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रायपुर में LPG सिलेंडरों की कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई, होटल-दुकानों से 350+ सिलेंडर जब्त

रायपुर में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग और कालाबाजारी के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने जिले के विभिन्न इलाकों में कार्रवाई की और बड़ी मात्रा में गैस सिलेंडर जब्त किए। जांच के दौरान धरसींवा विकासखंड के सेजबहार स्थित कमल होटल में घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग करते पाए जाने पर 14.2 किलोग्राम क्षमता के 8 सिलेंडर जब्त किए गए। वहीं बाबूलाल चिकन सेंटर से भी घरेलू गैस का गलत इस्तेमाल करते हुए 3 सिलेंडर बरामद किए गए। अभनपुर-नवापारा क्षेत्र में रवि ग्लास एंड प्लाइवुड में एलपीजी सिलेंडरों की अवैध बिक्री का मामला सामने आया। यहां से 26 घरेलू सिलेंडर (14.2 किग्रा), 2 व्यावसायिक सिलेंडर (19 किग्रा) और 4 छोटे सिलेंडर (5 किग्रा) जब्त किए गए। इसके अलावा कोरासी इंडेन ग्रामीण गैस एजेंसी की जांच में रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के बीच बड़ा अंतर पाया गया। जांच में 101 भरे और 64 खाली घरेलू सिलेंडर तथा 23 खाली व्यावसायिक सिलेंडर कम मिले। अनियमितता के चलते एजेंसी में मौजूद कुल 355 घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडरों को जब्त कर एजेंसी की निगरानी में रखा गया है। खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पूरे मामले में एलपीजी (वितरण एवं विनियमन) आदेश 2000 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग या कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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रायपुर में 7 नाबालिग बाल मजदूरों का रेस्क्यू, फैक्ट्रियों में कराया जा रहा था खतरनाक काम; चार संस्थानों पर केस दर्ज

राजधानी रायपुर के औद्योगिक क्षेत्रों में बाल श्रम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस और एनजीओ की संयुक्त टीम ने 7 नाबालिग बच्चों को मुक्त कराया है। ये बच्चे उरला, सिलतरा और खमतराई इलाके की फैक्ट्रियों और प्रतिष्ठानों में काम करने को मजबूर थे। जानकारी के अनुसार, इन बच्चों से भारी मशीनों और खतरनाक रसायनों के बीच मजदूरी कराई जा रही थी। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद एसोसिएशन फॉर वॉलंट्री एक्शन छत्तीसगढ़ (AVA) और पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी की। छापे के दौरान उरला क्षेत्र से 3 और खमतराई से 4 नाबालिगों को रेस्क्यू किया गया। ये बच्चे उद्योगों और बेकरी में वेल्डिंग, लोडिंग और पैकिंग जैसे कठिन कार्य कर रहे थे। कार्रवाई के दौरान जिन संस्थानों पर रेड हुई उनमें सोनी प्लाईवुड इंडस्ट्री, शैमरॉक ओवरशिष प्राइवेट लिमिटेड, इंद्राक्षी पाली प्लास्टर एलएलपी प्लांट और सन लॉजिस्टिक एंड डिस्ट्रीब्यूटर शामिल हैं। पुलिस ने इन कंपनियों के संचालकों और ठेकेदारों के खिलाफ बाल श्रम निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। रेस्क्यू किए गए सभी बच्चों का मेडिकल परीक्षण कराया गया और बाद में उन्हें बाल कल्याण समिति (CWC) के सामने पेश किया गया। फिलहाल बच्चों को सुरक्षित बाल गृह भेजा गया है, जहां उनकी काउंसलिंग की जा रही है और उनके परिवारों से संपर्क करने की प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों का कहना है कि रायपुर को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। गौरतलब है कि इससे पहले भी खरोरा स्थित एक मशरूम फैक्ट्री से बड़ी संख्या में बाल मजदूरों को मुक्त कराया गया था। उस मामले में 100 से अधिक बच्चों को बचाया गया था, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।

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रायपुर में व्यापारी से 5 लाख की ठगी, नकली चांदी के सिक्के देकर ले गए कैश और सोना

