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विंग कमांडर सुसाइड केस में पत्नी पर FIR, मानसिक प्रताड़ना के आरोप

रायपुर में विंग कमांडर विपुल यादव आत्महत्या मामले में पुलिस ने उनकी पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पत्नी पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है। परिजनों का कहना है कि लंबे समय से मानसिक तनाव और प्रताड़ना के कारण ही यह कदम उठाया गया। यह घटना तेलीबांधा थाना क्षेत्र की है, जहां 10-11 मार्च 2026 की रात विंग कमांडर का शव उनके सरकारी आवास में फंदे पर लटका मिला था। शुरुआती जांच में पारिवारिक विवाद की बात सामने आई थी। बताया जा रहा है कि उन्होंने वर्ष 2014 में प्रेम विवाह किया था। पुलिस ने जांच के दौरान परिजनों और परिचितों के बयान दर्ज किए, जिसमें आरोप लगाया गया कि वे काफी समय से मानसिक दबाव में थे। परिवार का यह भी कहना है कि उन्हें अपने माता-पिता से बातचीत करने तक की अनुमति नहीं थी, जिससे वे काफी परेशान रहते थे। जांच में कुछ ऐसे साक्ष्य भी मिले हैं, जो प्रताड़ना के आरोपों को बल देते हैं। इन्हीं तथ्यों के आधार पर पुलिस ने पत्नी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 306 के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि आगे की पूछताछ के बाद जरूरत पड़ने पर अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं। मामले में थाना प्रभारी ने FIR दर्ज होने की पुष्टि की है और बताया कि आरोपी से जल्द पूछताछ की जाएगी। जांच हर पहलू को ध्यान में रखकर की जा रही है। परिजनों ने पहले भी आरोप लगाए थे कि मृतक पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए थे और वे मानसिक रूप से दबाव में रहते थे। परिवार के अनुसार, उन्हें अपने बच्चों और माता-पिता से भी खुलकर बात करने का मौका नहीं मिलता था। मृतक के पिता ने बताया कि उनका बेटा अपने निजी जीवन के बारे में ज्यादा जानकारी साझा नहीं करता था, लेकिन वे लगातार तनाव में नजर आता था। परिवार ने मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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रायगढ़ में सड़क हादसा: ट्रेलर की चपेट में आई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मौत, मुआवजे की मांग पर चक्काजाम

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में दर्दनाक सड़क हादसे में एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मौके पर ही मौत हो गई। महिला अपने पति और बच्चे के साथ स्कूटी से जा रही थी, तभी तेज रफ्तार ट्रेलर ने पीछे से टक्कर मार दी। यह घटना भूपदेवपुर थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार ग्राम टूंड्री रामपुर निवासी 33 वर्षीय उमा राठिया शुक्रवार सुबह अपने परिवार के साथ सिंघनपुर जा रही थी। इसी दौरान लापरवाही से चलाए जा रहे ट्रेलर ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में उमा राठिया ट्रेलर के पहिए के नीचे आ गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उसका पति और बच्चा सड़क पर दूर जा गिरे, जिससे उन्हें हल्की चोटें आई हैं। घटना के बाद ट्रेलर चालक मौके से फरार हो गया। हादसे की खबर मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और आक्रोश जताया। मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। भूपदेवपुर थाना प्रभारी संजय नाग के अनुसार पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और हालात को संभालने का प्रयास किया गया। फिलहाल फरार ट्रेलर चालक की तलाश जारी है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।

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बिलासपुर में तालाब में डूबने से युवक की मौत, पिकनिक के दौरान नहाते समय हादसा

