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नेशनल हाईवे पर दर्दनाक हादसा: ट्रक की चपेट में आने से युवती की मौत, युवक गंभीर

भिलाई में शुक्रवार रात नेशनल हाईवे पर हुए एक भीषण सड़क हादसे में 27 वर्षीय युवती की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके साथ बाइक पर सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना रायपुर से भिलाई आने वाले मार्ग पर चरोदा जीआरपी चौकी के पास रात करीब 10 से 11 बजे के बीच हुई। मृतका की पहचान गूंजा चतुर्वेदी निवासी सुभाष मार्केट, जोन-2, वार्ड 31, बापू नगर खुर्सीपार के रूप में हुई है। घायल युवक 41 वर्षीय दीपक मोंगराज बताया गया है, जो ओडिया मोहल्ला, वार्ड 33, खुर्सीपार भिलाई का रहने वाला है। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह प्राथमिक जानकारी के अनुसार दोनों रायपुर से भिलाई लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बाइक तेज गति में थी और संतुलन बिगड़ने के बाद एक ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। यह घटना भिलाई-3 थाना क्षेत्र में हुई। पुलिस ने शुरू की जांच सूचना मिलते ही भिलाई-3 थाना पुलिस मौके पर पहुंची। शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है। हादसे के कारणों की पुष्टि के लिए आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में मामला सड़क दुर्घटना का प्रतीत हो रहा है, लेकिन विस्तृत जांच जारी है।

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दुर्ग में गांजा तस्करी पर कार्रवाई: झोले में रखकर बेच रहा था युवक, 2 किलो से अधिक गांजा जब्त

दुर्ग। दुर्ग जिले के मोहन नगर थाना पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजा बेचते हुए एक युवक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से 2 किलो 30 ग्राम गांजा जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1 लाख रुपए बताई जा रही है। इसके अलावा आरोपी से 2200 रुपए नकद भी बरामद किए गए हैं। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 8 फरवरी (रविवार) सुबह मुखबिर से सूचना मिली थी कि तितुरडीह इलाके में पुरानी शराब दुकान के पास एक व्यक्ति सफेद-हरे रंग के झोले में गांजा रखकर बिक्री कर रहा है। सूचना मिलते ही मोहन नगर थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध की घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही भागने लगा आरोपी जब पुलिस की सरकारी गाड़ी मौके पर पहुंची, तो वहां एक युवक झोला लिए खड़ा मिला। पुलिस को देखते ही वह भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन टीम ने तत्परता दिखाते हुए उसे पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम गोपाल नाग (38 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक-19, तितुरडीह, मस्जिद के पास बताया। झोले से दो पैकेट गांजा बरामद तलाशी के दौरान आरोपी के झोले से पारदर्शी सेलो टेप से लिपटे दो पैकेट बरामद किए गए। जांच करने पर दोनों पैकेटों में गांजा पाया गया। इसके साथ ही आरोपी की पेंट की जेब से 2200 रुपए नकद भी जब्त किए गए। पुलिस ने पंचनामा तैयार कर मादक पदार्थ की विधिवत जांच की, जिसमें गांजे का कुल वजन 2 किलो 30 ग्राम निकला। इसके बाद गांजे को सीलबंद कर जब्त कर लिया गया। एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज मोहन नगर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 20(ख) एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ जारी है और गांजा तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क की तलाश की जा रही है।

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उधारी के पैसे को लेकर युवक की हत्या: NSUI नेता और साथियों ने होटल में बंधक बनाकर पीटा, इलाज के दौरान मौत

