3 बजे तक लड़कों से बातचीत करने को कहा जाता। धमतरी की एक पीड़िता के पिता ने बताया कि बेटी को नौकरी दिलाने के लिए उन्होंने 47 हजार रुपए कर्ज लेकर दिए, लेकिन अब सात महीने से पेमेंट नहीं मिली। दुर्ग CSP हर्षित मेहर ने कहा कि पुलिस ने लिखित शिकायत पर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में पता चला कि कंपनी नौकरी के नाम पर युवाओं से पैसे वसूलती है और नए लोगों को जोड़ने का दबाव डालती है। मामले की आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: ACB-EOW ने कांग्रेस को नोटिस जारी, गैदू बोले-9 घंटे बैठाकर पूछताछ की गई

छत्तीसगढ़ के शराब घोटाला मामले में एसीबी-ईओडब्ल्यू (EOW) ने कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू को नोटिस जारी किया है। नोटिस में पार्टी कार्यालय के अकाउंटेंट देवेंद्र डड़सेना से संबंधित पूरी जानकारी मांगी गई है। बताया जा रहा है कि देवेंद्र कोषाध्यक्ष राम गोपाल के करीबी थे। ACB-EOW ने पूछी अहम जानकारीनोटिस में एजेंसी ने पूछा कि देवेंद्र डड़सेना पार्टी कार्यालय में किस जिम्मेदारी में थे, उनकी नियुक्ति किसने की और उन्हें कितना वेतन मिलता था। इसके साथ ही उनके कार्यकाल और गतिविधियों का पूरा विवरण देने को कहा गया। इस पर गैदू ने कहा कि यह पहली बार है जब किसी राजनीतिक दल को जांच एजेंसी द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उन्होंने पहले ED को तीन बार लिखित जवाब दे चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें 9-9 घंटे तक कार्यालय में बैठाकर पूछताछ की गई। गैदू ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की जा रही है। ED की पूछताछ और दस्तावेजगैदू ने बताया कि ED ने उनसे सुकमा कांग्रेस भवन से जुड़ी जानकारी मांगी थी। एजेंसी ने पूछा कि भवन निर्माण के लिए कितना फंड दिया गया और निर्माण प्रक्रिया कैसी रही। इसके लिए पूरी फाइल और दस्तावेज लिखित रूप में ED को सौंप दिए गए थे। शराब घोटाले की पृष्ठभूमि28 दिसंबर 2024 को ED ने पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और उनके बेटे हरीश लखमा के घर पर छापेमारी की थी। साथ ही लखमा के करीबी सुशील ओझा और नगर पालिका अध्यक्ष राजू साहू के घर पर भी दबिश दी गई। जांच में पता चला कि शराब घोटाले की कमाई से सुकमा में कांग्रेस भवन का निर्माण हुआ। ED ने इस मामले में कई अहम दस्तावेज जब्त किए। संपत्ति अटैचमेंट का मतलबED ने दावा किया कि शराब घोटाले में भ्रष्टाचार से अर्जित पैसा कवासी लखमा को मिला था। इसके बाद सुकमा में कांग्रेस भवन और रायपुर में लखमा के बंगले को अटैच किया गया। अटैचमेंट का मतलब है कि संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त किया जाता है, लेकिन इसका इस्तेमाल किया जा सकता है, हालांकि इसे बेचना या ट्रांसफर नहीं किया जा सकता। शराब घोटाले का तरीका और राशिED के अनुसार, शराब घोटाले में 2,000 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि शामिल है। तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के MD AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए यह घोटाला किया गया। कवासी लखमा इस सिंडिकेट के अहम सदस्य थे और जेल में बंद हैं। ED के अनुसार, लखमा ने शराब नीति में बदलाव कर FL-10 लाइसेंस की शुरुआत कराई। सिंडिकेट ने तीन तरह से अवैध धन अर्जित किया: A: डिस्टलरी संचालकों से कमीशनB: नकली होलोग्राम वाली शराब को सरकारी दुकानों से बेचनाC: डिस्टलरीज की सप्लाई जोन को बदलकर अवैध वसूली इस प्रक्रिया के तहत सिंडिकेट ने तीन वित्तीय वर्षों में 52 करोड़ रुपए तक की रकम अर्जित की।