रायपुर: राजधानी रायपुर में एक व्यापारी के साथ करीब 5 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। ठगों ने पुराने चांदी के सिक्के सस्ते दाम में बेचने का लालच देकर व्यापारी से नकद और सोने के जेवर ले लिए और बदले में नकली सिक्कों की पोटली थमा कर फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। सस्ते दाम में चांदी देने का दिया लालच यह मामला न्यू राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार अमलीडीह निवासी मुरली केसरवानी को कुछ लोगों ने संपर्क कर बताया कि उनके पास बड़ी संख्या में पुराने चांदी के सिक्के हैं। आरोपी अमर कुमार और उसके साथियों ने भरोसा दिलाने के लिए पहले कुछ असली सिक्के दिखाए। इसके बाद बाजार भाव से कम कीमत पर चांदी बेचने का प्रस्ताव दिया, जिससे व्यापारी उनके झांसे में आ गया। पैसे और जेवर लेकर आरोपी हुए फरार सौदा तय होने के बाद तय स्थान पर मुलाकात हुई, जहां मुरली केसरवानी ने आरोपियों को 5 लाख रुपए नकद और कुछ सोने के आभूषण दे दिए। जैसे ही पैसे और जेवर उनके हाथ लगे, आरोपी जल्दी में वहां से निकल गए। जांच में सामने आया नकली सिक्कों का खेल आरोपियों के जाने के बाद जब व्यापारी ने सिक्कों की पोटली खोली और जांच की, तो पता चला कि ऊपर रखे कुछ सिक्के ही असली थे, जबकि अंदर रखे बाकी सिक्के नकली और सस्ती धातु के बने हुए थे। खुद को ठगा महसूस करने के बाद पीड़ित ने तुरंत न्यू राजेंद्र नगर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। CCTV फुटेज के आधार पर तलाश जारी पुलिस ने मुख्य आरोपी अमर कुमार और उसके साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस अमलीडीह और आसपास के क्षेत्रों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है।

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लापरवाही पर निगम की कार्रवाई, रायगढ़ में दो ठेकेदार कंपनियां ब्लैकलिस्ट

Raigarh नगर निगम ने शहर में विकास और सफाई कार्यों में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। निगम ने सफाई कार्य में अनियमितता और अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं करने पर नीलामेश मेन पावर प्राइवेट लिमिटेड को तीन साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है। वहीं सीसी सड़क निर्माण में गुणवत्ता की कमी और काम में देरी पाए जाने पर यशराज स्टील्स फर्म को भी ब्लैकलिस्ट किया गया है। सफाई ठेकेदार का अनुबंध रद्द नगर निगम कमिश्नर Brijesh Singh Kshatriya के निर्देश पर शहर में चल रहे नाला-नाली, सीसी सड़क, सामुदायिक भवन और अन्य निर्माण कार्यों की समीक्षा की जा रही थी। इसी दौरान सफाई व्यवस्था संभाल रही कंपनी के खिलाफ लगातार शिकायतें सामने आईं। जांच में पाया गया कि बिलासपुर की कंपनी नीलामेश मेन पावर प्राइवेट लिमिटेड ने सफाई कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं दिया और ईपीएफ जमा करने में भी लापरवाही बरती। इसके चलते निगम ने कंपनी का अनुबंध तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया और उसकी अमानत राशि भी जब्त कर ली। कर्मचारियों को नहीं मिली जरूरी सुविधाएं निगम के आदेश के अनुसार एजेंसी के पास वाहन और विद्युत शाखा के 94 प्लेसमेंट कर्मचारी कार्यरत थे। अनुबंध के तहत हर महीने की 7 तारीख तक वेतन देना जरूरी था, लेकिन सितंबर 2025 से जनवरी 2026 तक भुगतान में लगातार देरी हुई। इसके अलावा कर्मचारियों को सुरक्षा जैकेट, एप्रन और पहचान पत्र जैसी जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई गईं। सीसी सड़क निर्माण में भी मिली गड़बड़ी वार्ड क्रमांक 40 में लगभग 26 लाख रुपये की लागत से बन रही सीसी सड़क और वार्ड 29 में अन्य निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की कमी और देरी पाए जाने पर यशराज स्टील्स फर्म को भी ब्लैकलिस्ट किया गया है। लापरवाह एजेंसियों पर होगी सख्त कार्रवाई कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जो भी ठेकेदार काम में लापरवाही बरत रहे हैं या नियमों का पालन नहीं कर रहे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गुणवत्ता और समयसीमा से समझौता करने वाली एजेंसियों को बख्शा नहीं जाएगा।

