November 2025

मैनपाट में पारा 4 डिग्री पर पहुंचा: ओस की बूंदें बनीं बर्फ, छत्तीसगढ़ के उत्तरी हिस्सों में शीतलहर का असर

छत्तीसगढ़ में ठंड ने दस्तक दे दी है। मैनपाट में तापमान घटकर 4°C तक पहुंच गया, जहां घास पर जमी ओस की बूंदें बर्फ में तब्दील हो गई हैं। राज्य के उत्तरी हिस्सों — पेंड्रा और अंबिकापुर में भी लोगों को सुबह-शाम अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है। मैदानी इलाकों में दुर्ग सबसे ठंडा रहा, जहां रात का तापमान सामान्य से करीब 7 डिग्री कम होकर 10.2°C दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, अगले पांच दिनों तक उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा और मौसम शुष्क रहेगा। राज्य में अधिकतम तापमान 30.8°C (दुर्ग) और न्यूनतम 8.6°C (अंबिकापुर) रिकॉर्ड किया गया। 🌫️ मलेरिया का खतरा बढ़ा, डॉक्टरों ने दी चेतावनी मौसम विशेषज्ञों ने कहा कि तापमान में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण मलेरिया का खतरा बढ़ गया है। मेडिकल एक्सपर्ट डॉ. विकास अग्रवाल (एमडी, मेडिसिन) ने बताया कि ऐसे मौसम में मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ती है, जिससे संक्रमण की संभावना अधिक रहती है। डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि शाम के बाद घर के आसपास मच्छरदानी, कॉइल या लिक्विड का उपयोग करें और पानी जमा न होने दें। बच्चों और बुजुर्गों को पूरी बांह के कपड़े पहनने चाहिए। सावधानी के उपाय: 🌾 किसानों और आम जनता के लिए मौसम संकेत 🦟 मलेरिया संक्रमण का बढ़ता खतरा मौसम विभाग की हेल्थ एडवाइजरी के मुताबिक, 7 से 11 नवंबर के बीच भारत के कई राज्यों में मलेरिया संक्रमण का खतरा बढ़ा हुआ है।छत्तीसगढ़ में भी तापमान 14–19°C (रात) और 33–39°C (दिन) के बीच बना हुआ है — जो मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों के लिए अनुकूल परिस्थिति है। राज्य में Plasmodium Vivax प्रकार के मलेरिया के बढ़ने की संभावना अधिक बताई गई है। ग्रामीण और जंगल क्षेत्रों में यह खतरा ज्यादा है। 🌧️ बारिश का रिकॉर्ड इस साल अक्टूबर में छत्तीसगढ़ में औसत से 59% अधिक बारिश दर्ज की गई।1 से 26 अक्टूबर के बीच 89.4 मिमी वर्षा हुई है, जबकि सामान्य औसत इससे काफी कम होता है।

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दिल्ली ब्लास्ट के बाद छत्तीसगढ़ में हाई अलर्ट: एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और धार्मिक स्थलों पर बढ़ाई गई सुरक्षा

दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट में 9 लोगों की मौत के बाद पूरे छत्तीसगढ़ में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। राजधानी रायपुर सहित सभी जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। पुलिस ने एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, मॉल, होटल और धार्मिक स्थलों पर जांच अभियान चलाया है। रायपुर में एसएसपी लखन पटले ने बताया कि सभी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक मॉनिटरिंग तेज कर दी गई है ताकि किसी भी तरह की अफवाह या गलत सूचना को फैलने से रोका जा सके। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिल्ली धमाके की घटना पर शोक जताते हुए कहा कि केंद्र और राज्य की सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि सरकार को जवाब देना होगा और जिम्मेदारी तय करनी चाहिए। सुरक्षा एजेंसियों को कंट्रोल रूम और कमांड सेंटर के माध्यम से रीयल-टाइम निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। सभी जिलों के एसपी और डीसीपी को अपने-अपने क्षेत्रों में फुट पेट्रोलिंग और चेकिंग बढ़ाने को कहा गया है। बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई और जगदलपुर में भी पुलिस ने देर रात तक सघन जांच अभियान चलाया। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, टैक्सी स्टैंड और बाजारों में सर्च ऑपरेशन किया गया। वाहनों की नाकेबंदी कर जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है और यह अभियान फिलहाल जारी रहेगा।