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दुर्ग में शिक्षा मंत्री का औचक निरीक्षण: कक्षा छोड़ स्टाफ रूम में मिले शिक्षक, प्राचार्य को नोटिस

शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने गुरुवार को दुर्ग जिले के सरकारी स्कूलों का अचानक निरीक्षण किया। उनका मकसद शिक्षकों की उपस्थिति, पढ़ाई की गुणवत्ता और विद्यालय की कार्यप्रणाली का जायजा लेना था। स्टाफ रूम में मिले शिक्षक ग्राम गनियारी के शासकीय पूर्व माध्यमिक और हाई स्कूल में मंत्री को शिक्षक कक्षाओं में पढ़ाने के बजाय स्टाफ रूम में बैठे मिले। कक्षाओं में इस समय एनजीओ प्रतिनिधि पोषण और स्वच्छता पर छात्रों को व्याख्यान दे रहे थे। मंत्री यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मुख्य विषय की कक्षा में बिना जिला शिक्षा अधिकारी की अनुमति किसी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश नहीं दिया जाए। साथ ही, प्रभारी प्राचार्य रजनी पुरोहित के खिलाफ नोटिस जारी करने का आदेश दिया गया। कुछ विद्यालयों में संतोषजनक शिक्षा नगपुरा के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय में छात्रों की पढ़ाई का स्तर संतोषजनक पाया गया। मंत्री ने स्कूल में डोम और अलग-अलग शौचालय बनाने की घोषणा की और रिक्त पदों पर जल्द भर्ती का आश्वासन दिया। व्याख्याता और प्राचार्य को नोटिस ग्राम हिर्री के आत्मानंद विद्यालय में विज्ञान के प्रायोगिक कार्य पूरे न करवाने पर प्रभारी प्राचार्य मनिराम मनडारे और भौतिक शास्त्र की व्याख्याता को नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए। स्कूल में डोम और पृथक शौचालय बनाने की घोषणा भी की गई। छात्राओं को निशुल्क साइकिल वितरण निरीक्षण के दौरान मंत्री यादव शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लिटिया पहुंचे। वहां उन्होंने छात्राओं को निशुल्क सरस्वती साइकिल वितरित की और स्कूल में डोम निर्माण की घोषणा की। छात्रों से उनके भविष्य के लक्ष्य पूछे गए, जिनमें डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस और शिक्षक बनने की इच्छाएँ शामिल थीं। मंत्री ने बच्चों को मेहनत और अनुशासन के महत्व पर जोर देते हुए शुभकामनाएँ दीं।

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दुर्ग: नौकरी का झांसा देकर महिला की हत्या, 1 लाख की सुपारी में हुई वारदात

दुर्ग जिले में एक महिला की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। गंगोत्री जांगड़े (40 वर्ष) को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह ने पहले लाखों रुपए ऐंठे, और जब नौकरी नहीं मिली तो महिला ने पैसे वापस मांगना शुरू किया। इसी दौरान आरोपियों ने महिला की हत्या का प्लान बनाया। हत्या की वारदात 19 सितंबर की रात, मुख्य आरोपी ने 19 साल के निर्भय जांगड़े को 1 लाख रुपए की सुपारी दी। निर्भय ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर महिला को बेल्ट और चुनरी से गला घोंटकर मार डाला। पहचान छिपाने के लिए आरोपी महिला के चेहरे को पत्थर से कुचल गए। हत्या के बाद आरोपी ढाबे में खाना खाने गए और मोबाइल फोन और जेवर सहित अन्य सामान अपने पास रख लिया। ठगी और साजिश का खुलासा जांच में पता चला कि मृतिका दो युवकों के संपर्क में थी, जिन्होंने उसे सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर पिछले 7–8 महीनों में लाखों रुपए लिए थे। जब नौकरी नहीं लगी और महिला ने दबाव बनाना शुरू किया, तो आरोपियों को डर था कि उनका ठगी का खेल फेल हो जाएगा। इसी डर से उन्होंने हत्या की साजिश रची। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने वीडियो कॉल पर हत्या की योजना बनाई थी। मास्टरमाइंड ने हेमलता बंजारे के खाते में कई बार रकम ट्रांसफर की थी। आरोपी और गिरफ्तारी पुलिस ने अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है: मुख्य आरोपी अब भी फरार है। पुलिस उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। नौकरी का झांसा और ठगी नेटवर्क जांच में यह भी खुलासा हुआ कि यह गिरोह नगर निगम, जल संसाधन और स्वास्थ्य विभाग जैसी जगहों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं से लाखों रुपए वसूल रहा था। गंगोत्री इस नेटवर्क से जुड़ी हुई थी, लेकिन यह स्पष्ट नहीं कि उसे ठगी की जानकारी थी या नहीं। पुलिस का कहना है कि महिला के दबाव बनाने पर ही उसे रास्ते से हटाने के लिए यह खतरनाक साजिश रची गई।

