रायपुर। शहर में चाइनीज मांझे से हो रहे लगातार हादसों को देखते हुए रायपुर नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। नगर निगम के जोन-1 और जोन-5 की टीम ने छत्तीसगढ़ राज्य पर्यावरण संरक्षण मंडल के साथ मिलकर पतंग दुकानों पर औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान प्रतिबंधित चाइनीज मांझा पाए जाने पर उसे तत्काल जब्त किया गया और संबंधित दुकानदारों पर जुर्माना लगाया गया। जोन-1 क्षेत्र के बाल गंगाधर तिलक वार्ड क्रमांक-18 में, गुढियारी स्थित प्रयास हॉस्टल के पास दो पतंग दुकानों की जांच की गई। यह कार्रवाई वार्ड पार्षद सोहन साहू और जोन स्वास्थ्य अधिकारी खेमराज देवांगन की मौजूदगी में हुई। निरीक्षण के दौरान दोनों दुकानों से प्रतिबंधित मांझा बरामद किया गया, जिस पर प्रत्येक दुकानदार से 5-5 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। इस तरह कुल 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। साथ ही भविष्य में नियम उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। वहीं जोन-5 क्षेत्र में घासीदास प्लाजा से आमापारा मार्ग तक सड़क किनारे लगी पतंग दुकानों की जांच की गई। यहां भी चाइनीज मांझा मिलने पर तत्काल जब्ती की गई और सड़क पर अवैध रूप से लगी दुकानों को हटाया गया। दुकानदारों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए और दोबारा उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की बात कही गई। नगर निगम ने सभी पतंग विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि आगे कहीं भी प्रतिबंधित चाइनीज मांझा पाया गया तो नियमों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। रविवार को हुआ गंभीर हादसारविवार शाम करीब 5 बजे लाखेनगर इलाके में चाइनीज मांझे से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। महिला पैदल मंदिर जा रही थी, तभी उड़ता हुआ मांझा उनके चेहरे में फंस गया। मांझा हटाने के प्रयास में होंठ और अंगूठे में गहरे कट लग गए, जिससे वह बुरी तरह लहूलुहान हो गई। परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से महिला को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनके होंठ पर 10 टांके लगाए गए। आशंका जताई जा रही है कि यह प्रतिबंधित चाइनीज मांझा ही था। पहले भी हो चुकी है कार्रवाईनगर निगम इससे पहले भी 27 दिसंबर को शहर के विभिन्न इलाकों में छापेमारी कर चुका है। इस दौरान बूढ़ातालाब स्थित सिटी पतंग भंडार से 2 किलो, मोती पतंग भंडार से 1 किलो और सदर बाजार के संजय पतंग भंडार से 1.5 किलो चाइनीज मांझा जब्त किया गया था। गोलबाजार स्थित संगम काइट सेंटर का भी निरीक्षण किया गया था। चाइनीज मांझे को लेकर नियम और सजानेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने वर्ष 2017 में चाइनीज और नायलॉन मांझे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 15 के तहत दोषी पाए जाने पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना या पांच साल तक की सजा या दोनों हो सकते हैं। गंभीर मामलों में यह जुर्माना पांच लाख रुपये तक और सजा पांच साल तक हो सकती है। पहले भी जानलेवा हादसेरायपुर में चाइनीज मांझे से पहले भी कई गंभीर घटनाएं हो चुकी हैं।19 जनवरी 2025 को 7 साल के पुष्कर की गला कटने से मौत हो गई थी।20 जनवरी 2025 को महिला वकील पूर्णांशा कौशिक घायल हुई थीं।फरवरी में शंकर नगर इलाके में दो छात्रों में से एक घायल हुआ था। नगर निगम का कहना है कि जानलेवा चाइनीज मांझे के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।