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पिकनिक मनाने गए एक युवक की तालाब में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने रातभर युवक की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में गुरुवार को गोताखोरों की मदद से युवक का शव बरामद किया गया। यह घटना सकरी थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार तिफरा निवासी 25 वर्षीय मोनू ध्रुव अपने दोस्तों के साथ बुधवार सुबह ललहीखार पिकनिक मनाने गया था। दोपहर में सभी ने मिलकर खाना बनाया और वहां शराब पार्टी भी की। शाम के समय खाना खाने के बाद सभी दोस्त सलमपुरी स्थित गोविंदा तालाब में बर्तन धोने पहुंचे। इसी दौरान मोनू नहाने के लिए तालाब में उतर गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वह अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। दोस्तों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तालाब की अधिक गहराई के कारण वे सफल नहीं हो सके। घटना से घबराकर उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर सकरी पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और रात तक युवक की तलाश जारी रखी गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। अगले दिन सुबह फिर से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। घंटों की खोजबीन के बाद गोताखोरों ने युवक का शव बरामद कर लिया। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मर्ग कायम कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

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सक्ति वेदांता प्लांट हादसा: अनिल अग्रवाल समेत 10 पर FIR, बॉयलर ब्लास्ट में 20 की मौत, लापरवाही उजागर

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे के बाद अब बड़ी कार्रवाई सामने आई है। इस मामले में कंपनी प्रबंधन के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, जिसमें चेयरमैन अनिल अग्रवाल और प्लांट हेड देवेंद्र पटेल सहित 8 से 10 लोगों को आरोपी बनागया है। मामला डभरा थाने में दर्ज हुआ है। इस हादसे में अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 36 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों में से 16 का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में जारी है। मृतकों में छत्तीसगढ़ के अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के मजदूर शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि प्लांट में उत्पादन बढ़ाने की जल्दबाजी में गंभीर लापरवाही की गई। औद्योगिक सुरक्षा विभाग की जांच के अनुसार बॉयलर फर्नेस के अंदर अधिक मात्रा में फ्यूल जमा हो गया, जिससे अचानक दबाव बढ़ा और पाइप अपनी जगह से हट गया। इसी वजह से जोरदार विस्फोट हुआ। जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि मशीनों के रखरखाव और संचालन में भी लापरवाही बरती गई। चेतावनी संकेत मिलने के बावजूद काम नहीं रोका गया, जिससे हादसा और बड़ा हो गया। बताया गया कि 14 अप्रैल को दोपहर 2:33 बजे 2028 TPH क्षमता वाले वाटर ट्यूब बॉयलर में दबाव तेजी से बढ़ा। यह बढ़ोतरी 1 से 2 सेकंड के भीतर हुई, जिससे सिस्टम को नियंत्रित करना संभव नहीं रहा और अंदरूनी ब्लास्ट हो गया। इस विस्फोट की चपेट में बाहरी पाइपलाइन भी आ गई। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि एक घंटे के भीतर उत्पादन को 350 मेगावाट से बढ़ाकर लगभग 590 मेगावाट तक कर दिया गया था, जिससे सिस्टम पर अत्यधिक दबाव पड़ा। इसके अलावा पीए फैन में खराबी, अधजले ईंधन का जमाव, पाइपिंग सिस्टम की विफलता और बैकअप सिस्टम का समय पर काम न करना भी हादसे की वजह बने। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी प्रफुल्ल ठाकुर के निर्देश पर एएसपी पंकज पटेल के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई है। वहीं कलेक्टर अमृत विकास टोपनो ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं, जिसकी रिपोर्ट 30 दिनों में पेश की जाएगी। जांच में यह देखा जाएगा कि हादसा कैसे हुआ, इसके लिए कौन जिम्मेदार है, तकनीकी या मानवीय कारण क्या थे, और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या उपाय किए जाने चाहिए। घायलों का इलाज रायगढ़ और रायपुर के अस्पतालों में जारी है। वहीं मृतकों के परिजनों को पोस्टमॉर्टम के लिए परेशानियों का सामना भी करना पड़ा। इस बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मृतकों के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपए और घायलों को 50-50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की है।

