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विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पहली बार फंगल संक्रमण के इलाज और डायग्नोस्टिक टेस्ट्स पर दो महत्वपूर्ण रिपोर्ट्स जारी की हैं, जो इन बीमारियों के खिलाफ दवाओं और जांच उपकरणों की गंभीर कमी को उजागर करती हैं।

मुख्य बिंदु: 1. जानलेवा फंगल संक्रमण बढ़ रहे हैं 2. दवाओं की कमी और धीमा रिसर्च 3. डायग्नोस्टिक टेस्ट्स की समस्या क्यों है यह चिंताजनक? WHO की सिफारिशें: ✔ नई दवाओं और टेस्ट्स पर शोध बढ़ाना✔ सस्ती और आसानी से उपलब्ध जांच प्रणाली विकसित करना✔ स्वास्थ्यकर्मियों को फंगल संक्रमण के प्रति जागरूक करना यह रिपोर्ट दुनिया को चेतावनी देती है कि फंगल संक्रमण एक बड़ा स्वास्थ्य संकट बन सकते हैं, अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पहली बार फंगल संक्रमण के इलाज और डायग्नोस्टिक टेस्ट्स पर दो महत्वपूर्ण रिपोर्ट्स जारी की हैं, जो इन बीमारियों के खिलाफ दवाओं और जांच उपकरणों की गंभीर कमी को उजागर करती हैं। Read Post »

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CBSE कक्षा 10 रिजल्ट 2025: अपेक्षित तिथि और चेक करने का तरीका

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के कक्षा 10 के बोर्ड परीक्षा परिणाम 2025 मई के अंतिम सप्ताह में घोषित होने की संभावना है। हालांकि बोर्ड ने अभी आधिकारिक तिथि की पुष्टि नहीं की है, लेकिन पिछले वर्षों के रुझान के आधार पर परिणाम 20 मई 2025 के आसपास घोषित किए जा सकते हैं। CBSE कक्षा 10 रिजल्ट कहाँ से देखें? छात्र निम्नलिखित आधिकारिक वेबसाइट्स पर अपना रिजल्ट देख सकेंगे:🔹 https://cbseresults.nic.in🔹 https://results.cbse.nic.in इसके अलावा रिजल्ट यहाँ भी उपलब्ध होंगे:✔ डिजिलॉकर (DigiLocker)✔ उमंग ऐप (UMANG App) CBSE कक्षा 10 स्कोरकार्ड 2025 डाउनलोड करने की प्रक्रिया CBSE की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से डिजिलॉकर के माध्यम से CBSE डिजिटल मार्कशीट और प्रमाणपत्र डिजिलॉकर पर अपलोड करेगा। छात्रों को पहले से ही उनके लॉगिन विवरण प्रदान किए जाएंगे। डाउनलोड करने के चरण: महत्वपूर्ण नोट्स 📌 परिणाम मई 2025 के अंतिम सप्ताह में आने की संभावना (आधिकारिक तिथि की प्रतीक्षा)📌 रिजल्ट चेक करने के लिए अपना रोल नंबर और जन्मतिथि तैयार रखें📌 डिजिलॉकर पर प्रामाणिक डिजिटल प्रमाणपत्र उपलब्ध होंगे

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रामानुजगंज: बलरामपुर जिले में दो अलग-अलग घटनाओं में हाथियों के हमले में एक महिला की मौत हो गई जबकि एक युवक भी जान गंवा बैठा। वन विभाग ने ग्रामीणों को जंगल में जाने से बचने की सलाह दी है।

बलरामपुर: जंगल में महुआ बीनते समय हाथी के हमले में महिला की मौत, युवक भी शिकार रामानुजगंज: बलरामपुर जिले में दो अलग-अलग घटनाओं में हाथियों के हमले में एक महिला की मौत हो गई जबकि एक युवक भी जान गंवा बैठा। वन विभाग ने ग्रामीणों को जंगल में जाने से बचने की सलाह दी है। पहली घटना: पति-पत्नी पर हाथियों ने किया हमला नतीजा: दूसरी घटना: युवक को हाथी ने कुचलकर मार डाला मुआवजे की घोषणा वन विभाग की चेतावनी:विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे हाथियों के बढ़ते हमलों को देखते हुए जंगल में अकेले न जाएं, खासकर शाम के समय।

रामानुजगंज: बलरामपुर जिले में दो अलग-अलग घटनाओं में हाथियों के हमले में एक महिला की मौत हो गई जबकि एक युवक भी जान गंवा बैठा। वन विभाग ने ग्रामीणों को जंगल में जाने से बचने की सलाह दी है। Read Post »