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है, जहां उधारी के पैसे को लेकर NSUI के एक नेता और उसके साथियों ने मिलकर एक युवक की बेरहमी से पिटाई कर दी। होटल के कमरे में बंधक बनाकर लात-घूंसों से पीटे गए युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में NSUI जिला उपाध्यक्ष सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक की पहचान ऋषि निर्मलकर (19) के रूप में हुई है। वह अपने पिता की कपड़े प्रेस करने की दुकान में हाथ बंटाता था। यह घटना दुर्ग सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र की है। पैसे नहीं लौटाए तो उठा लिया रास्ते से पुलिस जांच में सामने आया है कि NSUI जिला उपाध्यक्ष मेजर सागर ने ऋषि को कुछ पैसे उधार दिए थे। जब ऋषि ने पैसे लौटाने में देर की और फोन उठाना बंद कर दिया, तो आरोपी गुस्से में आ गए। 20 जनवरी को ऋषि अपने एक दोस्त के साथ बाइक से घूम रहा था। इसी दौरान स्टेशन रोड पर पीछे से कार में आए मेजर सागर और उसके साथियों ने उसे रोक लिया। जबरदस्ती बाइक से उतारकर उसे कार में बैठाया गया और सीधे दुर्ग स्थित “36 इन होटल” ले जाया गया। होटल के कमरे में बंधक बनाकर की पिटाई बताया जा रहा है कि जिस होटल में ऋषि को ले जाया गया, वहां आरोपी मेजर सागर ही मैनेजर था। होटल के एक कमरे में ऋषि को बंद कर सभी आरोपियों ने उसकी लात-घूंसों से जमकर पिटाई की। अधमरा हालत में उसे होटल के बाहर फेंक दिया गया। इसके बाद ऋषि ने अपने दोस्त को फोन कर बुलाया और किसी तरह घर पहुंचा। घरवालों ने चोटों के बारे में पूछा, लेकिन उसने कुछ नहीं बताया। दो दिन बाद बिगड़ी हालत, अस्पताल में मौत घटना के दो दिन बाद ऋषि की तबीयत अचानक बिगड़ गई। पहले उसे स्थानीय डॉक्टर को दिखाया गया, फिर हालत गंभीर होने पर भिलाई के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। 25 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण गंभीर अंदरूनी चोटें बताया गया है। पांच आरोपी गिरफ्तार, सभी ने कबूला जुर्म परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने 26 जनवरी को हत्या का मामला दर्ज किया। जांच के दौरान पहले 27 जनवरी को दो आरोपियों—NSUI जिला संयोजक प्रशांत राव (26) और लक्की उर्फ किशन ध्रुवे (18) को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद 2 फरवरी को पुलिस ने मुख्य आरोपी मेजर सिंह सागर उर्फ राज सिंह सागर (19), काके उर्फ हरविंदर सिंह (20) और अंकित झा (22) को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। सभी आरोपी दुर्ग के निवासी हैं और पूछताछ में उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस ने सभी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है और मामले की आगे जांच जारी है।

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एक कमरे में दो-दो कक्षाएं: अलमारी से बना ऑफिस, गुरुनानक प्राथमिक शाला की बदहाल व्यवस्था पर सवाल

