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पैसों को करोड़ों में बदलने का झांसा: तांत्रिक की ‘नकली पैसों की बारिश’, ठगी के शिकार युवकों ने हाईवे पर रोककर की पिटाई

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में तंत्र-मंत्र के नाम पर ठगी और फिर बदले में लूटपाट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक कथित तांत्रिक ने 2.50 लाख रुपए को 2.50 करोड़ बनाने का दावा कर लोगों को झांसे में लिया। ठगी का एहसास होने पर पीड़ितों ने खुद कानून हाथ में लेते हुए आरोपी को बीच सड़क पकड़कर पीट दिया। मामला बिल्हा क्षेत्र के संबलपुरी गांव का है, जहां कथित तांत्रिक विजय कुमार राज (48) ने एक सरपंच पति के घर अनुष्ठान कर ‘पैसों की बारिश’ का नाटक रचा। अनुष्ठान का वीडियो भी बनाया गया, जिसमें पैसों की गड्डियों के सामने नारियल, अगरबत्ती और पूजा सामग्री रखी गई थी। कुछ ही देर में ऊपर से नोट गिरते दिखाए गए, जिससे देखने वाले पूरी तरह प्रभावित हो गए। इस वीडियो को देखकर कोरिया जिले के चार युवक लालच में आ गए और 30 जनवरी को बिल्हा पहुंचकर तांत्रिक को ढाई लाख रुपए दे दिए। लेकिन कुछ समय बाद जब उन्हें ठगी का शक हुआ और पैसे वापस मांगे, तो आरोपी और उसके साथी फरार हो गए। ठगी का बदला बना लूटपाट 31 जनवरी की रात विजय कुमार राज ठगी के पैसों के साथ कोरबा की ओर जा रहा था। रतनपुर थाना क्षेत्र में एक ढाबे के पास टॉयलेट के लिए उसने कार रोकी, तभी दो गाड़ियों में सवार चार युवक वहां पहुंचे। उन्होंने विजय को घेरकर जमकर मारपीट की और उसकी स्विफ्ट डिजायर कार, तीन मोबाइल फोन और करीब 8 हजार रुपए नकद लूटकर फरार हो गए। पुलिस की कार्रवाई, दोनों पक्ष गिरफ्तार घटना की सूचना मिलते ही SSP रजनेश सिंह के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। मोबाइल लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने अंबिकापुर और कोरिया में दबिश देकर 2 फरवरी को चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने लूटी गई कार, मोबाइल फोन, नकदी और वारदात में इस्तेमाल की गई क्रेटा व अर्टिगा कार भी जब्त कर ली है। तांत्रिक पर भी केस दर्ज जांच में सामने आया कि कथित तांत्रिक विजय कुमार राज कोरबा जिले के दीपका का रहने वाला है और उसके साथ तीन महिलाएं और एक सरपंच पति भी इस ठगी में शामिल थे। सरपंच पति रिखीराम नवरंग कांग्रेस समर्थित बताया जा रहा है, जो अनुष्ठान की व्यवस्था करता था। तीनों महिलाएं लोगों को बहला-फुसलाकर झांसे में लेने का काम करती थीं। ASP मधुलिका सिंह के अनुसार, विजय कुमार राज ने शुरुआत में ठगी की बात छिपाने की कोशिश की, लेकिन जांच में वह खुद धोखाधड़ी का आरोपी निकला। बिल्हा थाने में तांत्रिक और उसके सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने ठगी से जुड़े 1 लाख 85 हजार रुपए भी बरामद किए हैं। SSP की चेतावनी SSP रजनेश सिंह ने लोगों से अपील की है कि झाड़-फूंक या तंत्र-मंत्र से पैसे बढ़ाने जैसे दावों पर भरोसा न करें। ऐसे ठग लालच देकर भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाते हैं और इनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला: 10 जिलों में बनेगी नशा विरोधी टास्क फोर्स, ड्रग नेटवर्क पर कसेगा शिकंजा