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दुर्ग में 25 लाख की हेरोइन बरामद, तस्करी गिरोह का सरगना भी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के दुर्ग ज़िले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 लाख रुपये की हेरोइन पकड़ी है। यह मामला मोहन नगर थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, 10 सितंबर को मिली गुप्त सूचना के आधार पर धमधा रोड स्थित सब्ज़ी मंडी के पास एक कार को रोका गया। तलाशी के दौरान 246 ग्राम हेरोइन, 1.25 लाख नकद और लाल रंग का बैग बरामद हुआ। पुलिस ने मौके पर ही 6 आरोपियों को पकड़ लिया था। गिरोह का मुख्य आरोपी गुरजीत सिंह उर्फ रुड फरार हो गया था। पुलिस ने 18 सितंबर को दुर्ग रेलवे स्टेशन के पास घेराबंदी कर उसे भी गिरफ्तार कर लिया। उसे कोर्ट में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार गिरोह पंजाब और दिल्ली से हेरोइन मंगाकर दुर्ग और आसपास के इलाकों में बेच रहा था। अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में जब्त नशे की कीमत 25 लाख रुपये आंकी गई है। पिछले दो वर्षों में पुलिस ने कई बार इस तरह की खेप पकड़ी है। अधिकारियों का कहना है कि यह नेटवर्क खासकर युवाओं को निशाना बनाकर नशे की सप्लाई कर रहा था।

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भिलाई: राष्ट्रीय योगासन प्रतियोगिता के तीसरे दिन महाराष्ट्र, पंजाब और गुजरात के खिलाड़ियों ने मारी बाज़ी

दुर्ग ज़िले के भिलाई सेक्टर-6 स्थित अग्रसेन भवन में चल रही राष्ट्रीय योगासन प्रतियोगिता के तीसरे दिन प्रतिभागियों ने विभिन्न श्रेणियों में शानदार प्रदर्शन किया। व्यक्तिगत हैंड बैलेंस कैटेगरी में महाराष्ट्र के नितिन पावले ने स्वर्ण पदक हासिल किया। पश्चिम बंगाल के ऋषभ चटर्जी को रजत और तमिलनाडु के अभिनेश कुमार को कांस्य मिला। बैक बेंड व्यक्तिगत श्रेणी में पंजाब की अलका कुमारी पेरीवाल ने गोल्ड मेडल जीता। महाराष्ट्र की पूर्व किनारे को सिल्वर और बिहार की साक्षी कुमारी को ब्रॉन्ज मिला। आर्टिस्टिक पेयर श्रेणी में बंगाल के लिटन दास, गुजरात के मित कुमार और जम्मू-कश्मीर के इरफान गुलजार ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। छत्तीसगढ़ का भी शानदार प्रदर्शन 18 से 28 वर्ष आयु वर्ग की ट्विस्टिंग बॉडी श्रेणी में गुजरात के शाह कृष, त्रिपुरा के किशन देवनाथ और छत्तीसगढ़ के राहुल चक्रधारी ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन रचित कौशिक, श्रेयस मार्कण्डेय और बीना त्रिपाठी सहित विशेषज्ञों ने किया। मुख्य अतिथि बोले – योग जीवनशैली बदलने की प्रेरणा देता है इस अवसर पर दुर्ग एसपी गोपाल गर्ग मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेश कौशिक, समाजसेवी ईश्वर उपाध्याय और पर्यावरण मित्र सरस बर्मन भी कार्यक्रम में शामिल हुए। गोपाल गर्ग ने योग को भारत की प्राचीन धरोहर बताते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करती हैं।