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के मालवीय नगर क्षेत्र में स्थित गुरुनानक प्राथमिक शाला में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी सामने आई है। स्कूल पिछले चार वर्षों से पं. मदन मोहन मालवीय प्राथमिक शाला परिसर में अस्थायी रूप से संचालित हो रहा है, जहां सिर्फ तीन कमरों में पहली से पांचवीं तक की कक्षाएं चलाई जा रही हैं। कमरों की कमी के कारण एक ही कक्षा में दो-दो कक्षाओं के बच्चों को बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि स्कूल में न तो हेडमास्टर के बैठने के लिए अलग कमरा है और न ही कोई स्टाफ रूम। मजबूरी में शिक्षकों ने एक अलमारी लगाकर उसी कक्षा में पार्टिशन बनाकर कार्यालय तैयार किया है। अलमारी के एक तरफ ऑफिस का काम चलता है, जबकि दूसरी तरफ बच्चों की पढ़ाई होती है। गुरुनानक प्राथमिक शाला को दीपक नगर स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय परिसर में शिफ्ट किया गया था। यहां पहली से पांचवीं तक की कक्षाओं के लिए केवल तीन कमरे ही उपलब्ध कराए गए। सीमित संसाधनों में स्कूल का संचालन करना शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों के लिए चुनौती बना हुआ है। हेडमास्टर रतिदास सिरमौर ने बताया कि स्कूल पहले अपने भवन में संचालित होता था, लेकिन एक छोटा छज्जा गिरने के बाद भवन की मरम्मत कराने के बजाय स्कूल को तत्काल खाली करने का आदेश दे दिया गया। इसके बाद से पिछले चार सालों से स्कूल इसी अस्थायी व्यवस्था में चल रहा है। स्कूल में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे पैदल आते हैं। उन्हें स्कूल पहुंचने के लिए व्यस्त सड़क पार करनी पड़ती है, जिससे दुर्घटना का खतरा हमेशा बना रहता है। अभिभावकों का कहना है कि छोटे बच्चों के लिए यह स्थिति असुरक्षित है, लेकिन विकल्प न होने के कारण वे मजबूर हैं। इसके अलावा स्कूल के ठीक पास स्थित अन्य विद्यालय में माइक सिस्टम से पढ़ाई कराई जाती है, जिसकी तेज आवाज से गुरुनानक प्राथमिक शाला के छात्रों की पढ़ाई बार-बार बाधित होती है। शिक्षकों का कहना है कि शोर के कारण बच्चों का ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो जाता है। हेडमास्टर ने अक्टूबर 2025 में स्कूल शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर नई भवन व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं की मांग की थी, लेकिन अब तक न कोई जवाब मिला है और न ही कोई ठोस कदम उठाया गया है। स्कूल में कुल तीन स्टाफ सदस्य पदस्थ हैं। हेडमास्टर स्वयं तीसरी कक्षा पढ़ाते हैं, एक शिक्षक चौथी और पांचवीं कक्षा की जिम्मेदारी संभालते हैं, जबकि एक शिक्षिका पहली और दूसरी कक्षा को एक साथ पढ़ाती हैं। इस पूरे मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि संबंधित प्रिंसिपल को कमरों की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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भिलाई के कल्याण कॉलेज में हंगामा: प्राचार्य से अभद्रता और सरकारी काम में बाधा, दो आरोपी गिरफ्तार

भिलाई के सेक्टर-7 स्थित कल्याण स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हुई तोड़फोड़ और उपद्रव के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर कॉलेज परिसर में जबरन घुसकर हंगामा करने, प्राचार्य से दुर्व्यवहार करने, शासकीय कार्य में बाधा डालने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के गंभीर आरोप हैं। भिलाई नगर थाना पुलिस ने खुर्सीपार निवासी अतुल कुमार चौधरी (19) और नेहरू नगर सुपेला निवासी केतन तिवारी (23) को गिरफ्तार किया है। दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। थाना प्रभारी जितेंद्र वर्मा के अनुसार, यह घटना 9 दिसंबर की है। उस दिन कल्याण कॉलेज में प्राचार्य कक्ष के भीतर परीक्षा फॉर्म के सत्यापन और हस्ताक्षर से संबंधित शासकीय कार्य चल रहा था। इसी दौरान कॉलेज का पूर्व छात्र आकाश कन्नौजिया अपने साथ कई छात्रों को लेकर नारेबाजी करते हुए अनधिकृत रूप से कॉलेज परिसर में घुस आया। आरोप है कि सभी आरोपी एकजुट होकर प्राचार्य कक्ष में घुसे और वहां गाली-गलौज शुरू कर दी। उपद्रवियों ने प्राचार्य की टेबल का कांच तोड़ दिया, टेबल पर रखे शासकीय दस्तावेजों को फेंक दिया और कुछ दस्तावेज फाड़कर उन पर स्याही डाल दी। इतना ही नहीं, आरोपियों ने जूते की माला बनाकर प्राचार्य को पहनाने का प्रयास किया और उनके नाम पट्ट पर भी स्याही पोत दी। घटना के दौरान धक्का-मुक्की और हंगामे के कारण कॉलेज में अफरा-तफरी मच गई और शासकीय कार्य पूरी तरह से बाधित हो गया। इसके बाद प्राचार्य की शिकायत पर भिलाई नगर थाने में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस इस केस में पहले ही कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें एनएसयूआई के महासचिव आकाश कन्नौजिया भी शामिल है। वहीं, अतुल चौधरी और केतन तिवारी घटना के बाद से फरार चल रहे थे। लगातार दबिश, तकनीकी साक्ष्यों और सूचना तंत्र के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की। पूछताछ के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

