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रायपुर में पहली बार जिला सैनिक कल्याण अधिकारियों का दो दिवसीय कॉन्क्लेव, पूर्व सैनिकों के मुद्दों पर मंथन

छत्तीसगढ़ के पूर्व सैनिकों और उनके आश्रित परिवारों से जुड़े विषयों पर समन्वित चर्चा के लिए रायपुर में पहली बार जिला सैनिक कल्याण अधिकारियों का दो दिवसीय कॉन्क्लेव आयोजित किया गया है। यह कार्यक्रम 19 और 20 फरवरी 2026 को छत्तीसगढ़ राज्य सैनिक बोर्ड द्वारा आरएसबी कॉम्प्लेक्स में आयोजित किया जा रहा है। पहले दिन 10 जिलों के अधिकारी शामिल कॉन्क्लेव के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ राज्य सैनिक बोर्ड के निदेशक ब्रिगेडियर विवेक शर्मा (सेवानिवृत्त) ने की। पहले दिन राज्य के दस जिलों—रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव, रायगढ़, जशपुर, अंबिकापुर, बैकुंठपुर, जगदलपुर और कांकेर—के जिला सैनिक कल्याण अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में विभिन्न जिलों में संचालित सैनिक कल्याण योजनाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्र में आ रही समस्याओं, चुनौतियों और समाधान के प्रयासों को साझा किया। उद्देश्य यह है कि सभी जिलों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो और कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाया जा सके। लंबित मामलों पर होगी विशेष चर्चा कॉन्क्लेव के दूसरे दिन 20 फरवरी को पूर्व सैनिक संगठनों और संबंधित विभागों के साथ संवाद सत्र आयोजित किया जाएगा। इस दौरान COSA, National Cadet Corps (NCC), Ex-Servicemen Contributory Health Scheme (ECHS), Canteen Stores Department (CSD), स्टेशन मुख्यालय और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा होगी। बैठक में पूर्व सैनिकों की लंबित समस्याओं, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य कल्याणकारी मुद्दों पर ठोस समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। पूर्व सैनिकों को मिलेगा सीधा लाभ राज्य में पहली बार आयोजित यह कॉन्क्लेव पूर्व सैनिक समुदाय के लिए महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। बोर्ड का मानना है कि इस तरह के समन्वित प्रयासों से योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों तक पहुंचाया जा सकेगा।

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रायपुर कलेक्टर ने धरसींवा में स्कूलों और योजनाओं का किया निरीक्षण, मध्यान्ह भोजन चखकर परखी गुणवत्ता

राजधानी रायपुर के कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने धरसींवा विकासखंड का दौरा कर शैक्षणिक संस्थानों और विभिन्न विभागीय योजनाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता, मध्यान्ह भोजन व्यवस्था, मत्स्य पालन केंद्र और पशुपालन विभाग की गतिविधियों की समीक्षा की। स्कूल पहुंचकर बच्चों से की बातचीत कलेक्टर ने शासकीय प्राथमिक शाला कांदुल में जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन के साथ मध्यान्ह भोजन का स्वाद लेकर उसकी गुणवत्ता जांची। उन्होंने स्कूल में चल रहे मरम्मत कार्य को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। इसके बाद शासकीय प्राथमिक शाला सेजबहार में बच्चों की कॉपियां देखीं और उनसे पढ़ाई के विषय में सवाल किए। उन्होंने बच्चों से पूछा कि कक्षा में क्या पढ़ाया जा रहा है और मध्यान्ह भोजन में क्या-क्या परोसा जाता है। अधिकारियों को शिक्षा स्तर और बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए गए। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 17 टन मासिक उत्पादन सेजबहार में कलेक्टर ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत संचालित मत्स्य पालन केंद्र का निरीक्षण किया। यहां पांच नर्सरी और चार तालाबों में मछली पालन किया जा रहा है। नर्सरी में तैयार मछली बीज को तालाबों में छोड़ा जाता है। हितग्राहियों ने बताया कि इस केंद्र से हर महीने लगभग 17 टन मछली का उत्पादन हो रहा है। कलेक्टर ने जल संरक्षण और अधिक पौधारोपण पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। कृत्रिम गर्भाधान केंद्र की समीक्षा डॉ. गौरव सिंह ने सेजबहार स्थित कृत्रिम गर्भाधान उपकेंद्र का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 1047 गाय और भैंसों का कृत्रिम गर्भाधान किया गया है, जिससे करीब 450 उच्च नस्ल के बछड़े-बछियों का जन्म हुआ है। कलेक्टर ने टीकाकरण व्यवस्था की जानकारी ली और खुरहा-चपका बीमारी से बचाव के लिए नियमित टीकाकरण जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों और पशुपालकों तक पहुंचना चाहिए।