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बिलासपुर में कोचिंग स्टाफ की गुंडागर्दी: ट्यूटर को बीच सड़क पर पीटा, पत्नी बच्चे को लेकर बचाने की करती रही कोशिश — वीडियो वायरल

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में एक ट्यूटर और उसकी पत्नी के साथ आचार्य इंस्टीट्यूट के स्टाफ द्वारा सरेआम मारपीट करने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। विवाद का कारण सिर्फ इतना था कि ट्यूटर ने कोचिंग सेंटर के सामने पम्पलेट बांटे, जिससे नाराज होकर इंस्टीट्यूट के दो स्टाफ ने उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। पम्पलेट बांटने पर शुरू हुआ विवाद जानकारी के अनुसार, क्रांति नगर निवासी अभय अग्रवाल अपनी पत्नी सेफाली कला मौर्य के साथ बच्चों को घर पर कोचिंग पढ़ाते हैं। 6 नवंबर को दोनों अपने दो साल के बच्चे को साथ लेकर सीएमडी कॉलेज के पास अपनी कोचिंग का प्रचार करने पहुंचे थे। जब वे आचार्य इंस्टीट्यूट के सामने पम्पलेट बांट रहे थे, तभी वहां मौजूद दो टीचर — आदिल और सर्वेश — उनसे बहस करने लगे। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ने ट्यूटर को गालियां देते हुए मारपीट शुरू कर दी। पत्नी अपने मासूम बच्चे को गोद में लेकर पति को बचाने की कोशिश करती रही, लेकिन आरोपियों ने उसकी एक न सुनी। FIR दर्ज, पुलिस ने शुरू की जांच पीड़ित ट्यूटर अभय अग्रवाल ने इस मामले की शिकायत तारबाहर थाने में दर्ज कराई है। टीआई कृष्णचंद सिदार ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मारपीट और धमकी देने का केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब दोनों की तलाश में जुटी है। वायरल वीडियो में दिखी हिंसा सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दोनों आरोपी शिक्षक ट्यूटर को गाली-गलौज करते हुए थप्पड़ और मुक्के मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान अभय की पत्नी बच्चे को लेकर बीच-बचाव करती दिखती है, जबकि आरोपी स्टाफ उसे भी धमकाते हैं। कोचिंग सेंटर्स की बढ़ती प्रतिस्पर्धा से उपजा विवाद शहर में दर्जनों कोचिंग सेंटर्स एक-दूसरे से छात्रों को आकर्षित करने की होड़ में लगे हुए हैं। मार्केटिंग और प्रचार-प्रसार को लेकर कई बार कोचिंग संचालकों के बीच टकराव की स्थिति बनती रहती है। बताया जा रहा है कि इस घटना के पीछे भी यही प्रतिस्पर्धा एक बड़ी वजह है। वहीं, शहर में कोचिंग संस्थानों के संचालन को लेकर प्रशासन की कोई ठोस निगरानी नहीं है, जिसके कारण ऐसे विवाद लगातार सामने आ रहे हैं।

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त्योहार बीते, भीड़ नहीं घटी: रायपुर से वाराणसी-हावड़ा तक की ट्रेनों में दिसंबर तक ‘नो रूम’