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दुर्ग-भिलाई में गैस सिलेंडर को लेकर असमंजस, बुकिंग के बाद भी नहीं मिल रहा सिलेंडर

Durg और Bhilai में इन दिनों एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बन गई है। जिला प्रशासन का कहना है कि घरेलू गैस और पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति सामान्य है, लेकिन कई उपभोक्ता दावा कर रहे हैं कि बुकिंग के बाद भी उन्हें समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहा। कई गैस एजेंसियों में सर्वर की तकनीकी समस्या और बुकिंग में देरी के कारण उपभोक्ताओं को एजेंसी के बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि नंबर लगने के बाद भी कई दिनों तक सिलेंडर की डिलीवरी नहीं हो रही। कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई रुकी भिलाई में सबसे ज्यादा समस्या कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर को लेकर सामने आ रही है। होटल, ढाबा और छोटे व्यापारियों का कहना है कि पिछले दो दिनों से कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई बंद है। इससे उनके रोजमर्रा के कामकाज पर असर पड़ने लगा है। होटल कारोबारियों का कहना है कि यदि स्थिति कुछ दिन और ऐसी ही रही तो खाना बनाने और व्यवसाय चलाने में परेशानी बढ़ सकती है। वहीं अस्पताल, हॉस्टल और अन्य संस्थानों में भी गैस उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। सर्वर समस्या से बुकिंग प्रभावित भिलाई की एक गैस एजेंसी के अनुसार पिछले तीन दिनों से सर्वर बार-बार डाउन हो रहा है। सुबह कुछ समय तक सिस्टम काम करता है, लेकिन फिर बंद हो जाता है। इसके कारण बुकिंग पर्ची निकालने और होम डिलीवरी की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। उपभोक्ताओं की बढ़ी परेशानी कई उपभोक्ताओं का कहना है कि वे 10 से 15 दिनों से सिलेंडर बुक करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हर बार सर्वर समस्या बताकर उन्हें वापस भेज दिया जाता है। कुछ व्यापारियों का कहना है कि कई दिन पहले बुकिंग करने के बाद भी उन्हें अभी तक सिलेंडर नहीं मिला। प्रशासन ने की समीक्षा बैठक इस स्थिति को देखते हुए जिला कलेक्टर Abhijeet Singh ने कलेक्ट्रेट में ऑयल कंपनियों और गैस वितरकों के अधिकारियों के साथ बैठक कर गैस की उपलब्धता और सप्लाई व्यवस्था की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि जिले में घरेलू एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक है और रोजाना लगभग 9,750 सिलेंडरों की रिफिलिंग की जा रही है। जरूरी संस्थानों को प्राथमिकता फिलहाल कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे जरूरी स्थानों को प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है। प्रशासन ने गैस एजेंसियों को सप्लाई और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि उपभोक्ताओं को परेशानी न हो और कालाबाजारी पर रोक लगाई जा सके। जिला प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि घबराने की जरूरत नहीं है और जिन लोगों का ई-केवाईसी पूरा नहीं हुआ है, वे जल्द ही इसे गैस एजेंसी में पूरा करा लें। शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-3555 जारी किया गया है।

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एकीकृत विकास की दिशा में बड़ा कदम, रायपुर–नवा रायपुर और दुर्ग–भिलाई को जोड़ेगा मेट्रो प्लान

