Rajasthan: रिटायर्ड महिला IAS के बंदूक का लाइसेंस सस्पेंड, गेहूं घोटाला और आय से अधिक संपत्ति का चल रहा मामला
राजस्थान: घोटाले में फंसी रिटायर्ड महिला आईएएस का हथियार लाइसेंस सस्पेंड जोधपुर में एक चर्चित मामले में राजस्थान कैडर की रिटायर्ड महिला आईएएस अधिकारी निर्मला मीणा का 12 बोर की बंदूक का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई तब हुई जब पुलिस को उनके खिलाफ चल रहे गेहूं घोटाले और आय से अधिक संपत्ति के मामलों की जानकारी मिली। मामले की मुख्य बातें: क्या है पूरा मामला? निर्मला मीणा ने 1998 में आरएएस अधिकारी रहते हुए यह बंदूक लाइसेंस कराया था और तब से हर पांच साल बाद इसे नवीनीकृत कराती रही थीं। हालांकि, इस बार उनका लाइसेंस नवीनीकरण के लिए समय पर आवेदन नहीं किया गया था। एसीबी की जांच में पता चला कि निर्मला मीणा और उनके पति मित्तल के पास करोड़ों रुपये की अघोषित संपत्ति है। उनके बैंक खातों में 42 लाख रुपये नकद और 17 लाख रुपये की एफडी भी पाई गई। फिलहाल, एसीबी इस मामले की गहन जांच कर रही है। क्या कहता है कानून? भारतीय हथियार अधिनियम के तहत, यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले चल रहे हों, तो उसका हथियार लाइसेंस सस्पेंड या रद्द किया जा सकता है। पुलिस का कहना है कि निर्मला मीणा पर लंबित मामलों को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है। निष्कर्ष: यह मामला एक बार फिर सरकारी अधिकारियों द्वारा कथित भ्रष्टाचार और संपत्ति जमा करने की प्रवृत्ति को उजागर करता है। एसीबी की जांच जारी है, और भविष्य में और अधिक खुलासे हो सकते हैं।