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छत्तीसगढ़ ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में जीएसटी संग्रह में शानदार प्रदर्शन करते हुए देशभर में सर्वोच्च स्थान हासिल किया है।

छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास: जीएसटी वृद्धि में देश में अव्वल छत्तीसगढ़ ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में जीएसटी संग्रह में शानदार प्रदर्शन करते हुए देशभर में सर्वोच्च स्थान हासिल किया है। प्रदेश ने 16,390 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह कर 18% की रिकॉर्ड वार्षिक वृद्धि दर्ज की है, जबकि महाराष्ट्र (16%) और तमिलनाडु (15%) क्रमशः दूसरे व तीसरे स्थान पर रहे। ऐतिहासिक उपलब्धि पर मुख्यमंत्री का बयान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि को “ईमानदार शासन और डिजिटल सुधारों का परिणाम” बताया। उन्होंने कहा, “टेक्नोलॉजी आधारित पारदर्शी व्यवस्था और जनभागीदारी से हमने साबित किया कि राजस्व वृद्धि के साथ जनविश्वास भी बढ़ाया जा सकता है।” मार्च 2025 में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन सफलता के प्रमुख कारक भविष्य की रणनीति वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के नेतृत्व में जीएसटी विभाग अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी और उन्नत डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली विकसित कर रहा है, ताकि प्रदेश इस प्रगति को निरंतर बनाए रख सके। इन ठोस प्रयासों के चलते छत्तीसगढ़ ने न केवल राजस्व संग्रह में नई ऊंचाइयां छुई हैं, बल्कि देश के लिए एक आदर्श मॉडल भी प्रस्तुत किया है।

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उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का नक्सली संघर्ष विराम की मांग पर जवाब

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का नक्सली संघर्ष विराम की मांग पर जवाब: छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई के बाद नक्सलियों ने संघर्ष विराम की मांग की है। उन्होंने एक पत्र जारी कर कहा है कि यदि सरकार ऑपरेशन रोकने की घोषणा करती है, तो वे बातचीत के लिए तैयार हैं। इस पर उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार किसी भी सार्थक वार्ता के लिए तैयार है, बशर्ते कोई शर्त न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि नक्सली वास्तव में मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं और बातचीत करना चाहते हैं, तो उन्हें अपने प्रतिनिधियों और वार्ता की शर्तों को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करना होगा। शर्मा ने कहा कि बातचीत किसी कट्टरपंथी विचारधारा के आधार पर नहीं हो सकती। कोई भी चर्चा करने से पहले भारतीय संविधान को स्वीकार करना होगा। उन्होंने कहा कि यदि नक्सली संविधान को नकारते हैं और अपनी समानांतर व्यवस्था थोपने की कोशिश करते हैं, तो वार्ता का कोई मतलब नहीं रह जाता। पुनर्वास नीति और सरकार का रुख: उपमुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने अब तक की सबसे बेहतर पुनर्वास नीति लागू की है। जो नक्सली आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उन्हें सुरक्षा, पुनर्वास और रोजगार के अवसर दिए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य है कि भटके हुए लोग समाज में वापस आएं और एक सुव्यवस्थित जीवन जी सकें। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में प्रगति: शर्मा ने बताया कि पिछले डेढ़ साल में 40 गांवों में पहली बार तिरंगा फहराया गया है, जहां पहले नक्सली अपना कानून चलाते थे। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब राज्य के हर गांव में तिरंगा लहराना और संविधान का पालन करना अनिवार्य है। गंभीर वार्ता का आह्वान: उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यदि नक्सली वास्तव में बातचीत करना चाहते हैं, तो उन्हें अपनी ओर से एक समिति बनानी चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि सरकार ने पहले भी 10 से अधिक बार वार्ता का प्रयास किया, लेकिन नक्सलियों ने ही पीछे हटने का रवैया अपनाया। अगर वे अब बातचीत करना चाहते हैं, तो उन्हें स्पष्ट प्रस्ताव के साथ आगे आना होगा। सरकार का स्पष्ट रुख: शर्मा ने दोहराया कि सरकार का रुख स्पष्ट है—बातचीत के दरवाजे खुले हैं, लेकिन हिंसा और खून-खराबे पर कोई समझौता नहीं होगा। नक्सलियों को हथियार डालकर आत्मसमर्पण करना होगा, तभी कोई सार्थक समाधान निकल सकता है।

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अमित शाह का छत्तीसगढ़ दौरा: दंतेश्वरी दर्शन और बस्तर पंडुम में शामिल होंगे

