होलिका दहन के साथ ही प्रदेशभर में रंगों के त्योहार होली की शुरुआत हो जाएगी। यह पर्व उमंग, भाईचारे और खुशियों का प्रतीक है, लेकिन जरा सी लापरवाही आपके उत्सव को फीका कर सकती है। खासकर केमिकल युक्त रंगों का इस्तेमाल त्वचा, आंखों और बालों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। अक्सर लोग पूरे जोश में होली तो खेलते हैं, लेकिन बाद में रंग छुड़ाने की जल्दबाजी में त्वचा पर डिटर्जेंट, केमिकल या अन्य कठोर चीजों का प्रयोग करने लगते हैं। इससे त्वचा में जलन, एलर्जी, रैशेज और लंबे समय तक रहने वाले दाग हो सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि होली खेलने से पहले और बाद में कुछ सावधानियां जरूर बरती जाएं। 1. होली से पहले त्वचा की तैयारी जरूरी होली खेलने से पहले त्वचा को तैयार करना बेहद आवश्यक है। बाहर निकलने से पहले शरीर और चेहरे पर नारियल तेल, सरसों तेल या मॉइश्चराइजर अच्छी तरह लगा लें। इससे रंग सीधे त्वचा पर चिपक नहीं पाएगा और बाद में आसानी से छूट जाएगा। हल्के रंग के बजाय गहरे और पूरे बाजू के कपड़े पहनें ताकि त्वचा कम एक्सपोज हो। बालों में भी तेल लगाकर उन्हें बांध लें, जिससे स्कैल्प सुरक्षित रहे। 2. केमिकल रंगों से बनाएं दूरी बाजार में मिलने वाले सस्ते और चटक रंगों में कई बार हानिकारक रसायन मिले होते हैं। ये त्वचा संक्रमण, आंखों में जलन और एलर्जी का कारण बन सकते हैं। ऐसे में हर्बल या प्राकृतिक रंगों का उपयोग बेहतर विकल्प है। घर पर भी फूलों, हल्दी या बेसन जैसे प्राकृतिक पदार्थों से रंग तैयार किए जा सकते हैं। इससे त्योहार का आनंद भी बना रहेगा और सेहत पर बुरा असर भी नहीं पड़ेगा। 3. रंग छुड़ाने में जल्दबाजी न करें होली के बाद रंग छुड़ाने के लिए डिटर्जेंट या कठोर साबुन का इस्तेमाल न करें। इससे त्वचा की ऊपरी परत को नुकसान पहुंच सकता है। चेहरे के लिए बेसन और दही का लेप एक सुरक्षित और कारगर उपाय माना जाता है। इसे हल्के हाथों से लगाकर धोने से रंग धीरे-धीरे साफ हो जाता है। इसके अलावा माइल्ड फेसवॉश और गुनगुने पानी का उपयोग करें। याद रखें, कुछ रंग 2–3 दिन में खुद ही हल्के पड़ जाते हैं। त्वचा के साथ जोर-जबरदस्ती करने से बेहतर है थोड़ा धैर्य रखें। 4. अलग-अलग त्वचा के लिए अलग देखभाल हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है। जिनकी त्वचा संवेदनशील है, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। एलर्जी या स्किन प्रॉब्लम से जूझ रहे लोग होली खेलने से पहले डॉक्टर की सलाह ले सकते हैं। तैलीय त्वचा वाले लोग ऑयल-फ्री मॉइश्चराइजर लगाएं, जबकि ड्राई स्किन वालों को अच्छी तरह मॉइश्चराइज करना चाहिए। 5. बीपी, शुगर और बुजुर्गों का रखें ध्यान होली के दौरान अत्यधिक भागदौड़ और धूप में रहना बीपी और शुगर के मरीजों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है। ऐसे लोग सीमित समय तक ही होली खेलें और पर्याप्त पानी पीते रहें। घर में छोटे बच्चे और बुजुर्ग हों तो उन पर विशेष ध्यान दें। उनकी आंख, नाक और मुंह में रंग न जाए, इसका ख्याल रखें। बच्चों को सुरक्षित और प्राकृतिक रंगों से ही होली खेलने दें। होली खुशियों का त्योहार है। थोड़ी सी सावधानी और समझदारी से आप इसे सुरक्षित और यादगार बना सकते हैं। इस बार रंगों के साथ सेहत की भी रक्षा करें, ताकि त्योहार की मिठास लंबे समय तक बनी रहे।