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रायपुर टिंबर मार्केट में भीषण आग: देर रात गोदाम जला, लाखों का नुकसान, शॉर्ट सर्किट की आशंका

राजधानी रायपुर के खमतराई क्षेत्र स्थित टिंबर मार्केट में गुरुवार देर रात एक गोदाम में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग ने तेज़ी से फैलकर पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, सबसे पहले गोदाम से धुआं उठता नजर आया और कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। गोदाम में बड़ी मात्रा में लकड़ी और अन्य ज्वलनशील सामान रखा हुआ था, जिससे आग और तेजी से फैलती चली गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया। आग की तीव्रता को देखते हुए कई फायर ब्रिगेड वाहन मौके पर तैनात किए गए हैं और लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के इलाके को खाली कराया जा रहा है, ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो सके। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, इस आगजनी में लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। फिलहाल आग लगने की असली वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन शॉर्ट सर्किट को संभावित कारण माना जा रहा है। आग पूरी तरह बुझने और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।

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सक्ती पावर प्लांट हादसा: 20 दिन पहले हुई शादी, मजदूर की मौत; 600°C गर्म भाप में झुलसकर 20 की जान गई

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे ने कई परिवारों को उजाड़ दिया। इस दुर्घटना में अब तक 20 मजदूरों की मौत हो चुकी है। इनमें से 4 लोगों की मौके पर ही जान चली गई, जबकि 14 ने रायगढ़ के अलग-अलग अस्पतालों में दम तोड़ा। वहीं 2 मजदूरों की मौत रायपुर के कालड़ा अस्पताल में इलाज के दौरान हुई। मृतकों में बिहार के आकिब खान और झारखंड के अब्दुल करीम भी शामिल हैं। अब्दुल करीम की शादी महज 20 दिन पहले ही हुई थी और उनके हाथों की मेंहदी भी पूरी तरह नहीं उतरी थी। वे हाल ही में काम पर लौटे थे, लेकिन इससे पहले ही यह हादसा हो गया। इस दुर्घटना में कुल 36 मजदूर गंभीर रूप से झुलसे हैं, जिनमें से 16 का इलाज अभी भी अलग-अलग अस्पतालों में जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, कई घायलों का शरीर 90 प्रतिशत तक जल चुका है और उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। अगले 48 घंटे उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह हादसा बॉयलर ब्लास्ट के बाद निकली 500 से 600 डिग्री सेल्सियस तक गर्म भाप की चपेट में आने से हुआ। इतनी गर्म और तेज दबाव वाली भाप शरीर को कुछ ही सेकंड में बुरी तरह जला देती है और सांस के जरिए अंदर जाने पर फेफड़ों को भी गंभीर नुकसान पहुंचाती है। घटना के समय मौजूद मजदूरों ने बताया कि लंच के बाद अचानक तेज धुआं और धमाके की आवाज आई। इसके बाद चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए भागने लगे। कई मजदूर वहीं झुलस गए। जानकारी के अनुसार, इस प्लांट में पिछले महीने भी दो छोटे हादसे हो चुके थे। इसके बाद 27 मार्च से एक हफ्ते के लिए यूनिट को बंद किया गया था और कर्मचारियों को सेफ्टी ट्रेनिंग देने की बात कही गई थी। बावजूद इसके इतना बड़ा हादसा होना कई सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, पावर प्लांट का बॉयलर अत्यधिक तापमान और दबाव पर काम करता है। अगर इसमें किसी तरह की तकनीकी खराबी या लापरवाही हो जाए, तो यह प्रेशर कुकर की तरह फट सकता है, लेकिन इसका असर कहीं ज्यादा खतरनाक होता है।

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बिलासपुर में लॉ छात्रा ने की आत्महत्या: पिता की फटकार और शादी के दबाव के बाद उठाया कदम

