विधानसभा में अहम निर्णय: 9 घंटे से ज्यादा काम पर ओवरटाइम अनिवार्य

छत्तीसगढ़ विधानसभा में दुकानों और प्रतिष्ठानों से जुड़े कानून में बड़ा बदलाव किया गया है। विधानसभा के बुधवार सत्र में छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा शर्तों का विनियमन) अधिनियम, 2017 में संशोधन को मंजूरी दी गई। नए प्रावधानों के तहत अब किसी कर्मचारी से यदि प्रतिदिन 9 घंटे या सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम लिया जाता है, तो उसे ओवरटाइम भुगतान देना अनिवार्य होगा। संशोधित कानून के अनुसार, महिलाओं को रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक कार्य करने की सशर्त अनुमति भी दी गई है। यह व्यवस्था सुरक्षा और अन्य निर्धारित शर्तों के पालन के साथ लागू होगी। यह संशोधन उन दुकानों और प्रतिष्ठानों पर लागू होगा, जहां 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। विधेयक को श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने सदन में पेश किया, जिसे विपक्ष की अनुपस्थिति में पारित कर दिया गया। कार्य अवधि की सीमा तयनए नियमों के तहत किसी भी कर्मचारी से एक दिन में 9 घंटे से अधिक लगातार काम नहीं कराया जाएगा। किसी दुकान या प्रतिष्ठान में एक पाली के दौरान विश्राम समय को मिलाकर कुल कार्य अवधि साढ़े 10 घंटे से अधिक नहीं होगी। हालांकि, यदि कर्मचारी को अनियमित प्रकृति या अत्यावश्यक कार्य सौंपा जाता है, तो ऐसी स्थिति में कुल कार्य अवधि अधिकतम 12 घंटे तक सीमित रहेगी। इस संशोधन का उद्देश्य कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करना और कार्यस्थलों पर श्रम नियमों को अधिक स्पष्ट व प्रभावी बनाना है।

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