सक्ती पावर प्लांट हादसा: 20 दिन पहले हुई शादी, मजदूर की मौत; 600°C गर्म भाप में झुलसकर 20 की जान गई
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे ने कई परिवारों को उजाड़ दिया। इस दुर्घटना में अब तक 20 मजदूरों की मौत हो चुकी है। इनमें से 4 लोगों की मौके पर ही जान चली गई, जबकि 14 ने रायगढ़ के अलग-अलग अस्पतालों में दम तोड़ा। वहीं 2 मजदूरों की मौत रायपुर के कालड़ा अस्पताल में इलाज के दौरान हुई। मृतकों में बिहार के आकिब खान और झारखंड के अब्दुल करीम भी शामिल हैं। अब्दुल करीम की शादी महज 20 दिन पहले ही हुई थी और उनके हाथों की मेंहदी भी पूरी तरह नहीं उतरी थी। वे हाल ही में काम पर लौटे थे, लेकिन इससे पहले ही यह हादसा हो गया। इस दुर्घटना में कुल 36 मजदूर गंभीर रूप से झुलसे हैं, जिनमें से 16 का इलाज अभी भी अलग-अलग अस्पतालों में जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, कई घायलों का शरीर 90 प्रतिशत तक जल चुका है और उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। अगले 48 घंटे उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह हादसा बॉयलर ब्लास्ट के बाद निकली 500 से 600 डिग्री सेल्सियस तक गर्म भाप की चपेट में आने से हुआ। इतनी गर्म और तेज दबाव वाली भाप शरीर को कुछ ही सेकंड में बुरी तरह जला देती है और सांस के जरिए अंदर जाने पर फेफड़ों को भी गंभीर नुकसान पहुंचाती है। घटना के समय मौजूद मजदूरों ने बताया कि लंच के बाद अचानक तेज धुआं और धमाके की आवाज आई। इसके बाद चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए भागने लगे। कई मजदूर वहीं झुलस गए। जानकारी के अनुसार, इस प्लांट में पिछले महीने भी दो छोटे हादसे हो चुके थे। इसके बाद 27 मार्च से एक हफ्ते के लिए यूनिट को बंद किया गया था और कर्मचारियों को सेफ्टी ट्रेनिंग देने की बात कही गई थी। बावजूद इसके इतना बड़ा हादसा होना कई सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, पावर प्लांट का बॉयलर अत्यधिक तापमान और दबाव पर काम करता है। अगर इसमें किसी तरह की तकनीकी खराबी या लापरवाही हो जाए, तो यह प्रेशर कुकर की तरह फट सकता है, लेकिन इसका असर कहीं ज्यादा खतरनाक होता है।