रायपुर, 1 अप्रैल 2025: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 3 अप्रैल को तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर आ रहे हैं। उनका यह प्रवास विशेष रूप से बस्तर संभाग के सांस्कृतिक एवं सुरक्षा पहलुओं पर केंद्रित होगा। दौरे का कार्यक्रम सुरक्षा बैठकें सांस्कृतिक आयोजन: ‘बस्तर के राम’ प्रख्यात कवि कुमार विश्वास द्वारा “बस्तर के राम” कथा का वाचन किया जाएगा, जो भगवान राम के दंडकारण्य प्रवास से जुड़ी है। यह आयोजन बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को उजागर करेगा। बस्तर पंडुम: एक परिचय यह आदिवासी संस्कृति का महोत्सव है, जिसमें नृत्य, संगीत, पारंपरिक खेल और स्थानीय कला शामिल हैं। इसका प्रतीक चिन्ह इंद्रावती नदी, वनभैंसा, पहाड़ी मैना और गोंडी संस्कृति के तत्वों से सजा है। राजनीतिक एवं सामरिक महत्व अमित शाह का यह दौरा छत्तीसगढ़ की सुरक्षा एवं सांस्कृतिक पहचान को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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रायपुर में पेट्रोल की कीमतों में गिरावट, आम जनता को मिली राहत

रायपुर, 1 अप्रैल 2025: छत्तीसगढ़ सरकार ने नए वित्तीय वर्ष 2025-26 की शुरुआत में ही आम जनता के लिए एक बड़ी राहत देते हुए पेट्रोल की कीमतों में ₹1 प्रति लीटर की कटौती की है। यह निर्णय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई वाली सरकार द्वारा पेश किए गए बजट में घोषित किया गया था, जो आज से प्रभावी हो गया है। इसके साथ ही राजधानी रायपुर सहित पूरे प्रदेश में पेट्रोल की कीमतों में हुई इस गिरावट से आम आदमी से लेकर किसानों और व्यापारियों तक को फायदा होने की उम्मीद है। राजधानी रायपुर में पेट्रोल की नई कीमत अब ₹100.42 प्रति लीटर हो गई है, जो पहले ₹101.42 प्रति लीटर थी। हालांकि, यह कीमत अभी भी ₹100 के पार ही बनी हुई है, लेकिन सरकार के इस कदम से पेट्रोल पर निर्भर रहने वाले लोगों के लिए कुछ हद तक आर्थिक बोझ कम होगा। छत्तीसगढ़ के अन्य प्रमुख शहरों जैसे बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई और कोरबा में भी पेट्रोल की कीमतें इसी तरह से घटी हैं। सरकार ने इस कदम को जनहित में एक बड़ा फैसला बताया है। वित्त मंत्री ने बजट भाषण के दौरान कहा था कि पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से आम लोगों पर पड़ रहे दबाव को कम करना सरकार की प्राथमिकता है। इससे पहले भी सरकार ने बड़े पैमाने पर डीजल की खरीद पर वैट (मूल्य वर्धित कर) में कटौती की थी, जिससे परिवहन क्षेत्र और किसानों को काफी राहत मिली थी। अब पेट्रोल की कीमतों में कमी से निजी वाहन मालिकों और छोटे व्यवसायियों को भी फायदा होगा। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी से महंगाई पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि परिवहन लागत घटने से सामानों की कीमतों में भी स्थिरता आएगी। हालांकि, कुछ लोगों का यह भी कहना है कि महज ₹1 की कटौती से बड़ा बदलाव नहीं आएगा और सरकार को और अधिक कदम उठाने चाहिए। छत्तीसगढ़ सरकार का यह फैसला राज्य के आम नागरिकों के लिए निश्चित रूप से एक सकारात्मक कदम है, लेकिन यह देखना होगा कि भविष्य में ईंधन की कीमतों को और अधिक उचित स्तर पर लाने के लिए क्या कोई और योजनाएं लागू की जाती हैं। फिलहाल, इस कदम से लोगों को रोजमर्रा के खर्चों में थोड़ी बचत होगी, जो मौजूदा आर्थिक हालात में एक अच्छी खबर है।

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म्यांमार भूकंप से भारी तबाही, ISRO के सैटेलाइट इमेज ने दिखाई विनाशलीला