दीपावली और छठ जैसे प्रमुख त्यौहार खत्म हो चुके हैं, लेकिन ट्रेनों में भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही। रायपुर से उत्तर भारत की ओर जाने वाली अधिकतर ट्रेनों में अब भी यात्रियों की भारी भीड़ है। वाराणसी, प्रयागराज और हावड़ा रूट की ट्रेनों में 6 दिसंबर तक “नो रूम” या लंबी वेटिंग लिस्ट दिखाई दे रही है। रेलवे की वेबसाइट पर लगभग हर ट्रेन में सीटें फुल हैं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है। वहीं, दिल्ली, लखनऊ, गोरखपुर और दरभंगा जाने वाली एक्सप्रेस व सुपरफास्ट ट्रेनों की स्थिति भी इसी तरह की है। रेलवे सूत्रों का कहना है कि त्यौहार खत्म होने के बाद भी बड़ी संख्या में छात्र, कामकाजी लोग और परिवार अपने गृहनगरों से लौट रहे हैं, जिसके कारण ट्रेनों में भीड़ बरकरार है। रायपुर स्टेशन से हर दिन 70 हजार से ज्यादा यात्री रायपुर रेलवे स्टेशन से रोजाना लगभग 70 हजार यात्री यात्रा करते हैं, जबकि त्योहारी सीजन या गर्मियों की छुट्टियों में यह संख्या एक लाख के करीब पहुंच जाती है। छत्तीसगढ़ में उत्तर भारत के लोगों की बड़ी आबादी होने के कारण इस दिशा की ट्रेनों में हमेशा दबाव बना रहता है। त्योहारी सीजन में लगभग सभी ट्रेनें एडवांस बुकिंग में फुल हो जाती हैं। जिन यात्रियों को टिकट नहीं मिल पा रही, वे बसों को विकल्प के रूप में चुन रहे हैं। बस ऑपरेटरों के मुताबिक, रायपुर से उत्तर प्रदेश के लिए दो वैध रूट पर बसें संचालित की जा रही हैं। ट्रेनों के फुल रहने के कारण इन बस रूटों में भी अब यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। तत्काल टिकट भी सेकेंडों में हो रही बुक रेलवे की ओर से हावड़ा और उत्तर प्रदेश रूट की ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाए जा रहे हैं, लेकिन यह कदम भी भीड़ को कम करने में पर्याप्त साबित नहीं हो रहा। यात्रियों के पास अब केवल तत्काल टिकट ही एकमात्र विकल्प बचा है। हालांकि, तत्काल कोटे में सीमित सीटें होती हैं, जो कुछ ही सेकेंडों में बुक हो जाती हैं। इसके कारण आम यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलना लगभग असंभव हो गया है।

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राज्य में आबकारी नीति में बदलाव की तैयारी, फिर लौट सकती है ठेका पद्धति

छत्तीसगढ़ सरकार राज्य की मौजूदा शराब नीति में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार एक बार फिर से ठेका पद्धति (Liquor Contract System) लागू करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। आबकारी विभाग ने इसका प्रारंभिक मसौदा तैयार कर लिया है, जिस पर जल्द ही राज्य सरकार के स्तर पर चर्चा होगी। सहमति बनने के बाद यह प्रस्ताव कैबिनेट में पेश किया जाएगा। दरअसल, आबकारी विभाग पिछले वित्त वर्ष में अपने निर्धारित राजस्व लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाया था। वित्त वर्ष 2024-25 में शराब से 11 हजार करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया था, जबकि वास्तविक आय इससे करीब 3 हजार करोड़ रुपये कम रही। बावजूद इसके, सरकार ने इस साल राजस्व लक्ष्य बढ़ाकर 12,500 करोड़ रुपये तय किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए अब सरकार शराब नीति में बदलाव को आवश्यक मान रही है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, 2026-27 के लिए नई आबकारी नीति को और पारदर्शी व व्यावहारिक बनाने की दिशा में काम चल रहा है। इसके लिए पिछले महीने आबकारी सचिव एवं आयुक्त आर. संगीता की अध्यक्षता में उद्योग प्रतिनिधियों और लाइसेंस धारकों की बैठक भी हो चुकी है। 2017 से लागू है सरकारी बिक्री व्यवस्था राज्य में शराब की सरकारी बिक्री प्रणाली वर्ष 2017 में डॉ. रमन सिंह सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई थी। इसके बाद भूपेश बघेल सरकार ने भी इस प्रणाली को जारी रखा और आबकारी शुल्क हटाकर अवैध बिक्री पर रोक लगाने की कोशिश की थी। साथ ही होम डिलीवरी एप भी शुरू किया गया था। वर्तमान सरकार ने भी इसी व्यवस्था को जारी रखा, लेकिन पिछले वर्षों में अपेक्षित राजस्व प्राप्त नहीं हो सका। अब ठेका पद्धति को फिर से लागू करने के पीछे सरकार का मकसद राजस्व बढ़ाना और अवैध बिक्री पर नियंत्रण पाना है। ठेका पद्धति से बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा जानकारों का मानना है कि ठेका पद्धति लागू होने से शराब बिक्री में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिससे सरकार को ज्यादा लाइसेंस शुल्क मिलेगा और अवैध शराब कारोबार पर अंकुश लगेगा। अभी तक कई प्रयासों के बावजूद राज्य में मध्य प्रदेश से आने वाली अवैध शराब पर रोक नहीं लग पाई है। व्यापारियों से लिए गए सुझाव नई नीति तैयार करने से पहले आबकारी विभाग ने बॉटलिंग यूनिट्स, उत्पादन कंपनियों, बार और क्लब संचालकों सहित सभी हितधारकों से सुझाव मांगे हैं। इनमें लाइसेंस शुल्क, काउंटरवेलिंग ड्यूटी, बॉटलिंग फीस, आयात-निर्यात टैक्स, गोदाम संचालन, और ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था जैसे विषय शामिल हैं। विभाग का कहना है कि सभी सुझावों को अंतिम नीति में ध्यान में रखा जाएगा ताकि नई आबकारी नीति पारदर्शी, संतुलित और राजस्व बढ़ाने वाली साबित हो सके।

