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तम्बाकू मुक्त भारत अभियान में तेलंगाना ने रचा इतिहास, राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित

तम्बाकू मुक्त भारत अभियान में तेलंगाना ने रचा इतिहास, राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित तेलंगाना ने टीबी उन्मूलन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए ‘न्यूक्लिक एसिड एम्प्लीफिकेशन टेस्ट (NAAT) टेस्टिंग’ श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ राज्य का राष्ट्रीय पुरस्कार जीता है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने विश्व टीबी दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में एनएचएम-तेलंगाना के प्रबंध निदेशक आर.वी. कर्णन और राज्य टीबी जॉइंट डायरेक्टर डॉ. ए. राजेशम को यह पुरस्कार प्रदान किया। अभियान की प्रमुख उपलब्धियां: डॉ. राजेशम ने बताया कि इस सफलता के पीछे स्वास्थ्य कर्मियों, जिला प्रशासन और कॉर्पोरेट भागीदारों का समन्वित प्रयास रहा। उन्होंने कहा, “AI तकनीक से लैस ये पोर्टेबल एक्स-रे मशीनें ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी की त्वरित पहचान में क्रांतिकारी साबित होंगी।” यह पुरस्कार तेलंगाना के 2025 तक टीबी उन्मूलन के संकल्प को और मजबूती प्रदान करता है। राज्य सरकार ने अभियान को जारी रखते हुए स्क्रीनिंग और पोषण सहायता कार्यक्रमों के दायरे को विस्तार देने की योजना बनाई है।

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‘हार के जीतने वाले को डेल्ही कैपिटल्स कहते हैं!’ – LSG के खिलाफ DC के जबरदस्त कॉम्बैक ने मचाया मेमेस का तूफान

‘हार के जीतने वाले को डेल्ही कैपिटल्स कहते हैं!’ – LSG के खिलाफ DC के जबरदस्त कॉम्बैक ने मचाया मेमेस का तूफान IPL 2025 का वो मैच जो इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया! सोमवार रात डेल्ही कैपिटल्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ ऐसा कमाल किया कि क्रिकेट प्रेमियों के होश उड़ गए। 210 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए जब DC 65/5 पर धराशायी हो गया, तो सभी ने मैच को खत्म मान लिया। लेकिन फिर आशुतोष शर्मा और टेलेंडर बल्लेबाजों ने जो कारनामा किया, वो ‘पीक आईपीएल’ का पर्याय बन गया। मैच का टर्निंग पॉइंट: सोशल मीडिया पर यह मैच ट्रेंड करने लगा। एक वायरल पोस्ट में कहा गया – “हार के जीतने वाले को बाजीगर नहीं, डेल्ही कैपिटल्स कहते हैं!” कई यूजर्स ने इसे IPL 2025 का अब तक का सबसे रोमांचकारी मैच बताया। यह जीत न सिर्फ DC के प्लेऑफ़ के सपनों को जिंदा रखती है, बल्कि यह भी याद दिलाती है कि आईपीएल दुनिया का सबसे अनपेडिक्टेबल और रोमांचक टी20 टूर्नामेंट क्यों है। अगर आपने मैच बीच में ही बंद कर दिया था, तो आपने क्रिकेट इतिहास के सबसे शानदार कॉम्बैक में से एक को मिस कर दिया!

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Rajasthan: र‍िटायर्ड मह‍िला IAS के बंदूक का लाइसेंस सस्‍पेंड, गेहूं घोटाला और आय से अध‍िक संपत्‍ति‍ का चल रहा मामला