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ट्रेन में यात्रियों से अवैध वसूली करते चार किन्नर हिरासत में, राजनांदगांव RPF की कार्रवाई

राजनांदगांव। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने रेल मदद ऐप पर प्राप्त शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए ट्रेन में यात्रियों से जबरन वसूली और अभद्र व्यवहार के आरोप में चार किन्नरों को हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के नागपुर मंडल के अंतर्गत की गई। घटना 29 जनवरी 2026 की है। गाड़ी संख्या 22816 (बिलासपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस) में यात्रा कर रहे यात्री रोमेश कुमार ने ‘रेल मदद’ ऐप पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि जनरल कोच में कुछ लोग यात्रियों से अभद्रता कर जबरन पैसे मांग रहे हैं। प्लेटफॉर्म पर घेराबंदी कर पकड़े गए आरोपी शिकायत मिलते ही RPF की टीम राजनांदगांव रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर पहुंची और संबंधित कोच की घेराबंदी की। इस दौरान मधु (27), सोनाली (42), काजल (35) और ढिल्लू (27) को हिरासत में लिया गया। सभी साईं नगर, उरला, जिला दुर्ग के निवासी बताए गए हैं। बिना टिकट यात्रा और रेलवे एक्ट के तहत मामला जांच में सामने आया कि पकड़े गए व्यक्तियों के पास यात्रा टिकट नहीं था। ड्यूटी पर तैनात टीटीई ने नियमानुसार उनसे जुर्माना वसूला। इसके अलावा यात्रियों को परेशान करने और अवैध वसूली के आरोप में रेलवे अधिनियम की धारा 145(B) के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। यात्रियों से RPF की अपील रेलवे सुरक्षा बल ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान किसी भी तरह की अवैध वसूली, अभद्र व्यवहार या सुरक्षा संबंधी समस्या होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 139 या ‘रेल मदद’ ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज करें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।

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दुर्ग रेलवे स्टेशन पहुंचीं RPF डीजी सोनाली मिश्रा, सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा; GRP-स्थानीय पुलिस समन्वय पर दिया जोर