छत्तीसगढ़ में बढ़ते नशे और ड्रग तस्करी पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के 10 प्रमुख जिलों में जिला स्तरीय नशा विरोधी टास्क फोर्स गठित की जाएगी, जो नशे से जुड़े अपराधों की रोकथाम और आरोपियों पर कार्रवाई करेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में इस अहम प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही राज्य में नवाचार एवं स्टार्टअप नीति, पायलट प्रशिक्षण संस्थान, पुलिस के लिए विशेष अभियान बल, और 35 हाउसिंग कॉलोनियों के नगर निगमों को हस्तांतरण जैसे कई बड़े फैसले लिए गए। 10 जिलों में नशा विरोधी टास्क फोर्स, 100 नए पदों की स्वीकृति सरकार ने नशे के बढ़ते खतरे को गंभीरता से लेते हुए रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम, जशपुर, राजनांदगांव और कोरबा में टास्क फोर्स बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए 100 नए पद स्वीकृत किए गए हैं। इससे ड्रग तस्करी और नशे के नेटवर्क पर निगरानी और कार्रवाई को मजबूती मिलेगी। पुलिस के लिए विशेष अभियान समूह, 44 नए पद मंजूर कैबिनेट ने पुलिस मुख्यालय के अधीन विशेष अभियान समूह के गठन को भी हरी झंडी दी है। इस यूनिट में 44 नए पद होंगे। यह बल किसी भी आपात स्थिति, आतंकी घटना या गंभीर संकट के समय त्वरित कार्रवाई करने में सक्षम होगा। छत्तीसगढ़ में ही मिलेगी पायलट बनने की ट्रेनिंग राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ में उड़ान प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने का फैसला लिया है। यह संस्थान निजी भागीदारी के माध्यम से हवाई अड्डों और हवाई पट्टियों पर शुरू किए जाएंगे। इससे युवाओं को पायलट प्रशिक्षण, विमान रखरखाव, हेलीकॉप्टर सेवाएं और हवाई खेल गतिविधियों में रोजगार के अवसर मिलेंगे। स्टार्टअप और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 को मंजूरी दे दी है। इस नीति से स्टार्टअप्स, इनक्यूबेशन सेंटर और नवाचार से जुड़े युवाओं को सहयोग मिलेगा, जिससे राज्य की स्टार्टअप रैंकिंग और निवेश संभावनाएं बेहतर होंगी। 35 आवासीय कॉलोनियां नगर निगमों को सौंपी जाएंगी छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और रायपुर विकास प्राधिकरण की 35 पूर्ण हो चुकी आवासीय कॉलोनियों को नगर निगम और नगर पालिकाओं को सौंपने का निर्णय लिया गया है। इससे कॉलोनीवासियों को पानी, सड़क, बिजली और सफाई जैसी सुविधाएं सीधे मिलेंगी और दोहरे मेंटेनेंस खर्च से राहत मिलेगी। नवा रायपुर में बनेगा बहुमंजिला सरकारी परिसर नवा रायपुर अटल नगर में सरकारी विभागों और निगमों के कार्यालयों के लिए एक बड़ा मल्टी-स्टोरी भवन बनाया जाएगा। इससे भूमि का बेहतर उपयोग होगा और विभागों को एक ही परिसर में सुविधाएं मिल सकेंगी। सिरपुर और अरपा क्षेत्र में कलेक्टर को मिलेगा भूमि आवंटन अधिकार सिरपुर और अरपा क्षेत्र के योजनाबद्ध विकास के लिए शासकीय भूमि के आवंटन का अधिकार जिला कलेक्टरों को दिया गया है। विकास योजनाओं के तहत भूमि एक रुपए प्रीमियम और भू-भाटक पर उपलब्ध कराई जाएगी। क्लाउड नीति लागू, सरकारी डेटा रहेगा सुरक्षित सरकार ने क्लाउड आधारित नीति को लागू करने की मंजूरी दी है। इसके तहत सभी विभाग भारत सरकार से मान्यता प्राप्त क्लाउड सेवाओं का ही उपयोग करेंगे। इससे खर्च कम होगा, साइबर सुरक्षा मजबूत होगी और नागरिकों को 24×7 सेवाएं मिलेंगी। दूरस्थ इलाकों में मोबाइल नेटवर्क मजबूत होगा डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मोबाइल टावर योजना को मंजूरी दी गई है। इससे नेटवर्क विहीन और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल सेवाएं पहुंचेंगी, जिससे राशन वितरण, DBT, स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

