labourer death

दुर्ग में मामूली विवाद बना जानलेवा: सहकर्मी के हमले में घायल मजदूर की 6 दिन बाद मौत

दुर्ग जिले के पुलगांव थाना क्षेत्र के ग्राम समोदा में काम के दौरान हुए एक छोटे से विवाद ने गंभीर रूप ले लिया, जिसमें घायल मजदूर की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना 27 मार्च की बताई जा रही है। हमले में बुरी तरह घायल हुए 55 वर्षीय गोविंद यादव ने करीब छह दिन तक अस्पताल में जीवन से संघर्ष करने के बाद दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार, काम करते समय गोविंद यादव ने अपने सहकर्मी परमेश्वर यादव को सावधानी बरतने के लिए कहा था कि वह किनारे हट जाए, क्योंकि उसके ऊपर बोरी गिर सकती है। इसी बात पर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते झगड़े में बदल गई। आरोप है कि गुस्से में आकर परमेश्वर यादव ने धारदार हथियार से गोविंद यादव पर हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां लगातार उपचार चल रहा था, लेकिन हालत में सुधार नहीं हो सका और छह दिन बाद उनकी मृत्यु हो गई। मृतक अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। परिवार में पत्नी, एक बेटी और तीन बेटे हैं, जिन पर अब आर्थिक संकट गहराने की आशंका है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए सुपेला अस्पताल की मरचुरी में रखा गया है।

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Bhilai / Durg, Chhattisgarh, Crime, State

कोरबा में मजदूर की संदिग्ध मौत: परिजनों ने जिंदा समझ अस्पताल पहुंचाया, डॉक्टरों ने किया मृत घोषित; पुलिस जांच में जुटी

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के करतला थाना क्षेत्र में एक मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। यह घटना 1 नवंबर की है। जानकारी के अनुसार, रवानाडांड गांव निवासी शिवलाल (25 वर्ष) रात में खाना खाकर अपने कमरे में सोने गया था, लेकिन अगली सुबह देर तक नहीं उठा। जब परिजनों ने आवाज दी और कोई जवाब नहीं मिला तो वे कमरे में पहुंचे, जहां उसे अचेत अवस्था में पाया। परिजनों ने सोचा कि शिवलाल बेहोश है, इसलिए तुरंत उसे निजी वाहन से जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। ⚒️ रोजी-मजदूरी कर करता था परिवार की मदद मृतक के बड़े भाई सुंदरलाल ने बताया कि शिवलाल मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। घटना वाले दिन वह काम से लौटने के बाद भैंसमा बाजार गया था। घर आकर खाना खाकर अपने कमरे में सो गया और फिर सुबह नहीं उठा। परिजनों ने बताया कि उसे किसी भी तरह की बीमारी या स्वास्थ्य समस्या नहीं थी। शिवलाल तीन भाइयों और एक बहन में सबसे छोटा था और घर का मेहनती सदस्य था, जो आर्थिक रूप से परिवार की मदद करता था। 👮‍♂️ पुलिस जांच में जुटी जिला अस्पताल चौकी प्रभारी ने अस्पताल से मिले मेमो के आधार पर परिजनों के बयान दर्ज किए हैं। फिलहाल मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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