Raipur, Nava Raipur, Durg और Bhilai के संयुक्त विकास के लिए राज्य सरकार ने नई योजना पर काम शुरू कर दिया है। दिल्ली-एनसीआर मॉडल की तर्ज पर इन चारों शहरों को स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) के तहत एकीकृत रूप से विकसित करने की तैयारी है। इस योजना में खास तौर पर मेट्रो प्रोजेक्ट, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन व्यवस्था को एक साथ जोड़कर विकसित किया जाएगा। इस संबंध में पहली बैठक मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai की अध्यक्षता में विधानसभा परिसर स्थित कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में राजधानी क्षेत्र के विकास के लिए विशेषज्ञों की नियुक्ति और विभिन्न परियोजनाओं की रूपरेखा पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों की टीम तैयार करेगी मास्टर प्लान सरकार ने तय किया है कि अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों का एक पैनल बनाया जाएगा, जो चारों शहरों के लिए संयुक्त विकास योजना तैयार करेगा। इसमें खास तौर पर मेट्रो रूट, क्षेत्रीय मोबिलिटी और लॉजिस्टिक्स सिस्टम को ध्यान में रखते हुए टेक्नो-इकोनॉमिक फिजिबिलिटी स्टडी कराई जाएगी। बैठक में प्राधिकरण के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार तय करने, ऑडिट सेवाओं के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट नियुक्त करने और परियोजनाओं की प्लानिंग के लिए विशेषज्ञ सलाहकार रखने पर भी सहमति बनी। शुरुआती कामों के लिए 27 करोड़ का प्रावधान राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण की प्रारंभिक गतिविधियों के लिए लगभग 27 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। बैठक में उप मुख्यमंत्री Arun Sao, वित्त मंत्री OP Choudhary सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। आवास, शिक्षा और रोजगार के नए अवसर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्टेट कैपिटल रीजन का गठन बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इससे आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, व्यापार और रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे और क्षेत्र का संतुलित विकास संभव हो सकेगा। NCR मॉडल से प्रेरित योजना यह पहल दिल्ली के National Capital Region Planning Board के मॉडल से प्रेरित है, जिसकी स्थापना 1985 में हुई थी। एनसीआर बनने के बाद नोएडा और गुरुग्राम जैसे शहर बड़े आर्थिक और आईटी केंद्र के रूप में विकसित हुए। उसी तरह छत्तीसगढ़ में भी राजधानी क्षेत्र के चारों शहरों को जोड़कर एक व्यापक विकास मॉडल लागू किया जाएगा। एक मास्टर प्लान के तहत होगा विकास नई व्यवस्था लागू होने के बाद रायपुर, नवा रायपुर और दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में अब अलग-अलग एजेंसियों की जगह एक संयुक्त योजना के तहत विकास कार्य किए जाएंगे। इससे पूरे क्षेत्र का इन्फ्रास्ट्रक्चर, ट्रांसपोर्ट और शहरी विस्तार बेहतर तरीके से प्लान किया जा सकेगा।

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QR कोड से डाउनलोड होगा एडमिट कार्ड, नंदकुमार पटेल यूनिवर्सिटी ने शुरू की नई सुविधा

