Chhattisgarh police news

रायगढ़ जिले में पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से 219 पुलिसकर्मियों के तबादले का आदेश जारी किया है। यह आदेश शनिवार देर शाम पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी हुआ। जारी निर्देशों के अनुसार, लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत कर्मचारियों को नई जिम्मेदारियां देते हुए अलग-अलग थाना क्षेत्रों में भेजा गया है। 200 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को एक थाने से दूसरे थाने में स्थानांतरित किया गया है। किन पदों पर हुआ तबादला 👮‍♂️ सूची के मुताबिक — इन सभी को अब उनके नए थाना क्षेत्रों में पदस्थ किया जाएगा। पहले भी बदले गए थे थाना प्रभारी इससे पहले जिले में कई थानों के प्रभारी अधिकारियों में भी बदलाव किया गया था। उस दौरान 9 थाना प्रभारियों और 2 उप निरीक्षकों के प्रभार में फेरबदल हुआ था। शहर और गांव दोनों क्षेत्र प्रभावित 🌆🌾 नई तबादला सूची में शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों के थाने शामिल हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस बदलाव से पुलिस व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

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Raigarh

बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता बढ़ाने की पहल, हर थाने में बाल कल्याण अधिकारी की जानकारी होगी प्रदर्शित

छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने बच्चों से संबंधित मामलों के निपटारे में पुलिस की प्रक्रिया को अधिक संवेदनशील और पारदर्शी बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने राज्य के सभी थानों में बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, विशेष किशोर पुलिस इकाई के प्रभारी और बच्चों की आपातकालीन हेल्पलाइन 1098 की जानकारी अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने की अनुशंसा की है। इस संबंध में रायपुर पुलिस कमिश्नर सहित प्रदेश के सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश भेजे गए हैं। आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बताया कि आयोग में लंबित मामलों की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कई थानों में बाल कल्याण पुलिस अधिकारी की जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं होती। कई बार तो स्वयं पुलिसकर्मियों को भी यह जानकारी नहीं रहती। उन्होंने बताया कि थाना प्रभारियों के स्थानांतरण के बाद कई बार नए बाल कल्याण अधिकारी की जानकारी लंबे समय तक अपडेट नहीं हो पाती। इसके अलावा कुछ मामलों में जिला स्तर पर गठित विशेष किशोर पुलिस इकाई की जानकारी भी थानों में स्पष्ट नहीं रहती। बच्चों से जुड़े मामलों में नहीं हो पाता उचित व्यवहार आयोग के अनुसार इन कमियों के कारण बच्चों से जुड़े मामलों की जांच के दौरान कई बार बाल-सुलभ प्रक्रिया का पालन नहीं हो पाता। इसी को ध्यान में रखते हुए थानों में स्पष्ट और स्थायी डिस्प्ले व्यवस्था लागू करने की अनुशंसा की गई है, ताकि पुलिसकर्मी और आम नागरिक दोनों को आवश्यक जानकारी आसानी से मिल सके। कानून में भी है स्पष्ट प्रावधान आयोग ने अपनी अनुशंसा में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2015 का उल्लेख करते हुए बताया कि इस कानून के तहत हर थाने में बाल कल्याण पुलिस अधिकारी और विशेष किशोर पुलिस इकाई का गठन अनिवार्य है। साथ ही बच्चों से जुड़े कानूनों के बारे में जनजागरूकता फैलाना भी संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है। इस तरह बनाया जाएगा डिस्प्ले बोर्ड आयोग के निर्देश के अनुसार प्रत्येक थाने में प्रमुख दीवार के साथ दो अन्य स्थानों पर आयताकार डिस्प्ले बोर्ड तैयार किया जाएगा। इसके लिए दीवार पर काले रंग से पुताई की जाएगी और बॉर्डर स्लेट की तरह बनाई जाएगी ताकि यह बच्चों के लिए भी सहज और आकर्षक दिखाई दे। बोर्ड के अंदर सफेद रंग से जिले की विशेष किशोर पुलिस इकाई के प्रभारी का पदनाम, थाने के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी का पदनाम और बच्चों की हेल्पलाइन नंबर 1098 लिखा जाएगा। संबंधित अधिकारियों के नाम चॉक से लिखे जाएंगे, ताकि उनके स्थानांतरण होने पर आसानी से बदला जा सके। 31 मार्च तक पूरी करनी होगी व्यवस्था आयोग ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि यह व्यवस्था 31 मार्च 2026 तक हर हाल में लागू कर दी जाए। साथ ही डिस्प्ले बोर्ड की तस्वीरों के साथ पालन प्रतिवेदन आयोग को भेजने को भी कहा गया है।