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बीमार पत्नी की हत्या के बाद पति ने की आत्महत्या, जगदलपुर में दिल दहला देने वाली घटना

छत्तीसगढ़ के जगदलपुर से एक सनसनीखेज और दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां एक बुजुर्ग व्यक्ति ने घरेलू विवाद के चलते अपनी बीमार पत्नी की धारदार हथियार से हत्या कर दी और इसके बाद खुद भी फांसी लगाकर जान दे दी। यह घटना बोधघाट थाना क्षेत्र के बैला बाजार इलाके की है। मृतक की पहचान तारा सिंह (73) और उनकी पत्नी विजय (70) के रूप में हुई है। दोनों अपने बेटे के साथ एक ही मकान में रहते थे। बेटा मकान के प्रथम तल पर रहता था, जबकि बुजुर्ग दंपति ग्राउंड फ्लोर पर रह रहे थे। बताया जा रहा है कि पत्नी लंबे समय से बीमार थी, जिसको लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर कहासुनी होती रहती थी। रात में हुआ झगड़ा, फिर खौफनाक अंजाम मंगलवार (3 फरवरी) की रात भी पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। शोर सुनकर बेटा नीचे आया और दोनों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। इसके बाद वह वापस अपने कमरे में चला गया। लेकिन देर रात करीब दो से ढाई बजे के बीच फिर से विवाद शुरू हो गया। गुस्से में आकर तारा सिंह ने घर में रखे नारियल काटने वाले धारदार हथियार से पत्नी के सिर और गले पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद उसने पानी गर्म करने वाली रॉड के तार से फंदा बनाकर चैनल गेट से लटककर आत्महत्या कर ली। सुबह बेटे ने खोला दरवाजा, दिखा भयावह मंजर बुधवार सुबह करीब 6–7 बजे जब बेटा नीचे आया तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। कई बार आवाज देने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। दरवाजा खोलने पर अंदर का दृश्य देखकर वह सन्न रह गया—मां की खून से सनी लाश फर्श पर पड़ी थी और पिता फंदे से लटके हुए थे। पुलिस जांच में जुटी घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस के अनुसार, तारा सिंह पहले ट्रक ड्राइवर था, लेकिन कुछ समय से घर पर ही रह रहा था। वह स्वभाव से काफी गुस्सैल बताया जा रहा है, जिस कारण पारिवारिक विवाद होते रहते थे। बोधघाट थाना प्रभारी लीलाधर राठौर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला पारिवारिक विवाद का लग रहा है। हालांकि, सभी पहलुओं की जांच के बाद ही घटना की पूरी सच्चाई सामने आएगी।

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Chhattisgarh

नक्सलवाद खत्म करने की डेडलाइन से पहले 7 फरवरी को छत्तीसगढ़ पहुंचेंगे अमित शाह, रायपुर में होगी अहम सुरक्षा समीक्षा बैठक