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पेट्रोल पंप पर सनसनी: सिगरेट से रोका तो युवक ने नोजल पाइप में लगा दी आग, बड़ा हादसा टला

रायपुर | उरला थाना क्षेत्र Raipur के उरला इलाके में स्थित एक पेट्रोल पंप पर बुधवार रात उस समय हड़कंप मच गया, जब सिगरेट जलाने से मना करने पर नाराज युवक ने पेट्रोल नोजल पाइप में लाइटर से आग लगा दी। आग की लपटें नोजल से होते हुए बाइक की टंकी तक पहुंच गईं। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। क्या है पूरा मामला? उरला पुलिस के अनुसार, बुधवार (18 फरवरी) रात करीब 8 बजे धर्मेंद्र क्षत्री और इमरान नाम के दो युवक बाइक से उरला स्थित संगीता फ्यूल्स पेट्रोल पंप पहुंचे थे। इमरान बाइक पर बैठा था और धर्मेंद्र पास में खड़ा था। जैसे ही बाइक की टंकी खोली गई, धर्मेंद्र ने सिगरेट जलाने की कोशिश की। इस पर उसके साथी ने उसे रोकने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि इसी बात पर नाराज होकर धर्मेंद्र ने पेट्रोल भरते समय नोजल पाइप में लाइटर से आग लगा दी। पंप मशीन और बाइक में लगी आग आग लगते ही नोजल पाइप और बाइक की टंकी में लपटें उठने लगीं। स्थिति बेहद खतरनाक हो गई। पंपकर्मी ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए पाइप खींचा और मेन स्विच से सप्लाई बंद कर दी। फायर फाइटिंग किट की मदद से आग पर काबू पाया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना के दौरान जलता हुआ पेट्रोल आरोपी के ऊपर भी गिरा। आग की लपटें बढ़ती देख आरोपी वहां से भागने लगा, लेकिन पंप कर्मचारियों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस की कार्रवाई उरला थाना प्रभारी रोहित माहेलकर ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों के खिलाफ आगजनी और सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने के तहत मामला दर्ज किया गया है। थाना उरला में अपराध क्रमांक 53/26 के तहत धारा 326(छ), 287 और 125 बीएनएस में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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रायपुर में फर्जी नौकरी रैकेट का भंडाफोड़, 10वीं पास युवक ने खुद को पोस्ट ऑफिस डायरेक्टर बताकर 2.34 करोड़ की ठगी

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी और डॉक्टर बनाने का झांसा देकर करोड़ों रुपए ठगने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। विधानसभा क्षेत्र के आमासिवनी-पंडरी इलाके में फर्जी कार्यालय खोलकर ठगी का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी नरेश मनहर, जो केवल 10वीं पास है, खुद को दिल्ली पोस्ट ऑफिस का डायरेक्टर बताता था। वह पोस्टमास्टर और पोस्टमैन की नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से मोटी रकम वसूलता था। अब तक 52 पीड़ितों से करीब 2 करोड़ 34 लाख रुपए ठगे जाने की पुष्टि हुई है। ऐसे रचा गया ठगी का जाल 17 फरवरी को पीड़ित संजय निराला ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि आरोपी फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार कर स्पीड पोस्ट के जरिए आवेदकों के पते पर भेजता था, जिससे उन्हें भरोसा हो जाता था कि उनकी नौकरी लग गई है। मामले की जांच के दौरान सिविल लाइन पुलिस ने आमासिवनी स्थित फर्जी ऑफिस पर छापा मारा। वहां से दो स्मार्टफोन, लैपटॉप, कलर प्रिंटर, कंप्यूटर सेटअप, नोट गिनने की मशीन, फर्जी नियुक्ति पत्र, सील और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए। लैपटॉप से फर्जी एमबीबीएस डिग्री की सॉफ्ट कॉपी भी मिली है। गिरोह में बंटी थी जिम्मेदारी पुलिस के अनुसार गिरोह संगठित तरीके से काम कर रहा था— जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों के पास एक विश्वविद्यालय से जुड़ी संदिग्ध डिग्रियां मिली हैं। साथ ही मुख्य आरोपी द्वारा एक महिला के खाते में लगभग 40 लाख रुपए ट्रांसफर किए जाने की जानकारी भी मिली है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क और संभावित अन्य साथियों की तलाश में जुटी है। पुलिस की कार्रवाई रायपुर सेंट्रल जोन के डीसीसीपी उमेश प्रसाद गुप्ता ने बताया कि एसीपी सिविल लाइन रमाकांत साहू और थाना प्रभारी यमन देवांगन की टीम ने आरोपियों के ठिकानों पर दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार किया। आरोपियों की निशानदेही पर लैपटॉप, मोबाइल, कार, सील-साइन, पासबुक और अन्य दस्तावेज जब्त किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि इस ठगी रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और मामले में आगे की जांच जारी है।