राजस्थान: घोटाले में फंसी रिटायर्ड महिला आईएएस का हथियार लाइसेंस सस्पेंड जोधपुर में एक चर्चित मामले में राजस्थान कैडर की रिटायर्ड महिला आईएएस अधिकारी निर्मला मीणा का 12 बोर की बंदूक का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई तब हुई जब पुलिस को उनके खिलाफ चल रहे गेहूं घोटाले और आय से अधिक संपत्ति के मामलों की जानकारी मिली। मामले की मुख्य बातें: क्या है पूरा मामला? निर्मला मीणा ने 1998 में आरएएस अधिकारी रहते हुए यह बंदूक लाइसेंस कराया था और तब से हर पांच साल बाद इसे नवीनीकृत कराती रही थीं। हालांकि, इस बार उनका लाइसेंस नवीनीकरण के लिए समय पर आवेदन नहीं किया गया था। एसीबी की जांच में पता चला कि निर्मला मीणा और उनके पति मित्तल के पास करोड़ों रुपये की अघोषित संपत्ति है। उनके बैंक खातों में 42 लाख रुपये नकद और 17 लाख रुपये की एफडी भी पाई गई। फिलहाल, एसीबी इस मामले की गहन जांच कर रही है। क्या कहता है कानून? भारतीय हथियार अधिनियम के तहत, यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले चल रहे हों, तो उसका हथियार लाइसेंस सस्पेंड या रद्द किया जा सकता है। पुलिस का कहना है कि निर्मला मीणा पर लंबित मामलों को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है। निष्कर्ष: यह मामला एक बार फिर सरकारी अधिकारियों द्वारा कथित भ्रष्टाचार और संपत्ति जमा करने की प्रवृत्ति को उजागर करता है। एसीबी की जांच जारी है, और भविष्य में और अधिक खुलासे हो सकते हैं।

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औरैया में सनसनीखेज मामला: शादी के सिर्फ 15 दिन बाद दुल्हन ने करवाई पति की हत्या

औरैया में सनसनीखेज मामला: शादी के सिर्फ 15 दिन बाद दुल्हन ने करवाई पति की हत्या उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक नवविवाहिता ने अपने पति की शादी के महज 15 दिन बाद ही साजिश रचकर हत्या करवा दी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि दुल्हन ने अपने प्रेमी और एक पेशेवर हत्यारे के साथ मिलकर यह शातिर षड्यंत्र रचा था। मामले की भयावह पृष्ठभूमि:5 मार्च 2024 को दिबियापुर निवासी 21 वर्षीय दिलीप (एक संपन्न व्यवसायी) का विवाह फफूंद निवासी प्रगति यादव के साथ हुआ था। पुलिस के अनुसार, प्रगति पहले से ही अनुराग यादव के साथ संबंध रखती थी और इस अरेंज मैरिज से खुश नहीं थी। दोनों ने दिलीप की संपत्ति हड़पने के लिए उसकी हत्या की योजना बनाई। हत्या का शातिर तरीका:19 मार्च को जब दिलीप कन्नौज से काम करके लौट रहा था, तो कुछ बाइक सवारों ने उसे फंसी हुई कार निकालने के बहाने रोक लिया। उसे पलिया गांव के पास एक सुनसान जगह ले जाकर बेरहमी से प्रताड़ित किया गया – उसके शरीर पर 9 घातक चोटें मारी गईं और सिर में गोली भी दागी गई। दो दिन अस्पताल में संघर्ष करने के बाद दिलीप की मौत हो गई। वित्तीय व्यवस्था और तकनीक का दुरुपयोग:प्रगति ने शादी और मुंह दिखाई में मिले ₹1 लाख रुपये और गहने बेचकर हत्यारे को एडवांस भुगतान किया था। हैरान कर देने वाली बात यह है कि प्रगति ने व्हाट्सऐप के जरिए पति की लाइव लोकेशन अपने प्रेमी को भेजी, जिससे हत्यारों ने दिलीप को आसानी से टारगेट किया। आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड:मुख्य हत्यारे रामजी नागर उर्फ चौधरी पर पहले से 10 आपराधिक मामले दर्ज थे। उसने इस हत्या के ₹2 लाख लिए थे। पुलिस ने प्रगति, अनुराग और रामजी सहित तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़ित परिवार को नहीं था शक:होली के बहाने प्रगति 10 मार्च को मायके चली गई थी और 21 मार्च को पति की मौत के बाद ही ससुराल लौटी। इस दौरान ससुराल पक्ष को उस पर малейшее संदेह भी नहीं हुआ। एसपी अभिजीत शंकर ने बताया, “यह हत्या शादी से पहले ही प्लान की गई थी। आरोपी पति की संपत्ति पर कब्जा करना चाहते थे।” इस मामले ने पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया है और विवाहित जोड़ों के बीच इस तरह की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की मांग उठने लगी है।

