Chhattisgarh Railway News

राजधानी एक्सप्रेस की पेंट्रीकार में पक रहा था खाना, प्रतिबंध के बावजूद लापरवाही; IRCTC से मांगा गया जवाब

रेलवे बोर्ड द्वारा एक्सप्रेस ट्रेनों की पेंट्रीकार में खाना पकाने पर रोक के बावजूद बिलासपुर स्टेशन पर नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। प्लेटफॉर्म नंबर एक पर खड़ी बिलासपुर-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस की पेंट्रीकार में स्टाफ को भोजन बनाते पाया गया। खास बात यह रही कि मौके पर IRCTC से जुड़े अधिकारी भी मौजूद थे। सोमवार दोपहर करीब 1:15 बजे जब राजधानी एक्सप्रेस की रैक प्लेटफॉर्म पर लगी, तब कुछ मीडिया कर्मियों ने पेंट्रीकार का निरीक्षण किया। अंदर तीन हीटर पर बर्तन चढ़े थे, जिनमें दाल और चावल पक रहे थे। एक बर्तन में पानी उबल रहा था, जबकि उबले हुए आलू, कटे हुए बैंगन और कच्ची सब्जियां भी रखी थीं। पैकेट में बंद रोटियां और अन्य सामग्री भी पाई गई। इस दौरान सीसीआई मनोज साहा और स्टेशन मास्टर ओझा मौके पर पहुंचे और जांच की। पूछताछ में पेंट्रीकार स्टाफ ने बताया कि भोजन स्टाफ के लिए तैयार किया जा रहा था। पेंट्रीकार के मैनेजर ने खुद को IRCTC दिल्ली से जुड़ा अधिकारी बताया, जो ट्रेन के साथ यात्रा करता है। गौरतलब है कि हाल के वर्षों में कुछ ट्रेनों की पेंट्रीकार में गैस सिलेंडर से आग लगने की घटनाओं के बाद रेलवे बोर्ड ने सख्ती बरतते हुए एक्सप्रेस ट्रेनों में खाना पकाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। नियम के अनुसार भोजन बेस किचन से तैयार होकर ही ट्रेन में लोड किया जाना चाहिए। इस मामले में रेलवे प्रशासन ने IRCTC के क्षेत्रीय प्रबंधक को पत्र जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही घटना की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। राजधानी एक्सप्रेस में सामने आए मामले की भी अलग से जांच की जा रही है।

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रेल मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऊंघते दिखे अफसर, वीडियो वायरल; बिलासपुर जोन को 545 करोड़ ज्यादा, नया प्रोजेक्ट शून्य