Shaheed Nandkumar Patel University, Raigarh ने परीक्षा व्यवस्था को आसान बनाने के लिए नई डिजिटल पहल शुरू की है। अब छात्र-छात्राएं QR कोड स्कैन करके सीधे अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र प्राप्त करने में होने वाली परेशानियों से राहत देना है। विश्वविद्यालय के अनुसार पहले कई छात्रों को एडमिट कार्ड लेने के लिए कॉलेज या अन्य जगहों के चक्कर लगाने पड़ते थे, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अधिक दिक्कत होती थी। अब QR कोड के जरिए छात्र सीधे लिंक पर जाकर कुछ ही मिनटों में अपना एडमिट कार्ड प्राप्त कर सकेंगे। परीक्षा व्यवस्था पर होगी सख्त निगरानी परीक्षा के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विश्वविद्यालय सभी परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी भी कर रहा है। इसके साथ ही ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने की योजना बनाई गई है, ताकि परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो। छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए बनेगा टास्क फोर्स परीक्षाओं के दौरान विद्यार्थियों की समस्याओं को तुरंत हल करने के लिए विश्वविद्यालय एक टास्क फोर्स भी गठित कर रहा है। यदि परीक्षा शुरू होने के 15 से 30 मिनट के भीतर किसी प्रश्न को लेकर छात्रों को कोई संदेह होता है, तो वे अपने क्लास टीचर के माध्यम से इसकी जानकारी केंद्र अधीक्षक तक पहुंचा सकेंगे। इसके बाद मामला विश्वविद्यालय तक भेजा जाएगा और विशेषज्ञों की टीम तुरंत निर्णय लेगी। चार जिलों के छात्रों को मिलेगा फायदा विश्वविद्यालय से रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती और जांजगीर-चांपा जिलों के कुल 137 महाविद्यालय संबद्ध हैं। इस नई व्यवस्था से इन सभी कॉलेजों में पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थियों को फायदा मिलेगा। वेबसाइट से होगा एडमिट कार्ड डाउनलोड विश्वविद्यालय की परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्र प्रवेश पत्र आधिकारिक वेबसाइट के जरिए डाउनलोड कर सकेंगे। इसके लिए विद्यार्थियों को यूजर आईडी/नामांकन क्रमांक और आधार नंबर का उपयोग करना होगा।

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14 मार्च को लगेगी लोक अदालत, रायपुर में 6 हजार से ज्यादा ई-चालानों का होगा निपटारा

छत्तीसगढ़ में 14 मार्च को प्रदेशभर में लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान लंबित ई-चालान मामलों का निपटारा किया जाएगा। राजधानी Raipur में लोक अदालत के लिए अब तक 6 हजार से अधिक ई-चालानों का पंजीयन किया जा चुका है। इस बार लोक अदालत हाइब्रिड मोड में आयोजित होगी, जिसमें पक्षकार अदालत में उपस्थित होकर या फिर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी अपने मामलों का समाधान कर सकेंगे। चालान निपटाने का अंतिम मौका यातायात पुलिस के अनुसार यह वाहन मालिकों के लिए चालान निपटाने का अंतिम अवसर है। लोक अदालत के बाद जिन लोगों ने चालान जमा नहीं किया होगा, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नहीं भरा चालान तो जब्त हो सकता है वाहन ट्रैफिक नियमों के तहत चालान जमा करने के लिए पहले 90 दिन का समय दिया जाता है। इसके बाद मामला स्वतः अदालत में चला जाता है, जहां करीब 45 दिन और मिलते हैं। इस तरह कुल 135 दिनों के भीतर चालान जमा करना जरूरी होता है। तय समय के बाद भी भुगतान नहीं करने पर वाहन जब्त करने की कार्रवाई की जा सकती है। 15 अक्टूबर 2025 से पहले के चालान ही शामिल लोक अदालत में केवल वही ई-चालान शामिल किए जाएंगे जो 15 अक्टूबर 2025 से पहले जारी हुए और न्यायालय में ट्रांसफर हो चुके हैं। यातायात पुलिस ने इसके लिए 10 मार्च तक नजदीकी ट्रैफिक थानों में पंजीयन कराने की अपील की थी। मोबाइल और व्हाट्सएप से दी जा रही जानकारी लोक अदालत में शामिल होने के लिए वाहन मालिकों को मोबाइल कॉल और व्हाट्सएप के माध्यम से भी सूचना भेजी जा रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग अपने लंबित चालान का निपटारा कर सकें।

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दुर्ग: अफीम की खेती का खुलासा करने वाले सरपंच ने मांगी सुरक्षा, जान को खतरे की जताई आशंका