दुर्ग। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की महानिदेशक सोनाली मिश्रा शुक्रवार शाम दुर्ग रेलवे स्टेशन पहुंचीं, जहां उन्होंने स्टेशन परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की। इस दौरान दुर्ग रेंज आईजी अभिषेक शांडिल्य और दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल भी मौजूद रहे। दुर्ग रेलवे स्टेशन स्थित वीआईपी लाउंज में आयोजित समीक्षा बैठक में महानिदेशक ने रेल यात्रियों की सुरक्षा, रेलवे संपत्ति की सुरक्षा, अपराध नियंत्रण, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, मानव तस्करी की रोकथाम और संगठित अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा की। RPF-GRP और स्थानीय पुलिस के बीच बेहतर तालमेल पर जोर बैठक के दौरान रेलवे सुरक्षा बल, शासकीय रेल पुलिस (GRP) और स्थानीय पुलिस के बीच समन्वय को और मजबूत करने की आवश्यकता पर विशेष रूप से जोर दिया गया। महानिदेशक ने कहा कि बेहतर तालमेल से ही अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और यात्रियों को सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जा सकता है। स्टेशन परिसर और RPF पोस्ट का किया निरीक्षण बैठक के बाद सोनाली मिश्रा ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दुर्ग रेलवे स्टेशन परिसर और RPF पोस्ट दुर्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान प्लेटफार्मों पर लगे सीसीटीवी कैमरों, निगरानी व्यवस्था, ट्रेनों में सुरक्षा प्रबंध, यात्रियों की सुविधाओं और मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों की जानकारी ली गई। अपराध के नए तरीकों से निपटने की तैयारी के निर्देश निरीक्षण के दौरान महानिदेशक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरती जाए। उन्होंने कहा कि बदलते समय और अपराध के नए तरीकों को देखते हुए RPF को तकनीकी रूप से सशक्त, आधुनिक और प्रशिक्षित बनाए रखना जरूरी है। सोनाली मिश्रा ने स्पष्ट किया कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा RPF की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए GRP व स्थानीय पुलिस के साथ समन्वित और प्रभावी कार्रवाई बेहद आवश्यक है, ताकि रेल यात्रियों को सुरक्षित और भयमुक्त माहौल मिल सके।

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दुर्ग में ग्राफिक्स डिजाइनर ने की आत्महत्या, फेसबुक पोस्ट में पत्नी पर गंभीर आरोप; पुलिस जांच में जुटी

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक ग्राफिक्स डिजाइनर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मौत से पहले युवक ने फेसबुक पर एक टेक्स्ट पोस्ट साझा किया, जिसमें उसने आत्महत्या के लिए अपनी पत्नी को जिम्मेदार ठहराया है। युवक ने पोस्ट में खुद को घरेलू हिंसा का शिकार बताते हुए अपनी गर्लफ्रेंड को बचाने के लिए यह कदम उठाने का दावा किया है। यह मामला जामुल थाना क्षेत्र का है। मृतक की पहचान भोज नारायण (36 वर्ष) के रूप में हुई है, जो भिलाई स्थित रुंगटा कॉलेज में सीनियर ग्राफिक्स डिजाइनर के पद पर कार्यरत था। फेसबुक पोस्ट में लगाए गए आरोप जानकारी के अनुसार, भोज नारायण ने 28 जनवरी को आत्महत्या की थी, लेकिन उसका फेसबुक पोस्ट और कथित सुसाइड नोट अब सामने आया है। पोस्ट में उसने लिखा है कि वह पत्नी से परेशान होकर आत्महत्या कर रहा है और इस मामले में उसके अन्य परिजनों की कोई भूमिका नहीं है। मृतक ने अपनी पोस्ट में यह भी दावा किया है कि उसकी पत्नी ने उसकी गर्लफ्रेंड पर जादू-टोना कराए जाने का शक जताया और खुद को लंबे समय से मानसिक व घरेलू उत्पीड़न का शिकार बताया। फेसबुक पोस्ट के साथ भोज ने एक ड्राइव लिंक भी साझा किया था, जिसमें पत्नी और कुछ अन्य लोगों से संबंधित चैट के स्क्रीनशॉट होने का दावा किया गया है। क्या है पूरा मामला भोज नारायण मूल रूप से गरियाबंद जिले के राजिम का रहने वाला था और भिलाई में किराए के मकान में रह रहा था। वह शादीशुदा था और उसकी एक बेटी भी है। पुलिस जांच में सामने आया है कि उसका एक महिला प्यून के साथ प्रेम संबंध था, जो स्वयं भी शादीशुदा थी। इस संबंध की जानकारी उसकी पत्नी को थी, जिसको लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद होता रहता था। बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले भोज अपनी गर्लफ्रेंड को बाहर लेकर गया था। बाद में लौटने पर घरेलू विवाद और बढ़ गया। पत्नी ने संबंध खत्म करने की बात कही, लेकिन भोज इसके लिए तैयार नहीं हुआ। 28 जनवरी को जब वह घर में अकेला था, उसी दौरान उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, शव को नीचे उतारकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। 29 जनवरी को पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पहले दर्ज हुई थी गुमशुदगी रिपोर्ट पुलिस के मुताबिक, आत्महत्या से कुछ दिन पहले भोज नारायण घर से लापता हो गया था, जिसके बाद उसकी पत्नी ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच के दौरान उसके प्रेम संबंधों और आर्थिक तनाव की जानकारी सामने आई। बताया जा रहा है कि वह कर्ज के कारण भी मानसिक दबाव में था। पुलिस कर रही हर पहलू की जांच जामुल थाना प्रभारी रामेंद्र सिंह ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है। फेसबुक पोस्ट, मोबाइल डेटा, ड्राइव लिंक और परिजनों के बयान के आधार पर जांच की जा रही है। आत्महत्या के कारणों और लगाए गए आरोपों की सत्यता की पड़ताल की जा रही है। फिलहाल, किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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शंकराचार्य निश्चलानंद बोले- तामझाम और अव्यवस्था के कारण रोके गए अविमुक्तेश्वरानंद, हिंदू राष्ट्र किसी के विरोध में नहीं

