Food Department Action

News22 Bharat की रिपोर्ट का असर: बिरगांव की Analogue Paneer यूनिट पर खाद्य विभाग की कार्रवाई, लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया शुरू

रायपुर। बिरगांव स्थित एक Analogue Paneer निर्माण इकाई के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कदम News22 Bharat द्वारा प्रसारित की गई ग्राउंड रिपोर्ट के बाद उठाया गया, जिसमें फैक्ट्री की कार्यप्रणाली और खाद्य सुरक्षा मानकों से जुड़े कई सवाल सामने आए थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार खाद्य सुरक्षा अधिकारी संतोष ध्रुव द्वारा किए गए निरीक्षण और जांच के आधार पर संबंधित इकाई के लाइसेंस को निलंबित करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता व्यवस्था और उत्पादन प्रक्रिया से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर अनियमितताएं दर्ज की गईं। उल्लेखनीय है कि News22 Bharat की टीम ने मौके पर पहुंचकर फैक्ट्री की स्थिति का जायजा लिया था। रिपोर्ट में उत्पादन क्षेत्र की साफ-सफाई, खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन तथा निर्माण प्रक्रिया से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया था। रिपोर्ट सामने आने के बाद विभाग ने मामले का संज्ञान लेते हुए विस्तृत जांच शुरू की। खाद्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और उपभोक्ता सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का मानना है कि खाद्य पदार्थों के निर्माण और वितरण में निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद मिल सकें। फिलहाल विभागीय जांच और नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। मामले से जुड़ी आगामी अपडेट और विभागीय निर्णय पर सभी की नजर बनी हुई है।

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बिलासपुर में LPG की जमाखोरी का भंडाफोड़, किचन केयर व किराना स्टोर से 126 सिलेंडर जब्त

बिलासपुर में गैस सिलेंडरों की कथित किल्लत के बीच कालाबाजारी और जमाखोरी का बड़ा मामला सामने आया है। जिला प्रशासन की टीम ने कोनी और सिरगिट्टी क्षेत्र में छापेमारी कर किचन केयर और किराना दुकानों से कुल 126 घरेलू गैस सिलेंडर बरामद किए हैं। कार्रवाई के दौरान सिलेंडरों से गैस निकालने वाले उपकरण भी मिले, जिसके बाद संबंधित लोगों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर खाद्य विभाग की टीम लगातार दूसरे दिन भी कार्रवाई करती रही। इससे पहले एक अन्य छापे में 72 सिलेंडर जब्त किए जा चुके थे। प्रशासन का कहना है कि जिले में गैस की कमी नहीं है, लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण बुकिंग और वितरण प्रभावित होने से लोगों को परेशानी हो रही है। कोनी क्षेत्र में एक मकान से 55 खाली घरेलू सिलेंडर बरामद हुए। जांच में पता चला कि यह मकान सुनील सोनवानी का है, जिसे एक किचन केयर संचालक को किराए पर दिया गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार इस अवैध कारोबार में परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल हो सकते हैं। वहीं सिरगिट्टी के बन्नाक चौक स्थित एक दुकान से खाली सिलेंडर और गैस निकालने के उपकरण मिले। टीम को वहां वजन मशीन और विशेष यंत्र भी मिला, जिसका उपयोग सिलेंडर से गैस निकालने में किया जाता है। देर शाम एक बंद दुकान में छापेमारी के दौरान 61 सिलेंडर और बरामद किए गए, जिनमें घरेलू, व्यावसायिक और छोटे सिलेंडर शामिल थे। यह दुकान एक प्राथमिक स्कूल के पास स्थित है, जिससे सुरक्षा को लेकर भी गंभीर खतरा बना हुआ था। सभी सिलेंडरों को जब्त कर संबंधित प्रतिष्ठानों को सील कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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Bilashpur, Chhattisgarh, Health, Top News

जिले में 75 राइस मिलरों ने नहीं दिया चावल, दो माह का राशन वितरण प्रभावित

रायपुर। जिले के नान (NAN) गोदामों में अब तक कोर पीडीएस (PDS) चावल की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पाई है। खाद्य विभाग से करार करने वाले 75 राइस मिलर्स अब तक तय मात्रा में चावल जमा नहीं कर पाए हैं। हालात यह हैं कि कुछ मिलर्स ने धान उठाव के बाद एक किलो चावल भी गोदाम में जमा नहीं किया। जानकारी के अनुसार करीब एक दर्जन राइस मिलर्स पर 50 टन से अधिक चावल बकाया है। बकाया सूची में तिरुपति राइस मिल सबसे ऊपर है, जिस पर करीब 2443.62 टन चावल जमा करना शेष है। वहीं पर्ल राइस एंड एग्रो प्रोडक्ट पर 1084.24 टन चावल बकाया बताया जा रहा है। इसके अलावा कई मिलर्स ऐसे भी हैं, जिन पर 200 से 500 टन तक चावल जमा नहीं किया गया है। फरवरी-मार्च का राशन एक साथ, लेकिन स्टॉक अधूरा राज्य सरकार के निर्देशानुसार इस बार फरवरी और मार्च माह का राशन एक साथ वितरण किया जाना है। इसकी प्रक्रिया 1 फरवरी से शुरू हो चुकी है, लेकिन अधिकांश राशन दुकानों तक पर्याप्त मात्रा में चावल नहीं पहुंच पाने के कारण वितरण प्रभावित हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि चावल आपूर्ति की प्रक्रिया तेज की जा रही है और जल्द ही सभी उचित मूल्य दुकानों तक स्टॉक पहुंचा दिया जाएगा। अब तक नहीं हुई किसी मिलर पर कार्रवाई इतनी बड़ी देरी और लापरवाही के बावजूद अब तक किसी भी राइस मिलर को ब्लैक लिस्ट नहीं किया गया है। नियमों के अनुसार पिछले एक साल में मिलर्स को पूरा स्टॉक क्लियर करना था, ताकि 2026 में उठाए गए धान के चावल की आपूर्ति समय पर शुरू हो सके। लेकिन पिछली फसल का ही चावल जमा नहीं होने से इस साल की सप्लाई पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। नियम यह भी कहते हैं कि चावल जमा न करने पर मिलर्स को ब्लैक लिस्ट किया जा सकता है और उनकी सुरक्षा निधि जब्त की जा सकती है, बावजूद इसके प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। अफसर बोले— होगी सख्ती, वसूली तय खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिन मिलर्स ने अब तक चावल जमा नहीं किया है, उनके खिलाफ सख्ती की जा रही है। बकाया चावल की हर हाल में वसूली की जाएगी।अधिकारियों के अनुसार नोटिस जारी करने के बाद भी यदि सप्लाई नहीं होती है तो संबंधित मिलर्स को काली सूची में डालने की कार्रवाई की जाएगी।

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