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रायपुर में 10 करोड़ की चौपाटी पर बुलडोजर की तैयारी: डेढ़ साल में ही तुड़वाने का फैसला, नालंदा-2 प्रोजेक्ट के लिए रास्ता साफ

रायपुर।राजधानी रायपुर की चर्चित साइंस कॉलेज चौपाटी, जिस पर करीब 10 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे, अब तोड़ने की तैयारी शुरू हो चुकी है। डेढ़ साल पहले बनी यह चौपाटी जल्द ही जमींदोज हो जाएगी। नगरीय प्रशासन विभाग ने नगर निगम को पत्र भेजकर चौपाटी को 15 नवंबर तक हटाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि चौपाटी को हटाकर नालंदा-2 प्रोजेक्ट को यहां शुरू किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट का टेंडर पूरा हो चुका है और अब कंपनी को अनुबंध सौंपने की प्रक्रिया चल रही है। 10 करोड़ की लागत से बनी थी आधुनिक चौपाटी रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने 2023 में साइंस कॉलेज मैदान के सामने 60 दुकानों वाली चौपाटी तैयार की थी। उद्देश्य था कि इसे “यूथ हब” के रूप में विकसित किया जाए, जहां युवाओं को रोजगार और मनोरंजन दोनों के अवसर मिलें। निर्माण पूरा होने के बाद इसे रायपुर के एक होटल कारोबारी को ठेके पर सौंपा गया, जिन्होंने आगे दुकानों को अलग-अलग लोगों को बेच दिया। वर्तमान में चौपाटी पर कारोबार सुचारू रूप से चल रहा था और पार्किंग व्यवस्था भी सुव्यवस्थित थी। लेकिन अब नगर निगम ने व्यापारी और दुकानदारों को ब्रिज के नीचे वैकल्पिक जगह देने का प्रस्ताव रखा है। सवालों के घेरे में सरकार का फैसला अब यह सवाल उठ रहे हैं कि आखिर चलती चौपाटी को इतनी जल्दी तोड़ने की जरूरत क्यों पड़ी?क्या इसे इसलिए हटाया जा रहा है क्योंकि यह कांग्रेस शासनकाल में बनी थी?जब आसपास ही खाली जमीन मौजूद है, तो नालंदा-2 के लिए यही जगह क्यों चुनी गई?अगर निर्माण या आवंटन प्रक्रिया में गड़बड़ी थी, तो जांच होनी चाहिए, न कि करोड़ों की संरचना को तोड़ा जाना चाहिए — ऐसे तर्क भी सामने आ रहे हैं। कैसे बनी चौपाटी विवाद का कारण साइंस कॉलेज चौपाटी का निर्माण कांग्रेस शासनकाल में हुआ था। उस समय नगर निगम में कांग्रेस का महापौर था और राज्य में भी कांग्रेस की सरकार थी।पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने चौपाटी के विरोध में 14 दिन तक धरना दिया था, उनका आरोप था कि “यूथ हब” के नाम पर इसे व्यावसायिक केंद्र बना दिया गया है।हालांकि तब रायपुर स्मार्ट सिटी ने निर्माण नहीं रोका और चौपाटी पूरी हुई। भाजपा सरकार में चौपाटी तोड़ने की तैयारी 2023 में भाजपा सरकार के आने के बाद रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल और विधायक राजेश मूणत ने इस चौपाटी को हटाने का प्रस्ताव रखा।दोनों नेताओं ने दावा किया कि चौपाटी के कारण असामाजिक तत्वों की गतिविधियां बढ़ रही हैं और यह “यूथ हब” के मूल उद्देश्य से भटक चुकी है। इसके बाद नालंदा-2 प्रोजेक्ट की रूपरेखा बनी, जिसे सूडा (SUDA) के तहत मंजूरी दी गई। अब इस प्रोजेक्ट का टेंडर फाइनल हो चुका है और कंपनी चयन की प्रक्रिया पूरी हो रही है। राजेश मूणत का बयान पूर्व लोक निर्माण मंत्री और विधायक राजेश मूणत ने कहा — “चौपाटी का निर्माण नियमों के विरुद्ध हुआ था। यूथ हब के नाम पर व्यावसायिक काम शुरू कर दिए गए। अफसरों की लापरवाही से जनता का पैसा बर्बाद हुआ, इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।” मूणत ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार कांग्रेस शासन की गलतियों को सुधारना चाहती है और क्षेत्र को फिर से शैक्षणिक जोन के रूप में बहाल करेगी। जनता के बीच विरोध और समर्थन दोनों जहां कुछ लोग चौपाटी हटाने के फैसले को राजनीतिक बदले की भावना बता रहे हैं, वहीं अन्य लोग इसे शहर की योजनाबद्ध पुनर्विकास की प्रक्रिया कह रहे हैं।फिलहाल, रायपुर की 10 करोड़ की चौपाटी अब राजनीतिक और प्रशासनिक tug-of-war का केंद्र बन चुकी है।