दुर्ग: शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद हिंदू राष्ट्र अभियान के तीसरे चरण के तहत दुर्ग पहुंचे और यहां उन्होंने गोवर्धन मठ, पुरी के पीठाधीश्वर शंकराचार्य के बारे में सफाई दी। उन्होंने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद को स्नान करने से नहीं रोका गया, बल्कि तामझाम और अव्यवस्था के चलते प्रशासन ने रोक लगाई थी। स्वामी निश्चलानंद ने जोर देकर कहा कि मामले को गलत तरीके से पेश किया गया। उनका कहना था कि हिंदू राष्ट्र किसी के विरोध में नहीं है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को मजबूत करने के लिए है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म शांति, सह-अस्तित्व और नैतिक मूल्यों की शिक्षा देता है। दुर्ग में हिंदू राष्ट्र अभियान और प्रवचन स्वामी निश्चलानंद ने बताया कि हिंदू राष्ट्र अभियान के तीसरे चरण के तहत वे दुर्ग आए हैं। यहां वे भक्तों से मिलेंगे और आध्यात्मिक ज्ञान पर प्रवचन देंगे। यह कार्यक्रम दुर्ग जिले के अंडा गांव में आयोजित किया गया। अविमुक्तेश्वरानंद का प्रयागराज माघ मेला छोड़ना स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज माघ मेला बीच में ही छोड़ दिया और काशी के लिए रवाना हो गए। उन्होंने कहा कि “मन इतना व्यथित है कि बिना स्नान किए ही विदा ले रहे हैं। श्रद्धा के साथ आए थे, लेकिन घटना ने पूरी उम्मीद तोड़ दी।” उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से उन्हें सम्मानित तरीके से पालकी में स्नान कराने का प्रस्ताव आया था, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। उनका कहना था कि दिल में दुख और गुस्सा होने पर पवित्र जल भी शांति नहीं दे सकता। अब उनका मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच चुका है, जहां वकील गौरव द्विवेदी ने CBI जांच की मांग करते हुए चीफ जस्टिस को लेटर पिटीशन भेजा है। विवाद की शुरुआत 18 जनवरी को मौनी अमावस्या पर अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी को पुलिस ने रोक दिया था। शिष्य पालकी ले गए और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई। कई शिष्यों को हिरासत में लिया गया, और एक साधु को चौकी में पीटा गया। शंकराचार्य नाराज हो गए और अपने समर्थकों को छुड़ाने पर अड़े रहे। पालकी को संगम से 1 किमी दूर तक ले जाया गया और यह क्षत्रप टूट गया। इसके बाद शंकराचार्य संगम के तट पर धरने पर बैठे रहे और स्नान नहीं कर पाए। प्रशासन और संत समाज की प्रतिक्रिया इस विवाद ने संत समाज को दो हिस्सों में बाँट दिया। हालांकि तीनों शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में रहे। शंकराचार्य की मांग थी कि प्रशासन माफी मांगे, तभी वह स्नान करेंगे। इस विवाद के बीच बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट ने इस्तीफा दिया और 24 घंटे बाद अयोध्या के डिप्टी कमिश्नर ने भी इस्तीफा दे दिया।

