ED Raid

पूर्व मंत्री के चचेरे भाई के घर ED की रेड:12 से अधिक अधिकारी खंगाल रहे दस्तावेज, भारतमाला घोटाला से जुड़ा मामला

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित भारतमाला प्रोजेक्ट घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी जांच को और तेज कर दिया है। सोमवार तड़के ईडी की टीम ने धमतरी जिले के कुरुद इलाके में छापेमारी करते हुए पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के चचेरे भाई भूपेंद्र चंद्राकर के आवास पर दबिश दी। इसके साथ ही जमीन कारोबारी गोपाल गांधी और उनसे जुड़े अन्य ठिकानों पर भी ईडी ने एक साथ कार्रवाई की। सुबह से शुरू हुई यह छापेमारी कई घंटों तक जारी रही। जानकारी के अनुसार, टीम में 12 से अधिक अधिकारी शामिल थे और वे तीन गाड़ियों से मौके पर पहुंचे थे। आरोप है कि कथित भारतमाला घोटाले के तहत कई लोगों को अभनपुर, कायाबांधा, दुर्ग, पाटन, राजनांदगांव और मगरलोड जैसे क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण के नाम पर करोड़ों रुपये का मुआवजा दिलाया गया। यह मुआवजा कथित तौर पर नियमों के विपरीत बढ़ाया गया था। ईडी को इस मामले से जुड़ी शिकायतें और दस्तावेज पहले से प्राप्त हुए थे, जिसके आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया है। इससे पहले भी एजेंसी ने रायपुर और अभनपुर सहित कई स्थानों पर छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज और संपत्तियों की जानकारी जुटाई थी। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कृषि भूमि को बैकडेट में गैर-कृषि भूमि दिखाकर उसका मुआवजा कई गुना बढ़ाया गया। इसके अलावा एक ही जमीन को अलग-अलग हिस्सों में दिखाकर अलग-अलग नामों पर भुगतान किए जाने के भी आरोप हैं। भामाशाह भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण में करीब 500 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, ईडी की ओर से इस छापेमारी को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अधिकारी पूरे मामले पर मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं और जांच प्रक्रिया जारी है।

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रायपुर के बार में युवक का हमला, व्यापारी पर बीयर बोतल से वार कर फरार

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में देर रात एक बार में हिंसक घटना सामने आई है। रायपुरा चौक स्थित मधुशाला बार में एक युवक ने किराना व्यापारी पर बीयर की बोतल से हमला कर दिया और धमकी देकर मौके से फरार हो गया। घायल व्यापारी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। मिली जानकारी के अनुसार, जामगांव निवासी व्यापारी संदीप अग्रवाल 18 अप्रैल की रात अपने दोस्त अनिवेश प्रताप सिंह के साथ बार पहुंचे थे। रात करीब 11:30 बजे दोनों बार के बाहर खड़े थे, तभी चंगोराभाठा निवासी हर्ष शुक्ला तेज रफ्तार कार से वहां पहुंचा और अचानक उनके सामने गाड़ी रोक दी। इससे घबराकर दोनों बार के अंदर चले गए। बताया जा रहा है कि आरोपी भी उनके पीछे बार में घुस आया और गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद उसने फ्रिज से बीयर की बोतल उठाई और संदीप अग्रवाल के सिर पर हमला कर दिया। इस हमले में संदीप गंभीर रूप से घायल हो गए और उनके सिर से खून बहने लगा। घटना के दौरान अनिवेश प्रताप सिंह ने बीच-बचाव किया, जिससे मामला और नहीं बढ़ा, लेकिन आरोपी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया। घायल को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जा सके।

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CSMCL में 115 करोड़ का ओवरटाइम घोटाला उजागर, फर्जी शिफ्ट दिखाकर कर्मचारियों का पैसा हड़पा

छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले के बाद अब छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड में 115 करोड़ रुपए के कथित ओवरटाइम घोटाले का खुलासा हुआ है। आर्थिक अपराध शाखा और एंटी करप्शन ब्यूरो ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए मैनपावर एजेंसी के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में ईगल हंटर सॉल्यूशन लिमिटेड के फील्ड ऑफिसर अभिषेक कुमार सिंह और अकाउंटेंट तिजऊ राम निर्मलकर शामिल हैं। दोनों को तीन दिन की रिमांड पर लिया गया है। जांच में सामने आया है कि शराब दुकानों में कागजों पर अतिरिक्त शिफ्ट दिखाई गईं, लेकिन जिन कर्मचारियों के नाम पर यह ओवरटाइम दिखाया गया, उन्हें कोई भुगतान नहीं मिला। यह पूरा मामला तब सामने आया जब प्रवर्तन निदेशालय ने 29 नवंबर 2023 को रायपुर में छापेमारी कर 28.80 लाख रुपए नकद जब्त किए थे। जांच में पता चला कि यह रकम कर्मचारियों के ओवरटाइम भुगतान से जुड़ी थी। ED की रिपोर्ट के आधार पर ACB ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और IPC की धारा 420 व 120-बी के तहत केस दर्ज किया। जांच एजेंसियों के अनुसार, साल 2019-20 से 2023-24 के बीच सरकार ने शराब दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए 115 करोड़ रुपए ओवरटाइम के रूप में स्वीकृत किए थे। नियम के मुताबिक यह राशि सीधे कर्मचारियों को मिलनी थी, लेकिन मैनपावर एजेंसियों ने फर्जी रिकॉर्ड बनाकर यह पैसा निकाल लिया। बताया जा रहा है कि यह रकम कमीशन के रूप में निकाली गई और इसे कुछ अधिकारियों व निजी व्यक्तियों के बीच बांटा गया। इस पूरे नेटवर्क के तार कारोबारी अनवर ढेबर से भी जुड़े बताए जा रहे हैं। ACB के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका बैंक खातों से नकदी निकालकर संबंधित लोगों तक पहुंचाने की थी। जब्त की गई राशि भी इसी नेटवर्क का हिस्सा मानी जा रही है। दोनों आरोपियों को विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 27 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। फिलहाल जांच एजेंसी बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। पूछताछ के दौरान कुछ बड़े अधिकारियों और राजनीतिक रूप से जुड़े लोगों के नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

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छत्तीसगढ़ में लोहा कारोबारियों पर IT की बड़ी कार्रवाई, 50 स्थानों पर छापेमारी जारी

छत्तीसगढ़ में आयकर विभाग ने लोहा और स्टील से जुड़े कारोबारियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 50 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की है। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और रायगढ़ जिलों में स्पंज आयरन, स्टील रोलिंग मिल, पावर प्लांट संचालकों और रियल एस्टेट कारोबारियों के प्रतिष्ठानों पर टीमों ने दबिश दी। कार्रवाई के दौरान 100 से अधिक CRPF जवान सुरक्षा के लिए तैनात किए गए हैं। सभी ठिकानों पर वित्तीय दस्तावेज, लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा की गहन जांच की जा रही है। जमीन खरीद-फरोख्त में शामिल कारोबारियों के घर और दफ्तर भी सर्च ऑपरेशन की सूची में हैं। 5 दिन पहले हुई थी ED की बड़ी रेड 30 नवंबर को मेडिकल कॉलेजों की मान्यता से जुड़े कथित रिश्वतखोरी मामले में ED ने देशभर के 8 राज्यों में छापे मारे थे, जिनमें रायपुर स्थित रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज भी शामिल था।इस दौरान ED ने मोबाइल फोन, DVR, हार्ड डिस्क और पेन ड्राइव जैसे डिजिटल सबूत जब्त किए थे। कॉलेज के डायरेक्टर अतुल कुमार तिवारी से पूछताछ भी की गई थी और बैंक खातों का विवरण मांगा गया था। सभी डिजिटल डिवाइस की जांच तकनीकी टीम कर रही है। 11 दिन पहले ACB–EOW ने 19 ठिकानों पर दी थी दबिश 24 नवंबर को ACB और EOW की टीमों ने शराब घोटाले और DMF फंड से जुड़े मामलों में संयुक्त कार्रवाई की थी। रायपुर, बिलासपुर, कोंडागांव, अंबिकापुर और दुर्ग में कुल 19 ठिकानों पर तड़के सुबह छापेमारी की गई। DMF मामले में हरपाल सिंह अरोड़ा और उनसे जुड़े ठेकेदारों के 11 ठिकानों पर सर्च की गई थी। वहीं शराब घोटाले में जेल में बंद अनिल टुटेजा और निरंजन दास के परिजनों से जुड़े रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और बस्तर के कई स्थानों पर दबिश दी गई थी।

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