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रायपुर में मजबूत पब्लिक ट्रांसपोर्ट की मांग तेज, 350 सिटी बसें और मेट्रो जैसी सुविधा पर जोर

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में तेजी से बढ़ती आबादी और शहर के विस्तार के बीच बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट की जरूरत एक बार फिर प्रमुख मुद्दा बन गई है। शहर में सस्ती, सुलभ और नियमित बस सेवा नहीं होने से आम लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी विषय को लेकर आयोजित फोकस ग्रुप डिस्कशन (FGD) में शहर के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने खुलकर अपनी बात रखी। सभी का मानना है कि जब तक मजबूत और भरोसेमंद पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम विकसित नहीं होगा, तब तक ट्रैफिक और महंगे निजी साधनों पर निर्भरता कम नहीं होगी। 350 सिटी बसों की जरूरत पूर्व महापौर और वर्तमान विधायक सुनील सोनी ने कहा कि शहर में कम से कम 350 सिटी बसें अलग-अलग रूटों पर संचालित होनी चाहिए। उन्होंने नवा रायपुर (एससीआर) तक सुगम आवागमन की कमी पर चिंता जताई। उनका कहना है कि आम नागरिक को अपनी बात रखने के लिए भी नवा रायपुर जाने में 500 रुपए तक खर्च करने पड़ते हैं, जो अतिरिक्त आर्थिक बोझ है। उन्होंने सुझाव दिया कि प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत बस संचालन शुरू किया जा सकता है, जिससे फंडिंग में देरी न हो और बेहतर परिणाम मिल सकें। मिनी बसों और लंबी दूरी के रूट पर फोकस रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा ने शहर के आंतरिक इलाकों के लिए मिनी सिटी बसों की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि 2008 में 40 बसों से शुरू हुई सेवा एक समय 100 बसों तक पहुंची थी, लेकिन कोरोना काल के बाद व्यवस्था चरमरा गई। ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू का कहना है कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट को शहर की “संस्कृति” का हिस्सा बनाना होगा। लंबी दूरी के रूटों पर नियमित बसें चलेंगी तो लोगों का भरोसा बढ़ेगा। माना, सेजबहार जैसे इलाकों में भी मांग बढ़ रही है। ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत ने कहा कि कई जगह बस स्टॉप तो बने हैं, लेकिन बसें नहीं चल रहीं। ई-बसों के संचालन की प्रक्रिया जारी है। उनका मानना है कि सिटी बसों के नियमित संचालन से ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी और लोग निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देंगे। निगम और परिवहन विभाग की जिम्मेदारी मेयर मीनल चौबे ने कहा कि पूर्व की व्यवस्थाओं में मेंटेनेंस और प्लानिंग की कमी रही, जिसके कारण सेवा प्रभावित हुई। वहीं नगर निगम नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने सरकार से ठोस पहल की मांग की। परिवहन उपायुक्त कृष्णा पटेल के अनुसार 30 सिटी बसों के लिए परमिट जारी किए गए हैं, लेकिन संचालन की जिम्मेदारी नगर निगम की है। ऑटो और ई-रिक्शा के किराए तय हैं, उल्लंघन पर शिकायत की जा सकती है। 100 पीएम ई-बसें और नया डिपो शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने के लिए पीएम ई-बस योजना के तहत 100 इलेक्ट्रिक बसें प्रस्तावित हैं। जरवाय क्षेत्र में लगभग 2 हेक्टेयर भूमि पर डिपो निर्माण कार्य जारी है, जो करीब 4 महीने में पूरा होने की संभावना है। इसके लिए आवश्यक विद्युत इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। सस्ती और भरोसेमंद सेवा ही समाधान जनप्रतिनिधियों का मानना है कि अगर नागरिकों को 10-20 रुपए में समय पर बस सुविधा मिलेगी तो उनका भरोसा बढ़ेगा। मजबूत पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम न केवल ट्रैफिक और प्रदूषण कम करेगा, बल्कि शहर की समग्र छवि भी बदलेगा।