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रायपुर पुलिस कमिश्नरेट का नया पता तय, सिविल लाइंस के C-3 बंगले से होगा संचालन

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद अब पुलिस कमिश्नर कार्यालय का स्थायी पता बदल दिया गया है। अब से रायपुर पुलिस कमिश्नर का कार्यालय सिविल लाइंस स्थित C-3 बंगले से संचालित होगा। रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला और एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित तुकाराम कांबले इसी नए कार्यालय से राजधानी की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालेंगे। जानकारी के मुताबिक C-3 बंगला वही परिसर है, जहां पहले प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा का निवास था। राज्य शासन के निर्णय के बाद इस बंगले को अब पूरी तरह पुलिस कमिश्नर कार्यालय के रूप में विकसित कर दिया गया है। आज से नए कार्यालय में कामकाज शुरू पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद शुरुआती दिनों में इसका संचालन अस्थायी रूप से पुराने राजस्व कमिश्नर कार्यालय से किया जा रहा था। अब जरूरी व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने C-3 बंगले में स्थित नए कार्यालय से कामकाज शुरू कर दिया है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित तुकाराम कांबले भी इसी परिसर से अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे। जगह और सुरक्षा को देखते हुए लिया गया फैसला पुराने राजस्व कमिश्नर कार्यालय में पर्याप्त जगह की कमी और सुरक्षा से जुड़े प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए नए और सुरक्षित परिसर की जरूरत महसूस की जा रही थी। सिविल लाइंस का C-3 बंगला सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण क्षेत्र में स्थित है, जिससे यहां से कानून-व्यवस्था की निगरानी और प्रशासनिक कामकाज को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा।

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कोरबा में रिटायर्ड ASI के सूने मकान से 10 लाख की चोरी, अंतिम संस्कार में गया था परिवार

कोरबा जिले में चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है। रिटायर्ड एएसआई के घर चोरों ने ताला तोड़कर करीब 10 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात पर हाथ साफ कर दिया। यह घटना उस समय हुई, जब पूरा परिवार एक रिश्तेदार के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए घर से बाहर गया हुआ था। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, रिटायर्ड एएसआई गलेटबिन कुमार अपने परिवार के साथ सीएसईबी कॉलोनी में रहते हैं। परिवार में शोक होने के चलते सभी लोग पिथौरा गांव गए थे। घर की देखरेख के लिए उन्होंने चाबी पड़ोसी और एक रिश्तेदार को दी थी। देर रात जब रिश्तेदार घर पहुंचा तो उसने देखा कि मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ है और मकान अंदर से बंद है। शक होने पर तुरंत गलेटबिन कुमार को सूचना दी गई। परिवार के लौटने पर जांच में पता चला कि चोरों ने अलमारी तोड़कर उसमें रखे करीब 10 लाख रुपये के जेवरात चोरी कर लिए हैं। बताया जा रहा है कि ये जेवरात बेटे और बेटी की शादी के लिए सुरक्षित रखे गए थे। सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी के मुताबिक, अज्ञात चोरों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया। फोरेंसिक एक्सपर्ट्स ने घर के भीतर और आसपास से सबूत जुटाए, वहीं डॉग स्क्वायड ने कॉलोनी और आसपास के इलाकों में तलाश की। साथ ही, पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।