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रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में कचरे के पास मिला 6 माह का भ्रूण: CCTV में दिखे दो संदिग्ध, पुलिस जांच में जुटी

रायपुर।राजधानी रायपुर के भीमराव अंबेडकर अस्पताल (मेकाहारा) में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। अस्पताल परिसर में शुक्रवार (7 नवंबर) को कचरे के डिब्बे के पास 5 से 6 महीने का भ्रूण मिला। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, दो बाहरी लोग भ्रूण को अस्पताल में छोड़कर वहां से फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रबंधन ने मौदहपारा थाना पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भ्रूण को कब्जे में लिया और जांच शुरू कर दी है। CCTV में दिखे दो संदिग्ध पुलिस ने अस्पताल के CCTV फुटेज खंगाले हैं, जिनमें दो संदिग्ध व्यक्तियों के दृश्य कैद हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इनकी पहचान की जा रही है और जल्द ही दोनों को पकड़ने के लिए टीम रवाना की जाएगी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पहले भ्रूण को कचरे के डिब्बे के अंदर डालने की कोशिश की, लेकिन असफल होने पर उसे डिब्बे के पास ही फेंककर भाग गए। CCTV सार्वजनिक नहीं किए गए अस्पताल प्रशासन ने बताया कि घटना से जुड़े सभी वीडियो और सबूत पुलिस को सौंप दिए गए हैं। हालांकि, उन्होंने मीडिया को CCTV फुटेज देने से इनकार किया है।पुलिस ने भी स्पष्ट किया कि जांच प्रभावित न हो, इसलिए फिलहाल फुटेज को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। जांच के कई एंगल अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि भ्रूण अस्पताल के भीतर से ही किसी मरीज से जुड़ा मामला है या उसे बाहर से लाकर फेंका गया।अस्पताल स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है। फिलहाल, इस पूरे मामले ने अस्पताल प्रबंधन और पुलिस दोनों को सतर्क कर दिया है। रायपुर पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी कि भ्रूण कहां से लाया गया और इसमें कौन-कौन शामिल हैं।

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रायपुर में फर्जी MSME चेयरमैन बनकर ठगी: युवकों से 35 लाख ऐंठे, पद और सैलरी का दिया झांसा; FIR दर्ज