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 7 फरवरी को छत्तीसगढ़ के दौरे पर आएंगे। तय कार्यक्रम के मुताबिक, वे शनिवार रात रायपुर पहुंचेंगे और अगले दिन रविवार को राज्य में नक्सलवाद की स्थिति को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे। इस बैठक के बाद अमित शाह बस्तर रवाना होंगे, जहां वे पंडुम महोत्सव के समापन समारोह में शामिल होंगे। अमित शाह का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब केंद्र सरकार द्वारा नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे के लिए तय की गई 31 मार्च 2026 की डेडलाइन बेहद करीब है। यह समयसीमा खुद गृह मंत्री अमित शाह ने सार्वजनिक रूप से घोषित की थी। बीते दो महीनों में यह उनका दूसरा छत्तीसगढ़ दौरा है। इससे पहले वे नवंबर में नवा रायपुर स्थित IIM परिसर में आयोजित 60वें DGP–IGP सम्मेलन में शामिल हुए थे। सूत्रों के अनुसार, रायपुर में होने वाली बैठक को 31 मार्च की समयसीमा से पहले की अंतिम और निर्णायक सुरक्षा समीक्षा माना जा रहा है। इस बैठक में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ तेलंगाना, महाराष्ट्र और ओडिशा के नक्सल प्रभावित इलाकों की सुरक्षा स्थिति, चल रहे अभियानों की प्रगति और इंटेलिजेंस इनपुट्स पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। बैठक का मुख्य फोकस बस्तर संभाग में चल रहे एंटी-नक्सल ऑपरेशनों पर रहेगा। पिछले कुछ महीनों में बस्तर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षाबलों ने कई बड़े ऑपरेशन अंजाम दिए हैं और नक्सल नेटवर्क पर दबाव बढ़ाया गया है। जानकारी यह भी है कि अमित शाह बस्तर क्षेत्र का अंदरूनी दौरा कर सकते हैं। यदि यह दौरा होता है, तो वे मौके पर तैनात सुरक्षाबलों और अधिकारियों से सीधे फीडबैक लेंगे। इसे जमीनी हालात का वास्तविक आकलन माना जा रहा है। छत्तीसगढ़ आने से पहले गृह मंत्री जम्मू-कश्मीर में भी सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करेंगे और वहां उच्चस्तरीय बैठक के बाद सीधे रायपुर पहुंचेंगे। राज्य प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अमित शाह के दौरे को लेकर पहले से सतर्क हैं। रायपुर में होने वाली बैठक में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, राज्य पुलिस और खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। माना जा रहा है कि इस समीक्षा के बाद नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा अभियान और अधिक तेज किए जाएंगे। कुल मिलाकर, अमित शाह का यह दौरा एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नक्सलवाद के खिलाफ तय डेडलाइन से पहले की अंतिम रणनीतिक तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है, जिसका असर आने वाले महीनों में साफ नजर आ सकता है।

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चरित्र पर टिप्पणी का बदला बना मौत की वजह: गरियाबंद में दो महिलाओं ने मिलकर मजदूर महिला की हत्या की

