बस्तर में 108 नक्सलियों का सामूहिक आत्मसमर्पण, डंप से 3.61 करोड़ नकद और 1 किलो सोना बरामद

छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सल विरोधी अभियान के बीच एक बड़ी सफलता सामने आई है। दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) से जुड़े 108 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इन नक्सलियों पर कुल 3.29 करोड़ रुपए का इनाम घोषित था। जानकारी के मुताबिक आत्मसमर्पण के बाद नक्सलियों ने पुलिस को अलग-अलग स्थानों पर छिपाए गए डंप की जानकारी दी। इसके बाद सुरक्षा बलों ने कार्रवाई करते हुए 3.61 करोड़ रुपए नकद, करीब 1 किलो सोना (लगभग 1.64 करोड़ रुपए कीमत) और 101 हथियारों का जखीरा बरामद किया। बताया जा रहा है कि नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान पहली बार इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और सोना बरामद हुआ है। 101 हथियारों का बड़ा जखीरा मिला बरामद हथियारों में 7 AK-47, 10 इंसास राइफल, 1 कार्बाइन, 5 SLR, 4 LMG, 20 .303 राइफल, 25 बारह बोर राइफल, 11 BGL लॉन्चर, 1 मोर्टार, 3 .315 बोर राइफल, 13 भरमार बंदूक और 1 मेगा BGL शामिल हैं। कई बड़े कैडर ने भी छोड़ा नक्सलवाद आत्मसमर्पण करने वालों में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के कई अहम सदस्य शामिल हैं। इनमें पश्चिम बस्तर डिवीजन के राहुल तेलाम, पंडरू कोवासी, झितरु ओयाम, पूर्व बस्तर डिवीजन के रामधर उर्फ बीरु, उत्तर बस्तर डिवीजन के मल्लेश, पीएलजीए बटालियन नंबर-1 के कमांडर मुचाकी और आंध्र-ओडिशा बॉर्डर के कोसा मंडावी जैसे कैडर शामिल हैं। 26 महीनों में 2714 नक्सलियों ने किया सरेंडर पुलिस महानिदेशक अरुणदेव गौतम ने बताया कि बस्तर क्षेत्र में चलाए जा रहे “पूना मारगेम” अभियान के तहत पिछले 26 महीनों में अब तक 2714 नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौट चुके हैं। सरकार ने बताया शांति की ओर बड़ा कदम मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस सामूहिक आत्मसमर्पण को बस्तर में शांति और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों तथा सुरक्षा बलों के प्रयासों से नक्सलवाद खत्म करने की दिशा में लगातार सफलता मिल रही है।

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