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सरगुजा में नाबालिग छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार का मामला: प्रेमी और दोस्तों ने वीडियो बनाकर किया ब्लैकमेल, तीन गिरफ्तार

सरगुजा जिले में एक 15 वर्षीय स्कूली छात्रा के साथ उसके प्रेमी और उसके दो दोस्तों ने सामूहिक बलात्कार किया। आरोपियों ने घटना का वीडियो बनाकर लड़की को ब्लैकमेल किया और पांच दिनों तक उसके साथ यह जघन्य अपराध दोहराया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। कैसे हुआ यह शर्मनाक अपराध? पीड़िता दरिमा थाना क्षेत्र में अपने रिश्तेदार के घर रहकर पढ़ाई कर रही थी। 9 मार्च को वह अपने नाबालिग प्रेमी से मिलने गई, जहां उसने उसे एक घर में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसी दौरान प्रेमी के दो दोस्त यशवंत कुमार सिंह (22) और सुरेंद्र सिंह (20) भी वहां पहुंच गए और उन्होंने भी लड़की के साथ बलात्कार किया। आरोपियों ने इस घटना का वीडियो बना लिया और लड़की को धमकी दी कि अगर उसने किसी को बताया तो वे इस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगे। डर के कारण पीड़िता चुप रही, लेकिन आरोपियों ने उसे अगले पांच दिनों तक रात में बुलाकर बार-बार प्रताड़ित किया। रिश्तेदारों को हुआ शक, मां ने कराई शिकायत लड़की के रोजाना रात में घर से निकलने पर उसके रिश्तेदारों को शक हुआ। जब उन्होंने इसकी जानकारी लड़की की मां को दी, तो मां ने उससे पूछताछ की। तब जाकर पीड़िता ने सारी घटना बताई। इसके बाद मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई, तीनों आरोपी गिरफ्तार दरिमा पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(2)(ढ), 70(2), 71 और 3(5) के तहत केस दर्ज किया, जिसमें सामूहिक बलात्कार, नाबालिग के साथ यौन शोषण और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। पुलिस ने नाबालिग प्रेमी समेत तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। समाज और कानून के लिए चुनौती यह मामला यौन अपराधों में तकनीक के दुरुपयोग को उजागर करता है, जहां अपराधी पीड़िताओं को वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करते हैं। साथ ही, यह नाबालिगों की सुरक्षा और उनके करीबी लोगों द्वारा धोखे की गंभीर समस्या को भी दिखाता है। पुलिस ने गहन जांच का आश्वासन दिया है, जबकि सामाजिक कार्यकर्ताओं ने ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़िताओं को बेहतर सुरक्षा देने की मांग की है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैला दिया है, और लोग अपराधियों को कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपियों ने इसी तरह की हरकतें अन्य लड़कियों के साथ भी की हैं।

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​14 मार्च 2025 की रात दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश यशवंत वर्मा के लुटियंस दिल्ली स्थित सरकारी आवास में आग लगने की घटना ने न्यायपालिका और जनता के बीच गंभीर चर्चा का विषय उत्पन्न किया है।