गरियाबंद।छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से एक बेहद अमानवीय और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। मैनपुर ब्लॉक के शोभा थाना क्षेत्र में दो महिलाओं ने मिलकर एक मजदूर महिला की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोप है कि मृतका द्वारा उनके चरित्र पर की जा रही कथित टिप्पणियों से नाराज़ होकर दोनों ने इस वारदात को अंजाम दिया। यह घटना 2 जनवरी की है, जब 37 वर्षीय सुमित्रा नेताम का शव उसके घर के पास बनी झोपड़ी में मिला। शुरुआती जांच में सामने आया कि सुमित्रा, आरोपी महिलाओं के साथ मजदूरी का काम करती थी और आपसी विवाद लंबे समय से चला आ रहा था। क्या है पूरा मामला पुलिस के अनुसार, सुमित्रा नेताम मूल रूप से ओडिशा की रहने वाली थी। पति से अलग होने के बाद वह पिछले दो वर्षों से ग्राम गरीबा के बाहर झोपड़ी में रह रही थी और मजदूरी कर जीवन यापन कर रही थी। इसी गांव में रहने वाली सुगतिन नेताम (36) और ईतवारिन बाई (46) भी मजदूरी का काम करती थीं। आरोप है कि सुमित्रा गांव में सुगतिन और ईतवारिन का नाम दूसरे पुरुषों से जोड़कर आपत्तिजनक बातें फैलाती थी, जिससे दोनों के पारिवारिक जीवन में तनाव बढ़ गया। पति द्वारा शक किए जाने और रोज़ाना झगड़ों से परेशान होकर दोनों ने सुमित्रा को सबक सिखाने की योजना बनाई। निर्ममता की हदें पार 2 जनवरी की दोपहर दोनों आरोपी महिलाएं सुमित्रा की झोपड़ी पर पहुंचीं। यहां तीनों के बीच तीखी बहस हुई, जो जल्द ही हिंसा में बदल गई। आरोप है कि दोनों ने सुमित्रा के हाथ-पैर बांध दिए और उसके साथ क्रूरता की। बाद में उसकी छाती पर चढ़कर लाठी और लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा गया। झोपड़ी आबादी से दूर होने के कारण सुमित्रा की चीख-पुकार किसी ने नहीं सुनी। गंभीर चोटों के चलते उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी महिलाओं ने झोपड़ी में आग लगा दी और फरार हो गईं। घटना दबाने की कोशिश घटना की जानकारी शाम को गांव वालों को मिली। पहले पंचायत स्तर पर मामला दबाने की कोशिश की गई, लेकिन कुछ ग्रामीणों के विरोध के बाद 3 जनवरी को पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। मृतका के पति को सूचना दी गई, लेकिन उसने आने से इनकार कर दिया। अंतिम संस्कार उसी व्यक्ति ने किया, जिसके साथ मृतका रह रही थी। पोस्टमॉर्टम और पुलिस कार्रवाई पोस्टमॉर्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में हृदय गति रुकने से मौत की पुष्टि हुई है। डॉक्टरों के मुताबिक, सीने पर दबाव और मारपीट के कारण दिल पर अत्यधिक दबाव पड़ा, जिससे मौत हुई। एडिशनल एसपी धीरेंद्र पटेल ने बताया कि मृतका शराब के नशे में अक्सर विवादित टिप्पणियां करती थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दोनों आरोपी महिलाओं को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान उन्होंने जुर्म कबूल कर लिया। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में प्रयुक्त डंडों समेत अन्य सबूत जब्त किए जा रहे हैं। थाना प्रभारी नकुल सिदार के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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बिलासपुर में गर्लफ्रेंड ने प्रेमी को चाकू से किया घायल, अस्पताल में मौत; आरोपी युवती गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक प्रेम संबंध का विवाद खतरनाक रूप ले गया। इंस्टाग्राम के जरिए दोस्ती करने वाली युवती ने अपने प्रेमी के साथ झगड़े के दौरान चाकू से हमला कर दिया, जिससे युवक की मौके पर ही हालत गंभीर हो गई और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी युवती को गिरफ्तार कर लिया है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। मृतक की पहचान कामता प्रसाद सूर्यवंशी (25) के रूप में हुई है। वह मूलत: रतनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कर्रा के निवासी थे और सिविल लाइन स्थित शिक्षक कॉलोनी में किराए के मकान में रहते थे। कामता हरी-चटनी होटल में कार्यरत थे। युवती रोशनी सूर्यवंशी (22) सीपत क्षेत्र के ग्राम झलमला की रहने वाली है। पुलिस के अनुसार दोनों की दोस्ती इंस्टाग्राम पर हुई थी और कुछ समय बाद दोनों एक-दूसरे के करीब आ गए। ब्रेकअप के बाद हुआ विवाद दो-तीन दिन पहले किसी बात को लेकर दोनों के रिश्ते में दरार आ गई। इसके बाद कामता ने रोशनी को मोबाइल पर ब्लॉक कर दिया। मंगलवार की सुबह युवती नाराज होकर चाकू लेकर युवक से मिलने पहुंची। दरवाजा खोलते ही उसने मोबाइल दिखाने की मांग की। वहीं से दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। चाकू मारकर हत्या विवाद के दौरान युवती ने चाकू से सीधे युवक के सीने में वार किया। कामता गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हल्ला और गिरफ्तारी घटना के दौरान युवक के रूम पार्टनर ने हल्ला मचाया, जिससे मकान मालिक और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी युवती को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मामले की पूरी जांच कर रही है।

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उधारी के पैसे को लेकर युवक की हत्या: NSUI नेता और साथियों ने होटल में बंधक बनाकर पीटा, इलाज के दौरान मौत

