बिलासपुर में प्रार्थना सभा के दौरान बाइबिल मिलने पर हंगामा, बिना अनुमति कार्यक्रम; तीन पर FIR
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में प्रार्थना सभा के बहाने कथित धर्म परिवर्तन कराने का मामला सामने आया है। पचपेड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम चिल्हाटी में आयोजित इस सभा में पुलिस को 30 से अधिक लोगों के पास बाइबिल मिली। आयोजन की सूचना पर बजरंग दल के सदस्यों ने विरोध जताया, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। ग्राम चिल्हाटी के अटल चौक निवासी अनिता नायक के घर बुधवार को यह प्रार्थना सभा रखी गई थी। यहां बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और युवतियां मौजूद थीं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उपस्थित व्यक्तियों को लुभावने प्रस्ताव देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। विरोध के बाद पहुंची पुलिस प्रार्थना सभा की खबर मिलते ही बजरंग दल के नारायण पटेल सहित कई कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और आपत्ति जताई। विरोध बढ़ने की स्थिति बनी तो पचपेड़ी पुलिस भी स्थल पर पहुंची और भीड़ को शांत कराया। पुलिस द्वारा पूछताछ करने पर पता चला कि कार्यक्रम के लिए बाहरी जिले से पास्टर बुलाया गया था, लेकिन किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी। बिना अनुमति सभा, तीन लोगों पर केस दर्ज पुलिस ने पहले आयोजक और पास्टर से अनुमति संबंधी दस्तावेज मांगे, परंतु कुछ भी प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद पुलिस ने अनिता नायक (32), अम्बद देवदास (52) निवासी बलौदाबाज़ार और जे. प्रभाकर राव (38) निवासी बलौदाबाज़ार को हिरासत में लिया।पूछताछ के बाद तीनों के खिलाफ धारा 299 और 3(5) BNS के तहत अपराध दर्ज किया गया है। सभा के बाद भोजन की व्यवस्था, प्रलोभन का आरोप स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि सभा के बाद भोजन की व्यवस्था भी की गई थी, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को इकट्ठा किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे आयोजनों को लेकर गांव में भारी नाराज़गी है और भविष्य में इस तरह की गतिविधियाँ नहीं होने दी जाएँगी।