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गलत कार्रवाई के आरोपों में स्मृतिनगर चौकी प्रभारी लाइन अटैच, हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद एसपी की कार्रवाई

दुर्ग जिले के स्मृतिनगर चौकी के प्रभारी उप निरीक्षक गुरविंदर सिंह संधु को बुधवार को उनके पद से हटाकर रक्षित केंद्र भेज दिया गया है। यह प्रशासनिक कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब कुछ दिन पहले ही छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उनके आचरण की जांच कराने के निर्देश पुलिस महानिदेशक (DGP) को दिए थे। गुरविंदर सिंह पर दो व्यापारियों के खिलाफ गलत और मनमानी कार्रवाई करने के गंभीर आरोप लगे थे। इन्हीं मामलों के बाद पुलिस विभाग ने चौकी प्रभारी बदलने का फैसला लिया है। उनकी जगह भिलाई भट्टी थाना प्रभारी राजेश कुमार साहू को स्मृतिनगर चौकी का नया प्रभारी बनाया गया है। हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी वाला पहला मामला पहला मामला एक स्थानीय व्यवसायी सुजीत साव से जुड़ा है। इस केस में हाईकोर्ट ने चौकी प्रभारी के आचरण पर गंभीर सवाल उठाए थे। याचिकाकर्ता के अनुसार, महिला से छेड़छाड़ और मारपीट के मामले में गिरफ्तारी के बाद व्यवसायी को चौकी लाकर पीटा गया और फिर हथकड़ी पहनाकर सड़कों पर जुलूस निकाला गया। उसे रात करीब 9 बजे जेल दाखिल कराया गया। कोर्ट ने पाया कि इस पूरे मामले में एसआई गुरविंदर सिंह संधु की कार्रवाई नियमों के विपरीत थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने DGP को निर्देश दिया था कि उनके आचरण की उचित स्तर पर जांच कराई जाए और जरूरत पड़ने पर सुधारात्मक या अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। दूसरा मामला: होटल कारोबारी से मारपीट, बिना FIR जेल दूसरा चर्चित मामला भिलाई के एक होटल कारोबारी से जुड़ा है। आरोप है कि जांच के नाम पर पुलिस ने होटल में दबिश दी और कारोबारी को उसकी मां के सामने ही पीटा। इसके बाद बिना एफआईआर दर्ज किए सरकारी काम में बाधा का आरोप लगाकर उसे जेल भेज दिया गया। इस मामले में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार को पीड़ित को 1 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। कोर्ट ने यह भी कहा कि जांच के बाद यह राशि दोषी अधिकारियों से वसूली जा सकती है। साथ ही गृह विभाग के सचिव को निर्देश दिए गए कि पुलिसकर्मियों को मानवाधिकारों के प्रति संवेदनशील बनाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों। हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद कार्रवाई इन दोनों मामलों में हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणियों और जांच के आदेशों के बाद स्मृतिनगर चौकी प्रभारी को हटाया जाना महज संयोग नहीं माना जा रहा। पुलिस महकमे में इसे जवाबदेही तय करने की दिशा में अहम कदम के रूप में देखा जा रहा है। दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने आदेश जारी कर गुरविंदर सिंह संधु को लाइन अटैच कर दिया है। पुलिस विभाग में फेरबदल जारी आदेश के अनुसार—

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