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अनजान नंबर पर क्लिक कर दो प्रोफेसरों ने गंवाए 90 हजार रुपये, साइबर ठगी का शिकार हुए बीआईटी के स्टाफ

बीआईटी के प्राचार्य, डीन और कई प्रोफेसरों को साइबर ठगों ने अपना निशाना बनाया है। शुक्रवार को कॉलेज के कई स्टाफ के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल और मैसेज आए, जिन्हें क्लिक करने से कुल दो प्रोफेसर 90 हजार रुपये की ठगी का शिकार हो गए। बताया जा रहा है कि गुरुवार दोपहर को ब्ल्यू डॉट नाम के एक नंबर से कॉल आया, जिसमें पार्सल आने की बात कही गई लेकिन पता न मिलने की बात कही गई। इसके बाद भेजे गए लिंक को जब दो प्रोफेसरों ने क्लिक किया तो उनके मोबाइल में गड़बड़ी होने लगी और उनका व्हाट्सऐप बंद हो गया। इसके बाद प्रोफेसर अभिजित दास और हीना मिश्रा ने सोच कर कि उनके साथी रुपए मांग रहे हैं, गूगल पे के जरिए 45-45 हजार रुपये साइबर ठगों के अकाउंट में भेज दिए। बीआईटी के डीन संतोष सार ने बताया कि कॉलेज के कई स्टाफ को इस ब्लू डॉट नंबर से ऐसे कॉल आए, जिसमें प्रोफेसर मौसम शर्मा, अभिजित दास, हीना मिश्रा, अनुपम अग्रवाल, अभिषेक वर्मा, सुनील और सक्सेना के मोबाइल को हैक कर लिया गया है। ठगी की शिकायत संबंधित अधिकारियों को 1930 नंबर पर दर्ज कराई गई है। साइबर एक्सपर्ट्स ने इस घटना को गंभीर बताया है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है कि वे अनजान नंबर या लिंक पर कभी क्लिक न करें, खासकर जब उन्हें संदिग्ध संदेश आए।

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सोलर प्रोजेक्ट के नाम पर 1.50 करोड़ की ठगी, कारोबारी के साथ धोखाधड़ी करने वाला आरोपी बिहार से गिरफ्तार

भिलाई। सोलर स्ट्रीट लाइट प्रोजेक्ट में मोटे मुनाफे का लालच देकर कारोबारी से 1.50 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान मुंबई स्थित संजीवीटी इंटरप्राइजेस लिमिटेड के संचालक प्रेमजीत शर्मा के रूप में हुई है। इस मामले की शिकायत भिलाई के दिघवा निवासी जसमिंदर सिंह ने दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि प्रेमजीत शर्मा ने नेपाल में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने के प्रोजेक्ट में निवेश करने का प्रस्ताव दिया और बड़े मुनाफे का भरोसा दिलाया। इस झांसे में आकर जसमिंदर सिंह ने 1 करोड़ 50 लाख रुपये निवेश कर दिए। हालांकि, निवेश के बाद आरोपी ने नेपाल में भारी बारिश के कारण प्रोजेक्ट बंद हो जाने की बात कही और नया अनुबंध नाइजीरिया में होने का दावा किया। लेकिन जब नाइजीरिया प्रोजेक्ट के दस्तावेजों की जांच हुई, तो वे भी फर्जी निकले। शिकायत की पुष्टि के बाद स्मृति नगर चौकी प्रभारी गुरविंदर सिंह संधु अपनी टीम के साथ बिहार पहुंचे और आरोपी प्रेमजीत शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। एएसपी पद्मश्री तंवर ने बताया कि आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।

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