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157 साल पुराने बांके बिहारी मंदिर में भव्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव, शोभायात्रा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur के नयापारा स्थित ऐतिहासिक Banke Bihari Temple में गुरुवार को भव्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान सुबह पुराने मंदिर परिसर से भगवान की विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। भक्त भजन-कीर्तन करते हुए पूरे उत्साह के साथ यात्रा में शामिल नजर आए। शोभायात्रा एडवर्ड रोड, चिकनी मंदिर, कोतवाली चौक और सदर बाजार मार्ग से होते हुए पेठा लाइन स्थित नव-निर्मित मंदिर परिसर पहुंची। यहां वैदिक रीति-रिवाज और मंत्रोच्चार के साथ भगवान बांके बिहारी समेत सात विग्रहों की विधिवत स्थापना की गई। कार्यक्रम में यज्ञाचार्य Om Prakash Joshi के मार्गदर्शन में भगवान बांके बिहारी, शिव पंचायतन, भवानी शंकर, दुर्गा माता, बजरंगबली, लक्ष्मी माता और अग्रसेन माधवी देवता की प्रतिमाओं का जलाभिषेक किया गया। इसके साथ ही 56 प्रकार के द्रव्यों से विशेष अभिषेक भी संपन्न कराया गया। नेत्रोन्मीलन और आकर्षक श्रृंगार के बाद मंदिर में भगवान के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर ट्रस्ट की ओर से विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष Ashok Agrawal ने बताया कि यह मंदिर करीब 157 वर्ष पुराना है और इसकी स्थापना वर्ष 1870 में बैजू अग्रवाल ने कराई थी। उन्होंने कहा कि मंदिर का पुनर्निर्माण राजस्थानी वास्तुकला शैली में कराया गया है। भगवान बांके बिहारी की लगभग 5 फीट ऊंची प्रतिमा सहित अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां मकराना के सफेद संगमरमर से जयपुर में तैयार कराई गई हैं। मंदिर के निर्माण और सौंदर्यीकरण का कार्य पिछले दो वर्षों से लगातार चल रहा था। महोत्सव के दौरान राजस्थान के सालासर धाम से विशेष लड्डू मंगवाकर भगवान को भोग लगाया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं को ड्राई फ्रूट और फलों से युक्त प्रसाद वितरित किया गया। प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत कलश यात्रा, बेदी पूजा, अधिवास और शोभायात्रा जैसे धार्मिक कार्यक्रम 8 मई से लगातार आयोजित किए जा रहे थे। मंदिर ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से मंदिर में नियमित दर्शन और धार्मिक आयोजनों में शामिल होने की अपील की है।

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रामनवमी पर छत्तीसगढ़ में भक्ति की धूम: रायपुर से 100 देशों में हनुमान चालीसा लाइव, कई शहरों में भव्य आयोजन

रामनवमी के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों में धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यापक तैयारियां की गई हैं। राजधानी रायपुर में हनुमान चालीसा महापाठ का विशाल आयोजन होगा, जिसका सीधा प्रसारण दुनिया के लगभग 100 देशों में किया जाएगा। इस दौरान देश-विदेश के श्रद्धालु एक ही समय पर सामूहिक रूप से पाठ में शामिल होंगे। रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित यह कार्यक्रम श्री हनुमान महापाठ समिति द्वारा लगातार 18वें वर्ष किया जा रहा है। संस्कार टीवी के माध्यम से इसका लाइव टेलीकास्ट किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार देशभर के करीब 2000 स्थानों पर भी श्रद्धालु एक साथ हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे, जिससे आयोजन को वैश्विक स्वरूप मिलेगा। कार्यक्रम की शुरुआत शाम 6 बजे भजन संध्या से होगी, जिसमें भक्ति संगीत की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। शाम 7 बजे से सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ प्रारंभ होगा, जो लगभग डेढ़ घंटे तक चलेगा। इसके बाद रात 9 बजे जीवन प्रबंधन विशेषज्ञ पंडित विजय शंकर मेहता “कुमति निवार सुमति के संगी” विषय पर मार्गदर्शन देंगे। दुर्ग में स्थित लगभग 250 वर्ष पुराने श्री राम पंचायती मंदिर में भी विशेष पूजा-अर्चना की गई। यहां 108 परिक्रमा, रामायण पाठ और महाआरती के साथ लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई है। रायगढ़ में रामनवमी पर भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें 54 समाजों और 60 से अधिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों की भागीदारी रहेगी। शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए मार्ग में एम्बुलेंस और डॉक्टरों की टीम तैनात रहेगी, जबकि नगर निगम सफाई व्यवस्था संभालेगा। कार्यक्रम का समापन रामलीला मैदान में महाआरती और विशाल भंडारे के साथ होगा। कोरबा में पंडित धीरेंद्र शास्त्री की हनुमंत कथा का आयोजन किया जा रहा है, वहीं अंबिकापुर के प्राचीन राम मंदिर में राजपरिवार के सदस्य विशेष पूजा करेंगे। इसके अलावा दुर्ग के चंडी मंदिर के पास स्थित करीब 650 वर्ष पुराने श्री राम जानकी मंदिर (बड़ा मठ) का भी ऐतिहासिक महत्व है। प्राचीन समय में यह स्थान साधु-संतों की तपोभूमि माना जाता था। भोसले शासकों ने यहां मंदिर का निर्माण कराया था। मंदिर परिसर में स्थित प्राचीन बावली का पानी आज भी कभी नहीं सूखता, जो श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है।

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