​14 मार्च 2025 की रात दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश यशवंत वर्मा के लुटियंस दिल्ली स्थित सरकारी आवास में आग लगने की घटना ने न्यायपालिका और जनता के बीच गंभीर चर्चा का विषय उत्पन्न किया है। आग बुझाने के दौरान कथित तौर पर बड़ी मात्रा में अधजली नकदी मिलने की खबरें सामने आईं, जिसने इस मामले को और भी संवेदनशील बना दिया। घटना का विवरण: रात लगभग 11:35 बजे, न्यायमूर्ति वर्मा के आवास के स्टोर रूम में आग लगने की सूचना मिली। दमकल विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आग पर 15 मिनट में काबू पा लिया, और कोई हताहत नहीं हुआ। हालांकि, इस दौरान स्टोर रूम में अधजली नकदी की बोरियां मिलने की खबरें मीडिया में प्रसारित हुईं। दिल्ली फायर सर्विस के प्रमुख अतुल गर्ग ने पहले इन दावों को खारिज किया था, लेकिन बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया था। ​ सुप्रीम कोर्ट की प्रतिक्रिया: मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए तीन सदस्यीय आंतरिक समिति का गठन किया है, जिसमें पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश शील नागू, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और कर्नाटक उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति अनु शिवरामन शामिल हैं। यह समिति आग लगने की घटना, नकदी की बरामदगी और संबंधित परिस्थितियों की जांच करेगी। ​ न्यायिक कार्यों से हटाए गए न्यायमूर्ति वर्मा: जांच के मद्देनजर, दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने न्यायमूर्ति वर्मा से सभी न्यायिक कार्य तत्काल प्रभाव से वापस ले लिए हैं। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार लिया गया है, जिससे न्यायपालिका की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। जांच की दिशा: जांच समिति निम्नलिखित पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करेगी:​ न्यायमूर्ति वर्मा का पक्ष: न्यायमूर्ति वर्मा ने स्वयं को निर्दोष बताते हुए कहा है कि उन्हें फंसाने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके। ​ निष्कर्ष: यह घटना न्यायपालिका की विश्वसनीयता और पारदर्शिता के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा है। सुप्रीम कोर्ट और संबंधित अधिकारियों द्वारा की जा रही जांच से उम्मीद है कि सच्चाई सामने आएगी, जिससे न्याय प्रणाली में जनता का विश्वास बना रहे।

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के रायपुर आगमन से पूर्व, उनके निर्धारित मार्ग पर एक गंभीर सड़क हादसा हुआ।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के रायपुर आगमन से पूर्व, उनके निर्धारित मार्ग पर एक गंभीर सड़क हादसा हुआ। रायपुर के रिंग रोड नंबर 3 पर, मंदिर हसौद थाना क्षेत्र में, सुबह लगभग 5 बजे रेत से भरे डंपर और पेंट लदे ट्रक की आमने-सामने टक्कर हो गई, जिससे ट्रक पलट गया और सड़क पर पेंट फैल गया, जिससे फिसलन का खतरा बढ़ गया। ​ हादसे में डंपर के चालक और खलासी को चोटें आईं। यातायात पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए रिंग रोड नंबर 3 के एक हिस्से को आम यातायात के लिए बंद कर दिया और राष्ट्रपति के काफिले के मार्ग को सुरक्षित किया। सड़क से पेंट हटाने और फिसलन कम करने के लिए सफाई कार्य तेजी से किया गया। ​ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह में भाग लेने के लिए रायपुर पहुंचीं। स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे पर राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट पर छत्तीसगढ़ी कलाकारों ने सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किया। राष्ट्रपति के दौरे के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने यातायात नियंत्रण, पार्किंग व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को लेकर व्यापक तैयारियां की थीं। रविवार को पुलिस ने रिहर्सल भी की थी ताकि राष्ट्रपति का दौरा सुचारु रूप से संपन्न हो सके। इस घटना ने प्रशासन की तत्परता और सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता को उजागर किया। सड़क हादसे के बावजूद, अधिकारियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए राष्ट्रपति के काफिले के मार्ग को सुरक्षित किया और उनके कार्यक्रम को बिना किसी बाधा के संपन्न होने में सहायता की।

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​छत्तीसगढ़ की रायपुर सेंट्रल जेल ने शिक्षा के माध्यम से कैदियों के पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। यहां कक्षा 1 से स्नातकोत्तर (पीजी) स्तर तक की पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध है, जिसमें वर्तमान में 291 कैदी नियमित रूप से अध्ययनरत हैं।