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पलारी जनपद पंचायत में SDO 25 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, खेल मैदान के काम में मांगे थे 1 लाख

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के पलारी जनपद पंचायत में पदस्थ SDO को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। ग्राम पंचायत भवानीपुर में स्कूल के खेल मैदान में मुरूम बिछाने के 10 लाख रुपए के काम की फाइल आगे बढ़ाने के एवज में अधिकारी द्वारा 1 लाख रुपए की मांग की गई थी। फाइल क्लियर करने के बदले मांगी रिश्वत जानकारी के मुताबिक, ग्राम पंचायत भवानीपुर में मैदान समतलीकरण और मुरूम डालने का कार्य पूरा हो चुका था, लेकिन भुगतान और अंतिम सत्यापन की प्रक्रिया लंबित थी। आरोप है कि SDO गोपाल कृष्ण शर्मा ने अनुकूल रिपोर्ट देने और फाइल जल्द पास करने के लिए पहले 1 लाख रुपए की मांग की। बाद में बातचीत के बाद यह राशि 80 हजार रुपए में तय हुई। शिकायतकर्ता द्वारा पहले ही 20 हजार रुपए दिए जा चुके थे। इसके बाद दूसरी किस्त के रूप में 25 हजार रुपए देने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। ACB ने बिछाया जाल, 25 हजार लेते ही दबोचा पीड़ित सरपंच और ग्रामीणों ने मामले की शिकायत Anti Corruption Bureau रायपुर में दर्ज कराई। प्रारंभिक सत्यापन के बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई। गुरुवार (19 फरवरी) को शिकायतकर्ता तय रकम लेकर SDO के पास पहुंचा। पहले से तैनात 15 सदस्यीय एसीबी टीम ने जैसे ही अधिकारी को 25 हजार रुपए नकद लेते देखा, तुरंत दबिश देकर उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। मौके पर रिश्वत की रकम जब्त कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई। हाल ही में हुआ था प्रमोशन बताया जा रहा है कि गोपाल कृष्ण शर्मा पहले पलारी जनपद पंचायत में सब इंजीनियर के पद पर कार्यरत था। करीब दो महीने पहले ही उसे प्रमोट कर ग्रामीण यांत्रिकी विभाग में SDO बनाया गया था। मामला गिधपुरी थाना क्षेत्र का है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज एसीबी अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पूछताछ जारी है और संबंधित फाइलों व दस्तावेजों की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस मामले में कोई अन्य कर्मचारी या अधिकारी शामिल तो नहीं है। कार्रवाई के बाद जनपद पंचायत कार्यालय में हड़कंप की स्थिति है। स्थानीय लोगों ने एसीबी की कार्रवाई का स्वागत करते हुए सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की है।

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सिगरेट जलाने पर टोका तो पेट्रोल पंप में लगाई आग, पंपकर्मी की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

