एएनपीआर कैमरों से सख्ती: बिना बीमा, फिटनेस या पीयूसी के वाहन पर सीधे ई-चालान

प्रदेश में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ परिवहन विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। अब बिना फिटनेस, बीमा या प्रदूषण प्रमाण पत्र (पीयूसी) के चलने वाले वाहनों पर चालान अपने आप कट जाएगा। इसके लिए राज्यभर के टोल प्लाजा और प्रमुख सड़कों पर एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे वाहनों की नंबर प्लेट को स्कैन कर सीधे एनआईसी और सड़क परिवहन मंत्रालय (MoRTH) से जुड़े सिस्टम को जानकारी भेजते हैं। इसके बाद नियमों की जांच कर ई-चालान जनरेट किया जाता है और वाहन मालिक के मोबाइल नंबर पर भेज दिया जाता है। पहली बार 800 और दोबारा 1500 रुपए का जुर्माना परिवहन विभाग के अनुसार, यदि किसी वाहन का बीमा, फिटनेस या पीयूसी समाप्त हो चुका है तो पहली बार 800 रुपए का चालान कटेगा। दूसरी बार नियम तोड़ने पर 1500 रुपए का जुर्माना लगेगा। इसके बाद हर बार उल्लंघन पर 1500 रुपए का चालान किया जाएगा। अब तक 1 लाख 92 हजार 883 वाहन मालिकों को मोबाइल पर चालान भेजे जा चुके हैं। 24 टोल और 84 प्रमुख सड़कों पर कैमरे सक्रिय प्रदेश में कुल 24 टोल प्लाजा और 84 प्रमुख सड़कों पर हाई-रिजॉल्यूशन एएनपीआर कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे चलती गाड़ियों की नंबर प्लेट पहचान कर तुरंत डेटा सिस्टम में भेजते हैं। प्रदेश में लगभग 90 हजार भारी वाहन और करीब 69 लाख दोपहिया वाहन पंजीकृत हैं, जिन पर यह व्यवस्था समान रूप से लागू की गई है। एक दिन में एक ही बार कटेगा चालान यदि किसी वाहन का चालान एक टोल पर कट जाता है, तो अगले 24 घंटे के भीतर किसी अन्य टोल से गुजरने पर दोबारा चालान नहीं कटेगा। यह नियम दोपहिया से लेकर भारी वाहनों तक सभी पर लागू होगा। बाहर के राज्य की गाड़ियों पर भी कार्रवाई अगर किसी दूसरे राज्य का वाहन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसका चालान भी कटेगा। यह चालान केंद्रीय प्रणाली के जरिए संबंधित राज्य के वाहन मालिक तक पहुंचाया जाएगा। गलत चालान की स्थिति में क्या करें यदि किसी वाहन मालिक को लगता है कि उनका चालान गलती से कटा है, तो वे ई-चालान पोर्टल या परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं। जांच में चालान गलत पाए जाने पर उसे रद्द कर दिया जाएगा। इसके अलावा संबंधित जिले के आरटीओ कार्यालय में आवेदन देकर भी चालान का निराकरण कराया जा सकता है। चोरी के वाहन के मामले में राहत अगर किसी वाहन की चोरी हो चुकी है और वह टोल से गुजरते समय पकड़ा जाता है, तो वाहन मालिक थाने में दर्ज चोरी की रिपोर्ट प्रस्तुत कर जुर्माने से बच सकता है। आगे और बढ़ेगी सख्ती परिवहन विभाग के अनुसार आने वाले समय में और अधिक इलाकों में एएनपीआर कैमरे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही ओवरस्पीडिंग और गलत दिशा में वाहन चलाने वालों पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। विभाग का मानना है कि तकनीक आधारित निगरानी से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी।

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