रायपुर।राजधानी रायपुर में दिल्ली के एक व्यक्ति ने खुद को MSMEPCI (Micro Small Medium Enterprises Promotion Council of India) का चेयरमैन बताकर दो युवकों से 35 लाख रुपए की ठगी कर ली। आरोपी ने दोनों को संगठन में छत्तीसगढ़ राज्य का चेयरमैन और वाइस चेयरमैन बनाने का लालच दिया था। इतना ही नहीं, उसने फर्जी जॉइनिंग लेटर और आईडी कार्ड देकर भरोसा भी जीत लिया। लेकिन जब महीनों तक सैलरी नहीं मिली, तब जाकर पीड़ितों को ठगी का अहसास हुआ। पूरा मामला अभनपुर थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पद और वेतन का लालच देकर फंसाया विशाल नगर निवासी अनिल कुमार श्रीवास ने बताया कि 5 अप्रैल 2023 को उनकी मुलाकात विजय कुमार चौरसिया नामक व्यक्ति से जोरा स्थित एक होटल में हुई थी। चौरसिया ने खुद को MSMEPCI का चेयरमैन बताया और दावा किया कि यह संस्था केंद्र सरकार से मान्यता प्राप्त है तथा देशभर में पदाधिकारियों की नियुक्ति कर रही है। चौरसिया ने अनिल श्रीवास को वाइस चेयरमैन और उनके परिचित रोशन श्रीवास को चेयरमैन का पद देने का ऑफर दिया। बदले में उसने क्रमशः ₹15 लाख और ₹20 लाख की मांग की। इसके साथ ₹1 लाख मासिक वेतन और बंगला देने का वादा भी किया गया। 35 लाख रुपये की ठगी, फर्जी लेटर थमाया पीड़ितों ने बताया कि 6 अप्रैल 2023 को अभनपुर के लखन हिंदू होटल के बाहर उनसे ₹2-2 लाख नगद लिए गए। इसके बाद अप्रैल से दिसंबर 2023 के बीच आरोपी को किस्तों में कुल ₹35 लाख नगद और ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। विजय चौरसिया ने उन्हें फर्जी जॉइनिंग लेटर और पहचान पत्र सौंपे, लेकिन कोई वेतन या सुविधा नहीं दी। आरोपी ने कई कार्यक्रमों का खर्च भी उनसे करवाया। जब पीड़ितों ने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी ने धमकी देते हुए कहा — “जो करना है कर लो, मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाओगे।” पुलिस जांच जारी ठगी का अहसास होने पर अनिल श्रीवास ने अभनपुर थाना में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी ने राजधानी समेत अन्य शहरों में भी कई लोगों को ऐसे पदों का झांसा देकर ठगी की कोशिश की है। पुलिस अब आरोपी की तलाश कर रही है और बैंक ट्रांजेक्शन सहित डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है।

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राज्योत्सव 2025 में पुलिस पंडाल बना जनता की आवाज़: लोगों ने लिखा – बिजली बिल आधा करो, VIP कल्चर खत्म करो, करप्शन पर लगाम लगाओ

रायपुर।छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2025 में इस बार पुलिस विभाग का पंडाल लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। यहाँ पुलिस ने जनता की राय जानने के लिए एक अनोखी पहल की — “जनता की बात, आपकी पुलिस के साथ” नाम से 20 फीट लंबा व्हाइट बोर्ड लगाया गया, जिस पर लोगों ने अपने सुझाव और शिकायतें लिखीं। कुछ ही घंटों में यह बोर्ड जनता की आवाज़ से भर गया। 2000 से अधिक लोगों ने अपने विचार लिखे, जिनमें सरकार और प्रशासन दोनों के लिए सीधे संदेश थे। जनता ने कहा – “बिजली बिल आधा करो, VIP कल्चर खत्म करो” लोगों ने अपने संदेशों में बढ़ते बिजली बिलों, भ्रष्टाचार, और VIP कल्चर पर रोक लगाने की मांग की।कुछ संदेशों में लिखा था – युवाओं ने परीक्षाओं की पारदर्शी जांच, नशे पर नियंत्रण और रोजगार के अवसर बढ़ाने की भी मांग रखी। शराबबंदी की मांग भी उठी कई नागरिकों ने सरकार से राज्य में शराब बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की अपील की।पोस्टर पर कई जगह लिखा गया – “शराब बिक्री बंद करो”, “सेहत बचाओ – नशा हटाओ” जैसे संदेश। साथ ही लोगों ने पुलिस से अपेक्षा जताई कि हेलमेट चेकिंग में पारदर्शिता रखी जाए और आम नागरिकों को “पुलिस के मित्र” के रूप में जोड़ा जाए। अफसरों ने पढ़े जनता के सुझाव राज्योत्सव के दौरान रायपुर रेंज के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्वयं जनता के बीच पहुंचे और वॉल पर लिखे संदेश पढ़े।अधिकारियों ने कहा कि इन सभी सुझावों का विश्लेषण कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी, ताकि पुलिस और प्रशासन दोनों जन अपेक्षाओं के अनुरूप काम कर सकें। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने दी अपनी राय इस पहल में बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों — सभी ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।“सेल्फी विद पुलिस”, “बैंड परेड” और “साइबर सुरक्षा जागरूकता स्टॉल” जैसी गतिविधियों ने कार्यक्रम को और रोचक बना दिया। राज्योत्सव 2025 में पुलिस पंडाल केवल एक प्रदर्शनी नहीं रहा, बल्कि जनता की भावनाओं और उम्मीदों का मंच बन गया — जहाँ लोगों ने साफ कहा कि उन्हें सुरक्षित, पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त छत्तीसगढ़ चाहिए।