राजधानी रायपुर के उरला इलाके में एक पेट्रोल पंप पर लापरवाही और गुस्से की वजह से बड़ा हादसा होते-होते बच गया। सिगरेट पीने से मना करने पर एक युवक ने पेट्रोल पंप की मशीन के पास आग लगा दी। समय रहते कर्मचारियों की सतर्कता से आग पर काबू पा लिया गया। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पेट्रोल भरवाने पहुंचे थे आरोपी घटना उरला स्थित संगीता फ्यूल्स पेट्रोल पंप की है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात करीब 8 बजे धर्मेंद्र क्षत्री और इमरान बाइक से पेट्रोल भरवाने पहुंचे थे। इमरान बाइक पर बैठा था और धर्मेंद्र पंप के पास खड़ा था। इसी दौरान धर्मेंद्र ने मुंह में सिगरेट लगाकर उसे जलाने की कोशिश की। पेट्रोल भरते समय सिगरेट जलाना बेहद खतरनाक होता है। साथ खड़े इमरान ने उसे रोकने के लिए धक्का दिया, जिससे वह नाराज हो गया। गुस्से में धर्मेंद्र ने पेट्रोल भरने वाली नोजल पाइप में आग लगा दी। मशीन और बाइक में लगी आग धर्मेंद्र की इस हरकत से पंप मशीन और बाइक में आग भड़क उठी। स्थिति गंभीर होती देख पंपकर्मी ने तुरंत नोजल पाइप खींच लिया, जिससे जलता हुआ पेट्रोल धर्मेंद्र के ऊपर भी गिर गया। इसके बाद कर्मचारी ने तुरंत मेन स्विच बंद किया और फायर फाइटिंग किट की मदद से आग को बुझा दिया। कर्मचारियों की तत्परता से बड़ा विस्फोट या जनहानि टल गई। भागने की कोशिश, मौके पर ही पकड़े गए आग लगाने के बाद दोनों आरोपी वहां से भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पंप कर्मचारियों ने उन्हें पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। पंप मैनेजर की लिखित शिकायत पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने की गिरफ्तारी की पुष्टि उरला थाना प्रभारी रोहित माहेलकर ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आगजनी और सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

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रायपुर में डीएड और CAF अभ्यर्थियों पर सख्ती, मंत्रालय घेराव से पहले 175 से अधिक को जेल भेजा गया

राजधानी रायपुर के तूता स्थित धरना स्थल पर प्रदर्शन कर रहे डीएड और CAF अभ्यर्थियों के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को डीएड अभ्यर्थियों द्वारा आत्मदाह की कोशिश के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए थे। इसके बाद करीब 125 डीएड अभ्यर्थियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया, जिनमें 45 महिलाएं और 80 पुरुष शामिल हैं। गुरुवार को मंत्रालय घेराव के लिए निकले CAF अभ्यर्थियों को भी पुलिस ने तूता प्रदर्शन स्थल के प्रवेश द्वार पर रोक दिया। लंबी बातचीत और समझाइश के बाद भी जब प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे, तो पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए 50 से अधिक अभ्यर्थियों को बस में बैठाकर सेंट्रल जेल भेज दिया। फिलहाल सभी का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। 60 दिनों से जारी है आंदोलन दोनों समूह के अभ्यर्थी पिछले 60 दिनों से अधिक समय से धरने पर बैठे हैं। अब तक आंदोलन के दौरान 200 से ज्यादा युवाओं की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति आक्रामक प्रदर्शन या घेराव की इजाजत नहीं दी जाएगी। डीएड अभ्यर्थियों का आरोप: आरक्षित पदों पर भी नियुक्ति नहीं डीएड अभ्यर्थियों का कहना है कि सहायक शिक्षक भर्ती 2023 में कुल 2300 पद निकाले गए थे, जिनमें लगभग 1600 पद अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित थे। इसके बावजूद अब तक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं की गई है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि यह स्थिति तब है जब राज्य में आदिवासी समाज से आने वाले मुख्यमंत्री की सरकार है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया को लेकर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने 2 अप्रैल 2024 और 26 सितंबर 2025 को आदेश दिए थे, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने भी 28 अगस्त 2024 को स्पष्ट निर्देश जारी किए थे। इसके बावजूद राज्य सरकार और शिक्षा विभाग द्वारा आदेशों का पालन नहीं किया गया है। CAF वेटिंग लिस्ट अभ्यर्थियों की पीड़ा CAF अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्ष 2018 में भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। मेरिट लिस्ट के उम्मीदवारों को नियुक्ति दे दी गई, लेकिन वेटिंग लिस्ट में शामिल 417 अभ्यर्थियों को यह कहकर रोक दिया गया कि पद रिक्त नहीं हैं। अभ्यर्थियों का आरोप है कि बाद में कई चयनित उम्मीदवार मेडिकल में अयोग्य घोषित हुए या उन्होंने नौकरी छोड़ दी, जिससे पद खाली हुए, लेकिन वेटिंग लिस्ट वालों को मौका नहीं दिया गया। समय बीतने के साथ 417 में से 250 से अधिक अभ्यर्थी ओवरएज हो चुके हैं और अब नई भर्ती में शामिल होने के पात्र नहीं हैं। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री और गृहमंत्री से गुहार लगाने की बात कही है, लेकिन अब तक समाधान नहीं निकल सका है। अभ्यर्थियों ने साफ किया है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

