रायपुर में पाइपलाइन लीकेज से रोज 2 करोड़ लीटर पानी बर्बाद, इतने पानी से डेढ़ लाख लोगों की बुझ सकती है प्यास
राजधानी रायपुर में गर्मी की शुरुआत के साथ ही कई इलाकों में पानी की समस्या सामने आने लगी है। नगर निगम ने कुछ क्षेत्रों में पानी की कमी को देखते हुए टैंकर से जल आपूर्ति की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं दूसरी ओर शहर में पाइपलाइन लीकेज और खराब सार्वजनिक नलों के कारण हर दिन बड़ी मात्रा में पानी बर्बाद हो रहा है। जानकारी के मुताबिक रायपुर में प्रतिदिन लगभग 20 एमएलडी यानी करीब 2 करोड़ लीटर पानी लीकेज और अन्य कारणों से बहकर व्यर्थ हो रहा है। नगर निगम की कुल जल आपूर्ति क्षमता करीब 310 एमएलडी है, जबकि फिलहाल लगभग 300 एमएलडी पानी की सप्लाई की जा रही है। इसमें से करीब 280 एमएलडी पानी ही लोगों के घरों तक पहुंच पाता है। शहर के कई इलाकों में पाइपलाइन लीकेज और सार्वजनिक नलों में टोटी नहीं होने के कारण घंटों तक पानी बहता रहता है। इसके बावजूद अब तक पानी के इस नुकसान को रोकने के लिए कोई ठोस योजना तैयार नहीं हो सकी है। जनवरी में हुई एमआईसी बैठक में जल बोर्ड को दो महीने के भीतर पानी की बर्बादी रोकने के उपाय तैयार करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस योजना सामने नहीं आई है। जवाहर बाजार पार्किंग में दो साल से लीकेज मालवीय रोड स्थित जवाहर बाजार पार्किंग में अमृत मिशन 24×7 योजना के तहत बिछाई गई मुख्य पाइपलाइन में करीब दो साल से लीकेज बना हुआ है। इस वजह से पार्किंग की छत से लगातार पानी टपकता रहता है। दोनों फ्लोर में दिनभर पानी गिरने से जगह-जगह पानी भर जाता है। जवाहर बाजार व्यापारी संघ के अध्यक्ष सुभाष बजाज ने बताया कि इस समस्या की कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक पाइपलाइन की मरम्मत नहीं की गई। पार्किंग में जमा पानी को हर दो दिन में पंप लगाकर बाहर निकालना पड़ता है। ढीमरपारा में भी रिसाव की समस्या ढीमरपारा क्षेत्र में जल आपूर्ति के लिए लगाए गए सार्वजनिक बोरवेल और सिंटेक्स टंकी में भी लीकेज की समस्या बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार मरम्मत के बाद भी टंकी से पानी का रिसाव बंद नहीं हो पाया है। इस संबंध में पार्षद को भी जानकारी दी गई, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। कई इलाकों में नलों में टोटी नहीं ब्राह्मणपारा और शारदा चौक क्षेत्र में अमृत मिशन के तहत नई पाइपलाइन बिछाई गई है। कई घरों के बाहर लगे कनेक्शन में नलों पर टोटी नहीं लगी है, जिसके कारण सुबह और शाम पानी सप्लाई के समय करीब एक-एक घंटे तक लगातार पानी बहता रहता है। इसी तरह की स्थिति गंजपारा और मौदहापारा क्षेत्रों में भी देखी जा रही है। डेढ़ लाख लोगों की जरूरत पूरी कर सकता है यह पानी भूजल वैज्ञानिक डॉ. विपिन दुबे के अनुसार यदि प्रतिदिन 20 एमएलडी यानी करीब 2 करोड़ लीटर पानी बर्बाद हो रहा है, तो इससे लगभग 1.48 लाख लोगों की एक दिन की पानी की जरूरत पूरी की जा सकती है। यदि इस पानी को संरक्षित कर सही तरीके से सप्लाई किया जाए, तो शहर में पानी की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। अधिकारियों का क्या कहना है निगम आयुक्त विश्वदीप के मुताबिक पानी की बर्बादी रोकने के लिए सभी जोन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे फील्ड में जाकर सप्लाई व्यवस्था की निगरानी करें और जहां भी लीकेज है उसे जल्द ठीक कराया जाए। वहीं जलकार्य विभाग के अध्यक्ष संतोष साहू ने कहा कि इस सप्ताह होने वाली बैठक में पानी के वेस्टेज को रोकने के लिए किए गए प्रयासों की जोनवार समीक्षा की जाएगी और जहां भी पाइपलाइन लीकेज या नलों की समस्या है, वहां तुरंत मरम्मत कराई जाएगी।