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में Guru Ghasidas Central University की एक छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना कोनी थाना क्षेत्र की है। मृतका की पहचान दृष्टि गुप्ता (20) के रूप में हुई है, जो बीए एलएलबी सेकंड ईयर की छात्रा थी और रायगढ़ की रहने वाली थी। जानकारी के अनुसार, दृष्टि पिछले दो साल से कोनी स्थित रिवर व्यू कॉलोनी में किराए के मकान में रहकर पढ़ाई कर रही थी। सोमवार को कॉलेज से लौटने के बाद उसकी परिजनों से बातचीत हुई थी। इसके बाद वह दोस्तों के साथ बाहर गई और रात में उनके साथ समय बिताया। मंगलवार सुबह घर लौटने के बाद उसके पिता से उसकी बात हुई, जिसमें पढ़ाई को लेकर उसे डांट भी पड़ी थी। इसके बाद वह अपने कमरे में चली गई और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। काफी देर तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर आसपास के छात्रों ने उसे आवाज दी, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया, जहां छात्रा का शव पंखे से लटका मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को जांच के दौरान यह भी जानकारी मिली है कि छात्रा के परिवार की ओर से उस पर शादी को लेकर दबाव बनाया जा रहा था और वह इसका विरोध कर रही थी। साथ ही परिजनों ने बताया कि उसका स्वभाव गुस्सैल था और पढ़ाई को लेकर फटकार के बाद वह तनाव में आ गई थी। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और मर्ग कायम कर आगे की कार्रवाई जारी है।

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सक्ती वेदांता प्लांट हादसा: अपनों की तलाश में रातभर भटके परिजन, 22 घंटे बाद जारी हुई मृतकों की सूची

सक्ती स्थित वेदांता प्लांट में हुए भीषण बॉयलर विस्फोट के बाद हालात बेहद दर्दनाक रहे। हादसे में 17 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। घटना के बाद सबसे ज्यादा परेशानी उन परिजनों को झेलनी पड़ी, जो अपने अपनों की तलाश में पूरी रात अस्पतालों और सड़कों पर भटकते रहे। जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा ब्लॉक के हरदी विशाल गांव निवासी सनी कुमार अनंत अपने भाई की तलाश में शाम से लेकर देर रात तक कई अस्पतालों के चक्कर लगाते रहे। रात के करीब साढ़े तीन बजे तक उन्होंने 5 से 6 अस्पतालों में खोजबीन की, यहां तक कि ICU तक जाकर देखा, लेकिन कहीं भी उनके भाई का पता नहीं चला। सनी के भाई रामेश्वर महिलांगे वेदांता प्लांट में बॉयलर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे। उनकी उम्र करीब 28-29 साल थी और वे शादीशुदा थे, उनके एक छोटा बच्चा भी है। हादसे के दिन उनका फोन बंद आ रहा था, जिसके बाद उनके साथियों से घटना की जानकारी मिली। परिजन प्लांट भी पहुंचे, लेकिन वहां गेट बंद मिला और प्रबंधन की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। बाहर भीड़ जमा थी, लेकिन किसी अधिकारी ने सामने आकर स्थिति स्पष्ट नहीं की। करीब 12 घंटे तक भूखे-प्यासे परिजन अस्पतालों में अपने परिजनों को ढूंढते रहे। जिंदल अस्पताल में अधिक घायलों के होने की सूचना मिली, लेकिन वहां भी शुरू में अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। काफी अनुरोध के बाद ICU में जाकर देखने की इजाजत मिली, लेकिन वहां भी सनी को अपने भाई का कोई सुराग नहीं मिला। अस्पताल में भर्ती ज्यादातर लोग गंभीर रूप से झुलसे हुए थे, जिनकी पहचान करना भी मुश्किल था। आखिरकार बुधवार सुबह सनी को उनके भाई की मौत की सूचना मिली, जबकि मृतकों की आधिकारिक सूची दोपहर में जारी की गई। इस दौरान एक और समस्या सामने आई, जब प्लांट प्रबंधन की ओर से ठहरने की व्यवस्था के नाम पर होटल भेजे गए परिजनों से वहां पैसे मांगे गए। काफी बहस के बाद ही उन्हें कमरा मिल पाया। हादसे के बाद प्रशासन और प्रबंधन की लापरवाही भी उजागर हुई। मृतकों की पहचान और सूची जारी करने में करीब 22 घंटे का समय लगा, जिससे परिजन लगातार परेशान होते रहे। इतना ही नहीं, रात करीब 12 बजे तक प्लांट परिसर में एंबुलेंस में शव रखे होने की बात भी सामने आई। आशंका जताई गई कि बाहर मौजूद भीड़ के उग्र होने के डर से शवों को तुरंत बाहर नहीं लाया गया। बाद में भीड़ कम होने पर उन्हें पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। यह हादसा न केवल औद्योगिक सुरक्षा पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि आपदा प्रबंधन और सूचना व्यवस्था की गंभीर कमियों को भी उजागर करता है।

