सूरजपुर में दर्दनाक हादसा: बंद कमरे में जलती सिगड़ी से दम घुटा, दंपती और 4 साल की बेटी की मौत
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिला से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। ठंड से बचने के लिए कमरे में जलाई गई सिगड़ी एक परिवार के लिए जानलेवा साबित हुई। चंद्रपुर गांव में कोयले के धुएं से दम घुटने के कारण पति-पत्नी और उनकी 4 वर्षीय बेटी की मौत हो गई। कैसे हुआ हादसा? मिली जानकारी के अनुसार, कंवल सिंह मंगलवार रात परिवार के साथ भोजन करने के बाद सोने चले गए। अधिक ठंड होने के कारण वे अपनी पत्नी कुंती (25 वर्ष) और 4 साल की छोटी बेटी के साथ पास में बने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने कमरे में सोए। कमरे को गर्म रखने और सुबह जल्दी भोजन बनाने की सुविधा के लिए कुंती जलती हुई सिगड़ी कमरे के अंदर ले गई। कमरे में न तो खिड़की थी और न ही रोशनदान, जिससे पूरी रात धुआं और जहरीली गैस भीतर ही जमा होती रही। सुबह हुआ खुलासा सुबह जब 5 वर्षीय बड़ी बेटी अपनी मां को जगाने पहुंची, तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी आवाज देने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। अनहोनी की आशंका पर कंवल सिंह के बड़े भाई ने दीवार में छेद कर अंदर झांका। टॉर्च की रोशनी में तीनों को अचेत अवस्था में पड़ा देखा गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ⚠️ कार्बन मोनोऑक्साइड: अदृश्य और जानलेवा कोयला जलने पर कई गैसें निकलती हैं, जिनमें सबसे खतरनाक कार्बन मोनोऑक्साइड होती है। यह गैस रंगहीन और गंधहीन होती है, इसलिए इसका पता लगाना मुश्किल होता है। जब यह गैस सांस के जरिए शरीर में प्रवेश करती है, तो रक्त में मौजूद हीमोग्लोबिन से जुड़कर ऑक्सीजन की जगह ले लेती है। इससे शरीर के अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती और दम घुटने से मौत तक हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, बंद कमरे में सिगड़ी या अंगीठी जलाकर सोना बेहद खतरनाक हो सकता है। ठंड के मौसम में सावधानी बरतना जरूरी है।