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यौन उत्पीड़न केस में फंसे IG रतनलाल डांगी हटाए गए: SI की पत्नी की शिकायत के बाद PHQ अटैच, अजय यादव को मिली नई जिम्मेदारी

छत्तीसगढ़ पुलिस अकादमी, चंदखुरी में तैनात IG रतनलाल डांगी को यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों के बाद उनके पद से हटा दिया गया है। अब उन्हें पुलिस मुख्यालय (PHQ) रायपुर में अटैच किया गया है। गृह विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। डांगी की जगह अब वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अजय यादव को चंदखुरी पुलिस अकादमी का नया निदेशक बनाया गया है। अजय यादव इससे पहले नारकोटिक्स विभाग में पदस्थ थे। यह कार्रवाई तब हुई जब SI की पत्नी ने IG रतनलाल डांगी के खिलाफ पुलिस मुख्यालय में यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई थी। विभागीय जांच लगभग 14 दिन चली, जिसके बाद गृह विभाग ने यह कदम उठाया। जांच की जिम्मेदारी IG आनंद छाबड़ा को सौंपी गई IPS रतनलाल डांगी के खिलाफ शिकायत की जांच पुलिस मुख्यालय के निर्देशन में IG आनंद छाबड़ा कर रहे हैं। जांच टीम ने महिला से बयान और डिजिटल साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। टीम में महिला अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। महिला के बयान दर्ज करने के बाद डांगी से पूछताछ की जाएगी। हालांकि, जांच रिपोर्ट आने में अभी कुछ समय लग सकता है। क्या है पूरा मामला? पीड़िता, जो एक SI की पत्नी है, ने 15 अक्टूबर 2025 को औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि वर्ष 2017 में उसकी पहचान रतनलाल डांगी से कोरबा में हुई थी, जब वे वहां एसपी के पद पर थे। शुरुआत सोशल मीडिया के ज़रिए हुई बातचीत आगे बढ़ती गई। महिला ने आरोप लगाया कि दंतेवाड़ा में पदस्थ रहते हुए वह उन्हें वीडियो कॉल के ज़रिए योग सिखाती थी। लेकिन, बाद में जब डांगी राजनांदगांव और सरगुजा में आईजी बने, तो उन्होंने परेशान करना शुरू कर दिया। बिलासपुर में तैनाती के दौरान यह उत्पीड़न और बढ़ गया। शिकायत के अनुसार, IG डांगी अक्सर उसे अपनी पत्नी की गैरमौजूदगी में बंगले पर बुलाते थे। मना करने पर तबादले की धमकी देते थे। यहां तक कि चंदखुरी अकादमी में तबादले के बाद भी वह दिनभर वीडियो कॉल पर बने रहने का दबाव डालते थे। महिला ने कहा कि उसके पास कई डिजिटल सबूत मौजूद हैं। डांगी बोले – “यह मुझे बदनाम करने की साजिश” IG रतनलाल डांगी ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता महिला उन्हें ब्लैकमेल कर रही है। उन्होंने बताया कि इस महिला के खिलाफ पहले भी उन्होंने सीनियर अधिकारियों को शिकायत दी थी। डांगी का दावा है कि महिला ने उन्हें बदनाम करने की नीयत से यह शिकायत की है और वह पहले भी इस तरह के विवादों में शामिल रह चुकी है। महिला के खिलाफ भी पुराने आरोप डांगी के परिजनों ने बताया कि शिकायतकर्ता महिला का व्यवहार पहले से ही संदिग्ध रहा है। वह धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग जैसे मामलों में पहले भी फंसी रही है। परिजनों ने दावा किया कि उनके पास महिला के पुराने मामलों से जुड़े दस्तावेज और बयान मौजूद हैं, जिन्हें अब जांच में शामिल किया जा सकता है। Chhattisgarh Police, IG Ratanlal Dangi, Sexual Harassment Case, Ajay Yadav, Police Academy Chandkhuri, PHQ Raipur, IPS News, Chhattisgarh News

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