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रायपुर में भीषण सड़क हादसा: हाइवा-ट्रक की टक्कर में 3 की मौत, जेसीबी से निकाले गए शव

छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के गोबरा नवापारा क्षेत्र में देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई। रेत से भरी हाइवा और खाली ट्रक के बीच आमने-सामने जोरदार टक्कर हुई, जिसकी आवाज करीब 2 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। यह घटना अभनपुर थाना क्षेत्र की है। मिली जानकारी के अनुसार, पिपरौद-बजरंगपुर मार्ग पर निर्माणाधीन टोल प्लाजा के पास सोमवार रात करीब 1:30 बजे यह हादसा हुआ। रेत से लदी हाइवा सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार लोग केबिन में बुरी तरह फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद जेसीबी मशीन की मदद से केबिन में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोबरा नवापारा ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान तीनों ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार और लापरवाही बताई जा रही है। दुर्घटना के कारण कुछ समय के लिए सड़क पर यातायात भी बाधित रहा, जिसे बाद में बहाल कर दिया गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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रायपुर में तेज रफ्तार ई-रिक्शा का कहर: महिला को कुचला, 18 टांके लगे, ड्राइवर फरार

रायपुर में एक तेज रफ्तार ई-रिक्शा ने सड़क किनारे खड़ी महिला को टक्कर मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस हादसे में एक स्कूटी सवार युवक भी चपेट में आ गया। टक्कर के बाद आरोपी चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है। घटना पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र की है और 5 अप्रैल की बताई जा रही है, जिसका वीडियो अब सामने आया है। पीड़िता पूर्णिमा के सिर में गंभीर चोट आई है, जिसके चलते उन्हें 18 टांके लगाने पड़े। इसके अलावा पीठ में अंदरूनी चोट के कारण खून के थक्के जम गए हैं और चेहरे पर भी चोट के निशान हैं। पीड़िता के अनुसार, यह हादसा अश्वनी नगर स्थित अरिहंत कॉम्प्लेक्स के सामने उस समय हुआ, जब वह घर जाने के लिए ऑटो का इंतजार कर रही थीं। तभी तेज गति से आए ई-रिक्शा ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे वह सड़क पर गिर पड़ीं और बुरी तरह घायल हो गईं। घटना के दौरान वहां से गुजर रहा एक स्कूटी सवार युवक भी ई-रिक्शा की चपेट में आ गया और उसे भी चोटें आईं। आसपास मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। महिला का इलाज फिलहाल एक निजी अस्पताल में चल रहा है, जहां उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ई-रिक्शा चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए पहले महिला को टक्कर मारी और फिर स्कूटी सवार को भी टक्कर मार दी। इसके बाद वह बिना रुके मौके से भाग निकला, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर पुरानी बस्ती पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि फरार चालक और वाहन की पहचान की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ लापरवाही और गंभीर चोट पहुंचाने की धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।

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