Illegal construction

बिलासपुर में जवाली नाले पर निगम की कार्रवाई, भेदभाव के आरोपों से घिरा प्रशासन

बिलासपुर नगर निगम ने दिवाली के बाद एक बार फिर अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान शुरू किया है। शनिवार (25 अक्टूबर) को जवाली नाले के पास बने कई दुकानों और मकानों पर बुलडोजर चलाया गया। इस दौरान स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने निगम अधिकारियों पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल केवल सरकारी जमीन पर किए गए कब्जों को हटाया जा रहा है, जबकि अवैध निर्माणों के खिलाफ अलग से नोटिस जारी कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, स्थानीय लोगों का आरोप है कि निगम छोटे व्यापारियों पर सख्ती कर रहा है, जबकि बड़े कब्जाधारियों पर कार्रवाई टाल दी गई है। जानकारी के मुताबिक, निगम ने करीब छह महीने पहले जवाली नाले के पास नजूल भूमि पर हुए अवैध निर्माणों की जांच कराई थी। तब 44 लोगों को नोटिस भेजे गए थे। बावजूद इसके, एक व्यापारी द्वारा बिना अनुमति के चार मंजिला कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बना लिया गया, जिस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। एक महीने पहले भी निगम ने जवाली पुल के पास अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया था, लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते कार्रवाई रोक दी गई थी। इस मामले में व्यापारी वर्ग ने निगम पर सिंधी समाज को निशाना बनाने का आरोप लगाया था, जिस पर मेयर पूजा विधानी ने अफसरों को फटकार लगाई थी। अब दिवाली के बाद अतिक्रमण शाखा फिर से सक्रिय हुई है और चिन्हित कब्जों पर कार्रवाई शुरू की गई है। भवन शाखा प्रभारी अनुपम तिवारी ने कहा कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई की जा रही है, जबकि अन्य अवैध निर्माणों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़े बिल्डरों और व्यापारियों के खिलाफ निगम की चुप्पी भ्रष्टाचार और पक्षपात की ओर इशारा करती है।

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रायपुर सेजबहार में अवैध प्लॉटिंग पर बुलडोजर की कार्रवाई, 10 एकड़ भूमि खाली कराई

राजधानी रायपुर के सेजबहार क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ जिला प्रशासन ने शुक्रवार को कड़ी कार्रवाई की। गुरुवार, 9 अक्टूबर को जिला प्रशासन की टीम ने लगभग 10 एकड़ भूमि पर कब्जा हटाते हुए वहां हो रही अवैध प्लॉटिंग को खत्म कर दिया। इस कार्रवाई का उद्देश्य अवैध कब्जों और भूमि की अवैध बिक्री पर रोक लगाना था। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। मौके पर प्रशासन की टीम ने अवैध निर्माण, बाउंड्रीवाल, प्लिंथ और सड़क मार्ग को तोड़ते हुए जमीन को खाली कराया। यह कार्रवाई एसडीएम नंदकुमार चौबे के नेतृत्व में राजस्व विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीम ने की। प्रहरी टीम ने बताया कि सेजबहार में कुछ व्यक्तियों द्वारा नियमानुसार भूमि उपयोग के नियमों की अवहेलना करते हुए अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी। प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि भविष्य में भी कोई अवैध कब्जा न कर सके, तत्कालीन समय पर भूमि से अवैध निर्माण हटाया। इस अभियान के तहत भूमि मालिकों और अवैध प्लॉटिंग करने वालों के खिलाफ नोटिस भी जारी किया गया। प्रशासन ने कहा कि भूमि का नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित करना और शहर की योजनाओं के अनुसार विकास करना प्राथमिकता है। स्थानीय लोगों ने भी इस कार्रवाई की सराहना की। उनका कहना था कि अवैध प्लॉटिंग से इलाके का विकास प्रभावित हो रहा था और प्रशासन की इस कार्रवाई से भविष्य में भी किसी को अवैध कब्जा करने की हिम्मत नहीं होगी। इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया कि जिला प्रशासन अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त है और नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी अवैध भू-उपयोग की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें। रायपुर प्रशासन का यह कदम शहर में भूमि उपयोग और नियोजन के नियमों को लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। सेजबहार में यह कार्रवाई भविष्य में और भी ऐसी अवैध गतिविधियों को रोकने में मदद करेगी।

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Chhattisgarh

बिलासपुर में बिना अनुमति 3 मंजिला भवन में चल रहा था OYO होटल, निगम ने किया सील

बिलासपुर के बहतराई रोड, गीतांजलि सिटी फेस-1 में एक तीन मंजिला भवन बिना नगर निगम की अनुमति के बनाकर वहां OYO होटल चलाया जा रहा था। शिकायत और जांच के बाद नगर निगम ने इस अवैध भवन को सील कर दिया है। पार्षद रेखा पांडेय की शिकायत पर निगम ने शुक्रवार को कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि होटल संचालन से क्षेत्र का सामाजिक माहौल प्रभावित हो रहा था। पहले भवन पर OYO का बोर्ड लगा था, जिसे विरोध के बाद हटा दिया गया, लेकिन होटल का संचालन लगातार जारी था। नगर निगम की जांच में पता चला कि यह भवन गायत्री केडिया की है, लेकिन इसका नक्शा निगम से पास नहीं कराया गया। बावजूद इसके, भवन में 17 कमरों वाला होटल तैयार कर लिया गया था और लंबे समय से होटल संचालित हो रहा था। निगम कमिश्नर के निर्देश पर भवन शाखा की टीम मौके पर पहुंची और होटल को सील कर दिया। मौके पर स्टाफ से पूछताछ की गई, लेकिन कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं किया गया। नगर निगम के अधिकारियों ने कहा कि बिना अनुमति निर्माण और अवैध व्यवसाय पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी भवन मालिक को बख्शा नहीं जाएगा और जरूरत पड़ने पर एफआईआर भी दर्ज की जाएगी।

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