​छत्तीसगढ़ की रायपुर सेंट्रल जेल ने शिक्षा के माध्यम से कैदियों के पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। यहां कक्षा 1 से स्नातकोत्तर (पीजी) स्तर तक की पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध है, जिसमें वर्तमान में 291 कैदी नियमित रूप से अध्ययनरत हैं। ​ इन सभी कक्षाओं की परीक्षाओं के लिए संबंधित शिक्षा संस्थानों, बोर्डों और विश्वविद्यालयों ने रायपुर सेंट्रल जेल को स्थायी परीक्षा केंद्र के रूप में मान्यता प्रदान की है। जेल में उपलब्ध पुस्तकालय में लगभग 11,663 पुस्तकें रखी गई हैं, जो विभिन्न पाठ्यक्रमों से संबंधित हैं। ​ जेल प्रशासन का मानना है कि शिक्षा के माध्यम से कैदियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है, जिससे उनकी पुनर्वास प्रक्रिया में सहायता मिलेगी। जेल में साक्षरता कार्यक्रम के तहत 39 बंदी परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं, जबकि प्राथमिक और माध्यमिक कक्षाओं में 72 से अधिक कैदी पढ़ाई कर रहे हैं। स्नातक (बीए) और स्नातकोत्तर (एमए) कार्यक्रमों में 100 से अधिक कैदी अध्ययनरत हैं। ​ इसके अलावा, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के विभिन्न पाठ्यक्रमों में भी कई कैदी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। जेल में शिक्षकों के अलावा विभिन्न महाविद्यालयों के प्राध्यापक और विषय विशेषज्ञ भी कैदियों का मार्गदर्शन करते हैं। प्रत्येक बैरक में कैदियों को शिक्षा देने के लिए दो-दो कैदियों को सांकेतिक साक्षरता सेना के रूप में नियुक्त किया गया है। इन प्रयासों से रायपुर सेंट्रल जेल ने शिक्षा के माध्यम से कैदियों के जीवन में सुधार लाने की दिशा में एक मिसाल कायम की है, जो अन्य जेलों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है।

​छत्तीसगढ़ की रायपुर सेंट्रल जेल ने शिक्षा के माध्यम से कैदियों के पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। यहां कक्षा 1 से स्नातकोत्तर (पीजी) स्तर तक की पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध है, जिसमें वर्तमान में 291 कैदी नियमित रूप से अध्ययनरत हैं। Read Post »

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​रिपलिंग (Rippling) के सह-संस्थापक प्रसन्ना संकर और उनकी पत्नी धिव्या के बीच तलाक और बच्चे की कस्टडी को लेकर विवाद चल रहा है।

​रिपलिंग (Rippling) के सह-संस्थापक प्रसन्ना संकर और उनकी पत्नी धिव्या के बीच तलाक और बच्चे की कस्टडी को लेकर विवाद चल रहा है। संकर का आरोप है कि धिव्या ने उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाए, जिनमें मारपीट और बलात्कार शामिल हैं, जिन्हें सिंगापुर की पुलिस ने जांच के बाद निराधार पाया। उनका यह भी दावा है कि धिव्या ने उनके नौ वर्षीय बेटे को अमेरिका ले जाकर अपहरण किया, जिसके चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय बाल अपहरण का मामला दर्ज कराया। अमेरिकी अदालत ने उनके पक्ष में निर्णय दिया, जिसके परिणामस्वरूप एक समझौता हुआ, जिसमें संयुक्त अभिरक्षा और वित्तीय सहायता की शर्तें तय की गईं।​ संकर का कहना है कि धिव्या ने बाद में इस समझौते का पालन नहीं किया, जिससे और कानूनी विवाद उत्पन्न हुए। वे चेन्नई पुलिस पर उत्पीड़न और ₹25 लाख की रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हैं, यह राशि उनके मित्र गोकुल की रिहाई के लिए मांगी गई थी, जिन्हें बिना किसी औपचारिक आरोप के हिरासत में लिया गया था। दूसरी ओर, धिव्या इन आरोपों को खारिज करते हुए संकर पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाती हैं, जिसमें महिलाओं की गुप्त रूप से रिकॉर्डिंग करना शामिल है, जिसके कारण कथित तौर पर सिंगापुर में उनकी गिरफ्तारी हुई थी। वह यह भी दावा करती हैं कि संकर ने वैवाहिक संपत्तियों को कर चोरी के उद्देश्य से स्थानांतरित किया और चिंता व्यक्त करती हैं कि वह उनके बेटे का अपहरण कर सकते हैं, क्योंकि उनके पास बच्चे का पासपोर्ट है।​ चेन्नई पुलिस ने संकर के उत्पीड़न और रिश्वत के आरोपों को खारिज किया है, यह कहते हुए कि वे धिव्या की शिकायत के आधार पर एक वैध जांच कर रहे हैं।​ यह मामला हाई-प्रोफाइल तलाक और कस्टडी विवादों में उत्पन्न होने वाली जटिलताओं और गंभीर आरोपों को उजागर करता है, जिसमें दुर्व्यवहार, अंतरराष्ट्रीय न्यायालयों में कानूनी विवाद, और पुलिस भ्रष्टाचार के दावे शामिल हैं।