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने म्यांमार में 28 मार्च, 2025 को आए 7.7 तीव्रता के भीषण भूकंप से हुए नुकसान की सैटेलाइट तस्वीरें जारी की हैं। यह भूकंप म्यांमार के साथ-साथ पड़ोसी देशों में भी महसूस किया गया था। इस प्राकृतिक आपदा ने म्यांमार के दूसरे सबसे बड़े शहर मांडले और आसपास के इलाकों में भारी तबाही मचाई है। अब तक 1,700 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि बचाव दल अभी भी मलबे में फंसे लोगों को खोज रहे हैं। ISRO ने कैप्चर की हाई-रिज़ॉल्यूशन इमेज ISRO के अर्थ इमेजिंग सैटेलाइट कार्टोसैट-3 ने पृथ्वी से 500 किलोमीटर की ऊंचाई से ये तस्वीरें खींची हैं, जिनकी रिज़ॉल्यूशन क्षमता 50 सेंटीमीटर से भी कम है। सैटेलाइट इमेज में क्या दिखा? इस भूकंप के झटके थाईलैंड तक महसूस किए गए, जहां भी आपातकालीन सेवाएं सक्रिय कर दी गईं। म्यांमार में आपातकाल, भारत ने भेजी मदद म्यांमार की सैन्य सरकार ने आपातकाल घोषित कर दिया है। राहत और बचाव अभियान जारी है, लेकिन मरने वालों की संख्या 2,900 से अधिक पहुंच चुकी है, जबकि हज़ारों लोग घायल हैं। भारत ने इस संकट की घड़ी में म्यांमार की मदद के लिए राहत दल और सहायता सामग्री भेजकर तुरंत सहयोग का हाथ बढ़ाया है।

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लैंसेट स्टडी: हृदय रोग के इलाज में बड़े बदलाव की जरूरत

नई दिल्ली: दुनिया भर में कोरोनरी आर्टरी डिजीज (CAD) मृत्यु और बीमारी के प्रमुख कारणों में से एक बनी हुई है। लैंसेट कमीशन की नई रिपोर्ट में हृदय रोग के इलाज में बड़े बदलाव की सिफारिश की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, धमनियों में प्लाक जमा होने के पहले संकेत मिलते ही तुरंत कार्रवाई शुरू कर देनी चाहिए, न कि “वेट एंड वॉच” का रुख अपनाना चाहिए। मुख्य सिफारिशें: भारत के लिए महत्व: भविष्य की रणनीति: निष्कर्ष: इस नए दृष्टिकोण से न केवल लाखों जानें बचाई जा सकती हैं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को भी कम किया जा सकता है।

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IMD की चेतावनी: इस साल गर्मी होगी और भी भीषण, बढ़ेंगे लू के दिन

नई दिल्ली: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ग्रीष्मकालीन पूर्वानुमान में चेतावनी दी है कि इस साल अप्रैल से जून तक सामान्य से अधिक गर्मी पड़ेगी और लू के दिनों में भी वृद्धि होगी। विभाग के अनुसार, विशेषकर उत्तर-पश्चिम और पूर्वी भारत में लू के दिनों की संख्या बढ़ सकती है। मुख्य बिंदु: लू की परिभाषा: IMD के अनुसार, मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान 40°C या उससे अधिक होने और सामान्य से 4.5°C से 6.4°C अधिक होने पर लू घोषित की जाती है। यदि तापमान 47°C या उससे अधिक हो जाए, तो इसे भीषण लू माना जाता है। स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर प्रभाव: IMD ने चेतावनी दी है कि लू के कारण बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा, बिजली ग्रिड और परिवहन प्रणाली पर भी दबाव बढ़ सकता है। विभाग ने राज्य और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों के दिशा-निर्देशों के अनुसार कदम उठाने की सलाह दी है। बारिश से राहत की उम्मीद: हालांकि, अप्रैल में सामान्य बारिश (लंबी अवधि के औसत का 88-112%) होने की संभावना है। उत्तर-पश्चिम भारत, प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। एल नीनो और ला नीना का प्रभाव: IMD के अनुसार, एल नीनो-दक्षिणी दोलन (ENSO) की स्थिति वर्तमान में तटस्थ है और गर्मी और मानसून के दौरान भी ऐसी ही रहने की संभावना है। भारत में एल नीनो की स्थिति आमतौर पर कमजोर मानसून और अधिक गर्मी से जुड़ी होती है, जबकि ला नीना मजबूत मानसून और अधिक बारिश लाती है। कमजोर पश्चिमी विक्षोभ भी एक कारण: मोहापात्रा ने बताया कि मार्च में पश्चिमी विक्षोभ की संख्या कम होने के कारण बारिश में कमी देखी गई। सामान्यतः मार्च में 4-5 पश्चिमी विक्षोभ आते हैं, लेकिन इस बार केवल 2 सक्रिय विक्षोभ देखे गए। IMD ने अप्रैल के मध्य में मानसून का प्रारंभिक पूर्वानुमान जारी करने की भी घोषणा की है।

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