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है, जहां उधारी के पैसे को लेकर NSUI के एक नेता और उसके साथियों ने मिलकर एक युवक की बेरहमी से पिटाई कर दी। होटल के कमरे में बंधक बनाकर लात-घूंसों से पीटे गए युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में NSUI जिला उपाध्यक्ष सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक की पहचान ऋषि निर्मलकर (19) के रूप में हुई है। वह अपने पिता की कपड़े प्रेस करने की दुकान में हाथ बंटाता था। यह घटना दुर्ग सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र की है। पैसे नहीं लौटाए तो उठा लिया रास्ते से पुलिस जांच में सामने आया है कि NSUI जिला उपाध्यक्ष मेजर सागर ने ऋषि को कुछ पैसे उधार दिए थे। जब ऋषि ने पैसे लौटाने में देर की और फोन उठाना बंद कर दिया, तो आरोपी गुस्से में आ गए। 20 जनवरी को ऋषि अपने एक दोस्त के साथ बाइक से घूम रहा था। इसी दौरान स्टेशन रोड पर पीछे से कार में आए मेजर सागर और उसके साथियों ने उसे रोक लिया। जबरदस्ती बाइक से उतारकर उसे कार में बैठाया गया और सीधे दुर्ग स्थित “36 इन होटल” ले जाया गया। होटल के कमरे में बंधक बनाकर की पिटाई बताया जा रहा है कि जिस होटल में ऋषि को ले जाया गया, वहां आरोपी मेजर सागर ही मैनेजर था। होटल के एक कमरे में ऋषि को बंद कर सभी आरोपियों ने उसकी लात-घूंसों से जमकर पिटाई की। अधमरा हालत में उसे होटल के बाहर फेंक दिया गया। इसके बाद ऋषि ने अपने दोस्त को फोन कर बुलाया और किसी तरह घर पहुंचा। घरवालों ने चोटों के बारे में पूछा, लेकिन उसने कुछ नहीं बताया। दो दिन बाद बिगड़ी हालत, अस्पताल में मौत घटना के दो दिन बाद ऋषि की तबीयत अचानक बिगड़ गई। पहले उसे स्थानीय डॉक्टर को दिखाया गया, फिर हालत गंभीर होने पर भिलाई के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। 25 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण गंभीर अंदरूनी चोटें बताया गया है। पांच आरोपी गिरफ्तार, सभी ने कबूला जुर्म परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने 26 जनवरी को हत्या का मामला दर्ज किया। जांच के दौरान पहले 27 जनवरी को दो आरोपियों—NSUI जिला संयोजक प्रशांत राव (26) और लक्की उर्फ किशन ध्रुवे (18) को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद 2 फरवरी को पुलिस ने मुख्य आरोपी मेजर सिंह सागर उर्फ राज सिंह सागर (19), काके उर्फ हरविंदर सिंह (20) और अंकित झा (22) को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। सभी आरोपी दुर्ग के निवासी हैं और पूछताछ में उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस ने सभी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है और मामले की आगे जांच जारी है।

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एक कमरे में दो-दो कक्षाएं: अलमारी से बना ऑफिस, गुरुनानक प्राथमिक शाला की बदहाल व्यवस्था पर सवाल

