कक्षा 1 से 11वीं तक की परीक्षाओं की जिम्मेदारी अब DEO के हाथों में, निजी स्कूलों ने जताया विरोध
छत्तीसगढ़ में बोर्ड परीक्षाओं के बाद अब कक्षा 1 से 11वीं तक की वार्षिक परीक्षाओं के संचालन की जिम्मेदारी भी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को सौंपी गई है। लोक शिक्षण संचालनालय ने इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिया है, जो सत्र 2025-26 से लागू होगा। जारी निर्देशों के अनुसार, वार्षिक परीक्षाओं से जुड़ी पूरी प्रक्रिया—प्रश्नपत्र निर्माण, मॉडरेशन, मूल्यांकन और परिणाम घोषणा—अब DEO की निगरानी में संपन्न होगी। यह नई व्यवस्था केवल सरकारी स्कूलों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अनुदान प्राप्त, अशासकीय और स्वामी आत्मानंद विद्यालयों पर भी लागू होगी। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि परीक्षा संचालन के लिए जिला स्तर पर संचालन समिति, प्रश्नपत्र निर्माण समिति और मॉडरेशन समिति का गठन किया जाएगा। कक्षा 1 से 11वीं तक की वार्षिक परीक्षाएं 25 मार्च से 10 अप्रैल 2026 के बीच आयोजित होंगी, जबकि सभी स्कूलों को 30 अप्रैल तक परीक्षा परिणाम घोषित करने के निर्देश दिए गए हैं। निजी स्कूल संगठनों का विरोध तेज इस फैसले को लेकर छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने कड़ा ऐतराज जताया है। एसोसिएशन का कहना है कि निजी स्कूलों की आंतरिक परीक्षा प्रणाली में सरकारी नियंत्रण उनकी स्वायत्तता को कमजोर करता है। साथ ही, शैक्षणिक सत्र के अंतिम चरण में नियमों में बदलाव करना व्यवहारिक नहीं है। एसोसिएशन पदाधिकारियों का आरोप है कि इस निर्णय से निजी स्कूलों की पहले से तय अकादमिक योजना प्रभावित होगी। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर आदेश में संशोधन नहीं किया गया, तो प्रदेशभर के निजी स्कूल विरोध प्रदर्शन और आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। इस संबंध में स्कूल शिक्षा मंत्री और विभागीय अधिकारियों से मुलाकात कर मांग रखने की भी बात कही गई है। नए आदेश की मुख्य बातें

