Youth death

बिलासपुर में तालाब में डूबने से युवक की मौत, बचाने गए दो भाई भी डूबे; ग्रामीणों ने अवैध खनन को जिम्मेदार बताया

छत्तीसगढ़ के Bilaspur जिले में चकरभाठा थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक दर्दनाक हादसे में तालाब में डूबने से एक युवक की मौत हो गई। उसे बचाने के प्रयास में उसके दो भाई भी पानी में कूद पड़े, लेकिन गहराई अधिक होने के कारण वे भी डूबने लगे। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों भाइयों को किसी तरह बाहर निकाल लिया गया, जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार ग्राम अमसेना निवासी किसान प्रभात कौशिक का परिवार बोदरी के वार्ड-7 में निर्माण कार्य की देखरेख के लिए गया हुआ था। इसी दौरान हिमांशु कौशिक, वैभव उर्फ विशु कौशिक और उनका एक रिश्तेदार शिवांश कौशिक गर्मी से राहत पाने के लिए पास के बैराग तालाब में नहाने चले गए थे। नहाते समय हिमांशु तालाब के उस हिस्से में पहुंच गया, जहां कथित तौर पर अवैध मिट्टी और मुरुम खनन के कारण गहरे गड्ढे बन गए थे। पानी की गहराई का अंदाजा न लग पाने से वह डूबने लगा। उसे बचाने के लिए उसके दोनों भाई भी पानी में कूद गए, लेकिन वे भी फंस गए। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और वैभव व शिवांश को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद हिमांशु को भी बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि तालाब में अवैध खनन के कारण करीब 10 से 15 फीट गहरे गड्ढे बन गए हैं, जो इस हादसे की मुख्य वजह बने। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। बताया जा रहा है कि इसी तालाब में पहले भी दो बच्चों की डूबने से मौत हो चुकी है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

बिलासपुर में तालाब में डूबने से युवक की मौत, बचाने गए दो भाई भी डूबे; ग्रामीणों ने अवैध खनन को जिम्मेदार बताया Read Post »

Accident, Bilaspur

मेडिकल कॉलेज अस्पताल में युवक की संदिग्ध मौत, परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया

रायगढ़ के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पेट दर्द की शिकायत के साथ भर्ती हुए 24 वर्षीय अनिकेत यादव की मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि समय पर उचित इलाज नहीं मिलने की वजह से अनिकेत की जान चली गई। मिली जानकारी के अनुसार, अनिकेत को गुरुवार को अचानक पेट में तेज दर्द हुआ, जिसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया। प्रारंभिक जांच के बाद डॉक्टरों ने खून की जांच कराई, जिसकी रिपोर्ट दोपहर तक आई। इसके बाद डॉक्टरों ने सोनोग्राफी कराने की सलाह दी, लेकिन उस समय अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट मौजूद नहीं था। लंबे इंतजार के बावजूद सोनोग्राफी नहीं हो पाई। स्थिति बिगड़ने पर अनिकेत को कोरबा के एक निजी सेंटर में सीटी स्कैन के लिए रेफर किया गया। वहीं, तबीयत और खराब होने पर उसे फिर मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया। अनिकेत को सांस लेने में परेशानी हो रही थी, लेकिन परिजनों के बार-बार आग्रह के बावजूद उसे समय पर ऑक्सीजन बेड उपलब्ध नहीं कराया गया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने ऑक्सीजन देने का आश्वासन तो दिया, लेकिन इंतजार करते-करते अनिकेत ने दम तोड़ दिया। इस घटना से नाराज परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए। मामला बढ़ता देख अस्पताल प्रबंधन ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की पुष्टि की जाएगी। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मेडिकल कॉलेज अस्पताल में युवक की संदिग्ध मौत, परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया Read Post »

Uncategorized
Scroll to Top