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जोनल मुख्यालय से एक हैरान करने वाला दृश्य सामने आया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के समय रेलवे के दो वरिष्ठ अधिकारी नींद में झपकी लेते नजर आए, जिसका वीडियो अब चर्चा का विषय बन गया है। यह वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस सोमवार को आयोजित की गई थी, जिसमें रेल मंत्री ने छत्तीसगढ़ में चल रही और प्रस्तावित रेल परियोजनाओं की जानकारी साझा की। इस दौरान बिलासपुर जोनल मुख्यालय में मौजूद रेलवे के प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (PCCM) जेएस बिंद्रा और प्रमुख चीफ इंजीनियर मुरीत भटनागर कैमरे में झपकी लेते दिखाई दिए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिलासपुर जोन के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश, डीआरएम राकेश रंजन समेत करीब एक दर्जन वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। रेल मंत्री ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में रेल विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और इनके पूरा होने से बस्तर जैसे दूरस्थ इलाकों को भी सीधा लाभ मिलेगा। रेल मंत्री ने रावघाट परियोजना, परमालकसा–खरसिया रेल कॉरिडोर सहित कई महत्वपूर्ण रेल लाइनों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद राज्य में ट्रेनों की संख्या मौजूदा स्थिति की तुलना में लगभग दोगुनी हो जाएगी, जिससे ओडिशा, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र जैसे पड़ोसी राज्यों को भी फायदा होगा। इस वर्ष के रेल बजट में छत्तीसगढ़ को 7,470 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 545 करोड़ रुपये अधिक है। बिलासपुर जोन को भी बजट में बढ़ोतरी मिली है, लेकिन इसके बावजूद इस बार कोई भी नई रेल परियोजना स्वीकृत नहीं की गई है। वर्तमान में राज्य में करीब 51,080 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाएं विभिन्न चरणों में चल रही हैं। इनमें ट्रैक डबलिंग, ट्रिपलिंग, नई लाइन निर्माण, स्टेशन पुनर्विकास, यात्री सुविधाओं का विस्तार और सुरक्षा से जुड़े कार्य शामिल हैं। रेल मंत्री ने बताया कि बीते 11 वर्षों में छत्तीसगढ़ के रेल बजट में ऐतिहासिक बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2009 से 2014 के दौरान जहां राज्य को औसतन 311 करोड़ रुपये का वार्षिक रेल बजट मिलता था, वहीं 2026–27 में यह बढ़कर 7,470 करोड़ रुपये हो गया है। राज्य में अमृत स्टेशन योजना के तहत 32 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जिस पर 1,674 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इनमें से डोंगरगढ़ (प्रथम चरण), अंबिकापुर, भानुप्रतापपुर, भिलाई और उरकुरा स्टेशनों का कार्य पूरा हो चुका है। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ में प्रीमियम रेल सेवाओं का भी विस्तार किया गया है। फिलहाल राज्य से दो जोड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस और एक जोड़ी अमृत भारत एक्सप्रेस का संचालन किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को तेज और आधुनिक रेल सुविधा मिल रही है।

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20 दिसंबर से स्थायी रूप से बंद होगा यह रेलवे फाटक, जानिए रेलवे के फैसले की वजह

रायपुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले एक व्यस्त मार्ग पर स्थित संपर्क फाटक संख्या 404 को 20 दिसंबर 2025 से हमेशा के लिए बंद किया जा रहा है। रेलवे प्रशासन ने इसकी आधिकारिक सूचना जारी कर दी है। हावड़ा–मुंबई मुख्य रेल लाइन पर बैकुंठ–सिलियारी सेक्शन में लंबे समय से बन रहा रोड अंडर ब्रिज (RUB) अब पूरी तरह तैयार हो चुका है, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, किलोमीटर संख्या 802/21-23 पर स्थित फाटक संख्या 404 को यात्रियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बंद किया जाएगा। फाटक की जगह बनाए गए आधुनिक रोड अंडर ब्रिज को 20 दिसंबर 2025 से आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। इससे रेल और सड़क दोनों तरह के यातायात को अधिक सुरक्षित और सुचारु बनाया जा सकेगा। जाम और हादसों से मिलेगी राहत हावड़ा–मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर होने के कारण इस फाटक से रोजाना कई एक्सप्रेस और मालगाड़ियां गुजरती थीं। इसके चलते फाटक बार-बार और लंबे समय तक बंद रहता था, जिससे लोगों को भारी जाम, समय की बर्बादी और दुर्घटनाओं की समस्या झेलनी पड़ती थी। कई मौकों पर एंबुलेंस और अन्य आपात सेवाएं भी प्रभावित होती थीं। रोड अंडर ब्रिज के शुरू होने से इन सभी परेशानियों से स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों को मिलेगा बड़ा फायदा RUB के चालू होते ही बैकुंठ, सिलियारी और आसपास के गांवों के लोगों को बिना रुके आवागमन की सुविधा मिलेगी। इससे किसानों, छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। स्थानीय नागरिकों ने रेलवे के इस फैसले को क्षेत्र के विकास की दिशा में अहम कदम बताया है। रेलवे की जनता से अपील रायपुर रेल मंडल ने लोगों से अनुरोध किया है कि 20 दिसंबर 2025 के बाद फाटक संख्या 404 का उपयोग न करें और केवल रोड अंडर ब्रिज से ही आवागमन करें। साथ ही रेलवे संपत्ति की सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की भी अपील की गई है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि यह कदम दुर्घटनाओं को रोकने और यातायात व्यवस्था को मजबूत करने में सहायक साबित होगा।

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