बस्तर में सल्फी से बनेगा गुड़ और साबूदाना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई ताकत
बस्तर में पारंपरिक रूप से नशीले पेय के रूप में पहचानी जाने वाली सल्फी अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का नया माध्यम बन सकती है। वैज्ञानिक नाम केरियोटा यूरेंस और सामान्य रूप से फिश टेल पाम कहलाने वाले इस वृक्ष का उपयोग अब प्राकृतिक गुड़ और साबूदाना बनाने के लिए किए जाने की दिशा में काम शुरू हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बस्तर में बड़े स्तर पर सल्फी के पौधों का संरक्षण और रोपण किया जाए, तो यह क्षेत्र आने वाले समय में प्राकृतिक गुड़ उत्पादन का बड़ा केंद्र बन सकता है। पीजी कॉलेज के प्राणी शास्त्र विशेषज्ञ प्रोफेसर सुशील कुमार दत्ता के अनुसार, सल्फी के रस से गुड़ तैयार करने की परंपरा काफी पुरानी है। श्रीलंका समेत कई देशों में इसके मीठे रस से उच्च गुणवत्ता वाला गुड़ लंबे समय से बनाया जाता रहा है। सल्फी से गुड़ बनाने की प्रक्रिया पूरी तरह प्राकृतिक होती है। सूर्यास्त के बाद पेड़ की पुष्प शाखा से मीठा रस एकत्र किया जाता है। इस रस को सूर्योदय से पहले इकट्ठा करना जरूरी होता है, क्योंकि धूप पड़ते ही इसमें फरमेंटेशन शुरू हो जाता है और यह नशीला बनने लगता है। ताजा रस को बड़े बर्तनों में लगातार उबालकर गाढ़ा किया जाता है। कुछ समय बाद यह सुनहरे रंग के प्राकृतिक गुड़ में बदल जाता है, जिसे जगेरी भी कहा जाता है। सल्फी का उपयोग केवल गुड़ तक सीमित नहीं है। इसके तने के बीच वाले हिस्से, जिसे पिथ कहा जाता है, में स्टार्च की मात्रा अधिक होती है। इस हिस्से को प्रोसेस करके साबूदाना भी तैयार किया जा सकता है। दक्षिण भारत और पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में फिश टेल पाम का उपयोग खाद्य उत्पादों के निर्माण में पहले से किया जा रहा है। बस्तर के जंगलों में सल्फी के पेड़ बड़ी संख्या में पाए जाते हैं, लेकिन अब तक इनका उपयोग मुख्य रूप से स्थानीय पेय तक ही सीमित था। अब जैविक और प्राकृतिक उत्पादों की बढ़ती मांग को देखते हुए सल्फी आधारित उत्पादों को नए बाजार से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे ग्रामीणों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और वन आधारित अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक बाजार के मेल से सल्फी भविष्य में बस्तर की नई पहचान बन सकती है।
बस्तर में सल्फी से बनेगा गुड़ और साबूदाना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई ताकत Read Post »
BASTAR, State, Top News
