Political Statement

भूपेश बघेल का तंज- धीरेंद्र शास्त्री से पेट्रोल-डीजल सस्ता कराने की पर्ची निकलवाएं

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नेताओं और धर्म संतों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और जगद्गुरु रामभद्राचार्य को लेकर बड़ा बयान दिया है। बिलासपुर दौरे के दौरान भूपेश बघेल ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजीजू का जिक्र करते हुए कहा कि वे गौमांस खाते हैं, फिर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें मंत्रिमंडल में जगह दी है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या रामभद्राचार्य इसे सही मानते हैं। भूपेश बघेल ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर तंज कसते हुए कहा कि अगर पर्ची निकालकर लोगों की समस्याएं बताई जाती हैं, तो पेट्रोल-डीजल के दाम कम कराने की भी पर्ची निकलवानी चाहिए। इससे पहले नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने भी रामभद्राचार्य को भाजपा का प्रचारक बताते हुए कहा था कि वे उन्हें जगद्गुरु नहीं मानते। वहीं कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत ने कहा कि धर्म की आड़ में राजनीति नहीं होनी चाहिए और जनता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। इन बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने चिरमिरी में आयोजित रामकथा के दौरान कहा कि संत समाज और अखाड़ों ने उन्हें जगद्गुरु की मान्यता दी है। उन्होंने कहा कि कोई भी उनके जगद्गुरुत्व को चुनौती देगा तो वह उसे स्वीकार नहीं करेंगे। रामभद्राचार्य ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन्हें भगवान राम से प्रेम करने वालों से परेशानी है, उन्हें यह सब अच्छा नहीं लग रहा। उन्होंने यह भी कहा कि जो राम से प्रेम करेगा, उसे उनका आशीर्वाद मिलेगा।

भूपेश बघेल का तंज- धीरेंद्र शास्त्री से पेट्रोल-डीजल सस्ता कराने की पर्ची निकलवाएं Read Post »

Political, Religion

पूर्व सांसद रामचंद्र खूंटिया ने कोरबा में उठाए ‘लव जिहाद’ पर सवाल: गरीबों पर लागू, नेताओं के बच्चों पर नहीं

कोरबा। कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान की बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पर्यवेक्षक और पूर्व सांसद रामचंद्र खूंटिया ने ‘लव जिहाद’ को लेकर भाजपा पर तीखा सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि नेताओं के बच्चों की शादी पर कोई टिप्पणी नहीं की जाती, लेकिन अगर कोई गरीब युवक-युवती शादी करता है, तो उसे ‘लव जिहाद’ कहकर घेरा जाता है। खूंटिया ने इस दोहरे मानक पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह नियम केवल गरीबों पर लागू होता है, जबकि शक्तिशाली और अमीरों के मामले में इसे नजरअंदाज किया जाता है। भाजपा और आरएसएस के 100 साल के योगदान पर टिप्पणी पूर्व सांसद ने भाजपा और आरएसएस से उनके सौ साल के योगदान पर सवाल किया और पूछा कि इन वर्षों में उन्होंने देश के लिए क्या किया। उन्होंने भाजपा के दावे पर भी टिप्पणी की कि वे केवल हिंदू धर्म के हित में काम कर रहे हैं। वन कंट्री वन सिविल कोड की वकालत खूंटिया ने पूरे देश में ‘वन कंट्री वन सिविल कोड’ लागू करने की वकालत की। उनका कहना था कि सभी को समान काम के लिए समान वेतन मिलना चाहिए ताकि अमीर-गरीब के बीच भेदभाव खत्म हो। उन्होंने कहा कि केरल, दिल्ली, मुंबई और छत्तीसगढ़ में लोगों का पलायन असमानता का परिणाम है। कोरबा की सड़कों की जर्जर स्थिति पर चिंता पूर्व सांसद ने कोरबा की सड़कें जर्जर होने की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि यह औद्योगिक शहर है, जो सरकार को लाखों-करोड़ों रुपए का राजस्व देता है, लेकिन सड़कें खराब हैं और जनता परेशान है। मजदूरों की सुरक्षा और भविष्य की चिंता खूंटिया ने अंतरराष्ट्रीय श्रमिक सर्वेक्षण के आंकड़ों का हवाला देते हुए मजदूरों की सुरक्षा पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने चेतावनी दी कि औद्योगिक प्रदूषण और संयंत्रों के कारण मजदूरों की जान जोखिम में है। यदि 2030 तक सुधार नहीं हुए, तो प्रतिदिन 2 लाख मजदूरों की मौत का अनुमान है। उन्होंने कहा कि इससे 8 मिलियन नौकरियां भी खतरे में पड़ सकती हैं और आय का नुकसान होगा। खूंटिया ने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में देश को नई दिशा देने के लिए काम कर रही है।

पूर्व सांसद रामचंद्र खूंटिया ने कोरबा में उठाए ‘लव जिहाद’ पर सवाल: गरीबों पर लागू, नेताओं के बच्चों पर नहीं Read Post »

Chhattisgarh
Scroll to Top