Raipur Drug Case

रायपुर में गोद में बच्चे लेकर गांजा बेच रहीं महिलाएं, स्टिंग में खुलासा; थाने से 400 मीटर दूर चल रहा धंधा

राजधानी Raipur में खुलेआम नशे का कारोबार सामने आया है। सरस्वती नगर थाना क्षेत्र के कुकुरबेड़ा बस्ती में महिलाएं गोद में छोटे बच्चों को लेकर गांजा बेचती हुई पाई गईं। खास बात यह है कि यह पूरा मामला थाने से करीब 400 मीटर की दूरी पर चल रहा था। मीडिया टीम को मिली जानकारी के आधार पर इस मामले का खुलासा हुआ। बताया गया कि इससे पहले 23 अप्रैल को तेलीबांधा इलाके के देवारपारा में भी गांजा बिक्री की सूचना पर पुलिस पहुंची थी, लेकिन आरोपी वहां से भाग निकले थे। इसी दौरान एक स्थानीय युवक ने जानकारी दी कि कुकुरबेड़ा बस्ती में भी इसी तरह महिलाओं द्वारा खुलेआम गांजा बेचा जा रहा है। इस इनपुट के बाद पत्रकारों की टीम मौके पर पहुंची और सच्चाई जानने के लिए स्टिंग ऑपरेशन किया। स्टिंग के दौरान सामने आया कि बस्ती के अंदर कुछ छोटे बच्चे निगरानी कर रहे थे। वे बाहरी लोगों या पुलिस की हलचल की जानकारी अंदर मौजूद महिलाओं तक पहुंचा रहे थे। टीम के एक सदस्य ने अंदर जाकर महिलाओं से बातचीत की और 100 रुपये में गांजे की एक पुड़िया खरीदी, जिसका वीडियो भी रिकॉर्ड किया गया। जानकारी के मुताबिक, इस अवैध कारोबार में महिलाएं सामने हैं, लेकिन इसके पीछे पुरुषों का नेटवर्क काम कर रहा है। स्थानीय स्तर पर इस पूरे नेटवर्क की जानकारी होने के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने के आरोप भी सामने आए हैं। पत्रकारों की टीम ने खरीदी गई गांजे की पुड़िया सरस्वती नगर थाने में जमा कर दी है और पूरे मामले की जानकारी पुलिस अधिकारियों को भी दी गई है। स्टिंग का वीडियो भी पुलिस को सौंपा गया है। इस मामले में संबंधित अधिकारियों का कहना है कि जांच कर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की पड़ताल में जुटी है।

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तस्करों के मोबाइल से बड़ा खुलासा: रायपुर के 620 लोगों की ‘ड्रग्स लिस्ट’ तैयार, नव्या-विधि गैंग को महीने में 20 लाख तक भुगतान

रायपुर में ड्रग्स नेटवर्क की जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। ड्रग्स क्वीन नव्या मलिक और विधि अग्रवाल समेत गिरफ्तार 43 तस्करों के मोबाइल फोन, चैट और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच में 620 से अधिक लोगों के नंबर सामने आए हैं। ये लोग ड्रग्स और सूखा नशा खरीदने के लिए तस्करों के संपर्क में थे। इनमें से करीब 320 युवक-युवतियां सीधे नव्या और विधि के गिरोह से जुड़े पाए गए हैं। जानकारी के मुताबिक यह गिरोह हर महीने 10 से 20 लाख रुपए तक का ड्रग्स सप्लाई करता था। पुलिस ने कॉल डिटेल, ऑनलाइन चैट और लेन-देन के रिकॉर्ड के आधार पर पहली बार ऐसे उपभोक्ताओं की सूची तैयार की है। इस सूची को गृह विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग को भेजा गया है, ताकि नशे के आदी युवाओं की काउंसिलिंग कराई जा सके। हालांकि कई लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया, लेकिन ठोस सबूत न होने और रसूखदार पृष्ठभूमि के चलते उन्हें छोड़ दिया गया। ऐसे खुला नेटवर्क का राज 23 अगस्त 2025 को हरियाणा का तस्कर मोनू विश्नोई ट्रेन से ड्रग्स लेकर रायपुर पहुंचा। उसने नव्या मलिक से संपर्क किया, जो उस समय शहर में मौजूद नहीं थी। नव्या ने हर्ष आहूजा और दीप धनोरिया को ड्रग्स लेने भेजा। एक्सप्रेस-वे के पास जैसे ही सौदा हुआ, पहले से सूचना पर तैनात पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद कॉल डिटेल और डिजिटल डेटा खंगालने पर पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। चार महीने से लंबित है सूची सूत्रों के अनुसार, ड्रग्स लेने वालों की यह सूची पिछले चार महीने से विभागीय स्तर पर लंबित है। अब तक काउंसिलिंग या पुनर्वास को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। पुलिस का मानना है कि कई लोग आज भी नशे के जाल में फंसे हुए हैं। हर वार्ड में नशा मुक्ति केंद्र की जरूरत पुलिस ने सुझाव दिया है कि शहर के हर वार्ड में नशा मुक्ति केंद्र स्थापित किए जाएं, ताकि स्थानीय स्तर पर काउंसिलिंग और पुनर्वास की सुविधा मिल सके। विशेषज्ञों की मदद से युवाओं और उनके परिवारों को जागरूक करने की भी योजना प्रस्तावित की गई है। फिलहाल इस दिशा में ठोस पहल का इंतजार है।