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रायपुर में शिवाजी जयंती पर कुनबी समाज का भव्य महोत्सव: शोभायात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी

रायपुर। छत्रपति शिवाजी महाराज की 396वीं जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर में कुनबी समाज द्वारा भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम कोटा स्थित कुनबी समाज भवन में आयोजित होगा, जहां समाज के लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। प्रतियोगिताओं के जरिए युवाओं को जोड़ने की पहल समाज के अध्यक्ष महेश्वर धाण्डेकर ने बताया कि सुबह से ही विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। बच्चों और युवाओं के लिए रंगोली, निबंध लेखन और फैंसी ड्रेस प्रतियोगिताएं रखी गई हैं। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से शिवाजी महाराज के जीवन, शौर्य और राष्ट्रभक्ति के संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का उद्देश्य है। उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया जाएगा। शोभायात्रा बनेगी मुख्य आकर्षण कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण भव्य शोभायात्रा होगी। यह यात्रा कुनबी समाज भवन से शुरू होकर जगन्नाथ चौक, रामनगर और भारत माता चौक सहित शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरेगी। शोभायात्रा में शिवाजी महाराज के जीवन प्रसंगों पर आधारित झांकियां, पारंपरिक परिधान में कलाकारों की प्रस्तुति और ढोल-ताशों की गूंज माहौल को उत्सवमय बनाएगी। जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति आयोजन में राजेश मूणत, मीनल चौबे, पार्षद अमन ठाकुर और श्रीकुमार मेनन विशेष रूप से शामिल होंगे। जनप्रतिनिधि शिवाजी महाराज के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालेंगे। समाज पदाधिकारियों—उपाध्यक्ष लखाराम बेदरे, सचिव राधेश्याम टोंडरे, कोषाध्यक्ष मानिक सिलारे, संयुक्त सचिव दिनेश मिसार और कार्यकारिणी सदस्य कुलेश्वर पारधी व रूपेश घोरमोड़े—ने सभी नागरिकों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।

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चैलेंज का खतरनाक ट्रेंड: दहदहा स्कूल के 35 छात्रों की कलाई पर कट के निशान, प्रशासन जांच में जुटा

धमतरी/कुरूद। शासकीय माध्यमिक स्कूल दहदहा में 35 विद्यार्थियों की कलाई पर कट के निशान मिलने से प्रशासन, अभिभावक और ग्रामीण चिंतित हैं। मामले का खुलासा 13 फरवरी को हुआ, जबकि घटना करीब एक महीने पुरानी बताई जा रही है। बुधवार को प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने स्कूल पहुंचकर जांच की। क्या सामने आया? जांच में पाया गया कि स्कूल में पंजीकृत 92 बच्चों में से 35 के हाथों पर नुकीली वस्तु से बनाए गए कट के निशान हैं। इनमें 14 छात्राएं और 21 छात्र शामिल हैं, जिनकी उम्र 11 से 14 वर्ष के बीच है। अधिकांश जख्म भर चुके हैं, केवल निशान दिखाई दे रहे हैं। प्राथमिक पूछताछ में संकेत मिले हैं कि कुछ बच्चों ने आपसी “चैलेंज” के तहत ऐसा किया। कुछ निशान 4–6 महीने पुराने बताए जा रहे हैं, जबकि कुछ हाल के हैं। ऑलपिन, ब्लेड या नुकीली लकड़ी के उपयोग की आशंका जताई गई है। मोबाइल गेमिंग या टैटू बनाने के शौक से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। नशे के आरोपों पर स्थिति कुछ अभिभावकों ने गांव में अवैध नशे के कारोबार का आरोप लगाया, हालांकि रागिनी मिश्रा ने ऐसी पुष्टि से इनकार किया है। उनके अनुसार, अब तक की जांच में नशे के नेटवर्क का ठोस प्रमाण नहीं मिला है। अफसरों का निरीक्षण और काउंसलिंग बुधवार को नभसिंह कोसले और एसडीओपी रागिनी मिश्रा ने स्कूल का दौरा कर बच्चों से व्यक्तिगत बातचीत की। हर छात्र को 8–10 मिनट देकर सवाल-जवाब किए गए। तहसीलदार, बीईओ, टीआई और स्कूल स्टाफ भी मौजूद रहे। प्रशासन ने बच्चों की काउंसलिंग शुरू कर दी है और अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि घटना के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच जारी है।

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