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के मालवीय नगर क्षेत्र में स्थित गुरुनानक प्राथमिक शाला में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी सामने आई है। स्कूल पिछले चार वर्षों से पं. मदन मोहन मालवीय प्राथमिक शाला परिसर में अस्थायी रूप से संचालित हो रहा है, जहां सिर्फ तीन कमरों में पहली से पांचवीं तक की कक्षाएं चलाई जा रही हैं। कमरों की कमी के कारण एक ही कक्षा में दो-दो कक्षाओं के बच्चों को बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि स्कूल में न तो हेडमास्टर के बैठने के लिए अलग कमरा है और न ही कोई स्टाफ रूम। मजबूरी में शिक्षकों ने एक अलमारी लगाकर उसी कक्षा में पार्टिशन बनाकर कार्यालय तैयार किया है। अलमारी के एक तरफ ऑफिस का काम चलता है, जबकि दूसरी तरफ बच्चों की पढ़ाई होती है। गुरुनानक प्राथमिक शाला को दीपक नगर स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय परिसर में शिफ्ट किया गया था। यहां पहली से पांचवीं तक की कक्षाओं के लिए केवल तीन कमरे ही उपलब्ध कराए गए। सीमित संसाधनों में स्कूल का संचालन करना शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों के लिए चुनौती बना हुआ है। हेडमास्टर रतिदास सिरमौर ने बताया कि स्कूल पहले अपने भवन में संचालित होता था, लेकिन एक छोटा छज्जा गिरने के बाद भवन की मरम्मत कराने के बजाय स्कूल को तत्काल खाली करने का आदेश दे दिया गया। इसके बाद से पिछले चार सालों से स्कूल इसी अस्थायी व्यवस्था में चल रहा है। स्कूल में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे पैदल आते हैं। उन्हें स्कूल पहुंचने के लिए व्यस्त सड़क पार करनी पड़ती है, जिससे दुर्घटना का खतरा हमेशा बना रहता है। अभिभावकों का कहना है कि छोटे बच्चों के लिए यह स्थिति असुरक्षित है, लेकिन विकल्प न होने के कारण वे मजबूर हैं। इसके अलावा स्कूल के ठीक पास स्थित अन्य विद्यालय में माइक सिस्टम से पढ़ाई कराई जाती है, जिसकी तेज आवाज से गुरुनानक प्राथमिक शाला के छात्रों की पढ़ाई बार-बार बाधित होती है। शिक्षकों का कहना है कि शोर के कारण बच्चों का ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो जाता है। हेडमास्टर ने अक्टूबर 2025 में स्कूल शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर नई भवन व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं की मांग की थी, लेकिन अब तक न कोई जवाब मिला है और न ही कोई ठोस कदम उठाया गया है। स्कूल में कुल तीन स्टाफ सदस्य पदस्थ हैं। हेडमास्टर स्वयं तीसरी कक्षा पढ़ाते हैं, एक शिक्षक चौथी और पांचवीं कक्षा की जिम्मेदारी संभालते हैं, जबकि एक शिक्षिका पहली और दूसरी कक्षा को एक साथ पढ़ाती हैं। इस पूरे मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि संबंधित प्रिंसिपल को कमरों की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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भिलाई के कल्याण कॉलेज में हंगामा: प्राचार्य से अभद्रता और सरकारी काम में बाधा, दो आरोपी गिरफ्तार

भिलाई के सेक्टर-7 स्थित कल्याण स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हुई तोड़फोड़ और उपद्रव के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर कॉलेज परिसर में जबरन घुसकर हंगामा करने, प्राचार्य से दुर्व्यवहार करने, शासकीय कार्य में बाधा डालने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के गंभीर आरोप हैं। भिलाई नगर थाना पुलिस ने खुर्सीपार निवासी अतुल कुमार चौधरी (19) और नेहरू नगर सुपेला निवासी केतन तिवारी (23) को गिरफ्तार किया है। दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। थाना प्रभारी जितेंद्र वर्मा के अनुसार, यह घटना 9 दिसंबर की है। उस दिन कल्याण कॉलेज में प्राचार्य कक्ष के भीतर परीक्षा फॉर्म के सत्यापन और हस्ताक्षर से संबंधित शासकीय कार्य चल रहा था। इसी दौरान कॉलेज का पूर्व छात्र आकाश कन्नौजिया अपने साथ कई छात्रों को लेकर नारेबाजी करते हुए अनधिकृत रूप से कॉलेज परिसर में घुस आया। आरोप है कि सभी आरोपी एकजुट होकर प्राचार्य कक्ष में घुसे और वहां गाली-गलौज शुरू कर दी। उपद्रवियों ने प्राचार्य की टेबल का कांच तोड़ दिया, टेबल पर रखे शासकीय दस्तावेजों को फेंक दिया और कुछ दस्तावेज फाड़कर उन पर स्याही डाल दी। इतना ही नहीं, आरोपियों ने जूते की माला बनाकर प्राचार्य को पहनाने का प्रयास किया और उनके नाम पट्ट पर भी स्याही पोत दी। घटना के दौरान धक्का-मुक्की और हंगामे के कारण कॉलेज में अफरा-तफरी मच गई और शासकीय कार्य पूरी तरह से बाधित हो गया। इसके बाद प्राचार्य की शिकायत पर भिलाई नगर थाने में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस इस केस में पहले ही कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें एनएसयूआई के महासचिव आकाश कन्नौजिया भी शामिल है। वहीं, अतुल चौधरी और केतन तिवारी घटना के बाद से फरार चल रहे थे। लगातार दबिश, तकनीकी साक्ष्यों और सूचना तंत्र के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की। पूछताछ के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