छत्तीसगढ़ के Durg जिले के ग्राम समोदा में अवैध अफीम की खेती सामने आने के बाद प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसी बीच मामले की शिकायत करने वाले सरपंच ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। ग्राम समोदा के सरपंच अरुण गौतम ने पुलिस को लिखित आवेदन देकर कहा है कि उन्हें जान का खतरा है और उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की जा सकती है। पुलिस से सुरक्षा की मांग सरपंच ने चौकी जेवरा-सिरसा और थाना पुलगांव में शिकायत देकर बताया कि उन्होंने गांव के ही कुछ लोगों के खिलाफ अवैध अफीम की खेती की जानकारी पुलिस और सतर्कता विभाग को दी थी। जांच के बाद खेत में प्रतिबंधित मादक पदार्थ अफीम की खेती होने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए फसल जब्त की और आरोपी विनायक ताम्रकार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। संदिग्ध लोगों की आवाजाही से बढ़ी चिंता सरपंच अरुण गौतम का कहना है कि शिकायत के बाद से वे लगातार डर के माहौल में हैं। उनके अनुसार 7 मार्च की रात कुछ अज्ञात लोग गांव में संदिग्ध तरीके से घूमते दिखाई दिए, जो स्थानीय निवासी नहीं थे। वे उनके घर के आसपास और गलियों में घूम रहे थे, जिससे उन्हें किसी साजिश की आशंका हो रही है। जनदर्शन में भी उठाया मुद्दा सरपंच ने कलेक्टर के जनदर्शन कार्यक्रम में भी शिकायत पत्र देकर गांव में अवैध कब्जे का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा। साथ ही उन्होंने आशंका जताई कि जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई है, वे उन्हें या उनके परिवार को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं। प्रशासन ने हटवाया रास्ते का बैरियर उधर प्रशासन ने गांव से शिवनाथ नदी तक जाने वाले रास्ते पर लगाया गया लोहे का बैरियर हटवा दिया है। कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आरआई व पटवारी की मौजूदगी में रास्ता आम लोगों के लिए खोल दिया। बताया गया कि रास्ते के आगे के हिस्से में मछली पालन के कारण बैरियर लगाया गया था, जिससे ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी। अब बैरियर हटने के बाद गांव के लोग आसानी से नदी तक आ-जा सकेंगे।

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रायपुर में विंग कमांडर विपुल यादव का आज अंतिम संस्कार, मोबाइल जब्त कर जांच में जुटी पुलिस

राजधानी Raipur में आत्महत्या करने वाले Wing Commander Vipul Yadav का गुरुवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनका अंतिम संस्कार देवेंद्रनगर स्थित मुक्तिधाम में किया जाना है। घटना के बाद उनके परिवार के सदस्य रायपुर पहुंच चुके हैं, हालांकि फिलहाल परिजन इस मामले पर सार्वजनिक रूप से कुछ भी कहने से बच रहे हैं। घर में फांसी लगाकर की थी आत्महत्या जानकारी के अनुसार विंग कमांडर विपुल यादव ने पुरैना स्थित विधायक कॉलोनी के बंगला नंबर-79 में अपने घर के बेडरूम में पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। 11 मार्च की सुबह घर में काम करने वाली मेड ने सबसे पहले उनका शव देखा और इसकी सूचना पुलिस को दी। घटना के समय उनके दोनों बच्चे घर के दूसरे कमरे में सो रहे थे, जबकि उनकी पत्नी काम के सिलसिले में दिल्ली गई हुई थीं। मोबाइल जब्त, एफएसएल कर रही जांच पुलिस ने मामले की जांच के लिए मृतक का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। डिजिटल साक्ष्यों की जांच के लिए फोरेंसिक टीम (FSL) की मदद ली जा रही है। कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, इसलिए पुलिस सभी संभावित पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। हरियाणा के रहने वाले थे अधिकारी 39 वर्षीय विपुल यादव मूल रूप से हरियाणा के निवासी थे और रायपुर में तैनात थे। वे छत्तीसगढ़ में चल रहे एंटी-नक्सल ऑपरेशन से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्व संभाल रहे थे। परिवार और व्यक्तिगत जानकारी विपुल यादव की शादी वर्ष 2014 में अर्जिता श्रीवास्तव से हुई थी। उनकी पत्नी पहले एयरफोर्स में अधिकारी रह चुकी हैं और वर्तमान में आईटी सेक्टर में कार्यरत हैं। दंपति के दो बच्चे हैं—9 साल का बेटा और 7 साल की बेटी। पुलिस कर रही मामले की जांच घटना के बाद पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा था। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या के कारणों का फिलहाल स्पष्ट पता नहीं चल पाया है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तथा जांच के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।

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