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Chhattisgarh

कान में ब्लूटूथ, कपड़ों में डिवाइस: SSC परीक्षा में हाईटेक नकल करते राजस्थान का युवक गिरफ्तार

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में SSC द्वारा आयोजित दिल्ली पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान हाईटेक नकल का मामला सामने आया है। सिम कार्ड से ऑपरेट होने वाले ब्लूटूथ डिवाइस को कान में छिपाकर और कपड़ों में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लगाकर परीक्षा दे रहा राजस्थान का अभ्यर्थी रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपी को परीक्षा केंद्र प्रभारी ने पुलिस के हवाले कर दिया। मामला सीपत थाना क्षेत्र का है। संदेह हुआ तो घबराया अभ्यर्थी शुक्रवार (9 जनवरी) को सीपत के फरहदा स्थित जीटीबी कॉलेज में SSC द्वारा आयोजित हेड कांस्टेबल (लिपिक) दिल्ली पुलिस भर्ती 2025 की परीक्षा चल रही थी। शाम 4:30 से 6:30 बजे की शिफ्ट के दौरान केंद्र प्रभारी विजय कुमार लहरे को एक अभ्यर्थी की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। जब वह उसके नजदीक पहुंचे तो अभ्यर्थी घबरा गया। तलाशी लेने पर उसके कान से सिम-ऑपरेटेड ब्लूटूथ और कपड़ों में छिपाए गए इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद हुए, जिनकी मदद से वह प्रश्नों के उत्तर प्राप्त कर रहा था। राजस्थान का रहने वाला है आरोपी पकड़े गए युवक की पहचान मोहित मीना (25) के रूप में हुई है, जो राजस्थान के दौसा जिले के बसवा थाना क्षेत्र का निवासी है। पूछताछ में सामने आया है कि वह सभी डिवाइस राजस्थान से ही लेकर बिलासपुर पहुंचा था और उनका उपयोग कर परीक्षा में नकल कर रहा था। मामला दर्ज, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया केंद्र प्रभारी की शिकायत पर सीपत पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और परीक्षा अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पूछताछ के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। बड़े नकल गिरोह की आशंका कड़ी सुरक्षा और जांच व्यवस्था के बावजूद आरोपी का परीक्षा केंद्र के भीतर डिवाइस ले जाना पुलिस के लिए भी सवाल बन गया है। पुलिस को आशंका है कि इस मामले के पीछे किसी संगठित नकल गिरोह की भूमिका हो सकती है। फिलहाल आरोपी के मोबाइल फोन और जब्त इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की तकनीकी जांच की जा रही है।

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रायपुर: 17 मामलों का आरोपी जमानत पर छूटा, गांव में खुलेआम धमकी दी — “गोली मारकर मर्डर कर दूंगा”

रायपुर जिले के मुजगहन थाना क्षेत्र के भटगांव में एक कुख्यात बदमाश का वीडियो सामने आया है, जिसमें वह खुलेआम लोगों को जान से मारने की धमकी दे रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह वही आरोपी है, जो हाल ही में जेल से जमानत पर बाहर आया है और अब गांव में फिर से दहशत फैलाने में जुटा है। वीडियो में आरोपी तरुण रात्रे चौराहे पर खड़ा होकर लोगों को गालियां देते हुए कहता दिख रहा है कि “गोली मारकर मर्डर कर दूंगा।” ग्रामीणों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ पहले से ही 17 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें मारपीट, धमकी और वसूली जैसे आरोप शामिल हैं। गांव के सरपंच ने बताया कि तरुण रात्रे लोगों से जबरन पैसे वसूलता है और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देता है। कई बार उसने स्थानीय लोगों के साथ मारपीट भी की है। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने पहले पुलिस से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई न होने पर डिप्टी सीएम और गृहमंत्री विजय शर्मा के बंगले पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों की मांग है कि आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर जिला बदर किया जाए ताकि गांव में फिर से शांति बहाल हो सके।

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