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रेल मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऊंघते दिखे अफसर, वीडियो वायरल; बिलासपुर जोन को 545 करोड़ ज्यादा, नया प्रोजेक्ट शून्य

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जोनल मुख्यालय से एक हैरान करने वाला दृश्य सामने आया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के समय रेलवे के दो वरिष्ठ अधिकारी नींद में झपकी लेते नजर आए, जिसका वीडियो अब चर्चा का विषय बन गया है। यह वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस सोमवार को आयोजित की गई थी, जिसमें रेल मंत्री ने छत्तीसगढ़ में चल रही और प्रस्तावित रेल परियोजनाओं की जानकारी साझा की। इस दौरान बिलासपुर जोनल मुख्यालय में मौजूद रेलवे के प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (PCCM) जेएस बिंद्रा और प्रमुख चीफ इंजीनियर मुरीत भटनागर कैमरे में झपकी लेते दिखाई दिए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिलासपुर जोन के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश, डीआरएम राकेश रंजन समेत करीब एक दर्जन वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। रेल मंत्री ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में रेल विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और इनके पूरा होने से बस्तर जैसे दूरस्थ इलाकों को भी सीधा लाभ मिलेगा। रेल मंत्री ने रावघाट परियोजना, परमालकसा–खरसिया रेल कॉरिडोर सहित कई महत्वपूर्ण रेल लाइनों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद राज्य में ट्रेनों की संख्या मौजूदा स्थिति की तुलना में लगभग दोगुनी हो जाएगी, जिससे ओडिशा, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र जैसे पड़ोसी राज्यों को भी फायदा होगा। इस वर्ष के रेल बजट में छत्तीसगढ़ को 7,470 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 545 करोड़ रुपये अधिक है। बिलासपुर जोन को भी बजट में बढ़ोतरी मिली है, लेकिन इसके बावजूद इस बार कोई भी नई रेल परियोजना स्वीकृत नहीं की गई है। वर्तमान में राज्य में करीब 51,080 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाएं विभिन्न चरणों में चल रही हैं। इनमें ट्रैक डबलिंग, ट्रिपलिंग, नई लाइन निर्माण, स्टेशन पुनर्विकास, यात्री सुविधाओं का विस्तार और सुरक्षा से जुड़े कार्य शामिल हैं। रेल मंत्री ने बताया कि बीते 11 वर्षों में छत्तीसगढ़ के रेल बजट में ऐतिहासिक बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2009 से 2014 के दौरान जहां राज्य को औसतन 311 करोड़ रुपये का वार्षिक रेल बजट मिलता था, वहीं 2026–27 में यह बढ़कर 7,470 करोड़ रुपये हो गया है। राज्य में अमृत स्टेशन योजना के तहत 32 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जिस पर 1,674 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इनमें से डोंगरगढ़ (प्रथम चरण), अंबिकापुर, भानुप्रतापपुर, भिलाई और उरकुरा स्टेशनों का कार्य पूरा हो चुका है। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ में प्रीमियम रेल सेवाओं का भी विस्तार किया गया है। फिलहाल राज्य से दो जोड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस और एक जोड़ी अमृत भारत एक्सप्रेस का संचालन किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को तेज और आधुनिक रेल सुविधा मिल रही है।

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