Bastar News

बस्तर में नक्सलवाद कमजोर पड़ने लगा: 20 महीनों में 1,876 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की सख्त कार्रवाई और सरकार की पुनर्वास नीति का असर साफ दिखने लगा है। बीते 20 महीनों में कुल 1,876 नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटते हुए सरेंडर किया है। इनमें से हाल ही में कांकेर जिले में 100 नक्सलियों ने हथियार डाले, जिनमें टॉप कमांडर राजू सलाम, प्रसाद और मीना जैसे नाम शामिल हैं। सभी नक्सलियों को कामतेड़ा BSF कैंप में बस के जरिए लाया गया और सुरक्षा कारणों से कैंप में हाई अलर्ट घोषित किया गया। जानकारी के मुताबिक, राजू सलाम लंबे समय से रावघाट क्षेत्र में सक्रिय डिवीजनल कमेटी मेंबर (DVCM) और कंपनी नंबर-5 का कमांडर था। वह बीते दो दशकों में कांकेर में हुई कई बड़ी नक्सली वारदातों का मुख्य मास्टरमाइंड माना जाता है। इस बड़े आत्मसमर्पण के बाद इलाके में शांति और विकास की उम्मीदें और मजबूत हुई हैं। पुलिस फिलहाल सभी surrendered नक्सलियों की पहचान कर रही है और जल्द ही उन्हें मीडिया के सामने पेश किया जा सकता है। इसके पहले, महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में नक्सल संगठन के पोलित ब्यूरो सदस्य और 6 करोड़ के इनामी मोजुल्ला वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति उर्फ सोनू दादा ने 61 साथियों के साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने आत्मसमर्पण किया। भूपति पिछले चार दशकों से सक्रिय था और छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश व ओडिशा समेत कई राज्यों में मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल था। उस पर छत्तीसगढ़ सरकार ने 1 से 1.5 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया था। बताया जा रहा है कि सुरक्षा एजेंसियों के लगातार दबाव और संगठन की घटती पकड़ के चलते उसने सरेंडर का फैसला लिया। इसी तरह सुकमा जिले में 27 नक्सलियों (10 महिलाएं और 17 पुरुष) ने 14 अक्टूबर को सरेंडर किया। इन सभी पर मिलाकर 50 लाख रुपये से अधिक का इनाम घोषित था। इनमें पीएलजीए बटालियन नंबर-1 और रिजनल मिलिट्री कंपनी के हार्डकोर सदस्य भी शामिल हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने बताया कि वे राज्य सरकार की “नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति 2025” और “नियद नेल्ला नार योजना” से प्रभावित हुए हैं। साथ ही, उन्होंने सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव और संगठन की अमानवीय विचारधारा से तंग आकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया। सरकार ने सभी surrender करने वालों को 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि और पुनर्वास सुविधाएं देने की घोषणा की है।

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Chhattisgarh

बस्तर में खाली घर से चोरी: तीन बोरी धान, गैस सिलेंडर और फ्रिज ले गए चोर

बस्तर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में एक घर से बड़ी चोरी हुई है, जिसमें चोरों ने तीन बोरी धान, एक गैस सिलेंडर और फ्रिज चोरी कर लिया। पुलिस ने जांच के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, घर उस समय खाली था जब चोरी हुई। महिला अपने मायके में रह रही थी और उसका पति मजदूरी करने के लिए केरल गया हुआ था। चोरों ने मकान का ताला तोड़कर सामान चोरी किया। चोरी की FIR और गिरफ्तारीबस्तर थाना क्षेत्र की महिला ने 1 अक्टूबर को चोरी की FIR दर्ज करवाई। उसने बताया कि घर में फ्रिज, गैस सिलेंडर और तीन बोरी धान रखे थे, लेकिन जब वह कुछ दिन बाद घर पहुंची तो ताला टूटा मिला और सामान गायब था। पुलिस ने आसपास जांच की और उसी इलाके के रहने वाले संतोष कश्यप (36) और सुखचंद कश्यप (28) को शक के आधार पर पूछताछ के लिए बुलाया। दोनों आरोपियों ने चोरी करना स्वीकार कर लिया। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी इलाके के ही निवासी हैं और फिलहाल इस मामले में आगे की जांच जारी है।

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Chhattisgarh, Crime
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