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180 दिन की निगरानी के बाद DRI की बड़ी कार्रवाई: रायपुर एयरपोर्ट से नाइजीरियन ड्रग पैडलर गिरफ्तार

रायपुर में डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। नाइजीरिया से कोकीन लाकर छत्तीसगढ़ में सप्लाई करने वाले एक नाइजीरियन नागरिक को रायपुर एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान हेनरी टोकहूक्यू के रूप में हुई है, जो नवा रायपुर की एक निजी यूनिवर्सिटी में छात्र था। DRI अधिकारियों ने आरोपी के पास से 245 ग्राम कोकीन बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1.50 करोड़ रुपये बताई जा रही है। एजेंसी के मुताबिक आरोपी बीते छह महीने से उनकी रडार पर था और 180 दिनों की लगातार रेकी के बाद उसे रंगे हाथों पकड़ा गया। छात्रों को बनाता था निशाना, सिंडिकेट बनाकर करता था सप्लाई जांच में सामने आया है कि आरोपी सिर्फ ड्रग्स लाने तक सीमित नहीं था, बल्कि उसने स्थानीय स्तर पर एक नेटवर्क तैयार कर लिया था। वह निजी कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों को निशाना बनाकर कोकीन की सप्लाई करता था और केवल भरोसेमंद लोगों के जरिए ही सौदा करता था। ऐसे खुला पूरा खेल DRI को लंबे समय से इनपुट मिल रहे थे कि रायपुर के कुछ निजी कॉलेजों में पढ़ने वाले विदेशी छात्र नशे के कारोबार में शामिल हैं। मार्च 2025 से एजेंसी ने ऐसे छात्रों की गतिविधियों पर नजर रखना शुरू किया और संदिग्धों की एक सूची बनाई गई। जुलाई 2025 में हेनरी टोकहूक्यू का नाम सामने आया। इसके बाद DRI ने उसके संपर्कों, कॉल पैटर्न और गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी। उसके कुछ ग्राहकों को विश्वास में लेकर एजेंसी ने नेटवर्क की जानकारी जुटाई। एयरपोर्ट पर दबोचा गया आरोपी 28 जनवरी 2026 को DRI को पुख्ता सूचना मिली कि आरोपी नाइजीरिया से ड्रग्स लेकर रायपुर पहुंचने वाला है। सूचना मिलते ही DRI ने एयरपोर्ट अथॉरिटी के साथ मिलकर घेराबंदी की और रायपुर एयरपोर्ट परिसर में ही आरोपी को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके बैग से कोकीन बरामद हुई। पूछताछ में आरोपी ने अपने कुछ साथियों के नाम भी बताए हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है। यूनिवर्सिटी में रहकर चला रहा था नेटवर्क DRI के अनुसार, हेनरी पिछले तीन साल से नवा रायपुर स्थित श्री रावतपुरा सरकार यूनिवर्सिटी में बीएसडब्ल्यू (बैचलर ऑफ सोशल वर्क) की पढ़ाई कर रहा था और यूनिवर्सिटी हॉस्टल में रहता था। कुछ समय पहले वह नाइजीरिया गया था और लौटते वक्त ड्रग्स लेकर आया। एजेंसी को शक है कि यह खेप रायपुर, भिलाई और संभवतः नागपुर तक सप्लाई की जानी थी। मोबाइल से मिले अहम सबूत DRI ने आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। फोन से चैट्स, कॉल रिकॉर्ड और लेनदेन से जुड़े सबूत मिले हैं। कार्रवाई वाले दिन जिन लोगों से आरोपी संपर्क में था, उन्हें नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। प्रदेश में 100 से ज्यादा विदेशी छात्र जांच एजेंसियों के मुताबिक रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में विभिन्न विश्वविद्यालयों में 100 से अधिक विदेशी छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। आरोपी के संपर्क सिर्फ एक यूनिवर्सिटी तक सीमित नहीं थे, बल्कि कुछ अन्य निजी संस्थानों से जुड़े लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है। 2025 में ड्रग्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई साल 2025 में रायपुर पुलिस और अन्य एजेंसियों ने ड्रग्स नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की थी। विशेष अभियानों के तहत 271 मामलों में 445 आरोपियों को गिरफ्तार कर 2.78 करोड़ रुपये से ज्यादा की नशीली सामग्री जब्त की गई थी। जब्त किए गए पदार्थों में गांजा, अफीम, ब्राउन शुगर, हेरोइन, चरस, एमडीएमए, कोकीन, नशीली गोलियां, सिरप और मैजिक मशरूम शामिल थे।

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