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​पंजाब के विवादित पादरी बजिंदर सिंह का एक सीसीटीवी वीडियो हाल ही में सामने आया है, जिसमें वह अपने कार्यालय में एक महिला और अन्य व्यक्तियों के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो फरवरी 2025 का बताया जा रहा है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों में आक्रोश फैला रहा है।

करीब छह मिनट के इस वीडियो में देखा जा सकता है कि बजिंदर सिंह अपने कार्यालय में बैठे हैं, जहां कुछ महिलाएं और पुरुष मौजूद हैं। वीडियो की शुरुआत में, वह गुस्से में एक व्यक्ति पर मोबाइल फोन फेंकते हैं और फिर उसे थप्पड़ मारते हैं। इसके बाद, वह एक महिला पर कागजों का पुलिंदा फेंकते हैं और उसके साथ धक्का-मुक्की करते हैं। महिला अपने बच्चे के साथ वहां आई थी, लेकिन बजिंदर सिंह ने उसकी परवाह किए बिना उसके साथ मारपीट की। ​ यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब बजिंदर सिंह पहले से ही यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे हैं। हाल ही में, कपूरथला पुलिस ने 22 वर्षीय महिला की शिकायत पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था। महिला का आरोप है कि जब वह 17 साल की थी, तब पादरी ने उसे गलत तरीके से छुआ और शादी के लिए दबाव डाला। इसके अलावा, मोहाली की एक अदालत ने 2018 के एक अन्य यौन उत्पीड़न मामले में बजिंदर सिंह के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। बजिंदर सिंह पहले भी विवादों में रहे हैं। उन पर 2018 में एक महिला ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा, 2022 में उन पर एक परिवार से उनकी बेटी के इलाज के लिए पैसे लेने का आरोप लगा था, जो बाद में मृत्यु को प्राप्त हुई। आयकर विभाग ने भी 2023 में उनके परिसरों पर छापेमारी की थी। इन सब विवादों के बावजूद, बजिंदर सिंह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और उनके यूट्यूब चैनल “प्रॉफेट बजिंदर सिंह” के लाखों सब्सक्राइबर हैं। उनके प्रवचनों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं, भारत और विदेशों में भी। ​ हालांकि, ताजपुर चर्च के पादरी बजिंदर सिंह ने इन आरोपों को साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि अन्य पादरियों ने उनके खिलाफ साजिश रची है। ​ इस हालिया वीडियो के सामने आने के बाद, लोगों में आक्रोश है और वे पादरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हालांकि, इस मामले में पुलिस या पादरी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। ​

​पंजाब के विवादित पादरी बजिंदर सिंह का एक सीसीटीवी वीडियो हाल ही में सामने आया है, जिसमें वह अपने कार्यालय में एक महिला और अन्य व्यक्तियों के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो फरवरी 2025 का बताया जा रहा है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों में आक्रोश फैला रहा है। Read Post »

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